Thursday, August 6, 2026
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स्कूल-कॉलेजों के आसपास 500 मीटर तक No-Tobacco Zone! शराब-गुटका समेत नशीले पदार्थों की बिक्री पर रोक

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नई दिल्ली : केंद्र ने शैक्षणिक संस्थानों के चारों ओर 500 मीटर के दायरे को नशामुक्त क्षेत्र बनाने का प्रस्ताव रखा है। यानी आधा किलोमीटर के दायरे में तंबाकू, शराब, गुटका या किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। इसके अलावा केंद्र से वित्तीय मदद पाने वाले उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्र कल्याण कार्यक्रमों के तहत सहमति से नशा परीक्षण शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया है। यह प्रस्ताव नशीले पदार्थों के नियंत्रण पर विजन डाक्यूमेंट्स (2026-2029) के तहत रखे गए हैं।

रेलवे की नई उपलब्धि! पहली वंदे भारत फ्रेट EMU ने पास की इमरजेंसी ब्रेकिंग परीक्षा

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने संसद को बताया कि यह तीन वर्षीय रोडमैप प्रिवेंटिव एजुकेशन (किसी समस्या, बीमारी, बुरे व्यवहार या खतरे के उत्पन्न होने से पहले ही लोगों को जानकारी और प्रशिक्षण देकर उससे बचाना), जागरूकता अभियानों, काउंसिलिंग और सामुदायिक भागीदारी पर भी ध्यान केंद्रित करता है ताकि सुरक्षित और नशामुक्त शैक्षणिक वातावरण को बढ़ावा दिया जा सके।

उन्होंने कहा- “छात्र कल्याण कार्यक्रम के तहत छात्रों के लिए सहमति से स्क्रीनिंग टेस्ट का प्रस्ताव भी विजन डाक्यूमेंट्स में किया गया है।” राज्य मंत्री ने इस पहल के दायरे को उजागर करते हुए कहा कि यह छात्रों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक सुगठित, समयबद्ध रोडमैप का हिस्सा है। यह पीएम के नशामुक्त अभियान की कड़ी है। केंद्र का यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने युवाओं को भारत की “अमृत पीढ़ी” बताया था और कहा कि आप अगले 20-25 वर्षों में अपने जीवन की दिशा तय करेंगे और साथ ही 2047 तक देश को विकसित भारत के लक्ष्य की ओर ले जाएंगे। इसलिए यह जरूरी है कि वे नशे और अन्य व्यसनों से दूर रहें।

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प्रेट्र के अनुसार, गृह राज्य मंत्री राय ने एक अन्य लिखित उत्तर में बताया कि सरकार ने अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं। आंकड़ों के अनुसार, 2025 में समुद्री मार्गों से 390.803 किलोग्राम नशीले पदार्थ जब्त किए गए, जिनमें 305.894 किलोग्राम एम्फेटामाइन, 53.62 किलोग्राम गांजा, 29.954 किलोग्राम हशीश तेल और 1.335 किलोग्राम चरस शामिल हैं। मंत्री ने बताया कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), अन्य प्रवर्तन एजेंसियां और राज्य पुलिस नशीली दवा और मादक पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के तहत सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं।

रेलवे की नई उपलब्धि! पहली वंदे भारत फ्रेट EMU ने पास की इमरजेंसी ब्रेकिंग परीक्षा

Vande Bharat: देश की पहली वंदे भारत प्लेटफॉर्म आधारित फ्रेट ईएमयू (सुपरफास्ट पार्सल रेक) के तकनीकी परीक्षणों में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल के लबान-गुड़ला रेलखंड पर रेक का इमरजेंसी ब्रेकिंग डिस्टेंस (ईबीडी) परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया गया। परीक्षण के दौरान सूखी और गीली दोनों प्रकार की पटरियों पर रेक की ब्रेकिंग क्षमता का आकलन किया गया।

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चार फेरों में हुआ परीक्षण, तीनों ब्रेकिंग सिस्टम की हुई जांच

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक एवं जनसंपर्क अधिकारी सौरभ जैन ने बताया कि यह परीक्षण चार फेरों में किया गया। रेक में उपलब्ध तीनों इमरजेंसी ब्रेकिंग सिस्टम- लोको ब्रेक, ट्रेन ब्रेक और पुश बटन ब्रेक का अलग-अलग परिस्थितियों में परीक्षण किया गया। प्रत्येक परीक्षण में ब्रेक लगाए जाने के बिंदु से लेकर ट्रेन के पूरी तरह रुकने तक की दूरी का सटीक मापन किया गया, जिससे ब्रेकिंग प्रणाली की कार्यक्षमता और विश्वसनीयता का मूल्यांकन किया जा सके।

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आरडीएसओ और आईसीएफ के विशेषज्ञों की मौजूदगी में हुआ परीक्षण

