Sunday, July 19, 2026
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Vikram-1 Success: विक्रम-1 की ऐतिहासिक उड़ान… मंगल, चांद, सूरज और समुद्र मिशनों के बाद अंतरिक्ष में भारत का एक और बड़ा परचम

Vikram-1 Success: भारत ने मंगल और चंद्रमा पर अंतरिक्ष यान भेजे हैं, सैकड़ों उपग्रहों को कक्षा में स्थापित किया है और अब अपना पहला निजी तौर पर विकसित ऑर्बिटल-क्लास रॉकेट विक्रम-1 लॉन्च कर दिया है। भारत की स्पेस इकॉनमी 8.4 अरब डॉलर की है। 2020 में इस सेक्टर के लिए प्राइवेट इन्वेस्टमेंट खुलने के बाद से ये तेजी से बढ़ी है और इसने 400 से ज्यादा स्पेस स्टार्टअप्स को आकर्षित किया है।

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भारतीय स्पेस इंडस्ट्री के लिए बड़ा कदम

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के साथ मिलकर काम करने वाली कई प्रमुख सरकारी और निजी कंपनियां रक्षा क्षेत्र में भी काम करती हैं, जिससे अंतरिक्ष और सुरक्षा के बीच का दायरा आपस में जुड़ता जा रहा है। अब देश के पहले प्राइवेट तौर पर विकसित ऑर्बिटल-क्लास रॉकेट लॉन्च करने का स्काईरूट एयरोस्पेस तेजी से बढ़ते भारतीय स्पेस इंडस्ट्री के लिए अगला बड़ा कदम है। अंतरिक्ष विभाग ने कहा, “भारत डीप-स्पेस एक्सप्लोरेशन, अंतरिक्ष विज्ञान, मानव अंतरिक्ष उड़ान और ऑर्बिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्रों में बड़े लक्ष्य हासिल करने की दिशा में काम कर रहा है। ये उपलब्धियां भारत के बढ़ते आत्मविश्वास, तकनीकी परिपक्वता और ग्लोबल स्पेस इकोसिस्टम में भारत की भूमिका के लिए एक दूरदर्शी सोच को दर्शाती हैं।”

भारत की बड़ी उपलब्धियां

2014 में भारत मंगल की कक्षा में अंतरिक्ष यान भेजने वाला पहला एशियाई देश बना। इसरो ने अपने चंद्र मिशन कार्यक्रम में भी काफी प्रगति की है। इसे संस्कृत में ‘चंद्रयान’ या ‘मूनक्राफ्ट’ भी कहा जाता है। इस प्रोग्राम में 2008 का लूनर ऑर्बिटर, 2019 में लैंडिंग की नाकाम कोशिश और 2023 का सफल मिशन शामिल था, जिसमें एक रोवर को तैनात किया गया था। इस रोवर मिशन ने भारत को रूस, अमेरिका और चीन के बाद चंद्रमा पर बिना इंसानों वाला यान उतारने वाला चौथा देश बना दिया।

2027 के लिए तय चौथे चंद्रयान मिशन से चांद के सैंपल वापस लाने की उम्मीद है और 2028 के लिए शुक्र ग्रह की कक्षा में जाने वाला मिशन तय किया गया है। सूर्य का अध्ययन करने वाला मिशन ‘आदित्य’ सूर्य की सबसे बाहरी परतों और अंतरिक्ष के मौसम पर नजर रख रहा है।

पृथ्वी पर इसरो की टेक्नोलॉजी भारत की ‘मत्स्य’ पनडुब्बी को विकसित करने में मदद कर रही है, जिसका नाम हिंदू देवता विष्णु के मत्स्य अवतार के नाम पर रखा गया है। साइंस मिनिस्टर जितेंद्र सिंह के अनुसार, 2027 तक यह वैज्ञानिकों को समुद्र में छह किलोमीटर (3.7 मील) नीचे ले जाएगा, ताकि ‘गहरे समुद्र के संसाधनों’ (जिनमें रेयर अर्थ और जरूरी मिनरल शामिल हैं) का इस्तेमाल किया जा सके।

सैटेलाइट्स

1975 में सोवियत रॉकेट से अपना पहला सैटेलाइट लॉन्च करने के बाद से ही इसरो ने कम लागत वाले मिशन के लिए अपनी पहचान बनाई है। तेजी से बढ़ते कमर्शियल सैटेलाइट मार्केट में बड़ी हिस्सेदारी पाने के मकसद से 2014 के बाद से इसके स्पेस प्रोग्राम में तेजी आई है। इसरो ने 430 से ज्यादा विदेशी सैटेलाइट लॉन्च किए हैं जिनसे उसे 600 मिलियन डॉलर से ज्यादा की कमाई हुई है और साथ ही अपने 144 से ज्यादा सैटेलाइट भी लॉन्च किए हैं।

भारत अब आंध्र प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी तट पर श्रीहरिकोटा में अपने लॉन्चपैड का विस्तार कर रहा है और भारत के दक्षिणी सिरे पर तमिलनाडु के कुलसेकरपट्टिनम में एक दूसरा स्पेसपोर्ट बनाया जा रहा है। नई दिल्ली का अनुमान है कि उसका स्पेस इंडस्ट्री 2033 तक 44 बिलियन डॉलर और 2040 तक 100 बिलियन डॉलर तक बढ़ जाएगा। भारत यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ESA) नासा के अलावा फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और सऊदी अरब के साथ भी काम करता है। इंसानों को अंतरिक्ष में भेजने की उसकी तैयारियों में रूस मदद कर रहा है।

प्राइवेट प्लेयर्स

टेक्नोलॉजी और एआई के क्षेत्र में अपनी बड़ी महत्वाकांक्षाओं के साथ-साथ भारत का प्राइवेट स्पेस इंडस्ट्री भी तेजी से बढ़ रहा है। इस क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में स्काईरूट एयरोस्पेस भी शामिल है। विक्रम-1 रॉकेट को छोटे सैटेलाइट्स को लो-अर्थ ऑर्बिट (पृथ्वी की निचली कक्षा) में ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है। एक और कंपनी Pixxel है, जो खेती से लेकर पर्यावरण की निगरानी जैसे कामों के लिए ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट बना रही है। Bellatrix Aerospace सैटेलाइट प्रोपल्शन सिस्टम बना रही है और Agnikul Cosmos 3D-प्रिंटेड रॉकेट इंजन से चलने वाले छोटे सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल बना रही है।

