Tuesday, August 4, 2026
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Census 2027 का दूसरा चरण 17 अगस्त से, जाति-धर्म के साथ माता-पिता की ये डिटेल भी होगी दर्ज

Census 2027: जनगणना 2027 के दूसरे चरण यानी जनसंख्या की गि‍नती को लेकर आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है. केंद्र सरकार ने यह नोटिफिकेशन लद्दाख और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फ़बारी वाले उन इलाकों के ल‍िए जारी क‍िया है, जहां सामान्य मौसम में काम करने में द‍िक्‍कत होती है. पहली बार जनगणना के ‘जनसंख्या गणना’ चरण के दौरान जाति संबंधी जानकारी भी ली जाएगी. हालांक‍ि, इसके ल‍िए किसी भी प्रकार का जाति प्रमाण पत्र या अन्य दस्तावेज दिखाने की कोई जरूरत नहीं होगी. इसके अलावा माता-पिता की जन्म-तारीख और जन्म-स्थान का भी रिकॉर्ड ल‍िया जा सकता है.

किसानों का अनोखा प्रदर्शन, नदी किनारे रेत में खुद को दबाकर जताया विरोध

लद्दाख और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फ़बारी वाले इलाकों में जनगणना का दूसरा चरण 1 से 30 सितंबर के बीच होगा. केंद्र सरकार ने  सोमवार को नोटिफिकेशन जारी क‍िया. इसमें भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने बताया कि इन इलाकों में इस साल 1 से 30 सितंबर के बीच जनगणना का काम किया जाएगा और इसके बाद 1 से 5 अक्टूबर तक जानकारी को दोबारा जांचने (रिविजनल राउंड) का काम होगा. नोट‍िफ‍िकेशन के मुताब‍िक, घर-घर जाकर जनसंख्या की गिनती शुरू होने से पहले 17 से 31 अगस्त तक खुद जानकारी भरने (सेल्फ एन्यूमरेशन) का विकल्प होगा.

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नोटिफिकेशन के मुताब‍िक, इन इलाकों के लिए जनगणना की रेफरेंस तारीख 1 अक्टूबर, 2026 को रात 12 बजे होगी. इसी तारीख के आधार पर यहां की जनसंख्या का आधिकारिक डेटा दर्ज होगा. वहीं, देश के बाकी हिस्सों में जनसंख्या गिनती का दूसरा चरण अगले साल शुरू होने की संभावना है.

दो चरणों में की जा रही जनगणना 

आजादी के बाद से यह आठवीं जनगणना दो चरणों में की जा रही है. पहला चरण ‘हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस’ (HLO) कहलाता है और दूसरा चरण ‘जनसंख्या जनगणना’ है. पहली बार जनगणना के जनसंख्या गणना चरण के दौरान जाति संबंधी जानकारी भी एकत्र की जाएगी. इस जनगणना में जाति की गिनती को शामिल करने का फैसला पिछले साल 30 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन पॉलिटिकल अफेयर्स ने लिया था.

पहले चरण में 33 सवाल 

पहला चरण घरों की सूची बनाना और आवास जनगणना (HLO), 30 सितंबर तक चल रहा है. कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 16 अप्रैल से घरों की लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस (आवास जनगणना) के लिए फील्ड विज‍िट शुरू हो गई. जनगणना करने वाले कर्मचारी देश भर में सभी इमारतों, घरों और परिवारों की लिस्ट बनाएंगे, ताकि जनसंख्या की गिनती के लिए आधार तैयार किया जा सके. घरों की लिस्टिंग के काम के दौरान, कर्मचारी हर घर और इमारत में जाकर 33 सवाल पूछते हैं. इन सवालों में घरों में बुनियादी सुविधाओं, परिवार के मुखिया की जानकारी (जैसे नाम और लिंग), घर के मालिकाना हक की स्थिति और दूसरी जानकारियां शामिल होती हैं.

बता दें क‍ि 2021 में होने वाली दस-सालाना जनगणना की प्रक्रिया को COVID-19 महामारी के कारण टाल दिया गया था. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जनगणना कराने के लिए 11,718 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है. यह लोगों की गिनती करने का सबसे बड़ा अभियान होगा.

किसानों का अनोखा प्रदर्शन, नदी किनारे रेत में खुद को दबाकर जताया विरोध

चेन्नई : कावेरी नदी के पानी के लिए तमिलनाडु के किसानों का गुस्सा सड़क पर उतर आया। तिरुचिरापल्ली में कावेरी नदी के किनारे किसानों ने रेत में खुद को दबाकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने सिंचाई के लिए कावेरी का पानी छोड़ने की मांग की। तमिलनाडु के किसानों ने तिरुचिरापल्ली में कावेरी नदी के किनारे एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया, सिंचाई के लिए कावेरी का पानी तुरंत छोड़ने की मांग को लेकर रेत में खुद को दबा लिया। किसानों का नेतृत्व अय्या कन्नू ने किया। किसान संघ के नेता अय्या कन्नू के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में किसानों ने कहा कि कुरुवई फसल को बचाने के लिए बार-बार अपील करने के बावजूद कर्नाटक सरकार तमिलनाडु को पानी नहीं दे रही।