उन्होंने बताया कि यह परीक्षण अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) के तत्वावधान में किया जा रहा है। परीक्षण के दौरान आरडीएसओ के निदेशक (टेस्टिंग) अनन्जय मिश्रा, आईसीएफ चेन्नई के सहायक मंडल विद्युत इंजीनियर सुधांशु कुमार, मुख्य लोको निरीक्षक रामनिवास मीना, यातायात निरीक्षक महेंद्र सिंह मीणा सहित आरडीएसओ और आईसीएफ के तकनीकी विशेषज्ञ एवं लोको क्रू मौजूद रहे।

बता दें कि कोटा मंडल में 29 जुलाई 2026 से देश की पहली वंदे भारत फ्रेट ईएमयू के विभिन्न तकनीकी परीक्षण किए जा रहे हैं। इमरजेंसी ब्रेकिंग डिस्टेंस परीक्षण की सफलता को रेक के परिचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

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Census 2027: जनगणना 2027 के दूसरे चरण यानी जनसंख्या की गि‍नती को लेकर आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है. केंद्र सरकार ने यह नोटिफिकेशन लद्दाख और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फ़बारी वाले उन इलाकों के ल‍िए जारी क‍िया है, जहां सामान्य मौसम में काम करने में द‍िक्‍कत होती है. पहली बार जनगणना के ‘जनसंख्या गणना’ चरण के दौरान जाति संबंधी जानकारी भी ली जाएगी. हालांक‍ि, इसके ल‍िए किसी भी प्रकार का जाति प्रमाण पत्र या अन्य दस्तावेज दिखाने की कोई जरूरत नहीं होगी. इसके अलावा माता-पिता की जन्म-तारीख और जन्म-स्थान का भी रिकॉर्ड ल‍िया जा सकता है.

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लद्दाख और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फ़बारी वाले इलाकों में जनगणना का दूसरा चरण 1 से 30 सितंबर के बीच होगा. केंद्र सरकार ने  सोमवार को नोटिफिकेशन जारी क‍िया. इसमें भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने बताया कि इन इलाकों में इस साल 1 से 30 सितंबर के बीच जनगणना का काम किया जाएगा और इसके बाद 1 से 5 अक्टूबर तक जानकारी को दोबारा जांचने (रिविजनल राउंड) का काम होगा. नोट‍िफ‍िकेशन के मुताब‍िक, घर-घर जाकर जनसंख्या की गिनती शुरू होने से पहले 17 से 31 अगस्त तक खुद जानकारी भरने (सेल्फ एन्यूमरेशन) का विकल्प होगा.

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नोटिफिकेशन के मुताब‍िक, इन इलाकों के लिए जनगणना की रेफरेंस तारीख 1 अक्टूबर, 2026 को रात 12 बजे होगी. इसी तारीख के आधार पर यहां की जनसंख्या का आधिकारिक डेटा दर्ज होगा. वहीं, देश के बाकी हिस्सों में जनसंख्या गिनती का दूसरा चरण अगले साल शुरू होने की संभावना है.

दो चरणों में की जा रही जनगणना 

आजादी के बाद से यह आठवीं जनगणना दो चरणों में की जा रही है. पहला चरण ‘हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस’ (HLO) कहलाता है और दूसरा चरण ‘जनसंख्या जनगणना’ है. पहली बार जनगणना के जनसंख्या गणना चरण के दौरान जाति संबंधी जानकारी भी एकत्र की जाएगी. इस जनगणना में जाति की गिनती को शामिल करने का फैसला पिछले साल 30 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन पॉलिटिकल अफेयर्स ने लिया था.

पहले चरण में 33 सवाल 

पहला चरण घरों की सूची बनाना और आवास जनगणना (HLO), 30 सितंबर तक चल रहा है. कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 16 अप्रैल से घरों की लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस (आवास जनगणना) के लिए फील्ड विज‍िट शुरू हो गई. जनगणना करने वाले कर्मचारी देश भर में सभी इमारतों, घरों और परिवारों की लिस्ट बनाएंगे, ताकि जनसंख्या की गिनती के लिए आधार तैयार किया जा सके. घरों की लिस्टिंग के काम के दौरान, कर्मचारी हर घर और इमारत में जाकर 33 सवाल पूछते हैं. इन सवालों में घरों में बुनियादी सुविधाओं, परिवार के मुखिया की जानकारी (जैसे नाम और लिंग), घर के मालिकाना हक की स्थिति और दूसरी जानकारियां शामिल होती हैं.

बता दें क‍ि 2021 में होने वाली दस-सालाना जनगणना की प्रक्रिया को COVID-19 महामारी के कारण टाल दिया गया था. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जनगणना कराने के लिए 11,718 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है. यह लोगों की गिनती करने का सबसे बड़ा अभियान होगा.