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सैन्य सहयोग

भारत के सिविल स्पेस और डिफेंस इंडस्ट्रीज आपस में गहराई से जुड़े हुए हैं और कई सरकारी व प्राइवेट कंपनियां दोनों सेक्टरों को सप्लाई करती हैं। इनमें लॉन्च रॉकेट, प्रोपल्शन, सैटेलाइट, इलेक्ट्रॉनिक्स और गाइडेंस सिस्टम शामिल हैं। ये ऐसी टेक्नोलॉजी है जिसका इस्तेमाल स्पेस और भारत के बढ़ते मिसाइल और मिलिट्री ड्रोन प्रोग्राम में होता है। इसरो ने सरकार के डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) के साथ सक्रिय तालमेल की तारीफ की है और भारत-रूस के जॉइंट वेंचर, ब्रह्मोस मिसाइल प्रोग्राम के साथ भी उसके करीबी संबंध रहे हैं। इसरो को एवियोनिक्स और गाइडेंस सिस्टम सप्लाई करने वाली कंपनियों को मिलिट्री ऑर्डर में बढ़ोतरी से फायदा हो रहा है। पड़ोसी देश पाकिस्तान के साथ 2025 के टकराव के बाद भारत ने डिफेंस से जुड़ी खरीद पर अरबों डॉलर खर्च किए हैं।

मानवीय मिशन

इसरो अपने पहले क्रू वाले मिशन की भी योजना बना रहा है, जिसके तहत तीन बिना क्रू वाले टेस्ट रन में से पहला 2026 के आखिर में होने की उम्मीद है। ‘गगनयान’ नाम के इस मिशन का मकसद तीन भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को 400 किलोमीटर की कक्षा में तीन दिनों के लिए भेजना है। तैयारियों के हिस्से के तौर पर भारतीय वायु सेना के पायलट शुभांशु शुक्ला 2025 में स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्ष यान से जुड़े और इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंचने वाले पहले भारतीय बने। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि 2035 तक भारत का अपना स्पेस स्टेशन होगा और 2040 तक चांद पर एक अंतरिक्ष यात्री भेजने की योजना है।

Bank Holiday Today: 18 जुलाई को बैंक खुले हैं या बंद? RBI की छुट्टी लिस्ट से करें कन्फर्म

Bank Holiday Today: आज यानी शनिवार, 18 जुलाई 2026 को बैंकों की छुट्टी को लेकर लोगों के बीच काफी कन्फ्यूजन बना हुआ है. बहुत से लोग आज कैश जमा करने, चेक क्लीयरेंस, डिमांड ड्राफ्ट बनवाने या पासबुक अपडेट कराने जैसे जरूरी कामों के लिए बैंक जाने की प्लानिंग कर रहे हैं, लेकिन वे इस उलझन में हैं कि आज उनके नजदीकी बैंक खुले हैं या बंद. आपको बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के अनुसार, देश के सभी सरकारी और प्राइवेट बैंक हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को पूरी तरह बंद रहते हैं, जबकि पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को बैंकों में सामान्य दिनों की तरह कामकाज होता है.

अगर आज या आने वाले दिनों में आपको बैंक जाकर कैश जमा करना है, चेक क्लियर कराना है, पासबुक अपडेट करानी है या कोई जरूरी काम करना है, तो घर से निकलने से पहले RBI की बैंक हॉलिडे लिस्ट जरूर देख लें. हर राज्य में बैंक की छुट्टी एक जैसी नहीं होती. कई बार किसी एक राज्य में बैंक बंद रहते हैं, जबकि बाकी जगह सामान्य तरीके से काम चलता है. ऐसे में पहले से जानकारी होने पर आपका समय भी बचेगा और बैंक जाकर लौटना भी नहीं पड़ेगा.

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18 जुलाई को बैंक खुले हैं या बंद?

अगर आप सोच रहे हैं कि शनिवार 18 जुलाई 2026 को बैंक खुलेंगे या नहीं, तो आपके लिए अच्छी खबर है. आज देश के ज्यादातर राज्यों में सभी सरकारी और प्राइवेट बैंक खुले हैं. RBI के हॉलिडे कैलेंडर के मुताबिक ,आज महीने का तीसरा शनिवार है और तीसरे शनिवार को बैंक सामान्य तरीके से काम करते हैं. यानी SBI, HDFC Bank, ICICI Bank, PNB, Bank of Baroda समेत दूसरे बैंक आज खुले रहेंगे.

आज कहां बंद रहेंगे बैंक?

आज यानी शनिवार को केवल सिक्किम में बैंक बंद रहेंगे. वहां द्रुकपा त्शे जी त्योहार के कारण बैंक की छुट्टी है. गंगटोक समेत सिक्किम के सभी बैंक शाखाओं में आज कामकाज नहीं होगा. इसके अलावा दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता, जयपुर, लखनऊ, पटना, चंडीगढ़, भोपाल, अहमदाबाद, कोच्चि, भुवनेश्वर, रायपुर, देहरादून, शिलांग, गुवाहाटी, नागपुर, श्रीनगर, विजयवाड़ा और देश के बाकी शहरों में बैंक सामान्य तरीके से खुले रहेंगे.

जुलाई में कब-कब बंद रहेंगे बैंक?

जुलाई में अब  26 जुलाई को बैंक बंद रहेंगे. इसके अलावा 25 जुलाई को चौथा शनिवार होने की वजह से पूरे देश में बैंक की छुट्टी रहेगी.

राज्यवार छुट्टियों की बात करें तो 18 जुलाई को सिक्किम में द्रुकपा त्शे जी के कारण बैंक बंद हैं. वहीं 22 जुलाई को त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में खारची पूजा के मौके पर बैंक बंद रहेंगे.

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बैंक बंद होने पर जरूरी काम कैसे निपटाएं?

