Monday, June 29, 2026
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हाई हेल्थ रिस्क वाले बच्चों के लिए बड़ा कदम, सरकार लाएगी समग्र शिशु बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम

नई दिल्ली : जीवन के शुरुआती तीन सालों में देखभाल को बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार सोमवार को एक नया राष्ट्रीय कार्यक्रम शुरू करेगी। इसके तहत ज्यादा हेल्थ रिस्क वाले नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों को घर पर ज्यादा बेहतर देखभाल मिलेगी जिसमें फ्रंटलाइन हेल्थ वर्करों द्वारा अतिरिक्त फॉलो-अप विजिट भी शामिल हैं। स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा सेंट्रल काउंसिल ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर की बैठक के दौरान ‘समग्र शिशु बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम’ लॉन्च करेंगे। यह कार्यक्रम ‘होम-बेस्ड न्यूबॉर्न केयर’ और ‘होम-बेस्ड केयर फॉर यंग चाइल्ड’ जैसी मौजूदा योजनाओं को एक ही फ्रेमवर्क में लाता है, जिसमें जन्म से लेकर 36 महीने तक के बच्चे शामिल हैं।

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पहली बार पेश हो रहा रिस्क-आधारित देखभाल मॉडल

यह कार्यक्रम रिस्क-आधारित देखभाल मॉडल पहली बार पेश कर रहा है। रिस्क वाले नवजात शिशुओं को जीवन के शुरुआती 42 दिनों में नौ बार तक घर पर विजिट मिलेगी, जबकि रिस्क वाले बच्चों को तीन साल की उम्र तक आठ बार तक घर पर विजिट मिलेगी। इन अतिरिक्त विजिट का मकसद स्वास्थ्य समस्याओं की जल्द पहचान, समय पर रेफरल और कमजोर बच्चों की बेहतर निगरानी सुनिश्चित करना है। इस कार्यक्रम के तहत संयुक्त गृह दौरों के माध्यम से आशा कार्यकर्ताओं, सहायक नर्स दाइयों, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय को भी मजबूत किया जाएगा।

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शिशु स्वास्थ्य सत्र किए जाएंगे आयोजित

इसमें ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण दिवसों के दौरान शिशु स्वास्थ्य सत्र आयोजित किए जाएंगे और अतिरिक्त देखभाल की आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान और निगरानी के लिए मासिक शिशु शिविरों का आयोजन किया जाएगा। एक अन्य महत्वपूर्ण पहल के रूप में समग्र शिशु बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम में प्रसवोत्तर मातृ मानसिक स्वास्थ्य जांच को नियमित सामुदायिक देखभाल में शामिल किया गया है और गृह दौरों के दौरान संवेदनशील देखभाल, प्रारंभिक शिक्षा, आयु-उपयुक्त खेल और पारिवारिक सहभागिता को बढ़ावा देकर प्रारंभिक बाल विकास के लिए पोषण संबंधी देखभाल को एकीकृत किया गया है।

लखन लाल देवांगन के आतिथ्य में जेसीआई कोरबा सेंट्रल की भव्य शतरंज प्रतियोगिता संपन्न, 170 प्रतिभागियों ने लिया भाग

जेसीआई कोरबा सेंट्रल द्वारा सीनियर क्लब, कोरबा ईस्ट में मेगा शतरंज प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में जिले भर से 170 प्रतिभागियों ने भाग लेकर इसे सबसे बड़ी शतरंज प्रतियोगिताओं में से एक बना दिया।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि श्री संजीव कंसल (मुख्य अभियंता, डीएसपीएम), विशिष्ट अतिथि श्री राणा विश्वकर्मा (अध्यक्ष, जिला शतरंज संघ, कोरबा) एवं विशेष अतिथि इंजीनियर श्री योगेश गोयल उपस्थित रहे।

समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि श्री लखन लाल देवांगन (कैबिनेट मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन) की गरिमामयी उपस्थिति रही। समारोह में अतिथि विशिष्ट श्री घनश्याम अग्रवाल एवं विशेष अतिथि सीए आशीष अग्रवाल भी उपस्थित रहे। श्री लखन लाल देवांगन जी ने शतरंज के महत्व को बताया और इस आयोजन को लेकर जेसीआई कोरबा सेंट्रल की प्रशंसा की।

प्रतियोगिता के प्रत्येक विजेताओं को आकर्षक ट्रॉफियां एवं नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया एवं सभी प्रतिभागी को मेडल एवं सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया।