बालको अस्पताल बना कोरबा की स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूत पहचान, आधुनिक इलाज से हर साल 1.80 लाख मरीजों को राहत

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कोरबा : औद्योगिक नगरी कोरबा में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बालको अस्पताल लगातार अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) द्वारा संचालित यह 100 बिस्तरों वाला मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाओं के कारण न केवल बालको कर्मचारियों, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए भी भरोसेमंद चिकित्सा केंद्र बन चुका है। अस्पताल में प्रतिवर्ष करीब 1.80 लाख मरीजों का उपचार किया जा रहा है।

अस्पताल में 10 विशेषज्ञ चिकित्सक, 6 रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर, 70 प्रशिक्षित नर्सें तथा 113 से अधिक सहायक कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। यहां जनरल मेडिसिन, ऑर्थोपेडिक्स, स्त्री एवं प्रसूति रोग, शिशु रोग, नेत्र रोग, दंत चिकित्सा, ईएनटी, रेडियोलॉजी, फिजियोथेरेपी, कार्डियोलॉजी, पल्मोनोलॉजी और यूरोलॉजी सहित विभिन्न विशेषज्ञ विभाग संचालित हैं। अस्पताल का उद्देश्य गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए लोगों की बड़े शहरों पर निर्भरता कम करना और स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

अस्पताल में अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीकों का भी विस्तार किया गया है। यहां हाइड्रोसेफेलस के उपचार के लिए न्यूरोसर्जरी (ईवीडी), फेकोइमल्सिफिकेशन तकनीक से मोतियाबिंद ऑपरेशन, लेजर प्रोक्टोलॉजी, जॉइंट रिप्लेसमेंट एवं आर्थ्रोप्लास्टी, आधुनिक डायलिसिस यूनिट, पूर्णतः स्वचालित पैथोलॉजी प्रयोगशाला तथा उन्नत रेडियोलॉजी एवं डायग्नोस्टिक सेवाएं उपलब्ध हैं। इन सुविधाओं के कारण मरीजों को कई जटिल उपचार अब कोरबा में ही मिल रहे हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ बालको अस्पताल सामाजिक दायित्वों का भी निर्वहन कर रहा है। अस्पताल की ओर से नियमित रूप से निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर, टीकाकरण अभियान तथा आयुष्मान भारत योजना के तहत विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनसे कोरबा और आसपास के हजारों लोग लाभान्वित हो रहे हैं।

बालको अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक सिन्हा ने कहा कि अस्पताल का लक्ष्य केवल मरीजों का उपचार करना ही नहीं, बल्कि उन्हें विश्वस्तरीय और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने बताया कि बदलती चिकित्सा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में लगातार नई तकनीकों और विशेषज्ञ सेवाओं को शामिल किया जा रहा है, ताकि गंभीर एवं जटिल बीमारियों का उपचार स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सके। उन्होंने कहा कि उपचार के साथ-साथ निवारक स्वास्थ्य सेवाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नियमित स्वास्थ्य जांच शिविर, जनजागरूकता अभियान और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं, अनुभवी विशेषज्ञों और सामुदायिक स्वास्थ्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के चलते बालको अस्पताल आज कोरबा जिले में गुणवत्तापूर्ण एवं भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाओं के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित हो चुका है।

KORBA : नए बीटीएपी एल्यूमिना रेलवे रेक के साथ बालको ने आपूर्ति श्रृंखला को किया और मजबूत…

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कोरबा, 03 अगस्त, 2026। भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अपनी लॉजिस्टिक्स क्षमता को और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपने रेलवे यार्ड में दूसरा बीटीएपी (बोगी टैंक एल्यूमिना पाउडर) एम-1 (बी12) रेलवे रेक शामिल किया है। यह कंपनी की प्रचालन दक्षता बढ़ाने, एल्यूमिना की बिना रूकावट आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा एक मिलियन टन वार्षिक उत्पादन क्षमता (1 एमटीपीए) के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण निवेश है।

एल्यूमिना एल्यूमिनियम उत्पादन का प्रमुख कच्चा माल है और इसकी समयबद्ध उपलब्धता उत्पादन प्रक्रिया के लिए अत्यंत आवश्यक है। प्रतिदिन हजारों टन एल्यूमिना लंबी दूरी तय कर बालको के संयंत्र तक पहुंचता है। ऐसे में इसकी सुरक्षित, विश्वसनीय और निर्बाध आपूर्ति बनाए रखना कंपनी के संचालन की निरंतरता के लिए महत्वपूर्ण है।

