Tuesday, October 27, 2026
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CG News: कन्या आवासीय विद्यालय में छात्रा की मौत, बंद कमरे में फंदे पर लटका मिला शव

कांकेर : छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के दुर्गूकोंदल स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस कन्या आवासीय विद्यालय में कक्षा 12वीं की छात्रा का शव उसके कमरे में फंदे पर लटका मिला। छात्रा तुमरीसुर गांव की रहने वाली थी और पिछले करीब छह वर्षों से छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। फिलहाल छात्रा की मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है।

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जानकारी के अनुसार, 23 अक्टूबर को तबीयत खराब होने के कारण छात्रा के पिता उसे घर ले गए थे। इसके बाद 26 अक्टूबर की सुबह उसके मामा उसे वापस छात्रावास छोड़ने आए थे। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, सोमवार दोपहर के बाद छात्रा कक्षा में नहीं गई और अपने कमरे में ही रही। शाम करीब पांच बजे अन्य छात्राएं जब कमरे में लौटीं, तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। छात्रावास अधीक्षक को सूचना देने के बाद दरवाजा खोला गया, जहां छात्रा का शव सीलिंग फैन से दुपट्टे के सहारे लटका मिला।

पुलिस और प्रशासन ने घटनास्थल का किया निरीक्षण

घटना की जानकारी मिलने पर भानुप्रतापपुर के एसडीएम अनिकेत फडतरे सहित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। छात्रा के परिजन भी वहां पहुंचे। जरूरी कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भानुप्रतापपुर ले जाया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

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बताया जा रहा है कि छात्रा पढ़ाई में अच्छी थी और लंबे समय से छात्रावास में रहकर अध्ययन कर रही थी। उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसे लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। दुर्गूकोंदल पुलिस मामले की जांच कर रही है। मौत के कारणों का खुलासा जांच और संबंधित साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगा।

ट्रेन में अब खाना ही नहीं, दवाइयां और मोबाइल चार्जर भी मंगा सकेंगे यात्री, रेलवे ने शुरू की नई सुविधा

नई दिल्ली : ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। यात्रा के दौरान अगर आप मोबाइल चार्जर, दवाइयां या रोजमर्रा की जरूरत का कोई सामान लाना भूल गए हैं, तो अब परेशान होने की जरूरत नहीं है। यात्री चलती ट्रेन के सफर के दौरान Blinkit के जरिए जरूरी सामान ऑर्डर कर सकेंगे। हालांकि, यह सुविधा फिलहाल चुनिंदा स्टेशनों पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई है।

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अब तक ट्रेन में ऑनलाइन फूड डिलीवरी के जरिए खाना मंगाने की सुविधा काफी लोकप्रिय रही है। इसी दिशा में एक कदम आगे बढ़ाते हुए रेलवे ने यात्रियों तक जरूरी सामान पहुंचाने की पहल की है। इस सुविधा से यात्रियों को सफर के दौरान अचानक जरूरत पड़ने पर सामान खरीदने में आसानी हो सकती है।

रेलवे और ब्लिंकिट के बीच हुआ समझौता

रेलवे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए लगातार नए प्रयोग कर रहा है। इसी कड़ी में सदर्न रेलवे के सलेम डिवीजन ने क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Blinkit के साथ समझौता किया है। फिलहाल इस सुविधा को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है। इसके परिणामों के आधार पर भविष्य में इसे दूसरे रेलवे स्टेशनों तक भी विस्तार दिया जा सकता है।

इन जरूरी सामानों का कर सकेंगे ऑर्डर

इस सुविधा के तहत यात्री अपनी जरूरत के मुताबिक कई तरह के सामान मंगा सकते हैं। इनमें शामिल हैं:

  • दवाइयां और मेडिकल संबंधी सामान
  • मोबाइल चार्जर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक एक्सेसरीज
  • पर्सनल केयर और हाइजीन प्रोडक्ट्स
  • खाने-पीने की चीजें और स्नैक्स
  • बच्चों की जरूरत का सामान

हालांकि, सामान की उपलब्धता संबंधित स्टेशन पर Blinkit की सेवा और स्टॉक पर निर्भर करेगी।

ट्रेन में सामान मंगाने के लिए क्या करना होगा?

यात्रा के दौरान जरूरी सामान ऑर्डर करने के लिए यात्रियों को कुछ आसान स्टेप्स फॉलो करने होंगे।

  1. सबसे पहले अपने मोबाइल में Blinkit ऐप खोलें।
  2. उस रेलवे स्टेशन की लोकेशन या पिन कोड दर्ज करें, जहां से सामान लेना चाहते हैं।
  3. अपनी जरूरत के सामान को चुनकर कार्ट में जोड़ें।
  4. ऑर्डर करते समय ट्रेन का नाम, ट्रेन नंबर, कोच और बर्थ से जुड़ी जानकारी दर्ज करें।
  5. ट्रेन के निर्धारित स्टेशन पर पहुंचने के बाद संबंधित डिलीवरी पॉइंट से अपना सामान प्राप्त करें।

