Sunday, August 16, 2026
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Amrit Udyan: राष्ट्रपति भवन का अमृत उद्यान घूमने का सुनहरा मौका, फ्री एंट्री के लिए ऐसे करें ऑनलाइन बुकिंग

Amrit Udyan: सावन के सुहावने मौसम में रंग-बिरंगे फूलों का आनंद लेना सभी को अच्छा लगता है. हालांकि इसका आनंद आप भी ले सकते हैं. क्योंकि राष्ट्रपति भवन का प्रसिद्ध अमृत उद्यान 16 अगस्त यानी रविवार से आम लोगों के लिए खुलने जा रहा है. इसके बारे में जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने बताया कि इस बार उद्यान का मुख्य आकर्षण भारत के स्वदेशी और स्थानीय फूलों वाले पौधे होंगे, जो अपने जीवंत रंगों और पारिस्थितिक महत्व के लिए जाने जाते हैं. इन स्वदेशी पौधों में गुल-मेहंदी, अपराजिता, रुक्मिणी, वर्षा फूल, लाल साग और नागफनी सहित अन्य फूलों वाले पौधे शामिल हैं, जो भारत की समृद्ध वनस्पति विरासत को दर्शाते हैं और उद्यानों की जैव-विविधता को बढ़ाते हैं.

LPG Cylinder Rules: घर में तय सीमा से ज्यादा सिलेंडर रखे तो होगी कार्रवाई, जानें क्या है नियम

कब तक खुला रहेगा अमृत उद्यान

अमृत उद्यान का ग्रीष्मकालीन वार्षिक संस्करण 16 अगस्त से 15 सितंबर तक आम जनता के लिए खुला रहेगा. बब्बलिंग ब्रुक गार्डन इस उद्यान का नया शांतिपूर्ण स्थल है, जहां पानी का धीमा प्रवाह और जीवंत हरियाली एक शांतिपूर्ण सुकूनभरा वातावरण बना रहे हैं. राष्ट्रपति की उप प्रेस सचिव नविका गुप्ता ने बताया कि स्वदेशी और स्थानीय पुष्पीय पौधे अमृत उद्यान के ‘ग्रीष्मकालीन वार्षिक संस्करण 2026′ के मुख्य आकर्षण हैं. ये पौधे अपने जीवंत रंगों और पारिस्थितिक महत्व के लिए जाने जाते हैं.

उद्यान खुलने की टाइमिंग और कब रहेगा बंद

अमृत उद्यान रोजाना सुबह 10 बजे से शाम छह बजे तक खुला रहेगा जिसमें अंतिम प्रवेश शाम 5 बजे तक होगा. जबकि रखरखाव के लिए उद्यान प्रत्येक सोमवार को बंद रहेगा. जिसमें उद्यान के सभी चीजों को व्यवस्थित किया जा सके. नविका गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर 29 अगस्त को खिलाड़ियों और शिक्षक दिवस के मौके पर पांच सितंबर को शिक्षकों को अमृत उद्यान में विशेष प्रवेश मिलेगा. वहीं उद्यान में फोन, पर्स, हैंडबैग, पानी की बोतलें, बच्चों के दूध की बोतल और छाता के अलावा कोई वस्तु नहीं ले जाने का आदेश दिया गया है.

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अमृत उद्यान ऑनलाइन बुकिंग

नॉर्थ एवेन्यू रोड के पास स्थित गेट संख्या 35 से उद्यान में एंट्री और एग्जिट यानी प्रवेश और निकासी होगी. इसके लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा, यानी यह बिलुकल फ्री होगा. वहीं टिकट ऑनलाइन बुक कर सकते हैं. आने वाले लोग visit.rashtrapatibhavan.gov.in पर जाकर स्टॉट बुक कर सकते हैं. आप उद्यान पहुंचकर वहां से बुकिंग नहीं कर पाएंगे. स्लॉट बुक होने के बाद ही वहां पहुंचना होगा. वहीं अमृत उद्यान जाने के लिए हर 30 मिनट के अंतराल पर केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन से अमृत उद्यान के प्रवेश द्वार तक शटल बस सेवा उपलब्ध होगी.