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सरकार पर लगाए आरोप

कन्नू ने कर्नाटक सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वो तमिलनाडु को ड्रेनेज स्टेट समझ रही है। उन्होने आरोप लगाया कि राज्य अपना सही हिस्सा देने के बजाय सिर्फ बचा हुआ पानी छोड़ रही है।

1 लाख करोड़ का मुआवजा मांगो सरकार

कन्नू ने TN के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय से अपील की कि वे कर्नाटक से 1 लाख करोड़ रुपये का मुआवजा मांगते हुए सुप्रीम कोर्ट में केस करें। उन्होंने कहा सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक को हर महीने TN के लिए पानी छोड़ने का निर्देश दिया है। अभी कर्नाटक के पास 80 TMC से ज्यादा पानी है।

CM डीके शिवकुमार ने 3,500 क्यूसेक पानी देने से मना कर दिया। परसों केरल में बारिश हुई, वो पानी हम भवानीसागर डैम में भेज सकते थे, लेकिन यहां के नेताओं ने कोई कदम नहीं उठाया।

कन्नू ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पानी नहीं छोड़ा तो कर्नाटक में ही नुकसान होगा। अब वे अपने लोगों को बचाने के लिए 25 हजार क्यूसेक पानी छोड़ रहे हैं।

बीजेपी ने सरकार की आलोचना की

इससे पहले बीजेपी के स्टेट सेक्रेटर विनोज पी सेल्वम ने तमिलनाडु सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार डेल्टा के किसानों के हितों की रक्षा और कर्नाटक से पानी दिलाने में नाकाम रही है।

उन्होंने कहा कि बहुत दुख की बात है कि TVK सरकार ने ये पक्का करने के लिए कछ नहीं किया कि कर्नाटक से पानी आए। CM ड्रोन शॉट्स और रेड कार्पेट वेलकम में बिजी हैं। किसानों को पानी चाहिए, वॉटर सिक्योरिटी से कॉम्प्रोमाइज नहीं होना चाहिए।

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मेकेदातु पर भी विरोध

वहीं किसानों ने मेकेदातु बैलेंसिंग रिजर्वॉयर प्रोजेक्ट का भी विरोध दोहराया। उनका कहना है कि इस डैम से तमिलनाडु में पानी की उपलब्धता और कम हो जाएगी।

दोनों राज्यों के बीच पुराना विवाद

कावेर वॉटर डिस्प्यूट कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच दशकों पुराना झगड़ा है। मुद्दा ये है कि कम बारिश वाले सालों में नदी का पानी कैसे बांटा जाए। सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी कर्नाटक को तमिलनाडु के लिए पानी छोड़ने का आदेश दिया है, लेकिन हर साल मानसून में ये विवाद फिर से उभर आता है।

राशन मिलने में आ रही परेशानी? अब घर बैठे WhatsApp से दर्ज करें शिकायत, जानें पूरा तरीका

Ration Card Complaint WhatsApp Number: देश के करोड़ों राशन कार्डधारकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है. अगर आपको राशन मिलने में परेशानी हो रही है, कोटेदार या डीलर मनमानी कर रहा है, या फिर राशन कार्ड में कोई गलती ठीक करना है, तो अब इसके लिए आपको सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने या लंबी लाइनों में खड़े होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. दरअसल, खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग (DFPD) ने आम नागरिकों की सुविधा के लिए अन्न सहायता (Anna Sahayata) नामक एक विशेष डिजिटल हेल्पलाइन और चैटबौट सेवा की शुरुआत की है. इसकी मदद से अब आप सीधे अपने फोन से WhatsApp नंबर 9868200445 पर मैसेज भेजकर घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

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ये है WhatsApp पर शिकायत दर्ज करने का स्टेप बाय स्टेप तरीका

अन्न सहायता व्हाट्सऐप चैटबॉट का उपयोग करना बेहद सरल है. इससे अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें.

  • सबसे पहले अपने स्मार्टफोन में केंद्र सरकार का आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर 9868200445 सेव कर लें.
  • अपना WhatsApp खोलें और इस नंबर पर Hi या Namaste लिखकर भेजें.
  • चैटबॉट आपको भाषा चुनने का विकल्प देगा जैसे हिंदी, इंग्लिश, बांग्ला आदि. अपनी सुविधा के अनुसार भाषा सेलेक्ट करें.
  • अपनी पहचान की पुष्टि के लिए अपना राशन कार्ड नंबर और अपने आधार कार्ड के अंतिम 4 अंक दर्ज करें.
  • स्क्रीन पर दिख रही सूची में से अपनी समस्या जैसे राशन न मिलना, कम तौलना, डीलर का खराब व्यवहार, या कार्ड में सुधार को चुनें.
  • अपनी शिकायत का पूरा विवरण लिखकर भेज दें.

शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई, ऐसे करें पता

शिकायत सबमिट होते ही आपको WhatsApp पर एक शिकायत रजिस्ट्रेशन नम्बर मिलेगा. इस नंबर के जरिए आप भविष्य में कभी भी अपनी शिकायत का स्टेटस ऑनलाइन चेक कर सकते हैं.

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इन तरीकों से भी दर्ज करा सकते हैं शिकायत

अगर किसी वजह से आप WhatsApp का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं, तो केंद्र सरकार की ओर से दिए गए दूसरे विकल्पों के जरिए भी अपनी बात अधिकारियों तक पहुंचा सकते हैं.