भारतीय रेलवे की लिबरलाइज्ड स्पेशल फ्रेट ट्रेन ऑपरेटर (एलएसएफटीओ) योजना के तहत शामिल किए गए इस नए रेलवे रेक से रेल आधारित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। इससे सड़क परिवहन पर निर्भरता कम होगी, बड़ी मात्रा में एल्यूमिना का अधिक सुरक्षित एवं नियमित परिवहन संभव होगा तथा लॉजिस्टिक्स लागत में दीर्घकालिक दक्षता आएगी। रेल परिवहन के माध्यम से सामग्री की आवाजाही अधिक व्यवस्थित, विश्वसनीय और पर्यावरण के अनुकूल बनेगी।

यह पहल पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति बालको की प्रतिबद्धता को भी मजबूत करती है। रेल परिवहन के बढ़ते उपयोग से लॉजिस्टिक्स से होने वाले कार्बन उत्सर्जन में कमी आने की संभावना है, जो वेदांता के वर्ष 2050 तक नेट ज़ीरो कार्बन लक्ष्य के अनुरूप है।

नया रेलवे रेक बालको के आधुनिक डिजिटल लॉजिस्टिक्स नेटवर्क से भी जुड़ा हुआ है। 24×7 कंट्रोल टॉवर के माध्यम से जीपीएस आधारित रियल-टाइम ट्रैकिंग, संयंत्र परिसर में केंद्रीयकृत सीसीटीवी निगरानी तथा सस्टेनेबल प्रचालन मॉनिटरिंग से सामग्री की आवाजाही पर निरंतर नजर रखी जाती है। इससे त्वरित निर्णय लेने, बेहतर समन्वय स्थापित करने और संपूर्ण सप्लाई चेन को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलती है।

यह रेलवे रेक केवल परिवहन अवसंरचना का विस्तार नहीं, बल्कि भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप एक स्मार्ट, मजबूत और टिकाऊ सप्लाई चेन विकसित करने की दिशा में बालको की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। यह निवेश उत्पादन की निरंतरता सुनिश्चित करने, प्रचालन क्षमता बढ़ाने और पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

एक मिलियन टन वार्षिक उत्पादन क्षमता के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए बालको आधुनिक तकनीक, कुशल लॉजिस्टिक्स और टिकाऊ विकास के माध्यम से देश के एल्यूमिनियम उद्योग में उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

किसानों का अनोखा प्रदर्शन, नदी किनारे रेत में खुद को दबाकर जताया विरोध

चेन्नई : कावेरी नदी के पानी के लिए तमिलनाडु के किसानों का गुस्सा सड़क पर उतर आया। तिरुचिरापल्ली में कावेरी नदी के किनारे किसानों ने रेत में खुद को दबाकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने सिंचाई के लिए कावेरी का पानी छोड़ने की मांग की। तमिलनाडु के किसानों ने तिरुचिरापल्ली में कावेरी नदी के किनारे एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया, सिंचाई के लिए कावेरी का पानी तुरंत छोड़ने की मांग को लेकर रेत में खुद को दबा लिया। किसानों का नेतृत्व अय्या कन्नू ने किया। किसान संघ के नेता अय्या कन्नू के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में किसानों ने कहा कि कुरुवई फसल को बचाने के लिए बार-बार अपील करने के बावजूद कर्नाटक सरकार तमिलनाडु को पानी नहीं दे रही।

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सरकार पर लगाए आरोप

कन्नू ने कर्नाटक सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वो तमिलनाडु को ड्रेनेज स्टेट समझ रही है। उन्होने आरोप लगाया कि राज्य अपना सही हिस्सा देने के बजाय सिर्फ बचा हुआ पानी छोड़ रही है।

1 लाख करोड़ का मुआवजा मांगो सरकार

कन्नू ने TN के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय से अपील की कि वे कर्नाटक से 1 लाख करोड़ रुपये का मुआवजा मांगते हुए सुप्रीम कोर्ट में केस करें। उन्होंने कहा सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक को हर महीने TN के लिए पानी छोड़ने का निर्देश दिया है। अभी कर्नाटक के पास 80 TMC से ज्यादा पानी है।

CM डीके शिवकुमार ने 3,500 क्यूसेक पानी देने से मना कर दिया। परसों केरल में बारिश हुई, वो पानी हम भवानीसागर डैम में भेज सकते थे, लेकिन यहां के नेताओं ने कोई कदम नहीं उठाया।

कन्नू ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पानी नहीं छोड़ा तो कर्नाटक में ही नुकसान होगा। अब वे अपने लोगों को बचाने के लिए 25 हजार क्यूसेक पानी छोड़ रहे हैं।

बीजेपी ने सरकार की आलोचना की

इससे पहले बीजेपी के स्टेट सेक्रेटर विनोज पी सेल्वम ने तमिलनाडु सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार डेल्टा के किसानों के हितों की रक्षा और कर्नाटक से पानी दिलाने में नाकाम रही है।