LPG Cylinder Rules: घर में तय सीमा से ज्यादा सिलेंडर रखे तो होगी कार्रवाई, जानें क्या है नियम

LPG Cylinder Rules: इन दिनों LPG गैस सिलेंडर की किल्लत कई इलाकों में देखने को मिल रही है. 25 दिन के अंतराल पर सिलेंडर बुकिंग और डिलीवरी की व्यवस्था के बाद लोगों में गैस खत्म होने का डर बढ़ा है. इन्हीं कारणों के चलते कुछ लोग जरूरत से अधिक सिलेंडर घर में जमा करने लगे हैं, जिससे कालाबाजारी और जमाखोरी की आशंकाएं भी बढ़ गई हैं. ऐसी आशंकाओं के मद्देनजर LPG सिलेंडर की जमाखोरी को लेकर देश के कई राज्यों में प्रशासन की ओर से कार्रवाई भी की गई है. अगस्त 2026 में ओडिशा में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान करीब 8,208 LPG सिलेंडर जब्त किए गए थे. इस मामले में 46 लोगों पर FIR दर्ज की गईं और Essential Commodities Act के तहत 492 मामले बनाए गए.

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हम में से शायद कम ही लोग इस बारे में जानते हों कि घर में सीमित संख्या से अधिक LPG सिलेंडर रखना नियमों का उल्लंघन माना जा सकता है. आमतौर पर घरेलू उपभोक्ता को एक समय पर दो LPG सिलेंडर रखने की अनुमति होती है, जिसमें एक उपयोग में और दूसरा बैकअप के रूप में रखा जाता है. अगर किसी घर में इससे अधिक भरे हुए सिलेंडर पाए जाते हैं, तो उस व्यक्ति पर जमाखोरी का आरोप लग सकता है और कार्रवाई भी हो सकती है. यहां जानते हैं घर में घरेलू LPG सिलेंडर रखने से जुड़े नियम क्या हैं और किन परिस्थितियों में परेशानी खड़ी हो सकती है.

घर में LPG सिलेंडर रखने के क्या हैं नियम

Essential Commodities Act, 1955 के तहत डोमेस्टिक कंज्यूमर को आमतौर पर 14.2 किलोग्राम के अधिकतम दो LPG सिलेंडर रखने की अनुमति होती है. इनमें एक सिलेंडर उपयोग में रहता है, जबकि दूसरा बैकअप या स्पेयर के तौर पर रखा जा सकता है. यदि कोई व्यक्ति सामान्य घरेलू जरूरत से अधिक संख्या में LPG सिलेंडर अपने घर में जमा करता है, तो इसे जमाखोरी माना जा सकता है. ऐसी स्थिति में अधिकारियों द्वारा जांच की जा सकती है और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई भी संभव है.

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ऐसी स्थिति में क्या हो सकता है?

अगर आपके घर में 2 से अधिक LPG सिलेंडर पाए जाते हैं, तो इस स्थिति में अधिकारियों की ओर से इसकी जांच की जा सकती है. वहीं, अगर आपकी ओर से नियमों का उल्लंघन करते पाया गया, तो इस स्थिति में अतिरिक्त सिलेंडर जब्त किए जा सकते हैं और आपके खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है. LPG को आवश्यक वस्तु की श्रेणी में रखा गया है, इसलिए इसकी कालाबाजारी, जमाखोरी या अवैध भंडारण पाए जाने पर Essential Commodities Act, 1955 के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.