  1.  IVRS हेल्पलाइन: सरकार के टोल फ्री नंबर 14457 पर कॉल करके भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.
  2.  राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर: आप 1967 या 180018002084 पर कॉल करके सीधे कस्टमर केयर प्रतिनिधि से संपर्क कर सकते हैं.
  3.  मेरा राशन ऐप: अपने फोन के गूगल प्ले स्टोर से Mera Ration ऐप डाउनलोड करके भी सीधे ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं.

Rule Change From 1 August: आज से लागू हुए नए नियम! LPG, ईंधन, तत्काल टिकट और ITR समेत इन 10 चीजों में बड़ा बदलाव

Rule Change From 1 August: अगस्त महीने की शुरुआत के साथ ही आज ,1 अगस्त से देशभर में कई बड़े नियम लागू हो गए हैं. इन बदलावों का सीधा असर आम लोगों की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा. आज से कमर्शियल LPG सिलेंडर  और पेट्रोल-डीजल के नए दाम लागू हो गए हैं. रेलवे के तत्काल टिकट बुकिंग सिस्टम में बदलाव हो गया है, ITR देर से भरने पर जुर्माना लगेगा और आधार  CKYC 2.0 भी लागू हो गया है. इसके अलावा स्पीड पोस्ट, बैंक छुट्टियों, और SEBI के Buyback नियमों समेत कई अहम बदलाव आज से लागू हैं.

1st August Rule Change : 1 अगस्त से बदल जाएंगे कई बड़े नियम! तत्काल टिकट, CKYC समेत इन बदलावों का आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर 

आइए जानते हैं 1 अगस्त से लागू हुए 10 बड़े बदलाव…

1. कमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ सस्ता

सरकारी तेल कंपनियों (IOCL, BPCL और HPCL) ने 1 अगस्त से एलपीजी सिलेंडर के नए रेट लागू कर दिए हैं. कमर्शियल उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में बड़ी कटौती की गई है. कोलकाता में कमर्शियल सिलेंडर 209 रुपये और दिल्ली में 202 रुपये सस्ता हुआ है. इसके बाद कोलकाता में इसकी कीमत 2,872.50 रुपये और दिल्ली में 2,738 रुपये रह गई है. हालांकि, 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

2. पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी

सरकारी तेल कंपनियों ने आज सुबह पेट्रोल और डीजल के नए रेट भी जारी कर दिए हैं. देशभर में आज  कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है. हालांकि, वैट के कारण कुछ शहरों में मामूली बदलाव देखने को मिला है.

3. तत्काल टिकट बुकिंग का नया टोकन सिस्टम लागू

आज से रेलवे रिजर्वेशन काउंटर पर Tatkal टिकट बुक कराने के लिए नया टोकन सिस्टम लागू हो गया है. अब यात्रियों को पहले टोकन मिलेगा और उसी क्रम में टिकट बुक किए जाएंगे. इससे लंबी लाइन और अव्यवस्था कम होने की उम्मीद है.

4. ITR लेट भरने पर लगेगा जुर्माना

31 जुलाई की समय सीमा खत्म होने के बाद अब ITR-1 और ITR-2 देर से दाखिल करने वाले पात्र टैक्सपेयर्स को लेट फीस देनी पड़ सकती है. वहीं, ITR-3 और ITR-4 दाखिल करने वाले ऐसे टैक्सपेयर्स, जिनके खातों का ऑडिट जरूरी नहीं है, उनके लिए अंतिम तारीख 31 अगस्त है. आयकर अधिनियम की धारा 234F के तहत 5,000 रुपये तक की लेट फीस लग सकती है.

5. आधार बेस्ड CKYC 2.0 लागू

आज से बैंक, बीमा कंपनियां और म्यूचुअल फंड हाउस CKYC 2.0 लागू करना शुरू कर चुके हैं. इससे ग्राहकों की डिजिटल सहमति के आधार पर KYC जानकारी सीधे केंद्रीय रजिस्ट्री से ली जा सकेगी और बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत कम होगी.

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6. स्पीड पोस्ट के नए नियम और नई दरें लागू

आज से स्पीड पोस्ट की नई कैटेगरी और नए शुल्क लागू हो गए हैं. आधार, PAN, पासबुक, चेकबुक और अन्य सरकारी दस्तावेज अब ‘डॉक्यूमेंट्स’ कैटेगरी में आएंगे. वहीं बाकी सामान पार्सल कैटेगरी में रहेगा.

7. अगस्त में 14 दिन बंद रहेंगे बैंक

अगस्त महीने में रविवार, दूसरे और चौथे शनिवार, स्वतंत्रता दिवस, रक्षाबंधन, जन्माष्टमी और विभिन्न राज्यों के त्योहारों को मिलाकर कुल 14 दिन बैंक बंद रहेंगे. हालांकि, छुट्टियां सभी राज्यों में एक जैसी नहीं होंगी, इसलिए अपने शहर की RBI हॉलिडे लिस्ट जरूर देखें.

8. चीनी पर नई स्टॉक लिमिट लागू

आज से चीनी डीलरों पर नई स्टॉक लिमिट लागू हो गई है. अब कोई भी डीलर 30 दिनों से ज्यादा और 4,000 क्विंटल से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेगा. यह नियम 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा.