उन्होंने कहा कि बहुत दुख की बात है कि TVK सरकार ने ये पक्का करने के लिए कछ नहीं किया कि कर्नाटक से पानी आए। CM ड्रोन शॉट्स और रेड कार्पेट वेलकम में बिजी हैं। किसानों को पानी चाहिए, वॉटर सिक्योरिटी से कॉम्प्रोमाइज नहीं होना चाहिए।

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मेकेदातु पर भी विरोध

वहीं किसानों ने मेकेदातु बैलेंसिंग रिजर्वॉयर प्रोजेक्ट का भी विरोध दोहराया। उनका कहना है कि इस डैम से तमिलनाडु में पानी की उपलब्धता और कम हो जाएगी।

दोनों राज्यों के बीच पुराना विवाद

कावेर वॉटर डिस्प्यूट कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच दशकों पुराना झगड़ा है। मुद्दा ये है कि कम बारिश वाले सालों में नदी का पानी कैसे बांटा जाए। सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी कर्नाटक को तमिलनाडु के लिए पानी छोड़ने का आदेश दिया है, लेकिन हर साल मानसून में ये विवाद फिर से उभर आता है।

राशन मिलने में आ रही परेशानी? अब घर बैठे WhatsApp से दर्ज करें शिकायत, जानें पूरा तरीका

Ration Card Complaint WhatsApp Number: देश के करोड़ों राशन कार्डधारकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है. अगर आपको राशन मिलने में परेशानी हो रही है, कोटेदार या डीलर मनमानी कर रहा है, या फिर राशन कार्ड में कोई गलती ठीक करना है, तो अब इसके लिए आपको सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने या लंबी लाइनों में खड़े होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. दरअसल, खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग (DFPD) ने आम नागरिकों की सुविधा के लिए अन्न सहायता (Anna Sahayata) नामक एक विशेष डिजिटल हेल्पलाइन और चैटबौट सेवा की शुरुआत की है. इसकी मदद से अब आप सीधे अपने फोन से WhatsApp नंबर 9868200445 पर मैसेज भेजकर घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

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ये है WhatsApp पर शिकायत दर्ज करने का स्टेप बाय स्टेप तरीका

अन्न सहायता व्हाट्सऐप चैटबॉट का उपयोग करना बेहद सरल है. इससे अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें.

  • सबसे पहले अपने स्मार्टफोन में केंद्र सरकार का आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर 9868200445 सेव कर लें.
  • अपना WhatsApp खोलें और इस नंबर पर Hi या Namaste लिखकर भेजें.
  • चैटबॉट आपको भाषा चुनने का विकल्प देगा जैसे हिंदी, इंग्लिश, बांग्ला आदि. अपनी सुविधा के अनुसार भाषा सेलेक्ट करें.
  • अपनी पहचान की पुष्टि के लिए अपना राशन कार्ड नंबर और अपने आधार कार्ड के अंतिम 4 अंक दर्ज करें.
  • स्क्रीन पर दिख रही सूची में से अपनी समस्या जैसे राशन न मिलना, कम तौलना, डीलर का खराब व्यवहार, या कार्ड में सुधार को चुनें.
  • अपनी शिकायत का पूरा विवरण लिखकर भेज दें.

शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई, ऐसे करें पता

शिकायत सबमिट होते ही आपको WhatsApp पर एक शिकायत रजिस्ट्रेशन नम्बर मिलेगा. इस नंबर के जरिए आप भविष्य में कभी भी अपनी शिकायत का स्टेटस ऑनलाइन चेक कर सकते हैं.

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इन तरीकों से भी दर्ज करा सकते हैं शिकायत

अगर किसी वजह से आप WhatsApp का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं, तो केंद्र सरकार की ओर से दिए गए दूसरे विकल्पों के जरिए भी अपनी बात अधिकारियों तक पहुंचा सकते हैं.

  1.  IVRS हेल्पलाइन: सरकार के टोल फ्री नंबर 14457 पर कॉल करके भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.
  2.  राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर: आप 1967 या 180018002084 पर कॉल करके सीधे कस्टमर केयर प्रतिनिधि से संपर्क कर सकते हैं.
  3.  मेरा राशन ऐप: अपने फोन के गूगल प्ले स्टोर से Mera Ration ऐप डाउनलोड करके भी सीधे ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं.

Rule Change From 1 August: आज से लागू हुए नए नियम! LPG, ईंधन, तत्काल टिकट और ITR समेत इन 10 चीजों में बड़ा बदलाव

Rule Change From 1 August: अगस्त महीने की शुरुआत के साथ ही आज ,1 अगस्त से देशभर में कई बड़े नियम लागू हो गए हैं. इन बदलावों का सीधा असर आम लोगों की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा. आज से कमर्शियल LPG सिलेंडर  और पेट्रोल-डीजल के नए दाम लागू हो गए हैं. रेलवे के तत्काल टिकट बुकिंग सिस्टम में बदलाव हो गया है, ITR देर से भरने पर जुर्माना लगेगा और आधार  CKYC 2.0 भी लागू हो गया है. इसके अलावा स्पीड पोस्ट, बैंक छुट्टियों, और SEBI के Buyback नियमों समेत कई अहम बदलाव आज से लागू हैं.