अगर किसी दिन बैंक की शाखा बंद भी रहती है, तब भी इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और एटीएम की सुविधा पहले की तरह चलती रहती है. SBI, HDFC Bank, ICICI Bank, PNB, Bank of Baroda और दूसरे बैंकों के ग्राहक ऑनलाइन पैसे भेज सकते हैं, बिल भर सकते हैं, बैलेंस चेक कर सकते हैं और बाकी डिजिटल बैंकिंग सर्विस का इस्तेमाल कर सकते हैं.हालांकि बैंक बंद रहने वाले दिन कुछ सर्विस में थोड़ा समय लग सकता है. इसलिए अगर आपका कोई जरूरी बैंक का काम है, तो छुट्टी से पहले उसे पूरा कर लेना बेहतर रहेगा.

ऑनलाइन बैंकिंग रहेगी चालू

बैंक हॉलिडे के दौरान भी ज्यादातर ऑनलाइन सर्विस चलती रहती हैं. आप इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल ऐप के जरिए पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं, डिमांड ड्राफ्ट या चेकबुक के लिए आवेदन कर सकते हैं, कार्ड से जुड़ी सर्विस का इस्तेमाल कर सकते हैं और दूसरी कई बैंकिंग सुविधाओं का लाभ ले सकते हैं.

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घर में LPG सिलेंडर खत्‍म  हो गया है, टेंशन नहीं लें, बस मोबाइल पर इंस्‍टामार्ट ऐप ओपन करें और ग्रॉसरी आइटम्‍स की तरह LPG सिलेंडर ऑर्डर कर दें. कुछ ही मिनटों के भीतर गैस सिलेंडर आपके घर पर होगा. चौंक गए न! ये सच होने वाला है. ऑन-डिमांड सर्विस सबसे पहले बेंगलुरु में लाइव होने जा रही है, जबकि आने वाले समय में अन्‍य शहरों में भी सुविधा शुरू होने की उम्‍मीद है. ग्राहकों को गैस सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि वे घर की अन्य ग्रॉसरी की तरह ही कुछ ही मिनटों में LPG सिलेंडर डिलीवर करवा सकेंगे.

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10 किलो वाले ‘HP नव्या’ कंपोजिट सिलेंडर की एंट्री

सरकारी तेल-गैस कंपनी HPCL और स्विगी के बीच ये पार्टनरशिप केवल होम-डिलीवरी तक सीमित नहीं है, बल्कि ये HPCL के एक बेहद खास और आधुनिक प्रॉडक्‍ट के लॉन्च का भी गवाह बना है. इस टाई-अप के जरिए HPCL का नया 10 किलोग्राम वाला कंपोजिट LPG सिलेंडर ‘एचपी नव्या’ (HP Navya) पहली बार बाजार में कदम रख रहा है. ये सिलेंडर पारंपरिक सिलेंडरों की तुलना में काफी हल्का और सुरक्षित होगा.

पुराना कनेक्‍शन जरूरी नहीं, मिलेंगे ये 2 ऑप्‍शन

गैस सिलेंडर के ऑनलाइन ऑर्डर वाली इस सर्विस को आम लोगों और खासकर युवाओं को ध्यान में रखकर बेहद आसान बनाया गया है. स्विगी इंस्टामार्ट ऐप पर ग्राहकों के लिए 2 ऑप्‍शन होंगे. आप इंस्टामार्ट ऐप पर जाकर नए 10 किलोग्राम वाले ‘एचपी नव्या’ (HP Navya) सिलेंडर ऑर्डर कर सकेंगे. साथ ही पहले से चल रहे 5 किलोग्राम वाले छोटू सिलेंडर भी ऑर्डर कर सकते हैं. इस सेवा की सबसे बड़ी खासियत ये है कि इंस्टामार्ट से गैस सिलेंडर ऑर्डर करने के लिए ग्राहकों के पास पहले से कोई LPG गैस कनेक्शन होना अनिवार्य नहीं है. कोई भी नया यूजर ऐप के जरिए इसे आसानी से बुक कर सकता है.

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शहरी कामकाजी वर्ग को मिलेगी बड़ी राहत

क्विक कॉमर्स के जरिए रसोई गैस की ये ऑन-डेमांड डिलीवरी सेवा खासकर उन छात्रों, कामकाजी पेशेवरों और छोटे परिवारों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है, जो 14.2 किलो वाले गैस सिलेंडर के बुकिंग की लंबी प्रक्रिया और पचड़ों से बचना चाहते हैं. बेंगलुरु में सफल रोल-आउट के बाद, आने वाले समय में कंपनियों की योजना इसे देश के अन्य बड़े शहरों में भी विस्तार देने की है.

SIR में वोटर लिस्ट से नाम हटा तो क्या नहीं मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ? जानिए सुप्रीम कोर्ट का जवाब

नई दिल्ली: बिहार के बाद चुनाव आयोग कई राज्यों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) कर रहा है. इसका मकसद वोटर लिस्ट से फर्जी, डुप्लीकेट और मर चुके लोगों के नाम हटाना है. इस प्रक्रिया में कई लोगों के नाम हट रहे हैं, जिसके बाद सरकारी योजनाओं के लाभ भी बंद होने का दावा किया जा रहा है. ऐसे ही एक मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर हुई, जिस पर बुधवार को सुनवाई हुई. इस दौरान अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि SIR में अगर किसी व्यक्ति का नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया जाता है, तब भी वह राशन जैसी सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभ पाने का हकदार रहेगा. चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच पश्चिम बंगाल के मोहिबुल्ला मंडल की याचिका पर सुनवाई कर रही थी. याचिकाकर्ता ने राज्य के खाद्य और आपूर्ति विभाग के जून में जारी आदेश के आधार पर अपना राशन कार्ड रद्द या निलंबित किए जाने पर रोक लगाने और अपील लंबित रहने तक सब्सिडी वाला राशन जारी रखने की मांग की थी. सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में प्रभावी राहत कलकत्ता हाईकोर्ट ही दे सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट जाने की अनुमति दी.

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सुप्रीम कोर्ट ने क्या-क्या कहा?

सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि अगर आपका नाम वोटर लिस्ट से हटा भी दिया जाता है, तब भी आप कुछ लाभ पाने के हकदार हैं. उन्होंने कहा कि ये लाभ हाईकोर्ट आसानी से दिला सकता है. यदि आपकी अपील स्वीकार हो जाती है, तो पूरा विवाद स्वतः समाप्त हो जाएगा. याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट शादान फरासत ने दलील दी कि बिहार के मामले में सुप्रीम कोर्ट पहले ही साफ कर चुका है कि वोटर लिस्ट से नाम हटने का असर केवल मतदान के अधिकार तक सीमित है. उन्होंने अदालत से इस सिद्धांत को लागू करने की मांग की.  इस पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि जरूरत पड़ी तो हम 100 मामलों में भी यह साफ करेंगे, लेकिन हमें पूरा भरोसा है कि हाईकोर्ट इस सिद्धांत को समझेंगे और उचित राहत देंगे. सुप्रीम कोर्ट ने अपीलीय अथॉरिटी से भी कहा कि वह याचिकाकर्ता की अपील का निपटारा दो महीने के भीतर करने का प्रयास करे. यदि इसके बाद भी शिकायतों का समाधान नहीं होता है, तो याचिकाकर्ता हाईकोर्ट का रुख कर सकता है.

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पहले भी साफ कर चुका है सुप्रीम कोर्ट

इससे पहले बिहार में SIR प्रक्रिया को बरकरार रखने वाले अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया था कि मतदाता सूची से नाम हटने का मतलब नागरिकता खत्म होना नहीं है. अदालत ने कहा था कि चुनाव आयोग किसी व्यक्ति की नागरिकता का अंतिम निर्णय लेने वाला प्राधिकरण नहीं है. वोटर लिस्ट से नाम हटने का प्रभाव केवल इतना है कि संबंधित व्यक्ति मतदान नहीं कर सकता, लेकिन इससे उसकी नागरिकता या उससे जुड़े अन्य अधिकार स्वतः समाप्त नहीं होते.

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सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई के दौरान हंगामा करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रबल प्रताप सिंह को अरेस्ट कर लिया है. उस पर कोर्ट की कार्यवाही में बाधा डालने, सरकारी कर्मचारी के काम में रुकावट पैदा करने और सिक्योरिटी स्टाफ के साथ धक्कामुक्की करने का आरोप है. इस मामले में उसके साथ मौजूद दूसरे आरोपी चंदर भान को भी अरेस्ट किया गया है. दोनों ही आरोपी यूपी के रहने वाले हैं और कानून की पढ़ाई कर रहे हैं. वहीं इस मामले में जस्टिस सूर्यकांत ने सोमवार को चुप्पी तोड़ी थी. उन्होंने घटना को इग्नोर करने लिए कहा और बोले इस तरह की घटनाएं कभी कभी हो जाती हैं, हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को बनाए रखना जरूरी है. उनकी रक्षा और प्रतिष्ठा बरकरार रखी जानी चाहिए.

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सीजेआई को अपशब्द कहने को कोर्ट रूप में पर्चे फेंकने की पूरी कहानी

दिल्ली पुलिस के मुताबिक- ये मामला 10 जुलाई 2026 का है. उस दिन सुप्रीम कोर्ट की कोर्ट नंबर 13 में प्रबल प्रताप एंड अदर बनाम यूपी सरकार मामले की सुनवाई चल रही थी. प्रबल प्रताप खुद अपनी ओर से अदालत में पेश हुए थे. आरोप है कि सुनवाई के दौरान उसने अचानक अभद्र और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया. उसने जजों को ‘ज्यूडिश्यिल सर्वेंट'(Judicial Servants) कहकर संबोधित किया और कहा कि  मिस्टर ज्यूडिश्यिल सर्वेंट मैं आपको लखनऊ के एएसपी के खिलाफ साइबर क्राइम में गिरोह चलाने के आरोप में FIR करने का आदेश देता हूं. इस बात को सुनकर वहां मौजूद जस्टिस केवी विश्वनाथन ने उनसे पूछा कि आप हमें आदेश दे रहे हैं? इतना सुनते ही आरोपी और भड़क गया और सीजेआई सूर्यकांत अपशब्द कहने लगा. उसके हाथ में जो कागज थे उन्हें हवा में फेंक दिए. इसके बाद सुरक्षाकर्मी उसे बाहर ले गए. कुछ देर उसे कोर्ट परिसर में ही डीएसपी के कार्यालय में हिरासत में रखा गया. उस समय उस पर कार्यवाही नहीं की गई. कोर्ट ने ये भी टिप्पणी की थी कि वह बहुत परेशान-हताश और हमें उससे सहानुभूति है.गौरतलब है कि आरोपी प्रबल प्रताप सिहं यूपी के इटावा का रहने वाला है और लखनऊ विश्वविद्यायल से एलएलबी के तीसरे वर्ष का छात्र है. दूसरा आरोपी चंदर भान रायबरेली जिले का रहने वाला है और कानून का दूसरे वर्ष का छात्र है.

सिक्योरिटी अफसरों के साथ धक्कामुक्की की

खैर पुलिस ने गिरफ्तारी को लेकर कहा है कि जब सुप्रीम कोर्ट की सुरक्षा में तैनात स्टाफ ने उसे शांत कराने और व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश की तो उसने सिक्योरिटी अफसर के साथ धक्कामुक्की की और सरकारी काम में बाधा पहुंचाई. सुरक्षाकर्मियों की शिकायत पर तिलक मार्ग थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है.

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आरोपियों के पास मिली थी आपत्तिजनक शब्दों वाली पर्चियां

पुलिस ने आगे बताया कि सुप्रीम कोर्ट में इस हरकत को करने के बाद दोनों आरोपियों का आईएचबीएएस में मेडिकल परीक्षण कराया गया. डॉक्टरों की रिपोर्ट में कहा गया है कि फिलहाल तत्काल मानसिक चिकित्सा या मनोवैज्ञानिक हस्तक्षेप की जरूरत नहीं पाई गई.जांच के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों की कब्जे से आपत्तिजनक शब्दों वाले कई पर्चे भी बरामद किए हैं. पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया है जहां उन्हें दो दिन की पुलिस रिमांड में भेजा गया है. पुलिस उनसे पूछताछ करके ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस घटना के पीछे कोई साजिश या पूर्व योजना तो नहीं थी.

Indian Railway: चलती ट्रेनों से बेडशीट-कंबल की चोरी! रेलवे ने जारी किए चौंकाने वाले आंकड़े, किस राज्य में हो रही सबसे ज्यादा चोरी?