9. दिल्ली में मुफ्त बस यात्रा के लिए स्मार्ट कार्ड जरूरी

दिल्ली में महिलाओं के लिए आज से मुफ्त बस यात्रा का लाभ लेने के लिए पिंक सहेली  स्मार्ट कार्ड (Pink Saheli Smart Card) अनिवार्य हो गया है. बस में कार्ड टैप करने के बाद ही मुफ्त टिकट जारी किया जाएगा.

10. SEBI का नया Buyback नियम लागू

आज से SEBI का नया Buyback नियम भी प्रभावी हो गया है. अब लिस्टेड कंपनियां अपनी कुल पेड-अप कैपिटल का अधिकतम 15% हिस्सा ही बायबैक कर सकेंगी. साथ ही पूरी प्रक्रिया 66 वर्किंग डे के भीतर पूरी करनी होगी. नए नियम का मकसद पारदर्शिता बढ़ाना और निवेशकों के हितों की बेहतर सुरक्षा करना है.

1st August Rule Change : 1 अगस्त से बदल जाएंगे कई बड़े नियम! तत्काल टिकट, CKYC समेत इन बदलावों का आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर 

1st August Rule Change : हर नए महीने की पहली तारीख अपने साथ कई नए बदलाव लेकर आती है, जिनका सीधा असर देश के आम नागरिकों के घरेलू बजट और रोजमर्रा के कामकाज पर पड़ता है। 1 अगस्त 2026 से भी देश में कई महत्वपूर्ण नियम बदलने जा रहे हैं, जो सीधे आपकी जेब, यात्रा, टैक्स और बैंकिंग सेवाओं से जुड़े हुए हैं। इन नए नियमों में रसोई गैस की कीमतों से लेकर, रेलवे की तत्काल टिकट खिड़की, क्रेडिट कार्ड के सर्विस चार्ज, आईटीआर पेनल्टी और पहचान सत्यापन की पूरी व्यवस्था शामिल है। सही जानकारी न होने पर आपको वित्तीय नुकसान झेलना पड़ सकता है। आइए बेहद आसान और सरल भाषा में समझते हैं कि 1 अगस्त से देश में कौन से 5 बड़े बदलाव होने जा रहे हैं।

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एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतें

  • तेल विपणन कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को रसोई गैस सिलेंडरों के दामों की समीक्षा करती हैं।
  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए 1 अगस्त को घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के नए रेट जारी किए जाएंगे।
  • अगर कमर्शियल गैस सिलेंडरों के दाम बढ़ते हैं, तो बाहर होटलों और रेस्टोरेंट में खाना-पीना महंगा हो सकता है, जिसका सीधा असर आपके मासिक बजट पर पड़ेगा।

तत्काल टिकट बुकिंग में टोकन से जुड़ा नया नियम

  • पश्चिम मध्य रेलवे 1 अगस्त से रिजर्वेशन काउंटरों पर तत्काल टिकटों की बुकिंग के लिए नया ‘टोकन सिस्टम’ लागू कर रहा है।
  • अब काउंटरों पर लंबी लाइन और धक्का-मुक्की रोकने के लिए टोकन बांटने का समय तत्काल बुकिंग खुलने के समय के साथ मिलाया जा रहा है।
  • एसी तत्काल के लिए सुबह 8:30-9:00 बजे और नॉन-एसी के लिए सुबह 9:00-9:30 बजे टोकन मिलेंगे, इसके बाद ही काउंटर से तत्काल टिकट बुक कर सकेंगे।

क्रेडिट कार्ड और बैंकिंग चार्ज में बड़ा बदलाव

  • 1 अगस्त से कुछ बैंक अपने क्रेडिट कार्ड से जुड़े शुल्क, रिवॉर्ड पॉइंट्स या अन्य नियमों में बदलाव कर सकते हैं।
  • बता दें कि यह बदलाव सभी बैंकों पर लागू नहीं होगा।
  • इसलिए अगर आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो अपने बैंक की वेबसाइट या एप पर जाकर नए नियम और शुल्क जरूर चेक करें।

आईटीआर (ITR) फाइलिंग पर भारी लेट फीस और पेनल्टी

  • वित्तीय वर्ष के लिए बिना जुर्माने के इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है।
  • जो लोग इस समय सीमा तक अपना रिटर्न फाइल नहीं कर पाए हैं, उन्हें 1 अगस्त से बिलेटेड रिटर्न भरने पर आय के आधार पर भारी जुर्माना (पेनल्टी) देना होगा।
  • इसलिए टैक्सपेयर्स को किसी भी अन्य कानूनी पचड़े से बचने के लिए जल्द से जल्द लेट फीस के साथ रिटर्न भरने की सलाह दी जाती है।

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सीकेवाईसी (CKYC) 2.0 की शुरुआत 

  • 1 अगस्त से देश के बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों में ग्राहक सत्यापन को सुरक्षित बनाने के लिए ‘सेंट्रल नो योर कस्टमर’ यानी सीकेवाईसी 2.0 सिस्टम लागू होने जा रहा है।
  • इसके तहत ग्राहकों को 14 अंकों का एक यूनिक सीकेवाईसी नंबर मिलेगा।
  • इस नए सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि आपको हर बैंक, बीमा कंपनी या म्यूचुअल फंड में अलग-अलग केवाईसी दस्तावेज देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