ऑर्डर करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

यात्रियों को ऑर्डर करने से पहले यह जांच लेना चाहिए कि संबंधित रेलवे स्टेशन पर Blinkit की सुविधा उपलब्ध है या नहीं। इसके साथ ही ट्रेन के स्टॉपेज का समय और डिलीवरी से जुड़ी जानकारी भी जरूर देख लें, ताकि सामान प्राप्त करने में परेशानी न हो।

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फिलहाल यह सुविधा सीमित स्तर पर शुरू की गई है। यदि पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो आने वाले समय में अन्य स्टेशनों पर भी यात्रियों को इसका लाभ मिल सकता है।

November 1 Rules Change: 1 नवंबर से लागू होंगे नए नियम, स्पैम कॉल्स पर लगाम से लेकर गाड़ियों की एंट्री तक बदलेंगे ये बड़े नियम

November 1 Rules Change: 1 नवंबर 2026 से देश में आम लोगों से जुड़े कई अहम बदलाव लागू होने की संभावना है। इनमें स्पैम और फर्जी कॉल्स पर लगाम लगाने के लिए कॉलर ID व्यवस्था, दिल्ली-NCR में प्रदूषण नियंत्रण के लिए वाहनों पर प्रतिबंध और LPG सिलेंडर समेत अन्य ईंधन की कीमतों में संशोधन जैसे मुद्दे शामिल हैं। इन बदलावों का असर मोबाइल यूजर्स, वाहन चालकों और आम उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है।

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हर महीने की पहली तारीख को कई जरूरी सेवाओं और ईंधन की कीमतों की समीक्षा की जाती है। ऐसे में नवंबर की शुरुआत भी कई महत्वपूर्ण नियमों और संभावित बदलावों को लेकर चर्चा में है। आइए जानते हैं, 1 नवंबर से जुड़े इन प्रमुख मुद्दों के बारे में।

दिल्ली-NCR में नॉन-BS6 वाहनों पर लग सकती है रोक

सर्दियों के दौरान दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए वाहनों से होने वाले उत्सर्जन पर नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाए जाते हैं। इसी क्रम में 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक नॉन-BS6 वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लागू होने की बात कही जा रही है।

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत पुराने उत्सर्जन मानकों वाले वाहनों की दिल्ली में एंट्री और संचालन प्रभावित हो सकता है। हालांकि, प्रतिबंध किन वाहनों पर लागू होगा, किन्हें छूट मिलेगी और नियमों का उल्लंघन करने पर कितना जुर्माना लगेगा, इसकी पुष्टि संबंधित सरकारी आदेश से करना जरूरी है।

मोबाइल यूजर्स के लिए कॉलर ID व्यवस्था

स्पैम कॉल और साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच कॉल करने वाले की पहचान बताने वाली व्यवस्था को लेकर भी चर्चा है। इस तरह की सुविधा का उद्देश्य अनजान नंबरों से आने वाली कॉल के बारे में यूजर्स को अधिक जानकारी देना और फर्जी कॉल के जोखिम को कम करना है।

प्रस्तावित व्यवस्था में टेलीकॉम कंपनियों के KYC रिकॉर्ड के आधार पर कॉल करने वाले का नाम फोन स्क्रीन पर दिखाने की बात कही जा रही है। इससे लोगों को अनजान नंबरों की पहचान करने में मदद मिल सकती है और अलग से Truecaller जैसे ऐप पर निर्भरता कम हो सकती है।

हालांकि, 1 नवंबर 2026 से सभी 4G और 5G यूजर्स के लिए यह सुविधा अनिवार्य रूप से शुरू होने की तारीख और इसके लागू होने की शर्तों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।

LPG सिलेंडर की कीमतों में हो सकता है बदलाव

हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां LPG सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। ऐसे में 1 नवंबर को घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडरों की नई दरें जारी की जा सकती हैं।

कीमतों में बदलाव का असर घरों के रसोई बजट से लेकर होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों के खर्च पर पड़ सकता है। हालांकि, सिलेंडर के दाम बढ़ेंगे या घटेंगे, यह तेल कंपनियों की ओर से जारी आधिकारिक दरों के बाद ही स्पष्ट होगा।

CNG-PNG और जेट फ्यूल के दामों पर भी नजर

LPG के अलावा CNG, PNG और विमानन टरबाइन ईंधन यानी ATF की कीमतों में भी संशोधन की संभावना पर नजर रहेगी। इन ईंधनों की दरों में बदलाव होने पर परिवहन, घरेलू गैस आपूर्ति और हवाई यात्रा की लागत प्रभावित हो सकती है।

फिलहाल, इनकी नई कीमतों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित कंपनियों की आधिकारिक घोषणाओं का इंतजार करना होगा।

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आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?

