Wednesday, May 20, 2026
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तमिलनाडु में सियासी हलचल तेज, CM विजय की कुर्सी पर संकट के बादल, CPIM ने दी समर्थन वापसी की चेतावनी

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तमिलनाडु की सियासत से जुड़ी इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। सीएम विजय की सरकार बने अभी 10 दिन भी पूरे नहीं बीते हैं लेकिन उनकी कुर्सी हिलने लगी है। दरअसल CPIM ने साफ कहा है कि अगर विजय की पार्टी यानी TVK ने AIADMK के किसी ग्रुप या AIADMK के साथ जाकर सरकार चलाने का फैसला किया तो हम अपने फैसले पर दोबारा से विचार अवश्य करेंगे।

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CPIM ने क्या कहा?

CPIM के राज्य सचिव पी षणमुगम ने कहा, “हमने TVK को समर्थन सिर्फ इस वजह से दिया था कि क्योंकि तमिलनाडु फिर से एक चुनाव का सामना करने को तैयार नहीं था, साथ ही हमारा मकसद पिछले दरवाजे से राष्ट्रपति शासन लगाकर तमिलनाडु पर राज करने की BJP की मंशा को पूरा नहीं होने देना था, तीसरी बात ये है कि जनादेश DMK और AIADMK के खिलाफ था इसीलिए TVK 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी लेकिन उसको भी बहमुत नहीं मिल सका।”

पी षणमुगम ने कहा, “सरकार बनाने का मौका सिर्फ उन्हीं के पास था, उसी आधार पर जनता की पसंद की सरकार तमिलनाडु में बननी चाहिए। इस इरादे से वामपंथी दलों और VCK ने TVK को बाहर से समर्थन देने का फैसला किया था, अगर वो AIADMK से समर्थन लेते हैं या फिर उनके नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल करते हैं तो ये जनादेश के खिलाफ होगा।”

पी षणमुगम ने कहा, “साफ सुथरी अच्छी सरकार चलाने के विजय के चुनावी वादे के ये खिलाफ होगा, चूंकि जनादेश AIADMK और DMK के खिलाफ है, इसीलिए उनसे समर्थन लेकर सरकार बनाने का कोई भी प्रयास जनता के फैसले खिलाफ होगा, हमें उम्मीद है कि वे ऐसा कोई फैसला नहीं करेंगे, लेकिन अगर उन्होंने AIADMK के किसी ग्रुप या AIADMK के साथ जाकर सरकार चलाने का फैसला किया तो हम अपने फैसले पर दोबारा से विचार अवश्य करेंगे।”

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सीएम विजय की चिंता बढ़ी, समझें क्या है गणित

गौरतलब है कि TVK सरकार को बाहर से समर्थन देने वाली CPIM ने समर्थन वापस लेने की धमकी देकर CM विजय की चिंता को बढ़ा दिया है। CPIM के राज्य सचिव पी षणमुगम ने मंगलवार को कहा कि अगर मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय अपनी कैबिनेट में AIADMK के MLA को शामिल करते हैं, तो उनकी पार्टी मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली ‘तमिलगा वेट्री कड़गम’ सरकार को दिए गए अपने समर्थन पर पुनर्विचार करेगी। ये बयान तब आया है जब AIADMK से बागी होकर विश्वास मत के दौरान क्रॉस वोटिंग करने वाले 25 विधायकों की विजय की सरकार में शामिल होने की कोशिशें जारी हैं।

108 सीट जीतकर आने वाली TVK को कांग्रेस, वामपंथी दलों, VCK और IUML का समर्थन मिला है जिसके आधार पर TVK सरकार का गठन हुआ है। सूत्रों के मुताबिक अपनी सरकार को स्थिर और मजबूत करने के इरादे से CM जोसेफ़ विजय AIADMK के 25 बागी विधायकों के सरकार में शामिल किए जाने के ऑफर पर विचार कर रहे हैं, इन्हीं अटकलों के बीच CPIM के समर्थन वापस लेने की चेतावनी ने CM विजय की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, अगर ऐसा होता है तो कांग्रेस के 5 विधायकों को छोड़कर बाकी चार पार्टियों के 8 विधायक सरकार से समर्थन वापस ले सकते हैं, हालांकि AIADMK के बागी 25 MLA’s और AMMK के एक MLA का समर्थन लेकर विजय अपनी सरकार को तो बचा लेंगे लेकिन उनके इस फैसले से जनता के बीच नेगेटिव संदेश जा सकता है, इसी वजह से TVK की कोर टीम इन हालात को संतुलित तरीके से हल करने के प्रयास में लगी हुई है।