Sawan 2026: अयोध्या से काशी तक कांवड़ यात्रा के लिए बड़े इंतजाम, पॉलीथिन पर सख्त बैन, जानें नई गाइडलाइन

Sawan 2026: आज यानी 30 जुलाई से पवित्र सावन महीने की शुरुआत हो गई है. इसके साथ ही देशभर में कांवड़ यात्रा, शिवालयों में जलाभिषेक और भोलेनाथ के जयकारों की गूंज सुनाई देने लगेगी. सावन के पहले सोमवार पर भगवान शिव को जल चढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में कांवड़िए अयोध्या, काशी और दूसरे प्रमुख शिवधामों की ओर रवाना हो रहे हैं. श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने भी तैयारियां पूरी कर ली हैं, ताकि यात्रा के दौरान भक्तों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.

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अयोध्या में कांवड़ियों के लिए शेड, पानी और सफाई की पूरी व्यवस्था

अयोध्या नगर निगम ने सावन मेले और कांवड़ यात्रा को लेकर पूरे शहर में खास इंतजाम किए हैं.नगर निगम की टीमें पूरे मेले के दौरान लगातार सफाई और अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगी.

  • श्रद्धालुओं के लिए सफाई, पीने के पानी और जरूरी सुविधाओं पर खास ध्यान दिया गया है.
  • बारिश के मौसम को देखते हुए शहर के चार प्रमुख स्थानों पर वाटरप्रूफ शेड बनाए गए हैं, ताकि तेज बारिश होने पर कांवड़िए वहां सुरक्षित रुक सकें.

सरयू जल से होगा जलाभिषेक, फिर शुरू होगा झूला उत्सव

सावन के पहले 15 दिनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर मां सरयू से पवित्र जल भरेंगे और कांवड़ लेकर अपने-अपने क्षेत्रों के शिव मंदिरों में जलाभिषेक करेंगे. अयोध्या में भगवान राम के पुत्रों द्वारा स्थापित माने जाने वाले नागेश्वर धाम में भी विशेष जलाभिषेक होगा. इसके बाद सावन के शुक्ल पक्ष की तृतीया से मणि पर्वत पर प्रसिद्ध झूला उत्सव की शुरुआत होगी. इस दौरान शहर के कई मंदिरों में भगवान को झूले पर विराजमान किया जाएगा और श्रद्धालु उन्हें झुलाने का पुण्य प्राप्त करेंगे.

काशी विश्वनाथ धाम में 80 लाख से 1 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद

वाराणसी के श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने इस बार सावन में लगभग 80 लाख से 1 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई है. इसी को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में सुरक्षा और दर्शन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.

  • श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिग-जैग बैरिकेडिंग, लंबी कतारों में छांव की व्यवस्था, ग्लूकोज और पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध रहेगी.
  • सावन के पहले और हर सोमवार को श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा भी की जाएगी. इसके अलावा मंदिर के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाइव दर्शन की सुविधा भी मिलेगी.

भीड़ को देखते हुए VIP दर्शन पर रोक, पॉलीथिन पूरी तरह बैन

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए फिलहाल वीआईपी और प्रोटोकॉल दर्शन पर अस्थायी रोक लगा दी गई है. भीड़ सामान्य होने पर ही इन व्यवस्थाओं को दोबारा शुरू किया जाएगा. मंदिर प्रशासन ने साफ कहा है कि काशी विश्वनाथ धाम में पॉलीथिन पूरी तरह प्रतिबंधित है. इसलिए बाहर से आने वाले श्रद्धालु प्लास्टिक या पॉलीथिन में कांवड़ का जल लेकर न आएं. सभी भक्तों से पर्यावरण के अनुकूल सामग्री का उपयोग करने की अपील की गई है.

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कांवड़िए यात्रा के दौरान इन बातों का रखें खास ध्यान

अगर आप सावन में कांवड़ यात्रा पर जा रहे हैं तो प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन जरूर करें.

  • काशी विश्वनाथ धाम में प्लास्टिक या पॉलीथिन में जल लेकर न जाएं.
  • भीड़ वाले स्थानों पर निर्धारित कतार में ही आगे बढ़ें और बैरिकेडिंग का पालन करें.
  • बारिश के मौसम को देखते हुए जरूरत पड़ने पर प्रशासन की ओर से बनाए गए वाटरप्रूफ शेड का उपयोग करें.
  • शरीर में पानी की कमी न होने दें और समय-समय पर पानी या ग्लूकोज लेते रहें.

सबसे जरूरी बात किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि आपकी यात्रा सुरक्षित और सुविधाजनक बनी रहे.

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Assam Floods: असम में बाढ़ की स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है. पिछले 24 घंटों में सात और लोगों की मौत के बाद राज्य में बाढ़ से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है. आपदा रिपोर्टिंग एवं सूचना प्रबंधन प्रणाली (DRIMS) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, सभी सात मौतें शिवसागर जिले में डूबने के कारण हुई हैं. लाखों लोग अब भी बाढ़ के प्रभाव से जूझ रहे हैं, जबकि हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न है. हालात की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने व्यापक राहत एवं पुनर्वास पैकेज की घोषणा की है, जिसमें मृतकों के परिवारों, छात्रों और गंभीर रूप से प्रभावित परिवारों के लिए विशेष आर्थिक सहायता का प्रावधान किया गया है.