Indian Railway: भारतीय रेल में सफर के दौरान मिलने वाले बेडरोल को लेकर एक हैरान करने वाली और चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है. एसी कोच में सफर करने वाले यात्रियों की सहूलियत के लिए रेलवे हर दिन लाखों की संख्या में बेडरोल बांटता है, लेकिन इनमें से बड़ी तादाद में सामान गायब या चोरी हो रहे हैं. इस बेडरोल में चादर, कंबल, तकिया और तौलिया होता है. इस पूरे मामले पर रेलवे ने स्थिति साफ की है और बताया है कि कैसे चादर और तौलियों की यह गुमशुदगी रेलवे के खजाने और उसकी व्यवस्था पर भारी पड़ रही है.

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रोजाना बटते हैं 8 लाख बेडरोल

अखबार इंडियन एक्सप्रेस की तरफ से दायर आरटीआई के जवाब में रेलवे ने बताया, ट्रेनों में रोजाना लगभग 8 लाख बेडरोल यात्रियों को दिए जाते हैं. एक पूरे बेडरोल सेट में आमतौर पर  2 बेडशीट, 1 कंबल, 1 तकिया, 1 तकिया कवर, 1 फेस टॉवल शामिल होता है.

अगर इस गणित को समझें, तो रेलवे को हर दिन करीब 16 लाख चादरें, 8 लाख कंबल, 8 लाख तकिए, 8 लाख तकिया कवर और 8 लाख फेस टॉवल का इंतजाम करना पड़ता है. इतनी बड़ी व्यवस्था को रोज संभालना अपने आप में एक बहुत बड़ा काम है.

सबसे ज्यादा गायब क्या होता है?

रेलवे के आंकड़ों की मानें तो गायब होने वाली चीजों में सबसे ऊपर फेस टॉवल का नाम आता है. इसका कारण यह है कि तौलिया आकार में छोटा होता है. कई बार यात्री इसे गलती से अपने बैग में रख लेते हैं, या फिर सफर में यह इतना गंदा हो जाता है कि बाद में दोबारा इस्तेमाल के लायक ही नहीं बचता. तौलिए के बाद सबसे ज्यादा गायब होने वाली वस्तु में बेडशीट यानी चादरें शामिल हैं. हालांकि, पिछले कुछ समय से यह चर्चा चल रही थी कि थर्ड एसी में तौलिया देना बंद किया जा सकता है या उसकी जगह पेपर टॉवल दिया जाएगा. हालांकि रेलवे ने इस पर रुख साफ करते हुए कहा है कि फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है.

चोरी रोकने के लिए क्या है रेलवे का नियम?

सामान की सुरक्षा और उसकी गिनती बनाए रखने के लिए रेलवे ने एक पूरी प्रक्रिया तय की है. यात्री के ट्रेन से उतरने के बाद लिनेन अटेंडेंट सभी बेडरोल वापस इकट्ठा करता है. जिस एजेंसी को बेडरोल बांटने और वापस इकट्ठा करने का ठेका दिया जाता है, सामान का पूरा हिसाब रखने की जिम्मेदारी उसी की होती है. अगर चेकिंग के दौरान बेडरोल की कोई भी वस्तु कम मिलती है या चोरी होती है, तो उसकी पूरी कीमत संबंधित एजेंसी के बिल से काट ली जाती है.

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किन इलाकों और डिवीजनों में सबसे ज्यादा चोरी?

रेलवे की ओर से साझा आंकड़ों के मुताबिक, देश के 7 अलग-अलग जोन में फैले 10 डिवीजनों में ही कुल लिनेन चोरी का करीब 67% हिस्सा दर्ज किया गया है. ये प्रमुख डिवीजन राजस्थान (बीकानेर, जोधपुर, जयपुर), बिहार (सोनपुर, दानापुर, रांची), दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद और बिलासपुर को कवर करते हैं. साल 2022 के बाद से चोरी के इन मामलों में जबरदस्त उछाल देखा गया है. सबसे ज्यादा बढ़ोतरी बीकानेर डिवीजन में दर्ज की गई, जहां चोरी की संख्या 2.99 लाख से सीधे बढ़कर 12.34 लाख वस्तुओं तक पहुंच गई. इसके बाद बिहार का सोनपुर डिवीजन आता है, जहां चोरी का आंकड़ा 36,448 से बढ़कर सीधे 3.01 लाख पर पहुंच गया. हालांकि दिल्ली में चोरी का ग्राफ कम होता दिखा है.

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Train Travel Rules: भारतीय रेलवे से जुड़े अनोखे वीडियो अक्सर सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोरते रहते हैं, लेकिन हाल ही में सामने आए एक वीडियो ने हर किसी को हैरान कर दिया है. दरअसल, एक यात्री ने ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच को किसी फाइव स्टार होटल के ‘हनीमून साइट’ की तरह गुब्बारों, गुलाब की पंखुड़ियों और एलईडी लाइटों से चमका दिया. इस वीडियो के वायरल होते ही जहां एक तरफ सोशल मीडिया पर इस ‘रोमांटिक आइडिया’ की चर्चा छिड़ गई. वहीं, दूसरी तरफ रेलवे प्रशासन ने नियमों के उल्लंघन को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई कर दी है.  फर्स्ट एसी कोच में बिना अनुमति इस तरह की सजावट कराने के मामले को रेलवे ने गंभीरता से लिया है. जांच में सामने आया कि डेकोरेटर का एक प्रतिनिधि जालना स्टेशन से कोच में सवार हुआ था और उसने ही इस कंपार्टमेंट को सजाया था, जो रेलवे के सुरक्षा मानकों और नियमों के खिलाफ है. इस लापरवाही के लिए ड्यूटी पर तैनात मुख्य टिकट निरीक्षक (CTI) गिरीश कुमार को तत्काल प्रभाव से रेलवे ने निलंबित कर दिया है. इसके साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है.