1st August Rule Change : 1 अगस्त से बदल जाएंगे कई बड़े नियम! तत्काल टिकट, CKYC समेत इन बदलावों का आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर 

आइए जानते हैं 1 अगस्त से लागू हुए 10 बड़े बदलाव…

1. कमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ सस्ता

सरकारी तेल कंपनियों (IOCL, BPCL और HPCL) ने 1 अगस्त से एलपीजी सिलेंडर के नए रेट लागू कर दिए हैं. कमर्शियल उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में बड़ी कटौती की गई है. कोलकाता में कमर्शियल सिलेंडर 209 रुपये और दिल्ली में 202 रुपये सस्ता हुआ है. इसके बाद कोलकाता में इसकी कीमत 2,872.50 रुपये और दिल्ली में 2,738 रुपये रह गई है. हालांकि, 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

2. पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी

सरकारी तेल कंपनियों ने आज सुबह पेट्रोल और डीजल के नए रेट भी जारी कर दिए हैं. देशभर में आज  कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है. हालांकि, वैट के कारण कुछ शहरों में मामूली बदलाव देखने को मिला है.

3. तत्काल टिकट बुकिंग का नया टोकन सिस्टम लागू

आज से रेलवे रिजर्वेशन काउंटर पर Tatkal टिकट बुक कराने के लिए नया टोकन सिस्टम लागू हो गया है. अब यात्रियों को पहले टोकन मिलेगा और उसी क्रम में टिकट बुक किए जाएंगे. इससे लंबी लाइन और अव्यवस्था कम होने की उम्मीद है.

4. ITR लेट भरने पर लगेगा जुर्माना

31 जुलाई की समय सीमा खत्म होने के बाद अब ITR-1 और ITR-2 देर से दाखिल करने वाले पात्र टैक्सपेयर्स को लेट फीस देनी पड़ सकती है. वहीं, ITR-3 और ITR-4 दाखिल करने वाले ऐसे टैक्सपेयर्स, जिनके खातों का ऑडिट जरूरी नहीं है, उनके लिए अंतिम तारीख 31 अगस्त है. आयकर अधिनियम की धारा 234F के तहत 5,000 रुपये तक की लेट फीस लग सकती है.

5. आधार बेस्ड CKYC 2.0 लागू

आज से बैंक, बीमा कंपनियां और म्यूचुअल फंड हाउस CKYC 2.0 लागू करना शुरू कर चुके हैं. इससे ग्राहकों की डिजिटल सहमति के आधार पर KYC जानकारी सीधे केंद्रीय रजिस्ट्री से ली जा सकेगी और बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत कम होगी.

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6. स्पीड पोस्ट के नए नियम और नई दरें लागू

आज से स्पीड पोस्ट की नई कैटेगरी और नए शुल्क लागू हो गए हैं. आधार, PAN, पासबुक, चेकबुक और अन्य सरकारी दस्तावेज अब ‘डॉक्यूमेंट्स’ कैटेगरी में आएंगे. वहीं बाकी सामान पार्सल कैटेगरी में रहेगा.

7. अगस्त में 14 दिन बंद रहेंगे बैंक

अगस्त महीने में रविवार, दूसरे और चौथे शनिवार, स्वतंत्रता दिवस, रक्षाबंधन, जन्माष्टमी और विभिन्न राज्यों के त्योहारों को मिलाकर कुल 14 दिन बैंक बंद रहेंगे. हालांकि, छुट्टियां सभी राज्यों में एक जैसी नहीं होंगी, इसलिए अपने शहर की RBI हॉलिडे लिस्ट जरूर देखें.

8. चीनी पर नई स्टॉक लिमिट लागू

आज से चीनी डीलरों पर नई स्टॉक लिमिट लागू हो गई है. अब कोई भी डीलर 30 दिनों से ज्यादा और 4,000 क्विंटल से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेगा. यह नियम 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा.

9. दिल्ली में मुफ्त बस यात्रा के लिए स्मार्ट कार्ड जरूरी

दिल्ली में महिलाओं के लिए आज से मुफ्त बस यात्रा का लाभ लेने के लिए पिंक सहेली  स्मार्ट कार्ड (Pink Saheli Smart Card) अनिवार्य हो गया है. बस में कार्ड टैप करने के बाद ही मुफ्त टिकट जारी किया जाएगा.