प्रतियोगिता के विजेता इस प्रकार रहे: अंडर-7 बालक वर्ग में सनय लोधी प्रथम, रुद्रांश टैगोर द्वितीय एवं प्रभास साहू तृतीय रहे। अंडर-7 बालिका वर्ग में रुप्सा नायक प्रथम, अनन्या वैष्णव द्वितीय एवं हितिक्षा तृतीय रहीं। अंडर-9 बालक वर्ग में अक्षय सोनी प्रथम, सक्षम जायसवाल द्वितीय एवं मुदित शुक्ला तृतीय रहे। अंडर-9 बालिका वर्ग में श्रेष्ठा साहू प्रथम, वैशाली सोनी द्वितीय एवं कैवल्या सोनी तृतीय रहीं। अंडर-11 बालक वर्ग में सक्षम नेताम प्रथम, आरव ठाकुर द्वितीय एवं आह्वान शर्मा तृतीय रहे। अंडर-11 बालिका वर्ग में शनाया कोशले प्रथम, सुनहिला रंजन द्वितीय एवं प्रियल प्रकाश तृतीय रहीं। अंडर-13 बालिका वर्ग में सिद्धि सराफ प्रथम, तैयबा फातिमा द्वितीय एवं अनिंदित तिवारी तृतीय रहीं, जबकि अंडर-13 बालक वर्ग में अद्विक साहू प्रथम, सार्थक अग्रवाल द्वितीय एवं चैतन्य निर्मलकर तृतीय रहे। अंडर-15 बालक वर्ग में बद्री प्रसाद प्रथम, बृजराज द्वितीय एवं अर्शित जैन तृतीय रहे। अंडर-15 बालिका वर्ग में वैष्णवी नेताम प्रथम, अनुष्का प्रमाणिक द्वितीय एवं ऐशानी विश्वकर्मा तृतीय रहीं। अंडर-17 बालक वर्ग में ऋषित सिंह तथा अंडर-17 बालिका वर्ग में सृष्टि अरुण सिंह प्रथम रहे। ओपन पुरुष वर्ग में शुभम कुमार साहू प्रथम, दीपक सिंह द्वितीय एवं अंशुमान कैवर्त तृतीय रहे, जबकि शब्द सोनी, राकेश सोनी, निखिल सिदार, एलेक्स जोसेफ एवं विकास कुमार को विशेष पुरस्कार प्रदान किए गए। ओपन महिला वर्ग में ऋषिका कश्यप, तनुजा नेताम, वासरिका कोशले, शिवाजी सोनी एवं लावण्या साहू को सम्मानित किया गया।

प्रतियोगिता के दौरान इंदर साइकिल, पावर हाउस रोड, कोरबा द्वारा प्रायोजित आकर्षक लकी ड्रॉ साइकिल का पुरस्कार आरव साहू को प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त लक्ष्मी स्टोर्स द्वारा बच्चों को स्टेशनरी सामग्री, डेकोन डेटा सर्विसेज द्वारा कंप्यूटर सामग्री तथा अभिषेक अग्रवाल लोन कंसल्टेंट द्वारा प्रतियोगिता में विशेष सहयोग प्रदान किया गया।

प्रतियोगिता का निर्णयन आर्बिटर श्री रितेश यादव के कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ। प्रतियोगिता के सफल आयोजन में प्रोजेक्ट डायरेक्टर अंश अग्रवाल, को-प्रोजेक्ट डायरेक्टर राहुल सिंघल, अध्यक्ष सीए त्रिलोकी नाथ बजाज, सचिव निश्चल टमकोरिया, आयुष अग्रवाल, हर्ष गुप्ता, कपिल विश्वकर्मा, सीए आकाश अग्रवाल, प्रियम अग्रवाल, सीए पलाश रेलवानी, अक्षत अग्रवाल, हेमंत अग्रवाल, ज्योति बाला, सीए अंकित अग्रवाल, अमितेश पोद्दार, पूर्व अध्यक्ष इंजी राज अग्रवाल, आनंद रायकवार, सीए अमर अग्रवाल, सीए आशीष खेतान, आशीष टमकोरिया, अभिषेक अग्रवाल, सनी मित्तल, विजय केडिया,अभय अग्रवाल, शीतल बजाज, सोनम अग्रवाल, ज्योति बाला, मुक्ता अग्रवाल, समृद्धि गुप्ता, जेसीआई कोरबा सेंट्रल के सभी पूर्व अध्यक्षों एवं सम्पूर्ण जेसीआई परिवार का सराहनीय सहयोग रहा।

New Toll Tax Rules: हाईवे यात्रियों को राहत! 60 किमी से पहले नहीं लगेगा टोल, केंद्र ने जारी किए नए नियम

New Toll Tax Rules: हाईवे पर सफर करने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है. केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर टोल प्लाजा स्थापित करने के लिए नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी की है. नई एसओपी के मुताबिक, अब किसी भी नए हाईवे पर 60 किलोमीटर से पहले टोल प्लाजा नहीं बनाया जाएगा. सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने इस नियम को सख्ती से लागू करने के लिए एक High-Level Toll Committee भी गठित कर दी है.