ट्रैक से 20 फीट हवा में लटकी एक्सप्रेस ट्रेन की बोगी, हादसे का खौफनाक वीडियो आया सामने

उत्तराखंड के ऋषिकेश में बड़ा ट्रेन हादसा हुआ है. योगनगरी ऋषिकेश स्टेशन पर सोमवार रात करीब साढ़े 9 बजे उज्जैनी एक्सप्रेस हादसे का शिकार हो गई. ट्रेन के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए. हादसा इतना भयानक था कि एक बोगी पटरी से बिल्कुल अलग होकर पलट गई और करीब 20 फुट तक ट्रैक से बाहर लटक गई. हादसे का शिकार हुई इस ट्रेन की डराने वाली तस्वीरें भी सामने आई हैं. गमीनत रही कि हादसे के वक्त ट्रेन में कोई सवार नहीं था. रेलवे ने जांच शुरू कर दी है.

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कैसे हुआ हादसा?

शुरुआती जांच से पता चलता है कि रूटीन मेंटेनेंस के दौरान ट्रेन के ब्रेक फेल हो गए थे. पूरी ट्रेन के संचालन को लेकर कई सवाल उठाए गए हैं. आरोप है कि रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी ढाई घंटे तक मौके पर नहीं पहुंचे. यह ट्रेन आज सुबह करीब 6 बजे रवाना होने वाली थी. कल रात करीब 9.23 बजे स्टेशन यार्ड में ट्रेन का ट्रैक बदला जा रहा था. हादसे के समय ट्रेन में केवल लोको पायलट मौजूद था. दुर्घटना के बाद पटरियों पर भारी भीड़ जमा हो गई. GRP के जवानों ने मोर्चा संभाला और लोगों को घटनास्थल से हटाया. रेलवे विभाग ने जांच शुरू कर दी है. जानकारी के अनुसार, मौके पर रेलवे के अधिकारी मौजूद हैं. फिलहाल क्षतिग्रस्त बोगियों को ट्रैक से हटाने का काम चल रहा है. ट्रेन के पटरी से उतरने की घटना रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई. रेलवे का कहना है कि इस हादसे की वजह से ट्रेनों का संचालन प्रभावित नहीं हुआ है.

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3 दिनों में 4 हादसे?

यह पहला ऐसा हादसा नहीं है. पिछले कुछ दिनों में कई ट्रेन हादसे हुए हैं, जो रेलवे की सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़ा करते हैं. इससे पहले कल सुबह ही बिहार से सासाराम रेलवे स्टेशन पर पटना जाने वाली एक पैसेंजर ट्रेन में आग लग गई. वहीं रविवार 17 मई को त्रिवेंद्रम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस के बी-1 (B1) एसी कोच में सुबह करीब साढ़े पांच बजे आलोट और लूणीरिच्छा स्टेशनों के बीच अचानक आग लग गई. इसके अलावा शुक्रवार 15 को हैदराबाद के नामपल्ली रेलवे स्टेशन पर खड़ी हैदराबाद-जयपुर एक्सप्रेस के दो खाली एसी कोच (B1 और B2) में आग लग गई थी, जिसमें कोई घायल नहीं हुआ था.

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Fire in Passenger Train : रोहतास जिले के सासाराम रेलवे स्टेशन पर सोमवार की सुबह उस समय अफरातफरी का माहौल बन गया, जब सासाराम से आरा होते हुए पटना जाने वाली ट्रेन नंबर 53212 सासाराम-पटना पैसेंजर ट्रेन में अचानक आग लग गई.  घटना सुबह करीब 6 बजे की बताई जा रही है.  ट्रेन में आग लगते ही प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों और रेलकर्मियों के बीच हड़कंप मच गया.  देखते ही देखते आग ने एक बोगी को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया.

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सासाराम से पटना जा रही पैसेंजर ट्रेन धू-धू कर जलने लगी, जान बचाने के ल‍िए इधर-उधर भगाने लगे यात्री

यात्रियों को बोगी से बाहर निकाला  

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के कुछ ही देर बाद धुआं पूरी बोगी में फैल गया, जिससे यात्रियों में दहशत फैल गई. हालांकि राहत की बात यह रही कि समय रहते यात्रियों को बाहर निकाल लिया गया, जिससे कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ.  घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन, आरपीएफ और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची तथा आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया.