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शिवसागर में सात और मौतें, बढ़ी चिंता

असम राज्य आपदा प्रबंधन से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान शिवसागर जिले में सात लोगों की डूबने से मौत हुई. इसके साथ ही इस वर्ष की बाढ़ में मरने वालों की संख्या 75 तक पहुंच गई है. फिलहाल शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट, नगांव, सोनितपुर और कामरूप (मेट्रोपॉलिटन) जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं. प्रशासन लगातार राहत और बचाव कार्य चला रहा है.

3.32 लाख लोग प्रभावित, 622 गांव जलमग्न

ताजा रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के 21 राजस्व सर्किलों के 622 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं. कुल 3,32,639 लोग इस आपदा का सामना कर रहे हैं. कई इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया गया है. प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है.

कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान

बाढ़ का व्यापक असर खेती-किसानी पर पड़ा है. रिपोर्ट के अनुसार 45,341.98 हेक्टेयर फसल क्षेत्र अभी भी पानी में डूबा हुआ है. धानसिरी नदी नूमालीगढ़ में अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. हालांकि अभी किसी नदी के सर्वोच्च बाढ़ स्तर को पार करने की सूचना नहीं है.

मृतकों के परिवारों को 9 लाख रुपये सहायता

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राहत पैकेज का ऐलान करते हुए कहा कि सरकार प्रभावित लोगों के पुनर्वास में कोई कसर नहीं छोड़ेगी. सरकार ने बाढ़ में मृत लोगों के परिजनों को मिलने वाली 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि के अलावा मुख्यमंत्री राहत कोष से अतिरिक्त 5 लाख रुपये देने की घोषणा की है. इस तरह प्रत्येक प्रभावित परिवार को कुल 9 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी. सरकार ने यह भी फैसला किया है कि बाढ़ से हुई मौतों के मामलों में अनुग्रह राशि प्राप्त करने के लिए पोस्टमार्टम की अनिवार्यता नहीं होगी.

लापता लोगों के परिवारों को भी राहत

राज्य सरकार ने घोषणा की है कि 30 दिनों से अधिक समय से लापता व्यक्तियों के परिजनों को भी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी. इस फैसले से उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो अब तक अपने परिजनों के बारे में अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं.

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एक लाख परिवारों को मिलेगी नकद सहायता

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक लाख से अधिक गंभीर रूप से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत के तौर पर 15,000 रुपये नकद सहायता दी जाएगी. इस राशि का उपयोग परिवार भोजन, दवाइयों और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करने के लिए कर सकेंगे.

KORBA : वेदांता पावर की क्रिसिल रेटिंग हुई अपग्रेड, एए प्लस (सीई) स्टेबल श्रेणी में शामिल…

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कोरबा : देश की प्रमुख निजी ताप विद्युत उत्पादक कंपनियों में शामिल वेदांता पावर लिमिटेड को क्रिसिल (CRISIL) ने बड़ी रेटिंग राहत देते हुए उसकी गारंटीकृत दीर्घकालिक बैंकिंग सुविधाओं की रेटिंग क्रिसिल एए प्लस (सीई) स्टेबल कर दी है। इससे पहले कंपनी की यह रेटिंग ‘रेटिंग वॉच विद डेवलपिंग इंप्लिकेशन्स’ के अंतर्गत थी। वहीं, कंपनी की स्वतंत्र दीर्घकालिक रेटिंग एए-स्टेबल तथा अल्पकालिक रेटिंग क्रिसिल ए1 प्लस पर बरकरार रखी गई है।

क्रिसिल के अनुसार यह रेटिंग अपग्रेड वेदांता समूह के डीमर्जर के सफल क्रियान्वयन के बाद कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति, विविध ताप विद्युत परिसंपत्तियों, बेहतर तरलता (लिक्विडिटी) और रणनीतिक महत्व को देखते हुए किया गया है। एजेंसी ने कंपनी के प्रभावी परिचालन, दीर्घकालिक पावर परचेज एग्रीमेंट (पीपीए), सुरक्षित ईंधन आपूर्ति व्यवस्था तथा वित्तीय लचीलेपन को भी इस निर्णय का प्रमुख आधार बताया है।

वेदांता पावर वर्तमान में देश के विभिन्न राज्यों में ताप विद्युत संयंत्रों का संचालन कर रही है। इनमें पंजाब स्थित 1,980 मेगावाट क्षमता का तलवंडी साबो थर्मल पावर प्लांट, ओडिशा के झारसुगुड़ा में 600 मेगावाट क्षमता का संयंत्र, आंध्र प्रदेश में 1,000 मेगावाट क्षमता वाली मीनाक्षी एनर्जी लिमिटेड तथा छत्तीसगढ़ के सक्ती में 600 मेगावाट क्षमता का थर्मल पावर प्लांट शामिल है। कंपनी ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में सक्ती संयंत्र में 600 मेगावाट की एक अतिरिक्त इकाई शुरू होने के बाद उसकी कुल उत्पादन क्षमता में और वृद्धि होगी।