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टोल को लेकर नए नियम

केंद्र सरकार द्वारा जारी नई SOP के मुताबिक, अब देश में किसी भी नए हाईवे या एक्सप्रेसवे पर 60 किलोमीटर से पहले कोई नया टोल प्लाजा नहीं बनाया जाएगा. किसी भी नए राष्ट्रीय राजमार्ग या एक्सप्रेसवे पर दो टोल प्लाजा के बीच न्यूनतम दूरी 60 किलोमीटर होगी.

60 किलोमीटर का नियम– SOP के अनुसार, किसी भी नए राष्ट्रीय राजमार्ग या एक्सप्रेसवे पर दो टोल प्लाजा के बीच की न्यूनतम दूरी 60 किलोमीटर होगी.

मजबूरी में कम दूरी- अगर, किसी विशेष परिस्थिति में 60 किलोमीटर से पहले टोल प्लाजा बनाने की जरूरत पड़ती है, तो संबंधित एजेंसी को उच्च स्तरीय समिति से विशेष अनुमति लेनी होगी.

शहरों के पास सख्ती- शहरी सीमा या नगर निगम के 10 किलोमीटर के दायरे में टोल प्लाजा बनाने पर भी सख्त पाबंदी लगाई गई है.

हाई-लेवल कमेटी- NHAI के कमर्शियल ऑपरेशन मेंबर की अध्यक्षता में बनी कमेटी यह सुनिश्चित करेगी कि वाहन चालकों को बार-बार टोल का आर्थिक बोझ न झेलना पड़े.

पहले से मौजूद टोल- वर्तमान में देश में 130 से ज्यादा ऐसे स्थान हैं जहां 60 किमी के भीतर दो टोल हैं, लेकिन नए नियमों का असर भविष्य में बनने वाले नए हाईवे प्रोजेक्ट्स पर होगा.

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दिल्ली के सभी टोल होंगे बैरियर फ्री

वहीं, दिल्ली नगर निगम ने राजधानी के सभी 156 टोल नाकों पर बैरियर रहित मल्टी लेन फ्री फ्लो सिस्टम लागू करने का फैसला किया है. नई तकनीक के लागू होने के बाद टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम में कमी आने की उम्मीद है और रोज सफर करने वाले लाखों लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है.

New IB Chief: कौन हैं IPS महेश दीक्षित? डॉक्टर से बने देश के नए IB चीफ, कश्मीर में निभा चुके हैं अहम जिम्मेदारी

New IB Chief: सीनियर IPS अधिकारी डॉ. महेश दीक्षित को देश की सबसे अहम आंतरिक खुफिया एजेंसी इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) का नया डायरेक्टर बनाया गया है. महेश दीक्षित 1993 बैच के आंध्र प्रदेश कैडर के IPS अधिकारी हैं. वे अब तक IB में स्पेशल डायरेक्टर के तौर पर अहम जिम्मेदारी संभाल रहे थे. दीक्षित मौजूदा आईबी प्रमुख तपन कुमार डेका की जगह लेंगे. डेका 2022 से आईबी की कमान संभाल रहे थे.

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सरकार ने की नियुक्ति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. कैबिनेट की नियुक्ति समिति द्वारा जारी आदेश में लिखा है कि कैबिनेट की अपॉइंटमेंट कमिटी ने इंटेलिजेंस ब्यूरो के स्पेशल डायरेक्टर, IPS महेश दीक्षित को इंटेलिजेंस ब्यूरो का डायरेक्टर बनाने को मंजूरी दे दी है. यह नियुक्ति IPS तपन कुमार डेका की जगह पर होगी. उनका कार्यकाल पद संभालने की तारीख से दो साल या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, तक रहेगा.

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कौन हैं महेश दीक्षित?

डॉ महेश दीक्षित देश के सबसे अनुभवी इंटेलिजेंस ऑफिसर्स में गिने जाते हैं. उनके करियर के सबसे अहम अध्यायों में से एक अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को हटाने से पहले की तैयारी में उनकी भूमिका थी. घटनाक्रम से वाकिफ सूत्रों ने बताया कि दीक्षित ने इस ऐतिहासिक कदम के सुरक्षा प्रभावों का आकलन करने में अहम भूमिका निभाई और बदलाव के दौर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रणनीतियां बनाने में मदद की. तत्कालीन राज्य के जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेशों में पुनर्गठन के बाद, दीक्षित को इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण इंटेलिजेंस जिम्मेदारियां सौंपी गईं. अधिकारियों का मानना ​​है कि उन्होंने राजनीतिक रूप से संवेदनशील दौर में जनता का भरोसा बहाल करने में मदद की और साथ ही आतंकवाद और अलगाववादी तत्वों से पैदा होने वाली सुरक्षा चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया.