आग पर काबू पा लिया गया है.

रेलवे व्यवस्था पर उठे सवाल

घटना के बाद स्थानीय लोगों और यात्रियों ने रेलवे प्रबंधन की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि स्टेशन पर पर्याप्त अग्निशमन व्यवस्था नहीं होने के कारण आग पर शुरुआती समय में काबू नहीं पाया जा सका.  लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पानी और अग्निशमन यंत्रों का उपयोग किया गया होता, तो नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता था.

स्थानीय लोगों ने बताया कि ट्रेन में रिफिलिंग के लिए बिछाई गई पाइपलाइन में पानी उपलब्ध नहीं था.  इतना ही नहीं, रेलवे स्टेशन पर मौजूद कई अग्निशमन सिलेंडरों में गैस भी नहीं थी.  इसी कारण शुरुआती समय में रेलकर्मियों को आग बुझाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.

एक बोगी पूरी तरह जली

आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पैसेंजर ट्रेन की एक बोगी पूरी तरह जल गई.  बाद में सुरक्षा के दृष्टिकोण से जली हुई बोगी को ट्रेन से अलग कर दिया गया.  रेलवे अधिकारियों ने अन्य बोगियों की भी जांच की, जिससे आग दोबारा न फैल सके.

घटना के दौरान स्टेशन परिसर में धुएं का गुबार फैल गया था, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों में काफी भय का माहौल देखा गया.  कई यात्री अपना सामान छोड़कर जान बचाने के लिए भागते नजर आए.  हालांकि रेलवे प्रशासन ने बाद में स्थिति को नियंत्रित कर लिया.

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शॉर्ट-सर्किट की आशंका, जांच शुरू

आरपीएफ निरीक्षक संजीव कुमार ने बताया कि कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया. शुरुआती जांच में शॉर्ट-सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है.  हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है.  रेलवे प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और तकनीकी टीम को भी जांच में लगाया गया है. घटना में किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है.

आग लगने से ट्रेन बुरी तरह से जल गई.

आग पर काबू पा लिया गया 

मुख्‍य जनसंपर्क अध‍िकारी सरस्‍वती चंद्र ने बताया क‍ि आज सुबह लगभग 5:30 बजे सासाराम स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या 06 पर खड़ी गाड़ी संख्या 53212 डाउन सासाराम-पटना पैसेंजर ट्रेन के एक कोच से धुआं, निकलने की सूचना प्राप्त हुई. उक्त ट्रेन प्लेटफॉर्म पर स्थिर अवस्था में खड़ी थी. कोच में कोई यात्री मौजूद नहीं था. 6 बजे बोगी को अलग कर तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचित कर बुलाया गया. रेलकर्मियों के सहयोग से त्वरित कार्रवाई के फलस्वरूप इसपर 6.45 बजे पूर्णतः काबू पा लिया गया. घटना में किसी भी यात्री अथवा रेलकर्मी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है, घटना  के कारणों की जांच की जा रही है.

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Trivandrum-Delhi Rajdhani Express Fire: त्रिवेंद्रम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस (12431) के दो कोच में भीषण आग लग गई. घटना मध्य प्रदेश के रतलाम से करीब 110 किलोमीटर दूर हुई है. इस आगजनी से यात्रियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया. जानकारी के मुताबिक, दिल्ली-निजामुद्दीन की ओर जा रही त्रिवेंद्रम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस (12431) के दो कोच में रविवार सुबह करीब 5:30 बजे लूणी-विक्रमगढ़ के बीच ट्रेन के बी-1 कोच में आग लग गई, जिसके चलते दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग प्रभावित हो गया है. बताया जा रहा है कि ट्रेन में अचानक धुआं उठता दिखाई दिया, जिसके बाद कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया. देखते ही देखते थर्ड एसी और एसएलआर कोच आग की लपटों में घिर गए. दूर तक आसमान में उठती लपटें दिखाई देने लगीं, जिससे इलाके में भी हड़कंप मच गया.