क्रिसिल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि डीमर्जर के बाद वेदांता पावर का व्यवसाय अधिक रणनीतिक रूप से केंद्रित हुआ है, जिससे कंपनी को बेहतर वित्तीय लचीलापन और दीर्घकालिक विकास का आधार मिला है। विविध उत्पादन पोर्टफोलियो, दीर्घ एवं मध्यम अवधि के पीपीए, ईंधन आपूर्ति अनुबंध तथा मजबूत नकदी प्रवाह कंपनी की प्रमुख ताकत हैं।

कंपनी ने कहा कि यह रेटिंग अपग्रेड उसकी परिचालन उत्कृष्टता, वित्तीय अनुशासन और दीर्घकालिक मूल्य सृजन की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। वेदांता पावर ने भरोसेमंद, दक्ष और उत्तरदायी ऊर्जा उत्पादन के माध्यम से देश की ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

NEET Protest Case: जंतर-मंतर हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, बिना आपराधिक रिकॉर्ड वाले सभी छात्रों की तत्काल रिहाई का आदेश

NEET Protest Case: दिल्ली के जंतर-मंतर सहित देश भर में नीट (NEET) पेपर लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा और पुलिस कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश जारी करते हुए पुलिस हिरासत और गिरफ्तारियों में लिए गए उन सभी छात्रों को तुरंत छोड़ने का निर्देश दिया है, जिनके खिलाफ पहले से कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। NEET प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली, बिहार, महाराष्ट्र, असम, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और केरल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने सभी CCTV फुटेज संरक्षित करने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि जिन लोगों के खिलाफ पहले से कोई मुकदमा नहीं है, लेकिन प्रदर्शन के दौरान उन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी।

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हिंसा पर कोर्ट की टिप्पणी

CJI ने कहा कि सभी याचिकाओं में कुछ आरोप लगाए गए हैं। अगर व्यापक रूप से देखें तो एक मामला पेलेट गन के इस्तेमाल का है, जिसमें 19 वर्षीय एक युवक की आंखों की रोशनी चली गई। इलेक्ट्रिक बैटन के इस्तेमाल की भी घटनाएं सामने आई हैं। एक युवा महिला को आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा। कीलों लगे लाठियों के इस्तेमाल के कारण जानलेवा चोटें लगने के आरोप भी हैं। मीडिया से जुड़े एक व्यक्ति पर हमले का भी एक मामला है, जिसका जिक्र कल भी किया गया था। आरोप है कि उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों द्वारा हिंसा किए जाने के आरोप भी हैं। एक अन्य मामले में एक युवा महिला को बिना किसी उकसावे के पुलिसकर्मी द्वारा थप्पड़ मारे जाने का आरोप है। आज पुलिस की कथित अत्यधिक कार्रवाई को लेकर एक अलग याचिका भी दायर की गई है।

निर्दोष लोगों पर अत्याचार पर कोर्ट ने क्या कहा?

CJI ने कहा कि जिस किसी ने भी अपनी सीमाओं का उल्लंघन किया है और निर्दोष लोगों पर अत्याचार किए हैं, कानून उसके साथ उचित कार्रवाई करेगा। लेकिन इसके लिए पूरी तरह स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच आवश्यक है। यदि किसी की जवाबदेही तय नहीं होती, तो ऐसी जांच का कोई अर्थ नहीं रह जाता। CJI ने कहा कि इस मामले की पूरी जांच होनी चाहिए। इसमें कोई शक नहीं। वह जांच इंडिपेंडेंट, फेयर, ट्रांसपेरेंट होनी चाहिए। इसका कंपोजिशन क्या होगा, हम बाद में बताएंगे। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि 250 पुलिसवाले घायल हैं। कुछ पुलिसवालों को टांके लगे हैं। सच सामने आना चाहिए। ये (हिंसा) स्टूडेंट्स नहीं कर सकते। कुछ बदमाश या बिन बुलाए मेहमान जरूर आए होंगे। हमारे पास डेटा है, जो हम दिखाएंगे। मर्डर, रेप और NDPS चार्ज वाले लोग वहां थे, इसलिए इंडिपेंडेंट जांच होनी चाहिए।

CJI ने कहा कि हमारे सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद, अगर हम तथ्यों से जुड़े सवालों की जांच में उतरने लगेंगे, तो हम ऐसा नहीं कर पाएंगे। अगर हम सबसे संयमित भाषा का इस्तेमाल करें, तो इतना कह सकते हैं कि स्वतंत्र जांच के लिए प्रथम दृष्टया मामला बनता है। अधिवक्ता मैथ्यूज नेदुमपरा ने कहा कि मैं माननीय न्यायाधीशों की ओर से कही गई बातों का समर्थन करता हूं। यह एक बेहद संतुलित और व्यावहारिक दृष्टिकोण है। मैं घायल लोगों के साथ हूं। लेकिन साथ ही, अनुच्छेद 32 की अपनी सीमाएं भी हैं।