नवंबर की शुरुआत में होने वाले संभावित बदलावों का असर अलग-अलग क्षेत्रों में दिखाई दे सकता है। कॉलर ID व्यवस्था लागू होने पर मोबाइल यूजर्स को अनजान कॉल पहचानने में मदद मिल सकती है। वहीं, दिल्ली में वाहनों से जुड़े प्रतिबंध लागू होने पर वाहन चालकों को अपने वाहन के उत्सर्जन मानक और लागू नियमों की जानकारी रखनी होगी। इसके अलावा, LPG और अन्य ईंधनों की नई दरें घरेलू बजट तथा परिवहन खर्च को प्रभावित कर सकती हैं।

ध्यान दें: इन बदलावों की प्रभावी तारीख, दायरे और शर्तों की पुष्टि संबंधित सरकारी अधिसूचनाओं तथा तेल कंपनियों की आधिकारिक घोषणाओं से जरूर करें।

रेलवे का खास नियम! इन लोगों को 12 महीने पहले टिकट बुक करने की मिलती है सुविधा, जानें कौन हैं पात्र

भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेन टिकट की एडवांस बुकिंग से जुड़े अलग-अलग नियम बनाए हैं। सामान्य यात्रियों के लिए जहां एडवांस रिजर्वेशन की समय-सीमा 60 दिन है, वहीं कुछ विशेष श्रेणियों के यात्रियों को इससे कहीं पहले टिकट बुक करने की सुविधा मिलती है। इनमें विदेशी पर्यटक और अनिवासी भारतीय (NRI) शामिल हैं, जिन्हें कुछ शर्तों के तहत यात्रा से 365 दिन पहले तक टिकट रिजर्व करने की सुविधा दी जाती है।

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कौन कर सकता है 365 दिन पहले टिकट बुकिंग?

रेलवे की यह विशेष सुविधा आम यात्रियों के लिए नहीं है। इसका लाभ विदेशी पर्यटकों और NRI को मिलता है, जो भारत में अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाना चाहते हैं। इस व्यवस्था के तहत पात्र यात्री सामान्य एडवांस रिजर्वेशन अवधि से काफी पहले अपनी ट्रेन की टिकट बुक कर सकते हैं।

टिकट बुक करने के लिए जरूरी हैं ये शर्तें

इस विशेष सुविधा का लाभ उठाने के लिए यात्रियों को कुछ जरूरी नियमों का पालन करना होता है। बुकिंग के दौरान वैध विदेशी पासपोर्ट की जानकारी आवश्यक होती है। इसके अलावा, IRCTC पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन या टिकट बुकिंग के लिए अंतरराष्ट्रीय मोबाइल नंबर देना पड़ सकता है, जिसका OTP के जरिए सत्यापन किया जाता है।

हालांकि, यह सुविधा सभी ट्रेनों और सभी श्रेणियों में उपलब्ध नहीं होती। उपलब्धता और लागू नियमों के अनुसार, इसका लाभ चुनिंदा प्रीमियम श्रेणियों में ही लिया जा सकता है, जिनमें फर्स्ट एसी, सेकंड एसी और एग्जीक्यूटिव क्लास शामिल हैं।

क्यों शुरू की गई थी यह सुविधा?

विदेशी पर्यटक अक्सर भारत घूमने के लिए कई महीने पहले यात्रा की योजना बनाते हैं। ऐसे में उनके लिए समय रहते ट्रेन टिकट उपलब्ध कराना जरूरी होता है। इसी उद्देश्य से रेलवे ने वर्ष 2017 में विदेशी पर्यटकों के लिए लंबी एडवांस बुकिंग अवधि की सुविधा शुरू की थी। इससे पर्यटकों को अपनी यात्रा की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलती है।

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ध्यान दें: टिकट बुक करने से पहले IRCTC और भारतीय रेलवे के आधिकारिक पोर्टल पर लागू नियमों, पात्रता और संबंधित ट्रेन में उपलब्धता की पुष्टि जरूर करें।

Driving Licence New Rules: अब ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी कई सेवाएं होंगी मुफ्त? सरकार ने नए नियमों का ड्राफ्ट किया जारी, जानें क्या बदलेगा

Driving Licence New Rules: देश में ड्राइविंग लाइसेंस (DL) से जुड़ी सेवाओं को आसान, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए केंद्र सरकार ने नई पहल की है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने ड्राइविंग लाइसेंस नियमों में संशोधन के लिए नया ड्राफ्ट जारी किया है। इसमें लाइसेंस में पता, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी अपडेट कराने जैसी कई सेवाओं को मुफ्त करने का प्रस्ताव है। साथ ही, आवेदनों के निपटारे के लिए समयसीमा तय करने और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने की तैयारी भी की गई है।

मंत्रालय ने इस प्रस्तावित ड्राफ्ट पर आम लोगों और संबंधित पक्षों से अगले 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। फिलहाल ये बदलाव प्रस्तावित हैं। अंतिम नियमों में क्या प्रावधान लागू होंगे, यह सरकार की आगे की प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगा।

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1. DL में पता, मोबाइल नंबर और ईमेल अपडेट कराना होगा मुफ्त

प्रस्तावित नियमों के मुताबिक, ड्राइविंग लाइसेंस में पता, मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी बदलवाने अथवा अपडेट कराने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसका उद्देश्य लोगों को अपने लाइसेंस में दर्ज जानकारी समय पर अपडेट कराने के लिए प्रोत्साहित करना है।