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हालांकि गार्ड ने तुरंत लोको पायलट को इसकी सूचना दी, जिसके बाद ट्रेन को तत्काल रोका गया. वहीं कई ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोकना पड़ा. आसमान में उठती आग की लपटों को देखकर इलाके में हड़कंप मच गया. हादसे की खबर लगने के बाद कोटा रेल मंडल से राहत व बचाव टीम मौके के लिए रवाना हुई. ट्रेन में आग आगे कोच नंबर B1 में लगी थी. कोच में 68 यात्री थे… कुछ सेकेंड में ही आग पूरे कोच में फैल गई. आग लगने की सूचना गार्ड ने सबसे पहले लोको पायलट को दी थी. इसके बाद ट्रेन को रुकवाया गया और पैसेंजर्स को बाहर निकाला गया. इसके बाद  ट्रेन में मौजूद आरपीएफ स्टाफ व दूसरे लोगों ने तुरंत कोच से पैसेंजर्स की डि-बोर्डिंग शुरू की. करीब 15 मिनट में पूरा कोच खाली कराया गया. ट्रेन में मौजूद आरपीएफ स्टाफ व दूसरे लोगों ने तुरंत कोच से पैसेंजर्स की डि-बोर्डिंग शुरू की.

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बिजली की सप्लाई बंद करवाया गया

करीब 15 मिनट में पूरा कोच खाली कराया गया. फिलहाल दिल्ली मुंबई रेलवे ट्रैक पर ट्रैफिक को रोका गया है. ट्रेन का बिजली कनेक्शन काट दिया गया है. कोटा मंडल के सीनियर अधिकारी और टेक्निकल स्टाफ मौके पर पहुंचा है. कोटा रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ जैन ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सूचना मिलते ही कोटा से दुर्घटना राहत ट्रेन और एआरएमई को रवाना किया गया. डीआरएम अनिल कालरा समेत रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस और दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं. दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया.

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यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया

सीनियर डीसीएम सौरभ जैन ने बताया कि ट्रेन नंबर 12431 त्रिवेंद्रम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस में आग लगने की सूचना मिली थी. दो कोच प्रभावित हुए हैं. सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. किसी तरह की कोई कैजुअल्टी नहीं हुई है. आग के कारणों की जांच की जा रही है. आग लगने के बाद यात्रियों में दहशत फैल गई. ट्रेन रुकते ही लोग अपना सामान लेकर नीचे उतरने लगे. रेलवे ने एहतियातन तुरंत ओएचई यानी बिजली सप्लाई बंद करवाई, जिसके चलते इस रेल मार्ग पर ट्रेनों का संचालन कुछ समय के लिए रोक दिया गया.

LPG Supply Update: एलपीजी पर बड़ी राहत… होर्मुज से सुरक्षित निकलकर भारत की ओर बढ़े दो जहाज, इनमें कितनी गैस है? जानिए

LPG Supply Update: पश्चिम एशिया में जारी तनाव और इसके चलते देश में पेट्रोल-डीजल व सीएनजी के बढ़े हुए दाम के बीच एक राहत भरी खबर सामने आ रही है. पिछले 24 घंटे में होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को सुरक्षित तरीके से पार कर दो जहाज भारत आ रहे हैं. इन दो बड़े जहाजों में कुल 66392 मीट्रिक टन रसोई गैस (LPG) ठसाठस भरी हुई है.

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कतर से गैस लेकर आ रहा सिमी

सरकारी अधिकारियों की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक,  मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला LPG कैरियर ‘सिमी’ (Symi) बुधवार को होर्मुज से होकर गुजरा. इस जहाज में 21 क्रू मेंबर्स हैं, जिनमें आठ यूक्रेनी और 13 फिलिपीनी शामिल हैं. लगभग 20,000 टन लिक्विड प्रोपेन और ब्यूटेन से लदे इस टैंकर के शनिवार को गुजरात में कांडला के दीनदयाल बंदरगाह पर पहुंचने की उम्मीद है. यह जहाज कतर के रास लफान टर्मिनल से गैस लेकर निकला है.

LPG लेकर NV सनशाइन भी अपने रास्ते

कुकिंग गैस ले जा रहा एक और वियतनाम के झंडे वाला NV सनशाइन गुरुवार सुबह करीब 9:30 बजे होर्मुज स्ट्रेट से गुज़रा और अब रास अल कुह TSS से बाहर निकल गया है. यह जहाज न्यू मंगलुरु पोर्ट के रास्ते है और इसके 18 मई को पहुंचने की उम्मीद है.

होर्मुज होकर अब तक 13 जहाज पहुंचे भारत

होर्मुज को क्रॉस करने वाले जहाज की पहचान ‘सिमी’ (Symi) के रूप में हुई है. यह मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला एक जहाज है, जो LPG ले जा रहा है. यह होर्मुज से होकर गुजरने वाला 11वां LPG टैंकर है और बाकी बचा एक जहाज कच्चा तेल (Crude Oil) का टैंकर था.  Marinetraffic के अनुसार, लगभग 46000 टन कुकिंग गैस से लदे इस जहाज का गंतव्य न्यू मंगलुरु बंदरगाह है.