वरिष्ठ अधिवक्ता एन. हरिहरन ने कहा कि पूरे मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों और सामग्री को सुरक्षित रखने का आदेश पहले ही दिया जा चुका है। यह व्यवस्था आगे भी जारी रहनी चाहिए।याचिकाकर्ताओं ने अदालत में सबूत रखते हुए आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने अनुच्छेद 19 और 21 के तहत मिले मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किया और छात्रों पर अत्यधिक बल प्रयोग किया।

रेलकर्मियों के लिए बड़ी खुशखबरी! अब मनचाहे स्टेशन पर होगा ट्रांसफर, घर के पास मिलेगी पोस्टिंग; जानिए किसे मिलेगा लाभ

Railway Transfer Policy: रेलवे में काम करने वाले रेलकर्मियों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है. अपने घर, होमटाउन, राज्‍य से दूर नौकरी कर रहे रेलकर्मी अब अपने घर के करीब नौकरी कर सकते हैं. उनका ट्रांसफर ऐसी जगह हो सकता है, जो उनके घर के पास हो. या फिर ऐसी जगह, जहां वो वर्षों से जाना चाहते थे, वहीं उन्‍हें पोस्टिंग मिल सकती है. जी हां, रेलकर्मियों के लिए रेलवे बोर्ड ने ऑन-रिक्‍वेस्‍ट ट्रांसफर पॉलिसी में महत्‍वपूर्ण बदलाव किया है. इसको लेकर रेलवे बोर्ड ने सभी जोन के महाप्रबंधकों (GM) को पत्र भेजकर जरूरी दिशानिर्देश जारी किए हैं. नई व्‍यवस्‍था के तहत हर महीने HRMS पोर्टल पर ट्रांसफर की योग्‍यता रखनेवाले कर्मचारियों की प्राथमिकता सूची जारी की जाएगी. पूर्व मध्‍य रेलवे में 23 साल से कार्यरत एक अनुभवी रेलकर्मी ने बताया कि देशभर में हजारों ऐसे रेल कर्मचारी हैं जो 20-22 साल या उससे ज्यादा भी, अपने घर से काफी दूर सेवा देने के बावजूद अपने घर के पास यानी गृह मंडल में ट्रांसफर का इंतजार करते रहते हैं और रिटायर भी हो जाते हैं. एक उम्र के बाद रेलकर्मियों को भी घर के पास पोस्टिंग की जरूरत होती है, ताकि जरूरत पड़ने पर वो घर पर भी समय बिता पाएं. रेलवे की इस पॉलिसी में बदलाव का उद्देश्‍य ऐसे कर्मियों को राहत देना है.

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किन रेलकर्मियों को मिलेगा मनचाहा ट्रांसफर?

रेलवे ने दूर-दराज क्षेत्रों में वर्षों से काम कर रहे वैसे रेलकर्मियों के लिए ऑनरिक्वेस्ट ट्रांसफर पॉलिसी में बदलाव किया है जो 20 साल या उससे ज्‍यादा सेवा पूरी कर चुके हैं. यानी कम से कम 20 साल सर्विस कर चुके अराजपत्रित रेल कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर ट्रांसफर करने का फैसला लिया गया है. रेलवे के एक अधिकारी के मुताबिक नई व्यवस्था का उद्देश्य लंबे समय से अपने गृह मंडल या घर-परिवार के पास ट्रांसफर का इंतजार कर रहे रेल कर्मचारियों को राहत देना है. रेलवे बोर्ड के डिप्‍टी डायरेक्‍टर संजय कुमार ने सभी जोन के GMs को पत्र लिखकर दिशा-निर्देश दिए हैं.

ट्रांसफर के लिए HRMS पोर्टल पर जारी होगी लिस्‍ट!

नई व्यवस्था के तहत HRMS पोर्टल यानी ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम वेबसाइट पर हर महीने, 20 वर्ष+ सेवा दे चुके कर्मचारियों की अलग प्राथमिकता सूची जारी की जाएगी. इस लिस्‍ट में सबसे ज्‍यादा सर्विस कर चुके रेलकर्मी को सबसे पहले ट्रांसफर का मौका दिया जाएगा. नए सिस्‍टम की खासियत ये भी है कि ट्रांसफर स्वीकृत (Accept) होने के बाद किसी तरह के NOC यानी अनापत्ति प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं होगी. HRMS के माध्यम से ही ऑटोमैटिकली ट्रांसफर का आदेश जारी हो जाएगा.

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ट्रांसफर ऑर्डर जारी होते ही 15 दिन में रिलीविंग

पॉलिसी में बदलाव को लेकर बताया जा रहा है कि ट्रांसफर आदेश जारी होने के 15 दिनों के भीतर संबंधित रेलकर्मी की रिलीविंग यानी उन्हें कार्यमुक्त करना जरूरी होगा. बहुत जरूरी हुआ तो भी विशेष परिस्थिति में कर्मचारी को एक महीने से ज्‍यादा समय तक नहीं रोका जा सकेगा और उन्‍हें रोकने के लिए भी संबंधित DRM यानी मंडल के रेल प्रबंधक की स्वीकृति चाहिए होगी. रेलवे कर्मचारी संगठनों ने बोर्ड के इस फैसले का स्वागत किया है. बताया गया कि ट्रांसफर पॉलिसी में बदलाव की अधिसूचना, जारी होने के 2 महीने बाद से HRMS पोर्टल पर प्रभावी होगी.