जम्मू-कश्मीर में अहम इंटेलिजेंस जिम्मेदारियां संभालने के दौरान, श्रीनगर ने 2023 में G20 टूरिज्म वर्किंग ग्रुप की बैठक की सफलतापूर्वक मेजबानी की. इस कार्यक्रम ने काफी अंतरराष्ट्रीय ध्यान और भागीदारी आकर्षित की. शिखर सम्मेलन का सुचारू संचालन क्षेत्र के बेहतर होते सुरक्षा माहौल को दिखाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना गया. इसी दौरान, कई विदेशी राजनयिक प्रतिनिधिमंडलों ने कश्मीर का दौरा किया, जो इस क्षेत्र के साथ बढ़ते अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव को दर्शाता है. इस मामले की जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने बताया कि दीक्षित ने जमीनी हकीकत और बदलती परिस्थितियों का सही आकलन करने में अहम भूमिका निभाई. इससे कूटनीतिक स्तर पर बेहतर तालमेल बनाने और जमीनी हालात में भरोसे को मजबूत करने में मदद मिली.

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अहम समय पर हुई दीक्षित की नियुक्ति

यह नियुक्ति एक अहम मोड़ पर हुई है, क्योंकि भारत आतंकवाद और कट्टरपंथ से लेकर साइबर खतरों और सीमा पार से गलत सूचना फैलाने वाले अभियानों जैसी सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है. नए IB प्रमुख के तौर पर, दीक्षित से उम्मीद है कि वे आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने और विभिन्न सुरक्षा व इंटेलिजेंस एजेंसियों के बीच तालमेल बेहतर बनाने के मकसद से इंटेलिजेंस ऑपरेशन्स की देखरेख करेंगे.

Citizenship Proof: आधार, वोटर आईडी और पासपोर्ट भी नहीं हैं नागरिकता का सबूत! जानें आखिर क्या है वैध प्रमाण

Citizenship Proof: पासपोर्ट सिर्फ भारतीय नागरिकों को ही जारी किया जाता है, लेकिन इसके बावजूद यह नागरिकता साबित करने का पुख्ता दस्तावेज़ नहीं है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने 14वें पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर यह स्पष्टीकरण देकर एक नई बहस छेड़ दी है। इस बयान के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस बात को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है कि आखिर भारत में नागरिकता का अंतिम और अकाट्य प्रमाण क्या है।

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पासपोर्ट केवल एक ट्रैवल डॉक्यूमेंट

विदेश मंत्रालय के अनुसार, पासपोर्ट मुख्य रूप से एक यात्रा दस्तावेज़ है, जिसे सरकार अंतरराष्ट्रीय यात्रा को सुगम बनाने के लिए जारी करती है। इसका सीधा मतलब यह है कि किसी के पास पासपोर्ट होने मात्र से उसकी नागरिकता स्वतः सिद्ध नहीं हो जाती।

यह स्थिति अपने आप में एक विरोधाभास पैदा करती है, क्योंकि कोई भी गैर-नागरिक भारतीय पासपोर्ट हासिल नहीं कर सकता। इसके अलावा, पासपोर्ट आपके पास होने का मतलब यह नहीं है कि आप उसके मालिक हैं। पासपोर्ट के पिछले हिस्से पर स्पष्ट लिखा होता है कि यह “भारत सरकार की संपत्ति” है और सरकार के आदेश देने पर इसे कभी भी सरेंडर करना पड़ सकता है।

आधार और वोटर आईडी भी नागरिकता के सबूत नहीं

नागरिकता के प्रमाण को लेकर यह भ्रम नया नहीं है। इससे पहले देश की अन्य प्रमुख पहचानों को लेकर भी अदालतें और सरकार स्थिति साफ कर चुकी हैं। इस साल की शुरुआत में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि आधार नागरिकता का पक्का सबूत नहीं है। यह सिर्फ़ पहचान का एक दस्तावेज़ है। वोटर आईडी को भी नागरिकता का अंतिम दस्तावेज़ नहीं माना जाता। इसका मुख्य उद्देश्य नागरिक की पहचान सुनिश्चित करना और उसे चुनावों में मतदान का अधिकार देना है।

कानून के अनुसार कौन है भारत का नागरिक?