Mamata Banerjee in Calcutta High Court: वकील बनना पड़ा महंगा? ममता बनर्जी पर कागजात न दिखाने के मामले में बड़ा विवाद, बार काउंसिल ने शुरू की जांच

अधिकारियों ने बताया कि जहाजों का सुरक्षित गुजरना DG Shipping (देश का समुद्री नियामक), विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के बीच आपसी तालमेल से संभव हो पाया है. इसके साथ ही, LPG ले जाने वाले 12 जहाज भारत पहुंच चुके हैं और एक कच्चे तेल का टैंकर था. फिलहाल, भारत के झंडे वाले 13 जहाज फ़ारसी खाड़ी (Persian Gulf) में मौजूद हैं और संघर्ष-ग्रस्त होर्मुज को पार करने का इंतजार कर रहे हैं.

लायंस क्लब चांपा के लायन राजेश अग्रवाल बने रीजन चेयरमैन, सामाजिक सेवा में निभा रहे अहम भूमिका

चांपा : सामाजिक, रचनात्मक एवं जनसेवा के क्षेत्र में दशकों से सक्रिय रहने वाले लायन राजेश अग्रवाल को लायंस क्लब इंटरनेशनल के सत्र 2026-27 के लिए रीजन चेयरमैन मनोनीत किया गया है। यह नियुक्ति डिस्ट्रिक्ट गवर्नर इलेक्ट 3233 C सीएमजेएफ लायन रिपुदमन सिंह पुसरी द्वारा की गई है। लायन राजेश अग्रवाल के इस महत्वपूर्ण पद पर चयन होने से चांपा शहर सहित लायंस क्लब चांपा में खुशी का माहौल है।

लायंस क्लब के पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर लायन डॉक्टर व्ही. के. अग्रवाल ने कहा कि राजेश अग्रवाल को रीजन चेयरमैन जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलना पूरे चांपा क्लब एवं शहर के लिए गर्व की बात है। उन्होंने वर्षों से लायंस क्लब एवं सामाजिक क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहकर उत्कृष्ट सेवाएं दी हैं।

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लायंस क्लब चांपा में कई महत्वपूर्ण पदों पर दे चुके हैं सेवाएं

लायन राजेश अग्रवाल ने लायंस क्लब चांपा में वर्ष 2017-18 में कोषाध्यक्ष, 2018-19 में सचिव तथा 2019-20 से 2022-23 तक लगातार चार वर्षों तक अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं प्रदान कीं। उनके कार्यकाल में क्लब द्वारा डॉक्टर्स डे, वृक्षारोपण, स्वास्थ्य शिविर, पाठ्य सामग्री वितरण, फल वितरण, स्कूलों में पंखा वितरण, प्रसाद वितरण, अन्नदान एवं नेत्र जांच शिविर जैसे अनेक जनहितकारी कार्यक्रम आयोजित किए गए।

सेवा सप्ताह में आयोजित होते रहे जनकल्याणकारी कार्यक्रम

सेवा सप्ताह के दौरान 2 से 8 अक्टूबर तक स्वच्छता अभियान, निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, अस्पतालों में मरीजों को फल वितरण एवं निःसंतान दम्पत्ति जांच शिविर जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे। इसके साथ ही तिलक सेवा संस्थान के बच्चों को कपड़ा, दर्री एवं टाट पट्टी वितरण भी किया गया।

कोविड-19 महामारी के दौरान लायन राजेश अग्रवाल ने नागरिकों, सुरक्षा में तैनात सिपाहियों, अस्पतालों एवं ड्यूटी में कार्यरत अधिकारियों और स्टॉफ को भोजन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

शिक्षा और सामाजिक संस्थाओं में भी निभा रहे सक्रिय भूमिका

सत्र 2023-24 में उन्होंने रीजन जीएमटी कोऑर्डिनेटर के रूप में सेवाएं दीं तथा लायंस क्लब शिक्षण समिति के सचिव पद पर रहते हुए लायंस इंग्लिश हायर सेकेंड्री स्कूल के विभिन्न कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता निभाई। वर्ष 2024-25 में जोन चेयरपर्सन एवं 2025-26 में पुनः क्लब सचिव के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।