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डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में इबोला फैलने के आधिकारिक ऐलान के 3 महीने से भी कम वक्त में 2 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। अल जजीरा ने सरकारी आंकड़ों के हवाले से बताया कि इनमें से कम से कम 1 हजार मौतें बीते 3 सप्ताह में हुई हैं, क्योंकि यह Ebola वायरस तेजी से फैल रहा है। बीते मंगलवार तक कांगो के 5 प्रांतों में इबोला के कुल 4 हजार 381 मामलों की पुष्टि हुई है, जिनमें 2 हजार 11 मौतें शामिल हैं।

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10 साल बाद कांगो में दूसरा सबसे बड़ा प्रकोप

रिपोर्ट के अनुसार, सेंट्रल अफ्रीकी देश कांगो में यह अब तक का सबसे तेजी से फैलने वाला वायरस का प्रकोप है। यह 2014 से 2016 के बीच वेस्ट अफ्रीका में फैले वायरस के कहर के बाद दूसरा सबसे बड़ा प्रकोप है, जिसमें 11 हजार 310 लोगों की मौत हुई थी।

पिछले 20 दिनों में हो गई 1000 से ज्यादा लोगों की मौत

गौरतलब है कि Ebola की महामारी के तेजी से फैलने की वजह से अंतरराष्ट्रीय अधिकारियों ने तुरंत कदम उठाने की अपील की है।

इबोला फैलने से रोकने की कोशिश में जुटा WHO

साथ ही, WHO ने X पर बताया कि उसने जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं को बनाए रखने के लिए लोकल मैटरनिटी वार्ड को 20 बेड दान किए हैं। इसके अलावा, संगठन ने 100 हाइजीनिस्ट, 100 सर्विलांस और IPC अधिकारियों, 4 डीकंटैमिनेशन टीमों और 2 अंतिम संस्कार टीमों को ट्रेनिंग भी दी है। इसके साथ ही, WHO के अधिकारियों ने इबोला के प्रसार को रोकने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों को जुटाने के अपने संकल्प की बात दोहराई।

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Lita में बढ़ाई गई बेडों की संख्या

फ्रंटलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ऐलान किया है कि कांगो के Lita में WHO की तरफ से बनाए गए इलाज केंद्र का विस्तार हो रहा है, जिससे इसकी क्षमता शुरुआती 40 बेड से दोगुनी 80 बेड हो जाएगी। इस प्रयास में स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ-साथ UNICEF, ALIMA, वर्ल्ड फूड प्रोग्राम और MONUSCO जैसे ह्यूमैनिटेरियन पार्टनर्स भी मदद कर रहे हैं। इससे पहले मई में खबर आई थी कि इबोला वायरस से संक्रमित होने वालों की संख्या 900 के पार पहुंच गई थी।

वेदांता एल्युमीनियम ने अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए ‘मेटल बाजार एक्सपोर्ट्स’ लॉन्च किया

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रायपुर : वेदांता एल्युमीनियम मेटल लिमिटेड ने अपने डिजिटल ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ‘वेदांता मेटल बाजार’ (VMB) का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करते हुए ‘VMB Exports’ लॉन्च किया है। इसके जरिए एशिया, यूरोप, अफ्रीका और अमेरिका के खरीदार प्रीमियम एल्युमीनियम उत्पादों को सीधे ऑनलाइन ऑर्डर और खरीद सकेंगे।

प्लेटफॉर्म पर अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों के लिए 1,000 से अधिक एल्युमीनियम उत्पादों का कैटलॉग उपलब्ध कराया गया है। ग्राहक ऑनलाइन सेल्फ-रजिस्ट्रेशन के जरिए प्लेटफॉर्म से जुड़ सकते हैं। साथ ही, लाइव LME से जुड़ी हेजिंग सुविधा के माध्यम से कीमत बुक करने, डिजिटल कॉन्ट्रैक्ट और MOU मैनेजमेंट तथा लाइव लेजर बैलेंस और इनवॉइस की जानकारी जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी।

वेदांता के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में वेदांता मेटल बाजार के जरिए करीब 4.1 अरब डॉलर यानी 38,000 करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन हुए और 23,000 से ज्यादा ऑर्डर पूरे किए गए। प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल 550 से अधिक MSMEs सहित कई बड़े OEMs भी कर रहे हैं।