  1. 26 जनवरी 1950 से 1 जुलाई 1987 के बीच देश में जन्म लेने वाला हर व्यक्ति जन्म से भारतीय है।
  2. 1 जुलाई 1987 के बाद जन्मे व्यक्ति को नागरिकता तभी मिलेगी, जब उसके माता-पिता में से कोई एक भारतीय नागरिक हो।
  3. 3 दिसंबर 2004 या उसके बाद जन्मे व्यक्ति को नागरिकता मिलने की शर्त और कठिन है। इसके लिए या तो माता-पिता दोनों भारतीय होने चाहिए, या फिर कोई एक भारतीय हो और दूसरा अवैध अप्रवासी न हो।

1 July Rule Change: 1 जुलाई से बदल जाएंगे कई बड़े नियम! रेलवे, आधार समेत इन बदलावों का आप पर पड़ेगा सीधा असर

सरकार ने जारी किए आंकड़े

बुधवार को विदेश मंत्रालय ने भारत के पासपोर्ट सर्विस नेटवर्क के विस्तार और कई अहम उपलब्धियों का ज़िक्र किया, जिसमें चिप-इनेबल्ड ई-पासपोर्ट की सफल शुरुआत भी शामिल है। MEA के एक अधिकारी ने बताया, “साल 2025 में 1.5 करोड़ पासपोर्ट और उससे जुड़ी सेवाएं दी गईं, जिनमें से अकेले पासपोर्ट की संख्या 1.39 करोड़ थी।”

इसके अलावा, MEA ने बताया कि पासपोर्ट बनने में लगने वाले औसत समय में भी सुधार हुआ है; पुलिस वेरिफिकेशन में लगने वाले समय को छोड़कर, पासपोर्ट अब छह कामकाजी दिनों के भीतर मिल जाते हैं। अधिकारी ने कहा कि अब नागरिकों को पासपोर्ट सेवा केंद्रों पर औसतन 45 मिनट से भी कम समय बिताना पड़ता है। MEA अधिकारी के मुताबिक, प्रोसेसिंग में कम समय लगने की वजह पासपोर्ट सर्विस सेंटरों की संख्या में छह गुना बढ़ोतरी है। एक दशक पहले देश में सिर्फ़ 77 पासपोर्ट केंद्र थे, जबकि अभी इनकी संख्या 545 है।

संजय जयप्रकाश भोपालपुरिया बने अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के जिला अध्यक्ष

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अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन द्वारा समाजसेवी एवं प्रतिष्ठित अग्रवाल समाज के प्रतिनिधि श्री संजय जयप्रकाश भोपालपुरिया को जिला अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर समाजजनों में हर्ष का माहौल है।

उनकी नियुक्ति पर समाज के वरिष्ठजनों, पदाधिकारियों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। सभी ने विश्वास व्यक्त किया कि श्री भोपालपुरिया के नेतृत्व में संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी तथा समाजहित के कार्यों को और अधिक गति प्राप्त होगी।

इस अवसर पर श्री भोपालपुरिया ने संगठन के शीर्ष नेतृत्व एवं समाजजनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे सभी को साथ लेकर संगठन को मजबूत बनाने तथा सामाजिक, शैक्षणिक एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करेंगे।

समाज के गणमान्य नागरिकों ने उनके उज्ज्वल कार्यकाल की कामना करते हुए आशा व्यक्त की कि उनके नेतृत्व में अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन जिले में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।

श्री संजय जयप्रकाश भोपालपुरिया जी को जिला अध्यक्ष नियुक्त होने पर हार्दिक बधाई एवं सफल कार्यकाल के लिए अनंत शुभकामनाएं।

1 July Rule Change: 1 जुलाई से बदल जाएंगे कई बड़े नियम! रेलवे, आधार समेत इन बदलावों का आप पर पड़ेगा सीधा असर

1 July Rule Change: कुछ ही दिनों में जून का महीना खत्म होने जा रहा है और जुलाई की शुरुआत हो जाएगी. हर महीने की तरह इस बार भी कुछ बदलाव होने जा रहे हैं. इन बदलावों का प्रभाव देश के सभी नागरिकों पर पड़ सकता है. साथ ही कुछ बदलावों से आम आदमी के जेब पर भी बोझ बढ़ सकता है. इसी कड़ी में आज हम आपको ऐसे जरूरी बदलावों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो 1 जुलाई से लागू होंगे. आइए जानते हैं…

Lucknow Fire News: एक ही रास्ता, बायोमेट्रिक लॉक और सुरक्षा में लापरवाही, जानिए क्यों बनी लखनऊ की इमारत ‘मौत का कुआं’

1. आधार कार्ड

UIDAI के अनुसार, फिलहाल आधार में ईमेल आईडी अपडेट करने के लिए 75 रुपये (GST सहित) शुल्क लिया जाता है. लेकिन 1 जुलाई 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक आधार मोबाइल ऐप के माध्यम से ईमेल अपडेट कराने पर कोई शुल्क नहीं लगेगा, यानी इस दौरान यह सेवा पूरी तरह फ्री रहेगी. ऐसे में अगर आपका ईमेल अभी तक आधार से लिंक नहीं है या पुराना ईमेल बदलना है, तो आप 1 जुलाई से शुरू होने वाली इस मुफ्त सुविधा का लाभ उठा सकते हैं. इससे आपका आधार रिकॉर्ड अधिक सुरक्षित और अपडेटेड रहेगा.