लायंस क्लब की स्थायी सेवा गतिविधि के रूप में पिछले 45 वर्षों से लायंस इंग्लिश हायर सेकेंड्री स्कूल का सफल संचालन किया जा रहा है, जहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बच्चों के बहुमुखी विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

LPG Gas Update: अब गैस संकट पर लगेगा ब्रेक… कोल गैसीफिकेशन से ‘खुद का बॉस’ बनेगा भारत

सामाजिक गतिविधियों में भी लगातार सक्रिय

लायन राजेश अग्रवाल लायंस क्लब के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं में भी लगातार सक्रिय हैं। वे अग्रवाल सेवा समिति में लगातार दस वर्षों तक कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। इसके अलावा श्याम बाबा मंदिर एवं दादी मंदिर में भी अपनी सेवाएं देते रहते हैं।

उनके रीजन चेयरमैन बनने पर लायंस क्लब चांपा के सदस्यों एवं शहरवासियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं एवं बधाई दी है।

Mamata Banerjee in Calcutta High Court: वकील बनना पड़ा महंगा? ममता बनर्जी पर कागजात न दिखाने के मामले में बड़ा विवाद, बार काउंसिल ने शुरू की जांच

Mamata Banerjee in Calcutta High Court: बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कानूनी प्रैक्टिस के दर्जे की जांच शुरू कर दी है। तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो कल ही कलकत्ता हाईकोर्ट में वकील के लिबास में पेश हुईं। उनके कानूनी पोशाक पहनने को लेकर सवाल उठने लगे हैं। एक प्रैक्टिसिंग वकील के तौर पर उनके मौजूदा दर्जे को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने कल पश्चिम बंगाल बार काउंसिल से स्पष्टीकरण मांगा है। इसके बाद की कार्रवाई शुरू कर दी है।

LPG Gas Update: अब गैस संकट पर लगेगा ब्रेक… कोल गैसीफिकेशन से ‘खुद का बॉस’ बनेगा भारत

आपको बता दें कि ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री के तौर पर तीन कार्यकाल सहित कई अहम राजनीतिक पदों पर काम किया है। उन्होंने आखिरी बार 1980 के दशक के आखिर में कानून की प्रैक्टिस करने के लिए रजिस्टर्ड हुई थीं। उनकी कलकत्ता हाईकोर्ट की मौजूदगी ने उन लोगों के लिए कानूनी प्रोटोकॉल को लेकर चर्चा छेड़ दी है, जो एक ही समय पर कोई राजनीतिक पद संभालते हुए कानूनी प्रैक्टिस में भी शामिल रहते हैं।

बार काउंसिल ऑफ इंडिया का कहना है कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि सभी प्रैक्टिसिंग वकील मौजूदा नियमों का पालन करें। उसने पश्चिम बंगाल बार काउंसिल से ममता बनर्जी के दर्जे के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी है। इस तरह की जांचें कानूनी पेशे के भीतर ईमानदारी और पेशेवर मानकों को बनाए रखने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा हैं। अगर ममता सभी मानकों को पूरा नहीं करती हैं तो उनके खिलाफ ऐक्शन भी लिया जा सकता है।

मजदूर शोषण के खिलाफ सख्ती से आवाज उठाएगी भारतीय जनता मजदूर ट्रेड यूनियन काउंसिल: सी. एल.शर्मा 

बार काउंसिल ने क्या-क्या पूछा?

बीसीआई ने पश्चिम बंगाल बार काउंसिल से यह स्पष्ट करने को भी कहा है कि क्या 2011 से 2026 तक मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करने वाली ममता बनर्जी ने सार्वजनिक पद पर रहने के दौरान कभी भी काउंसिल को कानूनी प्रैक्टिस के स्वैच्छिक निलंबन या रुकने की सूचना दी थी। यदि ऐसा कोई पत्राचार हुआ था, तो परिषद ने संबंधित आदेशों की प्रतियां मांगी हैं। इसके अलावा, काउंसिल ने इस बारे में भी विवरण मांगा है कि क्या पद छोड़ने के बाद प्रैक्टिस फिर से शुरू करने के लिए कोई आवेदन दिया गया था और क्या वर्तमान में उनके पास वैध ‘प्रैक्टिस प्रमाणपत्र’ है। परिषद ने राज्य इकाई से यह भी स्पष्ट करने को कहा कि क्या उनके मुख्यमंत्री रहने के दौरान या उसके बाद अदालत में पेश होने के अधिकार के संबंध में कोई अन्य आदेश या रिकॉर्ड मौजूद है। बीसीआई ने निर्देश दिया है कि स्टेट रोल, नामांकन रजिस्टर, निलंबन या बहाली के रिकॉर्ड और फाइल नोटिंग सहित सभी प्रासंगिक दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां अगले दो दिनों के भीतर भेजी जाएं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि सभी दस्तावेजों की मूल प्रतियों का उचित जांच के बाद सत्यापन किया जाना चाहिए।