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बोगी से लेकर पूरी ट्रेन बुक करने की है व्यवस्था

ऐसे में ये जानना जरूरी हो जाता है कि रेलवे में क्या करने की इजाजत है और क्या करने की इजाजत नहीं है. दरअसल रेलवे में एक सीट से लेकर पूरी बोगी या फिर फिर पूरी ट्रेन तक बुक करने की व्यवस्था है. शादी या ग्रुप टूर के लिए पूरी ट्रेन या कोच बुक किया जा सकता है. अगर आप भी अपनी शादी, धार्मिक यात्रा या फैमिली टूर के लिए पूरा कोच या पूरी स्पेशल ट्रेन बुक करना चाहते हैं, तो रेलवे फुल टैरिफ रेट (FTR) योजना के तहत यह सुविधा देता है. हालांकि, इस दौरान ट्रेन में किसी तरह के बदलाव की इजाजत नहीं होती है. लेकिन, आम तौर पर ऐसी यात्राओं से संबंधित पोस्टर और फूल-मालाओं से ट्रेन को सजाने की तस्वीर अक्सर सामने आती रहती है. इस ताजा मामले में भी रेलवे अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि चूंकि यात्री ने पूरा कंपार्टमेंट बुक किया हुआ था, इसलिए वह प्राइवेसी के दायरे में था.

बोगी या पूरी ट्रेन बुकिंग के जरूरी नियम

  • यात्रा की तारीख से न्यूनतम 30 दिन पहले और अधिकतम 6 महीने पहले बुकिंग की जा सकती है.
  • किसी रेगुलर ट्रेन में तकनीकी उपलब्धता के आधार पर अधिकतम 2 कोच बुक किए जा सकते हैं.
  • अगर पूरी स्पेशल ट्रेन बुक करनी है, तो उसमें कम से कम 18 कोच (2 जनरेटर/SLR कोच अनिवार्य) और अधिकतम 24 कोच होने चाहिए.
  • चार्टर्ड कोच केवल उन्हीं स्टेशनों पर जोड़े या हटाए जा सकते हैं, जहां उस ट्रेन का कम से कम 5 मिनट का स्टॉपेज हो.

 कितना आता है खर्च (Security Deposit)?

  •  एक कोच के लिए: ₹50,000 का रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट करना होता है.
  •  पूरी ट्रेन के लिए: कम से कम ₹9 लाख (18 कोच × ₹50,000) का रिफंडेबल डिपॉजिट कराना होता है.
  • नोट- ध्यान रहे कि यह सिर्फ सिक्योरिटी डिपॉजिट है, यात्रा का वास्तविक किराया रूट के अनुसार अलग से देना होगा. ऑनलाइन बुकिंग पर कुल किराए पर 5% सुविधा शुल्क भी लगता है.

ये हैं बुकिंग का ऑनलाइन और ऑफलाइन तरीका

  1. ऑनलाइन: IRCTC के FTR पोर्टल (`ftr.irctc.co.in`) पर जाएं, रजिस्ट्रेशन करें, अपनी यात्रा की डिटेल भरें और सिक्योरिटी डिपॉजिट का भुगतान कर FTR रेफरेंस नंबर प्राप्त करें.
  2. ऑफलाइन: यात्रा शुरू होने वाले स्टेशन के मुख्य आरक्षण पर्यवेक्षक (CRS) या स्टेशन मैनेजर को लिखित आवेदन दें. इसके साथ आपको कार्यक्रम का विवरण जैसे शादी का कार्ड और यात्रियों की सूची जमा करानी होगी.

 ट्रेन सफर से पहले जान लें ये नियम

ट्रेन में सफर से लेकर साथ ले जाने वाले सामान की भी सूची भी तय की गई है. इसके साथ इन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के भी प्रावधान है. दरअसल, ट्रेन में यात्रा के दौरान क्या ले जाने की अनुमति है और क्या नहीं. भारतीय रेलवे अधिनियम, 1989 के तहत यात्री अपने निजी उपयोग की चीजें तय सीमा तक मुफ्त ले जा सकते हैं.

क्सास के मुताबिक मुफ्त सामान ले जाने की सीमा

  •  AC फर्स्ट क्लास: 70 किलोग्राम तक
  •  AC 2 टियर: 50 किलोग्राम तक
  •  AC 3 टियर / AC चेयर कार: 40 किलोग्राम तक
  •  स्लीपर क्लास: 30 किलोग्राम तक
  • तय सीमा से अधिक सामान होने पर उसे ब्रेक वैन या लगेज वैन में शुल्क देकर बुक कराना जरूरी है.

  क्या ले जाने की है इजाजत?

  1. कपड़े, जूते, सूटकेस, बैग और साबुन, शैम्पू आदि.
  2.  मोबाइल, लैपटॉप और छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण.
  3.  यात्रा के लिए घर का बना या पैक किया हुआ भोजन.
  4.   निजी उपयोग के लिए सीलबंद शराब की बोतल, बशर्ते गंतव्य राज्य में शराबबंदी न हो. हालांकि, ट्रेन के भीतर शराब पीना पूरी तरह मना है.
  5.  पालतू जानवर (सिर्फ फर्स्ट क्लास या एसी फर्स्ट क्लास में, अग्रिम बुकिंग और निर्धारित नियमों के तहत.

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इन चीजों पर है पूरी तरह प्रतिबंध

  • ट्रेन में पटाखे, बारूद
  • बिना लाइसेंस के हथियार
  • पेट्रोल, डीजल, केरोसिन, गैस सिलेंडर,
  • स्टोव, हीटर, तेजाब या कोई भी खतरनाक रसायन ले जाना सख्त मना है.
  • इसके अलावा बदबूदार, गंदे या मरे हुए जानवर जैसी चीजें भी प्रतिबंधित हैं.

नियम तोड़ने पर है सजा का प्रावधान

रेलवे अधिनियम की धारा 164 और 165 के तहत प्रतिबंधित और खतरनाक सामान लेकर यात्रा करना दंडनीय अपराध है. ऐसा करने पर 3 साल तक की जेल, 10,000 रुपये तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं.

Cloudburst in Kashmir: अनंतनाग में 60 मिनट में दो बार बादल फटा, पहलगाम में मची तबाही; होटलों में घुसा पानी, नदियां उफान पर

Cloudburst in Kashmir: कश्मीर के अनंतनाग जिले में 60 मिनट में बादल फटने की दो घटनाएं हुई है. शनिवार की रात यहां एक बादल फटा है. पहलगाम और शांगस इलाके में बाढ़ आ गई है. यहां होटलों और घरों में पानी घुस गया है. जिससे पर्यटन भी प्रभावित हुआ है. मौसम विभाग और प्रशासन ने पर्यटकों सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं और बारिश में बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है. वहीं बादल फटने से खेती और फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है. बाढ़ की स्थिति के बाद राहत टीमें मौके पर पहुंच गई हैं. मौसम विभाग ने कश्मीर में अगले 24 घंटे तक तेज बारिश होने की संभावना जताई है.