2. आधार आधारित ऑनलाइन ऑथेंटिकेशन पर नहीं लगेगा शुल्क

सरकार सारथी पोर्टल या अन्य डिजिटल माध्यमों से आधार आधारित ऑनलाइन ऑथेंटिकेशन के जरिए मिलने वाली सेवाओं को भी मुफ्त करने का प्रस्ताव लेकर आई है। इससे ऑनलाइन माध्यम से लाइसेंस संबंधी सेवाओं का लाभ लेने वाले लोगों को राहत मिल सकती है।

3. आवेदन पर फैसला लेने के लिए तय होगी समयसीमा

ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी प्रक्रियाओं में अनावश्यक देरी रोकने के लिए ड्राफ्ट में अधिकारियों के लिए समयसीमा निर्धारित करने का प्रस्ताव है। इसके तहत अलग-अलग सेवाओं के लिए निम्न प्रावधान किए गए हैं:

  • नाम या अन्य जरूरी विवरण में बदलाव: आवेदन पर 15 दिनों के भीतर फैसला लेने का प्रस्ताव है।
  • पते में बदलाव: यदि संबंधित विभाग 30 दिनों के भीतर आवेदन पर निर्णय नहीं लेता है, तो आवेदन को स्वतः मंजूर मानने का प्रावधान प्रस्तावित है।
  • वाहन की कैटेगरी हटाना: लाइसेंस से किसी वाहन श्रेणी को हटाने के आवेदन पर सात दिनों के भीतर स्वतः कार्रवाई का प्रस्ताव है।

इन प्रावधानों का उद्देश्य लाइसेंस से जुड़े कामकाज को अधिक जवाबदेह और समयबद्ध बनाना है।

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4. नया Form 2A, आवेदन प्रक्रिया होगी आसान

ड्राफ्ट में ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित विभिन्न सेवाओं के लिए नया Form 2A लाने का प्रस्ताव भी शामिल है। इसके तहत लाइसेंस का नवीनीकरण, डुप्लीकेट लाइसेंस बनवाने और लाइसेंस में नई वाहन श्रेणी जोड़ने जैसी सेवाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने की तैयारी है।

इसके अलावा, सारथी पोर्टल पर आवेदन करते समय पहले से उपलब्ध कुछ जानकारियों को ऑटो-फिल करने की व्यवस्था प्रस्तावित है। इससे बार-बार एक जैसी जानकारी भरने की जरूरत कम हो सकती है।

5. बिजली और LPG बिल बन सकेंगे एड्रेस प्रूफ

पते से जुड़े दस्तावेजों की प्रक्रिया आसान करने के लिए बिजली बिल और घरेलू गैस यानी LPG बिल को भी पते के प्रमाण के रूप में स्वीकार करने का प्रस्ताव है। इसके लिए शर्त रखी गई है कि संबंधित बिल तीन महीने से अधिक पुराना नहीं होना चाहिए।

यदि यह प्रावधान लागू होता है, तो आवेदकों को पते के प्रमाण के लिए वैकल्पिक दस्तावेज उपलब्ध कराने में सुविधा मिल सकती है।

6. इमरजेंसी कॉन्टैक्ट और ऑर्गन डोनर का विकल्प

प्रस्तावित बदलावों में ड्राइविंग लाइसेंस आवेदन फॉर्म में आपातकालीन संपर्क (Emergency Contact) की जानकारी देना अनिवार्य करने का प्रावधान भी शामिल है। इससे दुर्घटना या किसी आपात स्थिति में संबंधित व्यक्ति के परिजनों अथवा संपर्क व्यक्ति तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

इसके साथ ही, आवेदन फॉर्म में स्वेच्छा से अंगदान (Organ Donor) का विकल्प चुनने की सुविधा जोड़ने का प्रस्ताव भी है।

फिलहाल प्रस्तावित हैं नए नियम

केंद्र सरकार के इस ड्राफ्ट का उद्देश्य ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी सेवाओं को डिजिटल, सरल और पारदर्शी बनाना है। हालांकि, अभी इन बदलावों को प्रस्ताव के रूप में ही देखा जाना चाहिए। मंत्रालय द्वारा सुझाव और आपत्तियां प्राप्त करने तथा आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम नियमों और उनके लागू होने की स्थिति स्पष्ट होगी। इसलिए लाइसेंस धारकों को फिलहाल मौजूदा नियमों के अनुसार ही आवेदन करना चाहिए।

Tiger Shroff Attack Case में बड़ा खुलासा: वारदात से पहले शूटरों ने की थी फायरिंग की प्रैक्टिस, हुआ था मिसफायर

बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में जांच के दौरान एक और बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने मुंबई के पास एक जगह पर बंदूक चलाने की प्रैक्टिस की थी। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को उस स्थान के बारे में जानकारी दी है, जहां उन्होंने हथियार की जांच करने के लिए फायरिंग की थी।

सूत्रों के अनुसार, प्रैक्टिस के दौरान एक आरोपी ने दो गोलियां चलाईं, जबकि दूसरे ने एक गोली चलाकर बंदूक की कार्यक्षमता जांची। आरोपी यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि वारदात में इस्तेमाल की जाने वाली बंदूक ठीक से काम कर रही है या नहीं।