LPG Gas Update: अब गैस संकट पर लगेगा ब्रेक… कोल गैसीफिकेशन से ‘खुद का बॉस’ बनेगा भारत

LPG Gas Update: हर आपदा अपने साथ एक अवसर लेकर भी आती है. ईरान युद्ध और पश्चिम एशिया संकट ने भी भारत के सामने ऊर्जा सुरक्षा के लिए जो चुनौतियां खड़ी की हैं उससे निपटने के लिए अलग-अलग प्रयास किए जा रहे हैं. इसी के तहत अब गैस की कमी को पूरा करने के लिए मोदी सरकार ने एक बड़ा फैसला किया है. सरकार ने कोयला से गैस बनाने के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है.

मजदूर शोषण के खिलाफ सख्ती से आवाज उठाएगी भारतीय जनता मजदूर ट्रेड यूनियन काउंसिल: सी. एल.शर्मा 

भारत खुद बनाएगा गैस, आयात में आएगी कमी

प्रोजेक्ट के तहत अगले 4-5 सालों में कोयला से गैस बनाकर गैस के आयात को कम करने का लक्ष्य रखा गया है. भारत के पास फ़िलहाल 400 अरब टन से ज़्यादा कोयले का भंडार मौजूद है, जिसमें सालाना ख़पत क़रीब एक अरब टन का होती है. इस हिसाब से देश के पास कम से कम 400 सालों का कोयला भंडार मौजूद है. इसी तरह लिग्नाइट का भी 47 अरब टन का भंडार मौजूद है. सरकार ने अब इसी कोयले को गैस में परिवर्तित करने का फैसला किया है, ताकि गैस की आपूर्ति के लिए आयात पर निर्भरता कम की जा सके. पहले चरण में सरकार ने हर साल क़रीब 7.5 करोड़ टन कोयले को गैस में परिवर्तित करने का लक्ष्य रखा है.

25 संयंत्र लगाने की योजना को मंजूरी

सरकार ने इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में 25 संयंत्र लगाने की योजना को मंजूरी दी है. योजना के तहत कोयला से गैस बनाने का संयंत्र लगाने वाली कंपनी या संस्था को आर्थिक सहायता देने का फ़ैसला किया गया है. इसके तहत संयंत्र लगाने का कुल 20 फ़ीसदी खर्च सरकार सहायता के रूप में देगी. लक्ष्य रखा गया है कि अगले 4 -5 सालों में कोयले से गैस का उत्पादन शुरू कर दिया जाए. पूरी योजना के लिए सरकार ने 37500 करोड़ रुपए खर्च करने का निर्णय लिया है. फ़ैसले की जानकारी देते हुए केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि योजना में 3 लाख करोड़ रूपये के निवेश की संभावना है.

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गैस के लिए दूसरे देशों पर कम होगी निर्भरता

अश्वनी वैष्णव के मुताबिक़ इस प्रोजेक्ट से क़रीब 50000 लोगों को रोज़गार मिलेगा. फिलहाल भारत को अपनी एलएनजी आवश्यकता का करीब 50 फ़ीसदी , यूरिया का 20 फ़ीसदी , अमोनिया का करीब 100 फ़ीसदी जबकि मेथनॉल का करीब 90 फीसदी आयात करना पड़ता है. देश में फर्टिलाइजर के उत्पादन के लिए इन सभी चीज़ों की ज़रूरत पड़ती है. कोयला से गैस बनाने के प्रोजेक्ट से इन सभी चीज़ों के आयात को कम करने में मदद मिलेगी और गैस के लिए आयात पर निर्भरता काफ़ी हद तक कम हो जाएगी.