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पहलगाम में बाढ़

अनंतनाग में बादल फटने के बाद पहलगाम और शंगुस में अचानक से भीषण बाढ़ आ गई. यहां पानी होटलों और घरों में घुस गया. पानी की रफ्तार इतनी तेज थी कि देखते ही देखते रिहायशी इलाकों, खेतों और होटलों में मलबा जमा हो गया. अच्छी बात यह है कि इस पूरी तबाही के बीच किसी भी तरह की जनहानि की कोई खबर अब तक नहीं है. लेकिन नुकसान इलाके में हुआ है. बादल फटने के बाद स्थानीय प्रशासन एक्टिव बना हुआ है, मौके पर राहत-बचाव दल की टीमें लगी है. क्योंकि कई जगहों पर भूस्खलन भी हुआ है. जिससे मलबा जमा था, जिसे हटाने का काम जारी है. वहीं अनंतनाग जिले में ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ है.

60 मिनट में 2 बार फटा बादल 

अनंतनाग जिले में 60 मिनट के भीतर 2 बार बादल फटने की घटना सामने आई है. बादल फटने की पहली घटना  शंगुस के चटरगुल के ऊपरी पर्वतीय इलाकों में हुई थी. बादल फटने से आरिपथ नाले का जलस्तर खतरनाक तरीके से बढ़ गया. पहाड़ों से उतरा यह सैलाब अपने साथ भारी मात्रा में कीचड़, विशालकाय पत्थर और पेड़ों का मलबा लेकर आया था.  यह पानी सीधे स्थानीय लोगों के खेतों और सेब के बागों में घुस गया, जिससे खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है. स्थानीय लोगों के मुताबिक कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका एक दरिया में तब्दील हो गया था. यहां पानी भरने से भारी नुकसान हुआ है. इसके बाद पहलगाम के ओवेरा वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी क्षेत्र में दूसरा बादल फट गया. इसके चलते ओवेरा नाले में आई बाढ़ का पानी करीब आधा दर्जन होटलों, शानदार रिसॉर्ट्स और स्थानीय लोगों के घरों में घुस गया. अचानक आए इस सैलाब से पर्यटकों और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया.

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अनंतनाग में अलर्ट जारी 

बादल फटने के बाद अनंतनाग में रविवार को भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.  जिला प्रशासन ने तुरंत सभी विभागों को हाई अलर्ट पर डाल दिया. ओवेरा नाले के पास स्थित होटलों में फंसे सभी पर्यटकों को रेस्क्यू टीमों की मदद से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. प्रशासन ने गाइडलाइन जारी कर स्थानीय लोगों और पर्यटकों को आरिपथ और ओवेरा नाले सहित सभी जल निकायों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है. फिलहाल राहत और बचाव दल मलबे को हटाने और नुकसान का सटीक आकलन करने में जुटे हैं.

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Bank Holiday on 11 July 2026: अगर आज 11 जुलाई 2026 को आपका बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम है, तो घर से निकलने से पहले एक बार यह जरूर चेक कर लें कि आपके शहर में बैंक खुला है या बंद (Bank Open or Closed Today). कई बार लोग चेक जमा कराने, पासबुक अपडेट कराने, कैश निकालने या दूसरे जरूरी काम के लिए बैंक पहुंच जाते हैं और वहां जाकर पता चलता है कि छुट्टी है. खासकर शनिवार की छुट्टी (Saturday Bank Holiday) को लेकर अक्सर लोगों के मन में यही सवाल रहता है कि बैंक खुले हैं या नहीं (Bank Open or Not Today). ऐसे में बैंक जाने से पहले RBI की छुट्टियों की लिस्ट देख लेना बेहतर रहेगा.

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आज 11 जुलाई को बैंक खुले हैं या बंद?

आज 11 जुलाई 2026 को महीने का दूसरा शनिवार है. RBI के बैंक हॉलिडे कैलेंडर के मुताबिक दूसरे शनिवार की वजह से देशभर में सभी सरकारी और निजी बैंक बंद रहेंगे. यानी आज SBI, HDFC Bank, ICICI Bank, Punjab National Bank समेत सभी बैंकों की ब्रांच में कामकाज नहीं होगा. इसलिए अगर आपका कोई ऐसा काम है जिसके लिए बैंक ब्रांच जाना जरूरी है, तो वह आज नहीं हो पाएगा. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियम के अनुसार देश के सभी सरकारी और प्राइवेट बैंक हर रविवार के साथ साथ महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते हैं. इसके अलावा अलग-अलग राज्यों में स्थानीय त्योहारों और खास मौकों पर भी बैंक छुट्टी रहती है. इसी वजह से हर शहर की बैंक छुट्टी एक जैसी नहीं होती.

जुलाई में कब-कब बंद रहेंगे बैंक?

RBI के कैलेंडर के मुताबिक, जुलाई 2026 में कुल 12 दिन बैंक बंद रहेंगे. इनमें राष्ट्रीय और स्थानीय छुट्टियों के साथ दूसरे शनिवार, चौथे शनिवार और सभी रविवार की छुट्टियां शामिल हैं.

  • 11 जुलाई को दूसरे शनिवार की वजह से पूरे देश में बैंक बंद हैं.
  • 12 जुलाई को रविवार होने के कारण सभी बैंक बंद रहेंगे.
  • 16 जुलाई को भुवनेश्वर में रथ यात्रा, देहरादून में हरेला और इंफाल में कांग (रथ यात्रा) के मौके पर बैंक बंद रहेंगे.
  • 17 जुलाई को शिलांग में यू तिरोत सिंह की पुण्यतिथि के कारण बैंक बंद रहेंगे.
  • 18 जुलाई को गंगटोक में द्रुकपा त्से जी के अवसर पर बैंक बंद रहेगा.
  • 22 जुलाई को अगरतला में खारची पूजा की वजह से बैंक में छुट्टी रहेगी.
  • 25 जुलाई को महीने का चौथा शनिवार और 26 जुलाई को रविवार होने के कारण पूरे देश में बैंक बंद रहेंगे.

क्या बैंक बंद होने पर आपके जरूरी काम रुक जाएंगे?