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होटल के कमरे में बंदूक जांचते समय हुआ मिसफायर

जांच में यह भी सामने आया है कि अंधेरी स्थित जिस होटल में आरोपी ठहरे हुए थे, वहां कमरे के अंदर बंदूक की जांच के दौरान मिसफायर हुआ था। सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान गोली बेड पर जा लगी। हालांकि, घटना के बावजूद होटल के किसी कर्मचारी या आसपास मौजूद व्यक्ति को गोली चलने का संदेह नहीं हुआ।

बताया जा रहा है कि मुंबई के पास प्रैक्टिस के दौरान दोनों आरोपी सफलतापूर्वक गोलियां चलाने में कामयाब रहे थे। अब पुलिस आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर फायरिंग की प्रैक्टिस वाली जगह और वारदात से पहले की गई तैयारियों की पड़ताल कर रही है।

सूरत में छिपाई गई बंदूक और मोबाइल की तलाश

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, फायरिंग की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी सूरत पहुंचे थे। वहां उन्होंने कथित तौर पर बंदूक और अपने मोबाइल फोन छिपा दिए। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर मुंबई पुलिस अब स्थानीय पुलिस की मदद से दोनों चीजों का पता लगाने में जुटी है।

जांच एजेंसियां आरोपियों के बताए ठिकानों की पुष्टि कर रही हैं, ताकि हथियार बरामद करने के साथ ही वारदात से जुड़े अन्य सबूत भी जुटाए जा सकें।

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आरोपियों पर BNS की धारा 111 भी लगाई गई

इस मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111 भी लगाई है, जो संगठित अपराध से संबंधित है। इससे पहले आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।

पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ में सामने आए तथ्यों की पुष्टि करने के साथ ही फायरिंग की साजिश, हथियार की व्यवस्था और वारदात के बाद आरोपियों की गतिविधियों की जांच कर रही है।

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Tiger Shroff Firing Case Update: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस जांच के दौरान कई अहम खुलासे हुए हैं। इस घटना को अंजाम देने के पीछे सात आरोपियों की भूमिका सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, इनमें तीन आरोपी कथित तौर पर शूटर्स थे, जबकि चार अन्य पर साजिश रचने और हथियारों की व्यवस्था करने में शामिल होने का आरोप है। मामले में दो महिलाएं भी गिरफ्तार की गई हैं। पुलिस ने तीन आरोपियों को राजस्थान के कोटा से, जबकि अन्य आरोपियों को दिल्ली और हरियाणा से गिरफ्तार किया है।

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टाइगर श्रॉफ पर हमले के मामले में गिरफ्तार 7 आरोपी

पुलिस के मुताबिक, इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ऋतिक उर्फ रोशन, रेहान, फूल सिंह, कुणाल, सुमित, राधा और बबीता के रूप में हुई है।

  • ऋतिक उर्फ रोशन: 22 वर्षीय आरोपी बिहार के बेगूसराय का रहने वाला है और मुंबई में रैपिडो बाइक चलाता था।
  • रेहान: 17 वर्षीय आरोपी हरियाणा के सोनीपत जिले के बड़ौदा थूथन गांव का निवासी है।
  • फूल सिंह: 18 वर्षीय आरोपी हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है। उसे राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किया गया।
  • कुणाल: 21 वर्षीय आरोपी हरियाणा के सोनीपत जिले के रोहणा गांव का निवासी है। उस पर साजिश में शामिल होने का आरोप है।
  • सुमित: 19 वर्षीय आरोपी हरियाणा के सोनीपत में मटिंडू रोड स्थित वार्ड नंबर 10 का रहने वाला है।
  • राधा: 23 वर्षीय आरोपी उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के नहवइया की निवासी है।
  • बबीता: 23 वर्षीय आरोपी उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के कोठियार की रहने वाली है।

कुणाल और सुमित पर हथियारों का इंतजाम करने का आरोप

पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई में ऋतिक, रेहान और फूल सिंह को गिरफ्तार किया था। इसके बाद जांच आगे बढ़ने पर हरियाणा के सोनीपत से कुणाल और सुमित तथा दिल्ली से राधा और बबीता को गिरफ्तार किया गया।

जांच के अनुसार, कुणाल कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े अनिल पंडित के संपर्क में था। आरोप है कि कुणाल ने ही टाइगर श्रॉफ पर हमले की जिम्मेदारी ली थी। पुलिस के मुताबिक, कुणाल और सुमित ने हथियारों की व्यवस्था की थी। इसके बाद कथित तौर पर ये हथियार राधा और बबीता को सौंपे गए, जो उन्हें मुंबई लेकर पहुंचीं।

पुलिस की जांच में सामने आया है कि दोनों महिलाएं हथियार लेकर मुंबई के दादर पहुंची थीं। वहां से कथित तौर पर हथियार शूटरों तक पहुंचाए गए। गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों को आगे की कार्रवाई के लिए मुंबई पुलिस को सौंप दिया गया।