मजदूर शोषण के खिलाफ सख्ती से आवाज उठाएगी भारतीय जनता मजदूर ट्रेड यूनियन काउंसिल: सी. एल.शर्मा 

भारतीय जनता मजदूर ट्रेड यूनियन काउंसिल (BJMTUC) ने देशभर में मजदूरों के शोषण के खिलाफ सशक्त अभियान चलाने का ऐलान किया है। संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सी एल शर्मा के नेतृत्व में यूनियन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी श्रमिक के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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नवनियुक्त राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सी एल शर्मा ने नियुक्ति के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि BJMTUC एक राष्ट्रीय स्तर का श्रमिक संगठन है, जो संगठित और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के अधिकारों, उचित वेतन और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन का मुख्य उद्देश्य मजदूरों और युवाओं को एकजुट कर उन्हें कानूनी सहायता उपलब्ध कराना और उनके सामाजिक-आर्थिक उत्थान को गति देना है।

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सी एल शर्मा ने बताया कि कार्यस्थल पर मजदूरों का शोषण कई रूपों में सामने आता है, जैसे वेतन भुगतान में देरी, निर्धारित लाभों को रोकना, मुआवजा देने से इंकार करना या उपस्थिति के आधार पर अनुचित दबाव बनाना। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का उत्पीड़न शोषण का गंभीर रूप है और यूनियन इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेगी।

इसके लिए जिला स्तर तक कार्यकारिणी का गठन किया जा चुका है, ताकि स्थानीय स्तर पर शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। “जहां भी मजदूरों के शोषण की सूचना मिलेगी, वहां यूनियन के कार्यकर्ता तत्काल पहुंचकर मजदूर हित में आवाज बुलंद करेंगे,” उन्होंने कहा।

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सी एल शर्मा ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति या उद्योग द्वारा मजदूरों का शोषण कर अनुचित लाभ उठाने की कोशिश को सख्ती से रोका जाएगा। संगठन का मानना है कि आर्थिक, सामाजिक या राजनीतिक किसी भी स्तर पर होने वाला शोषण अस्वीकार्य है और इसके खिलाफ व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।

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LPG Subsidy New Rule: देशभर में कई एलपीजी गैस उपभोक्ताओं को इन दिनों एक नया SMS मिल रहा है. इस मैसेज में कहा जा रहा है कि अगर किसी उपभोक्ता या उसके परिवार के सदस्य की सालाना आय 10 लाख रुपये से ज्यादा है, तो उसकी गैस सब्सिडी बंद की जा सकती है. यह मैसेज सरकारी तेल कंपनियां इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) भेज रही हैं.

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क्या लिखा है मैसेज में?

मैसेज में कहा गया है कि इनकम टैक्स रिकॉर्ड के अनुसार उपभोक्ता या उसके परिवार की आय तय सीमा से ज्यादा है. अगर उपभोक्ता इस जानकारी से सहमत नहीं है, तो उसे 7 दिनों के अंदर शिकायत करनी होगी. अगर समय पर जवाब नहीं दिया गया, तो गैस सब्सिडी बंद हो सकती है.

सरकार क्यों कर रही है जांच?

सरकार का कहना है कि गैस सब्सिडी सिर्फ जरूरतमंद लोगों को मिलनी चाहिए. इसी वजह से अब तेल कंपनियां गैस उपभोक्ताओं का डेटा इनकम टैक्स विभाग के रिकॉर्ड से मिला रही हैं. इससे पता लगाया जा रहा है कि कौन लोग सब्सिडी के लिए योग्य हैं और कौन नहीं.

हालांकि, यह नियम नया नहीं है. सरकार ने साल 2015 में ही कहा था कि जिन लोगों की सालाना आय 10 लाख रुपये से ज्यादा है, उन्हें एलपीजी सब्सिडी नहीं मिलेगी. पहले लोगों से खुद सब्सिडी छोड़ने की अपील की जाती थी, लेकिन अब जांच का तरीका ज्यादा सख्त कर दिया गया है.

अगर SMS आया है तो क्या करें?

अगर किसी उपभोक्ता को ऐसा मैसेज मिला है और उसे लगता है कि जानकारी गलत है, तो वह तुरंत शिकायत कर सकता है. इसके लिए सरकार ने टोल फ्री नंबर 1800-2333-555 जारी किया है. इसके अलावा संबंधित तेल कंपनी की वेबसाइट पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है.

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सब्सिडी बंद होने के बाद क्या होगा?

अगर किसी की सब्सिडी बंद होती है, तब भी उसे गैस सिलेंडर मिलता रहेगा. लेकिन सिलेंडर बाजार कीमत पर खरीदना होगा और बैंक खाते में सब्सिडी की रकम नहीं आएगी.