10. SEBI का नया Buyback नियम लागू

आज से SEBI का नया Buyback नियम भी प्रभावी हो गया है. अब लिस्टेड कंपनियां अपनी कुल पेड-अप कैपिटल का अधिकतम 15% हिस्सा ही बायबैक कर सकेंगी. साथ ही पूरी प्रक्रिया 66 वर्किंग डे के भीतर पूरी करनी होगी. नए नियम का मकसद पारदर्शिता बढ़ाना और निवेशकों के हितों की बेहतर सुरक्षा करना है.

1st August Rule Change : 1 अगस्त से बदल जाएंगे कई बड़े नियम! तत्काल टिकट, CKYC समेत इन बदलावों का आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर 

1st August Rule Change : हर नए महीने की पहली तारीख अपने साथ कई नए बदलाव लेकर आती है, जिनका सीधा असर देश के आम नागरिकों के घरेलू बजट और रोजमर्रा के कामकाज पर पड़ता है। 1 अगस्त 2026 से भी देश में कई महत्वपूर्ण नियम बदलने जा रहे हैं, जो सीधे आपकी जेब, यात्रा, टैक्स और बैंकिंग सेवाओं से जुड़े हुए हैं। इन नए नियमों में रसोई गैस की कीमतों से लेकर, रेलवे की तत्काल टिकट खिड़की, क्रेडिट कार्ड के सर्विस चार्ज, आईटीआर पेनल्टी और पहचान सत्यापन की पूरी व्यवस्था शामिल है। सही जानकारी न होने पर आपको वित्तीय नुकसान झेलना पड़ सकता है। आइए बेहद आसान और सरल भाषा में समझते हैं कि 1 अगस्त से देश में कौन से 5 बड़े बदलाव होने जा रहे हैं।

Sawan 2026: अयोध्या से काशी तक कांवड़ यात्रा के लिए बड़े इंतजाम, पॉलीथिन पर सख्त बैन, जानें नई गाइडलाइन

एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतें

  • तेल विपणन कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को रसोई गैस सिलेंडरों के दामों की समीक्षा करती हैं।
  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए 1 अगस्त को घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के नए रेट जारी किए जाएंगे।
  • अगर कमर्शियल गैस सिलेंडरों के दाम बढ़ते हैं, तो बाहर होटलों और रेस्टोरेंट में खाना-पीना महंगा हो सकता है, जिसका सीधा असर आपके मासिक बजट पर पड़ेगा।

तत्काल टिकट बुकिंग में टोकन से जुड़ा नया नियम

  • पश्चिम मध्य रेलवे 1 अगस्त से रिजर्वेशन काउंटरों पर तत्काल टिकटों की बुकिंग के लिए नया ‘टोकन सिस्टम’ लागू कर रहा है।
  • अब काउंटरों पर लंबी लाइन और धक्का-मुक्की रोकने के लिए टोकन बांटने का समय तत्काल बुकिंग खुलने के समय के साथ मिलाया जा रहा है।
  • एसी तत्काल के लिए सुबह 8:30-9:00 बजे और नॉन-एसी के लिए सुबह 9:00-9:30 बजे टोकन मिलेंगे, इसके बाद ही काउंटर से तत्काल टिकट बुक कर सकेंगे।

क्रेडिट कार्ड और बैंकिंग चार्ज में बड़ा बदलाव

  • 1 अगस्त से कुछ बैंक अपने क्रेडिट कार्ड से जुड़े शुल्क, रिवॉर्ड पॉइंट्स या अन्य नियमों में बदलाव कर सकते हैं।
  • बता दें कि यह बदलाव सभी बैंकों पर लागू नहीं होगा।
  • इसलिए अगर आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो अपने बैंक की वेबसाइट या एप पर जाकर नए नियम और शुल्क जरूर चेक करें।

आईटीआर (ITR) फाइलिंग पर भारी लेट फीस और पेनल्टी

  • वित्तीय वर्ष के लिए बिना जुर्माने के इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है।
  • जो लोग इस समय सीमा तक अपना रिटर्न फाइल नहीं कर पाए हैं, उन्हें 1 अगस्त से बिलेटेड रिटर्न भरने पर आय के आधार पर भारी जुर्माना (पेनल्टी) देना होगा।
  • इसलिए टैक्सपेयर्स को किसी भी अन्य कानूनी पचड़े से बचने के लिए जल्द से जल्द लेट फीस के साथ रिटर्न भरने की सलाह दी जाती है।

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सीकेवाईसी (CKYC) 2.0 की शुरुआत 

  • 1 अगस्त से देश के बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों में ग्राहक सत्यापन को सुरक्षित बनाने के लिए ‘सेंट्रल नो योर कस्टमर’ यानी सीकेवाईसी 2.0 सिस्टम लागू होने जा रहा है।
  • इसके तहत ग्राहकों को 14 अंकों का एक यूनिक सीकेवाईसी नंबर मिलेगा।
  • इस नए सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि आपको हर बैंक, बीमा कंपनी या म्यूचुअल फंड में अलग-अलग केवाईसी दस्तावेज देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