जेल से छूटने के बाद अनिल पंडित के संपर्क में आया कुणाल

जांच में यह भी सामने आया है कि कुणाल हाल ही में जमानत पर जेल से बाहर आया था। बताया जा रहा है कि उसकी मुलाकात हरियाणा के हरसाना गांव में रहने वाले एक दोस्त के जरिए अनिल पंडित से हुई थी। इसके बाद दोनों कथित तौर पर एक एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए संपर्क में रहने लगे।

पुलिस के मुताबिक, कुणाल अमृतसर से एक पिस्टल और 20 कारतूस लेकर आया था। बताया गया है कि राधा से उसकी मुलाकात करीब दो महीने पहले हुई थी। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और हथियारों की आपूर्ति से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

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दादर स्टेशन से होटल तक पहुंचाए गए थे हथियार

पुलिस की जांच के अनुसार, राधा और बबीता 17 अक्टूबर को मुंबई के दादर स्टेशन पहुंची थीं और वहां एक होटल में रुकी थीं। अगले दिन सुबह करीब 11 बजे एक नाबालिग लड़का होटल के पास पहुंचा, जहां कथित तौर पर राधा ने उसे हथियारों से भरा बैग सौंपा।

आरोप है कि 18 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे इन्हीं हथियारों से टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की गई। घटना के दिन ही राधा और बबीता हरिद्वार एक्सप्रेस से मुंबई से दिल्ली के लिए रवाना हो गई थीं। पुलिस ने 20 अक्टूबर को दोनों को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया। वहीं, कुणाल और सुमित को हरियाणा के सोनीपत से पकड़ा गया।

पुलिस इस मामले में आरोपियों की भूमिका, हथियारों के स्रोत और कथित नेटवर्क के अन्य सदस्यों के संबंध में आगे की जांच कर रही है। सभी आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है।

Ration Card Update: राशन कार्ड में नाम जोड़ना-हटाना हुआ आसान! अन्न सहायता से घर बैठे करें शिकायत, जानें WhatsApp नंबर

Ration Card Update: राशन कार्डधारकों के लिए राहत भरी खबर है। अब राशन कार्ड में परिवार के नए सदस्य का नाम जुड़वाने, शादी या अन्य कारणों से किसी सदस्य का नाम हटवाने और दूसरी जानकारियों में संशोधन कराने के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग की ओर से बताई गई अन्न सहायता सेवा के माध्यम से राशन कार्ड से जुड़ी शिकायतें घर बैठे दर्ज कराई जा सकती हैं।

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इस सुविधा के तहत लाभार्थी WhatsApp और IVRS हेल्पलाइन का इस्तेमाल कर अपनी समस्या संबंधित विभाग तक पहुंचा सकते हैं। इससे राशन कार्ड में बदलाव से जुड़ी प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक हो सकती है।

अन्न सहायता के जरिए ऐसे दर्ज करें शिकायत

राशन कार्ड में नाम जोड़ने या हटाने से जुड़ी शिकायत दर्ज कराने के लिए इन चरणों का पालन करें:

  • सबसे पहले उपलब्ध सहायता माध्यम पर जाएं और अन्न सहायता विकल्प चुनें।
  • इसके बाद राशन कार्ड से संबंधित शिकायत का विकल्प चुनें।
  • राशन कार्ड संशोधन सेक्शन में जाकर अपनी जरूरत के अनुसार सदस्य जोड़ने या हटाने का विकल्प चुनें।
  • अपनी समस्या से जुड़ी सही जानकारी दर्ज करके शिकायत सबमिट करें।

शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित जानकारी के आधार पर आगे की प्रक्रिया की जा सकती है। हालांकि, शिकायत दर्ज करना और राशन कार्ड में बदलाव स्वीकृत होना अलग-अलग चरण हैं। अंतिम संशोधन संबंधित विभाग के सत्यापन और नियमों के अनुसार होगा।

WhatsApp और IVRS हेल्पलाइन नंबर

राशन कार्डधारकों की सुविधा के लिए डिजिटल और फोन आधारित दोनों माध्यमों की जानकारी दी गई है। इनके जरिए घर बैठे शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

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  • WhatsApp हेल्पलाइन: 9868200445
  • IVRS टोल-फ्री नंबर: 14457

WhatsApp के जरिए शिकायत दर्ज कराने के लिए दिए गए नंबर पर संदेश भेजा जा सकता है। वहीं, जिन लोगों के पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है, वे IVRS नंबर पर कॉल करके उपलब्ध निर्देशों के अनुसार अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

ध्यान दें कि इन नंबरों और सेवा की उपलब्धता की पुष्टि संबंधित सरकारी विभाग के आधिकारिक माध्यम से कर लें।

राशन कार्ड में संशोधन के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी?