2. रेलवे के नियम

सरकार ने जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) अधिनियम, 2026 के तहत रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 137 और 138 में बदलाव किए हैं. इसके तहत अब न्यूनतम जुर्माना 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है. ये नए नियम 1 जुलाई से लागू किए जा सकते हैं. नए बदलाव के तहत अब रेलवे ने फैसला किया है कि खतरनाक वस्तुएं ले जाने पर कम से कम 10,000 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा और गंभीर मामलों में जेल की सजा भी हो सकती है. साथ ही बिना वैध टिकट या पास के यात्रा करने वालों को अब 500 रुपये का जुर्माना देना होगा. इसके अलावा बिना लाइसेंस सामान बेचने, फेरी लगाने या रेलवे परिसर में भीख मांगने पर 2,000 रुपये तक की पेनल्टी लगेगी.

सिलेंडर कब पहुंचेगा? LPG सिलेंडर की लाइव लोकेशन अब मोबाइल पर, बुकिंग के बाद ऐसे ट्रैक करें डिलीवरी स्टेटस

3. LPG के नियम

मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के कारण पिछले महीनों में LPG के दामों में काफी बदलाव देखा गया है. जून के महीने में भी कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर 1 जून से 53.50 रुपये तक महंगा हो गया था. ऐसे में उम्मीद लगाई जा रही है कि 1 जुलाई से LPG सिलेंडर के दाम बदल सकते हैं, जिसका असर आम आदमी के जेब पर पड़ेगा.

Lucknow Fire News: एक ही रास्ता, बायोमेट्रिक लॉक और सुरक्षा में लापरवाही, जानिए क्यों बनी लखनऊ की इमारत ‘मौत का कुआं’

Lucknow Fire News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके की लगी आग में 15 बच्चों की जान चली गई. अग्निकांड में राख इमारत में जब अग्निशमन कर्मी घुसे तो पाया कि वहां किस कदर मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं. आवासीय इमारत को व्यावसायिक कामों में इस्तेमाल कर यहां गेमिंग जोन, पेट शॉप और दूसरी दुकानें चलाई जा रही थीं. इस बिल्डिंग को 2016 में अवैध निर्माण के कारण गिराने का आदेश दिया गया था, लेकिन दो माह में ये ऑर्डर वापस से लिया गया.

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बॉयोमेट्रिक इंप्रेशन वाला गेट

पीड़ित परिवारों का कहना था कि गेमिंग जोन में एनीमेशन सेंटर का पूरा ढांचा ऑटोमैटिक था. बायोमेट्रिक थंब इंप्रेशन से दरवाजा खुलता बंद होता था. आग लगते ही ये लॉक सिस्टम फेल हो गया . वहीं से बाहर निकलने का रास्ता था, जहां से कुछ ही मिनटों में निकला जा सकता था.परिजनों का यह भी कहना है कि फायर ब्रिगेड की टीम आग लगने के करीब 40 मिनट बाद वहां पहुंची.

उस वक्त तक लखनऊ की इमारत में लगी आग की लपटों में पूरी तरह घिर चुकी थी. कुछ बच्चे बिल्डिंग के किनारे पाइपलाइन और लटके तारों के सहारे नीचे कूद चुके थे.एक युवक ने आग में घिरी बिल्डिंग की खिड़की तोड़कर नीचे छलांग लगा दी, लेकिन वो सीधे नीचे नुकीली रेलिंग पर गिरा. रेलिंग सीधे पेट में घुसी और ज्यादा खून बहने से उसकी जान चली गई.

अवैध इमारत से निकलने का एक ही रास्ता

लखनऊ के अलीगंज इलाके की इमारत से बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता था. उसके तीनों ओर दूसरी इमारतें बनी हुई थीं. आग बिल्डिंग के आगे के हिस्से में लगी थी. ऐसे में दहशतजदा बच्चे पीछे की ओर चले गए. लेकिन धीरे-धीरे आग और धुआं पीछे के हिस्से तक पहुंच गया. ज्यादातर बच्चों की दम घुटने से मौत हुई.

बॉथरूम में जाकर छिप गए बच्चे

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग कुछ मिनटों में हवा के साथ ऊंची लपटों में बदल गई. भयानक आग से लोग ऊपर नहीं जा पाए. फंसे बच्चों तक मदद पहुंचाने का कोई रास्ता नहीं था. कुछ लोगों ने पत्थर फेंककर खिड़की तोड़ने का असफल प्रयास किया. इमारत में फंसे कई बच्चे बाथरूम में जाकर छिप गए, ताकि गर्मी और आग की लपटों से बचा जा सके, लेकिन यह कदम आत्मघाती साबित हुआ. वो नल खोलकर पानी गिराते रहे, ताकि आग अंदर तक न आए, लेकिन धुआं भरने से उनका दम घुट गया और वो मारे गए.