Sawan 2026: अयोध्या से काशी तक कांवड़ यात्रा के लिए बड़े इंतजाम, पॉलीथिन पर सख्त बैन, जानें नई गाइडलाइन

Sawan 2026: आज यानी 30 जुलाई से पवित्र सावन महीने की शुरुआत हो गई है. इसके साथ ही देशभर में कांवड़ यात्रा, शिवालयों में जलाभिषेक और भोलेनाथ के जयकारों की गूंज सुनाई देने लगेगी. सावन के पहले सोमवार पर भगवान शिव को जल चढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में कांवड़िए अयोध्या, काशी और दूसरे प्रमुख शिवधामों की ओर रवाना हो रहे हैं. श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने भी तैयारियां पूरी कर ली हैं, ताकि यात्रा के दौरान भक्तों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.

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अयोध्या में कांवड़ियों के लिए शेड, पानी और सफाई की पूरी व्यवस्था

अयोध्या नगर निगम ने सावन मेले और कांवड़ यात्रा को लेकर पूरे शहर में खास इंतजाम किए हैं.नगर निगम की टीमें पूरे मेले के दौरान लगातार सफाई और अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगी.

  • श्रद्धालुओं के लिए सफाई, पीने के पानी और जरूरी सुविधाओं पर खास ध्यान दिया गया है.
  • बारिश के मौसम को देखते हुए शहर के चार प्रमुख स्थानों पर वाटरप्रूफ शेड बनाए गए हैं, ताकि तेज बारिश होने पर कांवड़िए वहां सुरक्षित रुक सकें.

सरयू जल से होगा जलाभिषेक, फिर शुरू होगा झूला उत्सव

सावन के पहले 15 दिनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर मां सरयू से पवित्र जल भरेंगे और कांवड़ लेकर अपने-अपने क्षेत्रों के शिव मंदिरों में जलाभिषेक करेंगे. अयोध्या में भगवान राम के पुत्रों द्वारा स्थापित माने जाने वाले नागेश्वर धाम में भी विशेष जलाभिषेक होगा. इसके बाद सावन के शुक्ल पक्ष की तृतीया से मणि पर्वत पर प्रसिद्ध झूला उत्सव की शुरुआत होगी. इस दौरान शहर के कई मंदिरों में भगवान को झूले पर विराजमान किया जाएगा और श्रद्धालु उन्हें झुलाने का पुण्य प्राप्त करेंगे.

काशी विश्वनाथ धाम में 80 लाख से 1 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद

वाराणसी के श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने इस बार सावन में लगभग 80 लाख से 1 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई है. इसी को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में सुरक्षा और दर्शन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.

  • श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिग-जैग बैरिकेडिंग, लंबी कतारों में छांव की व्यवस्था, ग्लूकोज और पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध रहेगी.
  • सावन के पहले और हर सोमवार को श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा भी की जाएगी. इसके अलावा मंदिर के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाइव दर्शन की सुविधा भी मिलेगी.

भीड़ को देखते हुए VIP दर्शन पर रोक, पॉलीथिन पूरी तरह बैन

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए फिलहाल वीआईपी और प्रोटोकॉल दर्शन पर अस्थायी रोक लगा दी गई है. भीड़ सामान्य होने पर ही इन व्यवस्थाओं को दोबारा शुरू किया जाएगा. मंदिर प्रशासन ने साफ कहा है कि काशी विश्वनाथ धाम में पॉलीथिन पूरी तरह प्रतिबंधित है. इसलिए बाहर से आने वाले श्रद्धालु प्लास्टिक या पॉलीथिन में कांवड़ का जल लेकर न आएं. सभी भक्तों से पर्यावरण के अनुकूल सामग्री का उपयोग करने की अपील की गई है.

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कांवड़िए यात्रा के दौरान इन बातों का रखें खास ध्यान

अगर आप सावन में कांवड़ यात्रा पर जा रहे हैं तो प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन जरूर करें.

  • काशी विश्वनाथ धाम में प्लास्टिक या पॉलीथिन में जल लेकर न जाएं.
  • भीड़ वाले स्थानों पर निर्धारित कतार में ही आगे बढ़ें और बैरिकेडिंग का पालन करें.
  • बारिश के मौसम को देखते हुए जरूरत पड़ने पर प्रशासन की ओर से बनाए गए वाटरप्रूफ शेड का उपयोग करें.
  • शरीर में पानी की कमी न होने दें और समय-समय पर पानी या ग्लूकोज लेते रहें.

सबसे जरूरी बात किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि आपकी यात्रा सुरक्षित और सुविधाजनक बनी रहे.