वेदांता एल्युमीनियम के सीईओ राजेश कुमार ने कहा कि प्लेटफॉर्म का वैश्विक विस्तार एल्युमीनियम की खरीद प्रक्रिया को डिजिटल तकनीक के जरिए सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इससे भारत में निर्मित विश्वस्तरीय एल्युमीनियम उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

‘VMB Exports’ को 24×7 डिजिटल गेटवे के रूप में तैयार किया गया है। इसमें ऑटोमेटेड प्रक्रियाओं के जरिए वैश्विक B2B खरीदारी को आसान बनाया गया है। प्लेटफॉर्म पर टेस्ट सर्टिफिकेट, बैंक गारंटी और लेटर ऑफ क्रेडिट जैसे जरूरी दस्तावेजों की डिजिटल सुविधा भी उपलब्ध है।

कंपनी आने वाले समय में डिस्पैच से पोर्ट तक शिपमेंट की लाइव ट्रैकिंग, बिल ऑफ लाडिंग और पैकिंग लिस्ट जैसे एक्सपोर्ट दस्तावेजों को एक क्लिक में देखने तथा AI आधारित वर्चुअल असिस्टेंट जैसी सुविधाएं भी जोड़ने की तैयारी कर रही है।

इस लॉन्च के अवसर पर आयोजित ग्लोबल कस्टमर वेबिनार में अंतरराष्ट्रीय बाजारों से 600 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कंपनी के मुताबिक, इस विस्तार से विदेशी कंपनियों और SMEs को तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक तरीके से प्रमाणित, टिकाऊ और ट्रेसेबल एल्युमीनियम खरीदने का विकल्प मिलेगा।

रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर! Train में सिगरेट-बीड़ी पीना और गुटखा-तंबाकू खाना पड़ेगा महंगा, अब देना होगा भारी जुर्माना

नई दिल्ली : क्या आप धूम्रपान करते हैं और जल्द ही ट्रेन से सफर करने वाले हैं? अगर हां, तो यात्रा के दौरान यह गलती करने से बचें, वरना भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है. दरअसल, रेलवे ने यात्रियों को चेतावनी दी है कि ट्रेन और रेलवे स्टेशन परिसर में धूम्रपान करना पूरी तरह प्रतिबंधित है. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर कर इस नियम की जानकारी दी है.

पोस्ट में बताया गया है कि ट्रेन या रेलवे स्टेशन परिसर में धूम्रपान करना न सिर्फ नियमों के खिलाफ है, बल्कि यह एक दंडनीय अपराध भी है. ऐसे में अगर कोई व्यक्ति इस नियम का उल्लंघन करता पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है. यहां जानते हैं कि इस नियम के तहत कितना जुर्माना देना पड़ सकता है.

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अब कितना लगेगा जुर्माना?

भारतीय रेलवे परिसर और ट्रेनों के अंदर यदि आप धूम्रपान करते हुए पाए गए, तो आपके ऊपर 2 हजार रुपये तक का जुर्माना लग सकता है. बता दें कि ट्रेन य फिर रेलवे स्टेशन परिसर के अंदर धूम्रपान करना प्रतिबंधित और एक दंडनीय अपराध माना गया है. यह रेलवे अधिनियम की धारा 167 के तहत नियमों का उल्लंघन करना है. इस नियम का उल्लंघन करने वालों पर पहले सिर्फ ₹100 का जुर्माना लगता था, जिसे अब बढ़ाकर ₹2,000 कर दिया गया है.

बता दें कि यह नियम  यात्रियों की सुरक्षा, स्वच्छता और आग लगने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए बनाई गई है. इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए इस नियम को सख्ती से लागू किया गया है. ऐसे में अगर आप धूम्रपान करते हैं, तो कोशिश करें कि स्टेशन परिसर और ट्रेन के अंदर धूम्रपान बिल्कुल भी न करें.

