Saturday, September 26, 2026
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सड़क पर छेड़खानी या बदतमीजी हो तो तुरंत करें ये काम, 3 हेल्पलाइन नंबर और पैनिक बटन आएंगे काम

नई दिल्ली : सड़क पर महिलाओं और लड़कियों के साथ छेड़खानी और बदतमीजी की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। हाल ही में बिहार के जमुई और समस्तीपुर से भी ऐसे मामले सामने आए, जिनमें युवतियों के साथ सार्वजनिक जगहों पर बदसलूकी की गई। ऐसी परिस्थितियों में सतर्कता के साथ तुरंत मदद लेना जरूरी है।

महिलाओं और लड़कियों को सुनसान इलाकों में अकेले जाने से बचना चाहिए। हालांकि, भीड़भाड़ वाले या सामान्य सार्वजनिक स्थानों पर भी अगर कोई व्यक्ति छेड़खानी या बदतमीजी करता है, तो घबराने के बजाय कुछ जरूरी कदम उठाए जा सकते हैं।

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छेड़खानी होने पर तुरंत क्या करें?

अगर सड़क पर कोई व्यक्ति छेड़खानी या बदतमीजी करता है और आपको असुरक्षित महसूस हो रहा है, तो तुरंत मदद मांगें। पुलिस सहायता के लिए 112, महिला हेल्पलाइन 181 या 1091 पर संपर्क किया जा सकता है।

संभव हो तो आसपास मौजूद लोगों से मदद के लिए आवाज लगाएं और किसी नजदीकी दुकान, पुलिस बूथ या भीड़भाड़ वाली सुरक्षित जगह पर पहुंचने की कोशिश करें। स्थिति सुरक्षित हो तो आरोपी के वाहन का नंबर, फोटो या वीडियो जैसी जानकारी सुरक्षित रखना पुलिस शिकायत में मददगार हो सकता है।

बस में छेड़खानी हो तो पैनिक बटन का करें इस्तेमाल

बस में सफर के दौरान अगर किसी महिला या लड़की के साथ छेड़खानी या कोई अन्य आपात स्थिति होती है, तो उपलब्ध पैनिक बटन का इस्तेमाल किया जा सकता है। सरकारी और निजी बसों में आपातकालीन सहायता के लिए पैनिक बटन की व्यवस्था लागू करने का प्रावधान किया गया है। इसे दबाने पर संबंधित सिस्टम के जरिए स्थानीय पुलिस या संबंधित सहायता तंत्र तक अलर्ट पहुंचाया जा सकता है।

छेड़खानी के मामलों में क्या है कानूनी प्रावधान?

महिलाओं के साथ छेड़खानी, आपराधिक बल या उनकी गरिमा भंग करने से जुड़े मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत कार्रवाई का प्रावधान है।

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BNS की धारा 74 के तहत किसी महिला की लज्जा भंग करने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग करने पर मामला दर्ज किया जा सकता है। इसमें 1 से 5 साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।

वहीं, किसी महिला का लगातार पीछा करना या उसकी इच्छा के विरुद्ध बार-बार संपर्क करने की कोशिश करना BNS की धारा 78 के तहत अपराध है। पहली बार दोषसिद्धि होने पर इसमें 3 साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।

ऐसी स्थिति में सबसे जरूरी है कि महिला या लड़की अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दे, सुरक्षित स्थान पर पहुंचे और जरूरत पड़ने पर तुरंत पुलिस या हेल्पलाइन की मदद ले।

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