अगर आज बैंक की ब्रांच बंद है तो घबराने की जरूरत नहीं है. सिर्फ ब्रांच में होने वाले काम जैसे चेक क्लीयरेंस, पासबुक अपडेट, कैश काउंटर से लेनदेन और दूसरे ब्रांच वाले काम ही नहीं हो पाएंगे. बाकी ज्यादातर बैंकिंग सेवाएं पहले की तरह चलती रहेंगी.

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बैंक बंद होने पर भी चालू रहेंगी ये सर्विस

बैंक की ऑनलाइन बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग 24 घंटे चालू रहेंगी. आप UPI के जरिए Google Pay, PhonePe, Paytm या अपने बैंक के मोबाइल ऐप से पैसे भेज कर सकते हैं. जरूरत पड़ने पर किसी भी नजदीकी ATM से कैश भी निकाल सकते हैं. NEFT, RTGS जैसी ऑनलाइन फंड ट्रांसफर सेवाओं का भी इस्तेमाल किया जा सकता है. डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और ATM कार्ड से जुड़े कई काम भी ऑनलाइन किए जा सकते हैं.

इसके अलावा खाते से जुड़े कई आवेदन और दूसरी डिजिटल बैंकिंग सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी. हालांकि कभी-कभी बैंक की तरफ से तय समय पर मेंटेनेंस के कारण कुछ सर्विस थोड़ी देर के लिए प्रभावित हो सकती हैं, जिसकी जानकारी बैंक पहले ही दे देते हैं.

बैंक जाने से पहले छुट्टी जरूर कर लें चेक

अगर आपको बैंक ब्रांच जाकर कोई जरूरी काम कराना है तो घर से निकलने से पहले RBI की बैंक हॉलिडे लिस्ट या अपनी बैंक ब्रांच से छुट्टी की जानकारी जरूर देख लें. इससे आपका समय बचेगा और बेवजह की भागदौड़ से भी बच जाएंगे.

100 KM दूर से दुश्मन का होगा खात्मा! टारगेट लॉक होते ही अचूक वार करती है भारत की ‘अस्त्र’ मिसाइल

भारत डिफेंस सेक्टर में तेजी से आत्मनिर्भर होता जा रहा है. भारत खुद के लिए तो एडवांस मिसाइलों से लेकर फाइटर जेट बना रहा है साथ ही दुनिया के दूसरे देशों को एक्सपोर्ट भी कर रहा है. हाल ही में पीएम मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान ऐसी ही एक भारतीय मिसाइल की डील हुई है. यह मिसाइल है ‘अस्त्र’. ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल के बाद अब इंडोनेशिया ने भारत की स्वदेशी ‘अस्त्र’ (Astra) मिसाइल खरीदने का फैसला किया है. आखिर इस स्वदेशी मिसाइल की ऐसी क्या खासियत है जो पूरी दुनिया में इसकी डिमांड बढ़ रही है? आइए बताते हैं.

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इंडोनेशिया ने अस्त्र मिसाइल खरीदने का किया फैसला

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान इंडोनेशिया ने अस्त्र मिसाइल खरीदने का फैसला किया. ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के बाद इंडोनेशिया द्वारा भारत की स्वदेशी ‘अस्त्र’ एयर-टू-एयर मिसाइल खरीदने का फैसला भारतीय तकनीक पर वैश्विक भरोसे को दिखाता है. इंडोनेशिया न केवल अस्त्र खरीद रहा है, बल्कि अतिरिक्त कोस्टल डिफेंस बैटरी के साथ अपनी ब्रह्मोस इन्वेंट्री को भी बढ़ा रहा है.

क्यों खास और अनोखी है अस्त्र मिसाइल?

अस्त्र एयर-टू-एयर मिसाइल को DRDO ने डेवलेप किया है. यह बियॉन्ड-विजुअल-रेंज (BVR) एयर-टू-एयर मिसाइल है. यानी यह मिसाइल फाइटर जेट्स को बिना दुश्मन के सीधे संपर्क में आए, विजुअल रेंज से बहुत दूर तबाह कर सकती है. यह करीब 100 किमी दूर तक कुछ सेकंड में टारगेट का खात्म करने की ताकत रखती है.

टारगेट लॉक होने पर नहीं बच पाएगा दुश्मन

DRDO ने अस्त्र मिसाइल में एक्टिव रडार सीकर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है. जो अंतिम क्षणों में दुश्मन के लड़ाकू विमानों को ट्रैक कर उन्हें सटीक निशाना बनाती है. एक बार टारगेट लॉक हो जाने पर दुश्मन के विमान का इससे बचना नामुमकिन हो जाता है.

कई फाइटर जेट के साथ होंगे इंटीग्रेट

अस्त्र की सबसे बड़ी खूबी इसका अलग-अलग फाइटर जेट के साथ आसानी से इंटीग्रेट हो जाना है. इसे भारतीय वायुसेना के फ्रंट लाइन के फाइटर जेट सुखोई-30MKI और स्वदेशी LCA तेजस के साथ पहले ही इंटीग्रेट किया जा चुका है. भविष्य में इसे तेजस Mk-2 और भारत के पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर  एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) के लिए भी मुख्य हथियार के रूप में शामिल किया जाएगा.

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दुनिया के कई देशों ने दिखाई दिलचस्पी

इंडोनेशिया ने अस्त्र मिसाइल को खरीदने का फैसला कर लिया है. दुनिया के अन्य कई देशों ने भी इसमें अपनी दिलचस्पी दिखाई है. इंडोनेशिया के अलावा ब्राजील अपने ग्रिपेन लड़ाकू विमानों के लिए और आर्मेनिया अपने Su-30 फाइटर जेट के लिए इसे खरीदने पर विचार कर रहे हैं. इसके साथ ही वियतनाम, मलेशिया और अल्जीरिया जैसे देशों ने भी अस्त्र मिसाइल खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है. यह बताता है कि भारत अब केवल दुनिया से हथियारों का खरीदार नहीं रहा बल्कि स्वदेशी तकनीक के दम पर ब्रह्मोस, अस्त्र, आकाश और आकाशतीर जैसे एडवांस डिफेंस सिस्टम के साथ ‘डिफेंस सुपरपावर’ बनकर उभर रहा है.