राशन कार्ड में किसी सदस्य का नाम जोड़ने या हटाने के लिए आवेदन के प्रकार के अनुसार दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है।

1. नए सदस्य का नाम जोड़ने के लिए

  • नवजात बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र।
  • विवाह के बाद परिवार में शामिल होने वाली महिला का विवाह प्रमाण पत्र।
  • जरूरत के अनुसार निवास प्रमाण पत्र।

2. सदस्य का नाम हटाने के लिए

  • संबंधित सदस्य का मृत्यु प्रमाण पत्र, यदि नाम मृत्यु के कारण हटाया जा रहा है।
  • शादी के बाद अलग परिवार या नए पते पर जाने की स्थिति में संबंधित दस्तावेज।

3. पहचान संबंधी दस्तावेज

  • परिवार के मुखिया का पहचान प्रमाण।
  • संबंधित सदस्य का पहचान प्रमाण और अन्य जरूरी दस्तावेज।

आवेदन करने से पहले रखें इन बातों का ध्यान

राशन कार्ड में संशोधन कराने से पहले सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखें और शिकायत में सही जानकारी दर्ज करें। अलग-अलग राज्यों में राशन कार्ड संशोधन की प्रक्रिया और दस्तावेजों की आवश्यकताएं अलग हो सकती हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले अपने राज्य के खाद्य विभाग या संबंधित सरकारी पोर्टल से नियमों की पुष्टि करना बेहतर रहेगा।

Tiger Shroff Firing Incident: टाइगर पर फायरिंग कर बाइक छोड़ ट्रेन से फरार हुए हमलावर, CCTV में कैद हुई तस्वीरें; अब तक क्या-क्या खुलासा?

Tiger Shroff Firing Incident: अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़ी फायरिंग की घटना के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। मुंबई की जुहू पुलिस ने तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) और 3(5) के साथ आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। वारदात के बाद आरोपी कथित तौर पर मोटरसाइकिल छोड़कर ट्रेन के जरिए फरार हो गए। CCTV फुटेज में दो संदिग्ध दिखाई दिए हैं, जिनकी पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

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बाइक छोड़कर अंधेरी स्टेशन पहुंचे आरोपी

जांच में सामने आया है कि हमलावरों ने वारदात के लिए पल्सर मोटरसाइकिल का इस्तेमाल किया था। यह बाइक अब तक तीन अलग-अलग लोगों के पास रह चुकी है। इसका पहला मालिक जोगेश्वरी का रहने वाला बताया जा रहा है। आरोपियों ने बाइक उसके तीसरे मालिक से खरीदी थी।

पुलिस ने अंधेरी वेस्ट रेलवे स्टेशन के पास से मोटरसाइकिल बरामद की है। फिलहाल इसे डीएन नगर पुलिस स्टेशन में रखा गया है। जांचकर्ता बाइक की नंबर प्लेट और चेसिस नंबर के आधार पर उसके पुराने रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं।

पुलिस ने बाइक के तीसरे मालिक से भी पूछताछ की है। बताया जा रहा है कि बाइक की बिक्री के बदले उसे पैसे मिल गए थे, लेकिन मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेजों का हस्तांतरण नहीं हुआ था। यह प्रक्रिया नवरात्रि के बाद पूरी होनी थी।

क्राइम ब्रांच को सौंपी गई जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। शुरुआती FIR जुहू पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई थी। अब क्राइम ब्रांच हमलावरों की पहचान करने और घटना के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटेगी।

जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या आरोपियों का लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कोई संबंध है। हालांकि, इस संबंध में अभी किसी निष्कर्ष की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

आरोपियों की तलाश में मुंबई से बाहर जाने वाली बसों और ट्रेनों की भी जांच की जा रही है। पुलिस को संदेह है कि हमलावर वारदात के बाद शहर से बाहर भाग सकते हैं।

फॉरेंसिक जांच में सात राउंड फायरिंग की बात

सूत्रों के मुताबिक, फॉरेंसिक जांच में सामने आया है कि हमलावरों ने कथित तौर पर देसी पिस्तौल का इस्तेमाल किया था। टाइगर श्रॉफ की BMW कार को निशाना बनाकर कुल सात गोलियां चलाई गईं। इनमें से पांच गोलियां कार पर लगीं, जबकि दो निशाने से चूक गईं।

बताया जा रहा है कि पांचवीं गोली चलाने के बाद एक हमलावर पैसेंजर साइड की खिड़की के पास पहुंचा और उसने बेहद करीब से गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि, हथियार में खराबी आने के कारण गोली नहीं चल सकी। सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने दोबारा भी प्रयास किया, लेकिन पिस्तौल जाम होने की आशंका जताई गई है।

इसके बाद दोनों हमलावर अपने तीसरे साथी के साथ मोटरसाइकिल से फरार हो गए। पुलिस इन सभी घटनाक्रमों की पुष्टि के लिए CCTV फुटेज और फॉरेंसिक साक्ष्यों की जांच कर रही है।

हमले से पहले इलाके की रेकी करने का शक

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, वारदात से पहले संदिग्ध पुष्पा पार्क के पास करीब 45 मिनट तक रुके थे। आशंका है कि उन्होंने हमला करने से पहले इलाके की रेकी की थी।