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स्वच्छता बनाए रखने की भी की गई अपील

धूम्रपान न करने के अलावा रेलवे ने यात्रियों से स्वच्छता बनाए रखने और सहयात्रियों की सुविधा और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की अपील की है.

बालको के ‘मल्हार 4.0’ में दिखी सृजनात्मकता, विरासत और बालकोनगर की खूबसूरती…

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कोरबा : भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) द्वारा आयोजित दो दिवसीय फोटोग्राफी प्रदर्शनी ‘मल्हार 4.0’ का सफलतापूर्वक समापन हुआ। बालको टाउनशिप में आयोजित इस प्रदर्शनी में बालको परिवार की रचनात्मकता, बालकोनगर की खूबसूरती, प्रकृति के विविध रूपों और कंपनी की विरासत को तस्वीरों के माध्यम से जीवंत किया गया। प्रदर्शनी को कर्मचारियों, उनके परिवारजनों और स्कूली विद्यार्थियों सहित 2,000 से अधिक दर्शकों ने देखा।

‘मल्हार 4.0’ में ‘मेघ मल्हार’, ‘बरखा’ और ‘धरा’ तीन विषयों पर आधारित 280 से अधिक उत्कृष्ट छायाचित्र प्रदर्शित किए गए। इन तस्वीरों के माध्यम से प्रतिभागियों ने बादलों, बारिश, प्रकृति, धरती, जीवन और आसपास की दुनिया को अपने-अपने दृष्टिकोण से कैमरे में कैद किया। प्रत्येक तस्वीर ने एक अलग कहानी, भावना और दृष्टिकोण को सामने रखा।
समापन समारोह में बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक श्री राजेश सिंह ने विजेताओं को सम्मानित किया। प्रदर्शनी में तीनों प्रतियोगी श्रेणियों में विशेषज्ञ निर्णायक मंडल द्वारा विजेताओं का चयन किया गया। इसके साथ ही इस वर्ष ‘दर्शकों की पसंद’ श्रेणी भी शामिल की गई, जिसमें प्रदर्शनी देखने आए प्रत्येक व्यक्ति को क्यूआर कोड के माध्यम से अपने पसंदीदा छायाचित्र के लिए मतदान करने का अवसर मिला।

सीईओ राजेश सिंह ने कहा, “मल्हार में प्रदर्शित छायाचित्र बालको परिवार की रचनात्मकता और विविध दृष्टिकोणों का प्रतिबिंब हैं। हमारे कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता के साथ उनकी रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना भी हमारी प्राथमिकता है। मल्हार ने उन्हें अपनी कल्पनाशीलता को अभिव्यक्त करने का मंच दिया है। हमारा प्रयास है कि इसे और व्यापक बनाते हुए अधिक प्रतिभाओं और हितधारकों को जोड़ा जाए, ताकि इन रचनात्मक दृष्टिकोणों को बड़े मंच पर साझा किया जा सके।” बालको की कर्मचारी एवं प्रतिभागी मिथिला प्रधान ने बताया कि वे पिछले तीन वर्षों से मल्हार में अपनी तस्वीरें साझा कर रही हैं। इस वर्ष उनके मित्रों ने भी इसमें भाग लिया, जिससे उनका अनुभव और भी विशेष हो गया। उन्होंने कहा कि अपनी तस्वीरों के साथ मित्रों की तस्वीरों को भी सुंदर तरीके से प्रदर्शित होते देखना उनके लिए बेहद आनंददायक अनुभव रहा।

प्रदर्शनी का विशेष आकर्षण बालको की विरासत को दर्शाने वाला फोटो संग्रह रहा। इसमें वर्ष 1965 से बालको की विकास यात्रा को तस्वीरों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। साथ ही, फोटोग्राफी के बदलते दौर को दर्शाने के लिए कैमरों का विशेष संग्रह भी प्रदर्शित किया गया। पुराने क्लासिक कैमरों से लेकर आधुनिक डिजिटल कैमरों तक की इस यात्रा ने दर्शकों को तकनीक में आए बदलाव और फोटोग्राफी के विकास को करीब से समझने का अवसर दिया।