न स्मोक डिटेक्टर न आग बुझाने वाले सिलेंडर

अग्निशमन विभाग की प्रारंभिक पड़ताल में पाया गया कि इमारत में न ही स्मोक डिटेक्टर यानी धुएं का पता लगाने वाले उपकरण थे और नही फायर एक्सटिंग्यूशर यानी आग बुझाने वाले इंतजाम. ऐसे में आग को बुझाने के लिए शुरुआती मिनटों में कुछ नहीं किया जा सका.

NEET UG 2026 Re-Exam Today: कड़ी सुरक्षा के बीच आज दोबारा होगी परीक्षा, जानें एग्जाम सेंटर के जरूरी दिशानिर्देश

दीवारें तोड़कर अंदर घुसे दमकल कर्मी

दमकल कर्मियों ने आसपास की इमारतों की ओर से हथौड़े से दीवार तोड़ी और फिर अंदर घुसे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. बच्चों के मां-बाप चीख-पुकार लगा रहे थे और बच्चों को बचाने के लिए गुहार लगा रहे थे, लेकिन रोते-बिलखते परिजन अपनों को मौत के आगोश में जाता देखने के सिवा कुछ न कर सके.

सिलेंडर कब पहुंचेगा? LPG सिलेंडर की लाइव लोकेशन अब मोबाइल पर, बुकिंग के बाद ऐसे ट्रैक करें डिलीवरी स्टेटस

एलपीजी सिलेंडर बुक करने के बाद अक्सर लोगों को यह चिंता रहती है कि डिलीवरी कब होगी. इस वजह से कई लोग जरूरत से पहले ही सिलेंडर बुक कर देते हैं, ताकि गैस खत्म होने से पहले ही नया सिलेंडर घर पहुंच जाए. अगर समय पर सही जानकारी मिल जाए, तो यह परेशानी काफी हद तक कम हो सकती है. दरअसल, LPG सिलेंडर बुक करने के बाद अब आप घर बैठे मोबाइल से अपने गैस की लाइव लोकेशन, डिलीवरी स्टेटस और संभावित समय आसानी से ट्रैक कर सकते हैं. चलिए आपको बताते हैं कैसे घर बैठे सिलेंडर डिलीवरी की लाइव ट्रैकिंग करें.

NEET UG 2026 Re-Exam Today: कड़ी सुरक्षा के बीच आज दोबारा होगी परीक्षा, जानें एग्जाम सेंटर के जरूरी दिशानिर्देश

घर बैठे गैस सिलेंडर का स्टेटस कैसे चेक करें?

LPG सिलेंडर बुक करने के बाद इसकी डिलीवरी ट्रैक करना बहुत आसान है. आप मोबाइल ऐप या वेबसाइट के जरिए ‘Track Cylinder’ विकल्प का इस्तेमाल करके अपने गैस सिलेंडर की लाइव लोकेशन और संभावित डिलीवरी का समय घर बैठे चेक कर सकते हैं. Indane, Bharat Gas और HP के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप या IVRS नंबर का उपयोग करके भी स्टेटस चेक कर सकते हैं.

मोबाइल ऐप्स से कैसे ट्रैक करें?

आप अपने गैस प्रोवाइडर का आधिकारिक ऐप जैसे- Indane के लिए IndianOil ONE, HP के लिए HPGas, या Bharatgas के लिए Bharatgas App डाउनलोड करके लॉग इन करें. My Booking या Track Order सेक्शन में आपको सिलेंडर का डिस्पैच स्टेटस और डिलीवरी की लाइव जानकारी मिल जाएगी.

वेबसाइट से कैसे ट्रैक करें?

अपने गैस डिस्ट्रीब्यूटर की ऑफिशियल वेबसाइट पर लॉग इन करें. यहां अपना कंज्यूमर नंबर या रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करके Booking History या Track Cylinder विकल्प पर जाएं.

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SMS और WhatsApp से ट्रैकिंग कैसे करें?

  • आपके पास इंटरनेट या ऐप की सुविधा नहीं है, तो आप इन तरीकों से अपडेट प्राप्त कर सकते हैं.
  • इंडेन (Indane)- अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से REFILL लिखकर 7718955555 पर SMS भेजें.
  • भारत गैस (Bharat Gas)- LPG लिखकर 7715012345 पर SMS भेजें. आप 1800 22 4344 पर कॉल भी कर सकते हैं.
  • एचपी गैस (HP Gas)- HPGAS लिखकर 7903105555 पर SMS भेजें.

