कोरबा : देश की प्रमुख निजी ताप विद्युत उत्पादक कंपनियों में शामिल वेदांता पावर लिमिटेड को क्रिसिल (CRISIL) ने बड़ी रेटिंग राहत देते हुए उसकी गारंटीकृत दीर्घकालिक बैंकिंग सुविधाओं की रेटिंग क्रिसिल एए प्लस (सीई) स्टेबल कर दी है। इससे पहले कंपनी की यह रेटिंग ‘रेटिंग वॉच विद डेवलपिंग इंप्लिकेशन्स’ के अंतर्गत थी। वहीं, कंपनी की स्वतंत्र दीर्घकालिक रेटिंग एए-स्टेबल तथा अल्पकालिक रेटिंग क्रिसिल ए1 प्लस पर बरकरार रखी गई है।
क्रिसिल के अनुसार यह रेटिंग अपग्रेड वेदांता समूह के डीमर्जर के सफल क्रियान्वयन के बाद कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति, विविध ताप विद्युत परिसंपत्तियों, बेहतर तरलता (लिक्विडिटी) और रणनीतिक महत्व को देखते हुए किया गया है। एजेंसी ने कंपनी के प्रभावी परिचालन, दीर्घकालिक पावर परचेज एग्रीमेंट (पीपीए), सुरक्षित ईंधन आपूर्ति व्यवस्था तथा वित्तीय लचीलेपन को भी इस निर्णय का प्रमुख आधार बताया है।
वेदांता पावर वर्तमान में देश के विभिन्न राज्यों में ताप विद्युत संयंत्रों का संचालन कर रही है। इनमें पंजाब स्थित 1,980 मेगावाट क्षमता का तलवंडी साबो थर्मल पावर प्लांट, ओडिशा के झारसुगुड़ा में 600 मेगावाट क्षमता का संयंत्र, आंध्र प्रदेश में 1,000 मेगावाट क्षमता वाली मीनाक्षी एनर्जी लिमिटेड तथा छत्तीसगढ़ के सक्ती में 600 मेगावाट क्षमता का थर्मल पावर प्लांट शामिल है। कंपनी ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में सक्ती संयंत्र में 600 मेगावाट की एक अतिरिक्त इकाई शुरू होने के बाद उसकी कुल उत्पादन क्षमता में और वृद्धि होगी।
क्रिसिल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि डीमर्जर के बाद वेदांता पावर का व्यवसाय अधिक रणनीतिक रूप से केंद्रित हुआ है, जिससे कंपनी को बेहतर वित्तीय लचीलापन और दीर्घकालिक विकास का आधार मिला है। विविध उत्पादन पोर्टफोलियो, दीर्घ एवं मध्यम अवधि के पीपीए, ईंधन आपूर्ति अनुबंध तथा मजबूत नकदी प्रवाह कंपनी की प्रमुख ताकत हैं।
कंपनी ने कहा कि यह रेटिंग अपग्रेड उसकी परिचालन उत्कृष्टता, वित्तीय अनुशासन और दीर्घकालिक मूल्य सृजन की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। वेदांता पावर ने भरोसेमंद, दक्ष और उत्तरदायी ऊर्जा उत्पादन के माध्यम से देश की ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