फायरिंग के बाद आरोपी मोटरसाइकिल से अंधेरी वेस्ट रेलवे स्टेशन पहुंचे और एक पुलिस चौकी के पास बाइक छोड़ दी। इसके बाद वे ट्रेन से फरार हुए। जांच एजेंसियों को उनके सूरत की ओर जाने का संदेह है, लेकिन उनकी वास्तविक लोकेशन की अभी पुष्टि नहीं हुई है।

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पुलिस CCTV फुटेज, बाइक के रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

AICWA ने जताई चिंता, फिल्म इंडस्ट्री की सुरक्षा पर उठाए सवाल

इस घटना के बाद ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने फायरिंग की निंदा करते हुए फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की सुरक्षा पर चिंता जताई है।

एसोसिएशन ने सवाल उठाया कि अगर मुंबई में फिल्मी हस्तियां ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भरोसा कैसे कायम रहेगा। अपने बयान में संगठन ने कहा, “आज टाइगर श्रॉफ हैं, अगला कौन होगा?”

AICWA ने सलमान खान के बांद्रा स्थित घर के बाहर हुई गोलीबारी, सैफ अली खान पर हुए हमले, फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग और कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफे पर हुए हमलों का भी उल्लेख किया।

एसोसिएशन ने महाराष्ट्र सरकार से आरोपियों और कथित तौर पर हमले की साजिश रचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, जबरन वसूली से जुड़े नेटवर्क पर कार्रवाई करने और फिल्मी हस्तियों तथा उनके परिवारों की सुरक्षा मजबूत करने की अपील की है।

फिलहाल मामले में तीन अज्ञात आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस की जांच का मुख्य फोकस हमलावरों की पहचान, इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल के पुराने रिकॉर्ड और घटना के पीछे संभावित साजिश का पता लगाना है।

Kolkata Stampede: दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 लोगों की मौत, घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे अमित शाह

Kolkata Stampede: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार रात मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हुए हैं। मृतकों में 13 महिलाएं शामिल हैं। हादसे के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आयोजकों समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ गिरिश पार्क थाने में गैर-इरादतन हत्या के मामले में FIR दर्ज की गई है।

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हादसे में जान गंवाने वालों में उत्तर 24 परगना जिले की 12वीं कक्षा की एक छात्रा और हुगली की एक नर्स भी शामिल हैं। अन्य मृतकों की पहचान की जा रही है। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है और घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है।

कैसे मची दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़?

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, बारिश शुरू होने के बाद पंडाल में लोगों की भीड़ बढ़ गई थी। पंडाल के भीतर पर्याप्त रोशनी नहीं थी और प्रवेश तथा निकास के रास्ते भी संकरे थे। इसी दौरान भीड़ का दबाव बढ़ने से निकास द्वार का एक हिस्सा गिर गया। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने लोगों को बाहर निकलने के लिए अनाउंसमेंट किया, जिससे अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ की स्थिति बन गई।

गौरतलब है कि हादसे से महज दो दिन पहले इसी दुर्गा पूजा पंडाल को पश्चिम बंगाल सरकार के ‘देवी दुर्गा सम्मान 2026’ के तहत ‘बेस्ट ऑफ बेस्ट’ श्रेणी में चुना गया था। इस श्रेणी में कोलकाता के केवल तीन पंडालों को जगह मिली थी।

14 घायलों का इलाज जारी, तीन ICU में भर्ती

भगदड़ में घायल हुए 25 लोगों में से 14 का इलाज शहर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। इनमें तीन मरीज ICU में भर्ती हैं, जबकि एक की हालत गंभीर बताई गई है। पश्चिम बंगाल क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट रेगुलेटरी कमीशन के अध्यक्ष विश्वजीत बसु ने रविवार को यह जानकारी दी।

बसु के अनुसार, ICU में भर्ती एक मरीज एसिडोसिस की समस्या से जूझ रहा है। डॉक्टरों का मानना है कि भीड़ में लंबे समय तक दबे रहने के कारण मांसपेशियों को नुकसान पहुंचने से यह स्थिति पैदा हो सकती है। वहीं, अन्य दो ICU मरीजों की हालत में सुधार हो रहा है और उन्हें जनरल वार्ड में स्थानांतरित किए जाने की उम्मीद है। जनरल वार्ड में भर्ती 11 मरीजों की स्थिति भी लगभग स्थिर है।

घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे अमित शाह

कोलकाता भगदड़ की घटना के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार सुबह उस निजी अस्पताल पहुंचे, जहां घायलों का उपचार किया जा रहा है। उनके साथ पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों के मुताबिक, अमित शाह डॉक्टरों से बातचीत कर घायलों के इलाज की जानकारी लेंगे और मरीजों से मुलाकात भी कर सकते हैं।

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अस्पताल पहुंचने से पहले अमित शाह ने कालीघाट मंदिर में दर्शन किए। वह दो दिवसीय दौरे पर पश्चिम बंगाल पहुंचे हैं। हालांकि, दुर्गा पूजा पंडाल में हुए इस दर्दनाक हादसे के बाद उन्होंने पंडालों में जाने से जुड़े अपने सभी निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिए। फिलहाल प्रशासन और पुलिस हादसे की जांच में जुटे हैं।