NEET UG 2026 Re-Exam Today: कड़ी सुरक्षा के बीच आज दोबारा होगी परीक्षा, जानें एग्जाम सेंटर के जरूरी दिशानिर्देश

NEET UG 2026 Re-Exam Today: आज देशभर में NEET UG 2026 की दोबारा से परीक्षा आयोजित की जा रही है। सुबह से परीक्षा केंद्रों पर छात्रों की भीड़ लगी हुई है। भारत और विदेश से कुल 22,80,054 उम्मीदवारों ने आज दोपहर को होने वाली NEET-UG की पुनर्परीक्षा में शामिल होने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। परीक्षार्थियों को खास सलाह दी गई है।

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जानिए परीक्षा केंद्रों में क्या-क्या ले जाने की है अनुमति

परीक्षा केंद्र पर गेट बंद होने के समय से पहले पहुंच जाएं, क्योंकि उसके बाद किसी भी परिस्थिति में परीक्षा में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्हें अपने साथ एडमिट कार्ड, पासपोर्ट आकार की फोटो और फोटो पहचान पत्र (आधार, वोटर आईडी, पैन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस) जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज भी लाने चाहिए।

परीक्षा का बढ़ाया गया समय

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा का समय भी 180 मिनट (3 घंटे) से बढ़ाकर 195 मिनट (3 घंटे 15 मिनट) कर दिया है। इसके साथ ही प्रश्न पुस्तिका में रफ वर्क के लिए जगह भी बढ़ा दी गई है। अब उम्मीदवारों को पहले दिए जाने वाले दो पृष्ठों के बजाय चार पृष्ठ मिलेंगे। सुविधा बढ़ाने के लिए, विशेष रूप से बाएं हाथ से लिखने वाले उम्मीदवारों के लिए, लेआउट में बदलाव किया गया है। रफ वर्क के दो पेज पुस्तिका के शुरू में निर्देश पेज के ठीक बाद दिए जाएंगे, जबकि शेष दो पेज अंत में उपलब्ध होंगे।

परीक्षा केंद्रों पर 6,700 पर्यवेक्षक तैनात

एनटीए ने परीक्षा केंद्रों पर लगभग 6,700 पर्यवेक्षकों को तैनात किया है, जिन्हें केंद्रीय स्तर पर लाइव सीसीटीवी फुटेज की निगरानी के लिए 100 से अधिक वर्चुअल पर्यवेक्षकों का सहयोग प्राप्त है। सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण AI-आधारित उपकरणों से किया जा रहा है।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा में हिस्सा ले रहे छात्रों को बधाई दी है। साथ ही बताया कि एग्जाम सेंटर में क्या-क्या लेकर जाना है। एनटीए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘ सभी NEET (UG) 2026 उम्मीदवारों को शुभकामनाएं! यह वही दिन है जिसके लिए आपने तैयारी की है। शांत रहें, खुद पर भरोसा रखें और अपना सर्वश्रेष्ठ दें। आपने इस पल को हासिल किया है।

जरूरी समय: 

एंट्री टाइमिंग: सुबह 11:00 बजे,

आखिरी एंट्री: दोपहर 1:30 बजे (इसके बाद एंट्री नहीं होगी)।

साथ ले जाएं: एडमिट कार्ड और वैलिड फोटो ID, पासपोर्ट साइज की 2 फोटो। मना की गई चीजें न ले जाएँ।

हाइड्रेटेड रहें (पानी पीते रहें)। ट्रैफ़िक का ध्यान रखें और जल्दी पहुंचें। आप यह कर सकते हैं। हम आपके साथ हैं!

प्रत्येक परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी और जैमर लगाए गए

एनटीए ने शनिवार को एक आधिकारिक बयान में कहा कि 95,000 से अधिक परीक्षा केंद्रों में से प्रत्येक में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। 51,311 जैमर तैनात किए गए हैं (17,054 ईसीआईएल द्वारा और 34,257 बीईएल द्वारा)। प्रत्येक परीक्षा कक्ष में दो निरीक्षक होंगे। प्रत्येक केंद्र पर 10 से अधिक अतिरिक्त परीक्षा अधिकारी तैनात किए गए हैं।

दोपहर 2 बजे से शाम 5.15 बजे तक है परीक्षा

3 मई को होने वाली परीक्षा रद्द होने के कारण 2026 की मेडिकल प्रवेश परीक्षा दोबारा आयोजित की जा रही है। यह परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5.15 बजे तक भारत के 551 शहरों में स्थित 5,440 केंद्रों और विदेशों में स्थित 14 केंद्रों पर होगी। प्रश्न पत्र अंग्रेजी और 12 भारतीय भाषाओं में होंगे।

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परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल तैनात

गुजरात में अधिकारियों ने रविवार को होने वाली नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा को सुचारू रूप से आयोजित करने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल तैनात किया जाएगा और किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए निगरानी उपाय लागू किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि अहमदाबाद में सुरक्षा इंतजामों के तहत ड्रोन और त्वरित प्रतिक्रिया दल को तैनात किया जाएगा।