‘मल्हार 4.0’ ने केवल एक फोटोग्राफी प्रदर्शनी के रूप में ही नहीं, बल्कि बालको परिवार की रचनात्मकता, संवेदनशीलता और विविध दृष्टिकोणों को साझा करने वाले मंच के रूप में अपनी पहचान बनाई।

Train-Flight Advisory: सफर पर निकलने से पहले ध्यान दें! इस तारीख तक स्टेशन और एयरपोर्ट जल्दी पहुंचने की सलाह, जानें वजह

Train-Flight Advisory: 15 अगस्‍त को मनाए जाने वाले स्‍वतंत्रता दिवस को लेकर देशभर के प्रमुख एयरपोर्ट्स और रेलवे स्‍टेशनों पर सुरक्षा व्‍यवस्‍था कड़ी कर दी गई है. आजाद की वर्षगांठ के जश्न और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए देश के सभी प्रमुख एयरपोर्ट, मेट्रो स्‍टेशनों और रेलवे स्‍टेशनों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. ऐसे में रेलवे की ओर से और अलग-अलग एयरलाइंस की ओर से एडवायजरी जारी की गई है. इन दिशानिर्देशों में साफ कहा गया है कि जिन लोगों को ट्रेन, मेट्रो या फ्लाइट से सफर करना हो, वो अन्‍य दिनों की अपेक्षा थोड़ा ज्‍यादा पहले स्‍टेशन और एयरपोर्ट पहुंचे. एडवायजरी में कहा गया है कि 15 अगस्त को देखते हुए मेट्रो स्टेशन, हवाई अड्डे और रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है और इसलिए सिक्‍योरिटी चेकिंग यानी सुरक्षा जांच में समय लग सकता है.

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13 से 16 अगस्‍त तक रेलवे स्‍टेशनों पर कड़ी चेकिंग

रेलवे स्टेशनों  पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उत्तर रेलवे ने एडवाइजरी जारी की है. इसमें कहा है कि 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए दिल्ली क्षेत्र के रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा बढ़ाई जाएगी. 13 से 16 अगस्त तक रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा जांच पहले से ज्यादा सख्त रहेगी, इसलिए यात्री अतिरिक्त समय लेकर स्टेशन पहुंचे.  कहा गया है कि सुरक्षा जांच में ज्यादा समय लग सकता है, इसलिए ट्रेन पकड़ने के लिए समय से पहले पहुंचें. यात्रियों से सुरक्षा कर्मियों के साथ सहयोग करने की अपील की गई है. सुरक्षा जांच के दौरान धैर्य रखने और निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया गया है.

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20 अगस्‍त तक समय से काफी पहले पहुंचे एयरपोर्ट

दूसरी ओर एयर इंडिया ने भी एडवायजरी जारी कर अपील की है. अगर आप 10 अगस्त से 20 अगस्त 2026 के बीच हवाई यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो ये अपडेट आपके लिए बेहद जरूरी है. सुरक्षा एजेंसियों और विमानन अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी निर्धारित उड़ान से काफी पहले एयरपोर्ट पहुंचें. एनहांस्ड सिक्योरिटी मेजर्स यानी बढ़ी हुई सुरक्षा व्यवस्था के चलते टर्मिनल में प्रवेश से लेकर बोर्डिंग गेट तक पहुंचने की प्रक्रिया में सामान्य दिनों के मुकाबले अधिक समय लग सकता है. गहन चेकिंग और अन्य एयरपोर्ट औपचारिकताओं (Formalities) के कारण यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलें ताकि अंतिम समय में किसी प्रकार की जल्दबाजी या परेशानी से बचा जा सके. एयरपोर्ट प्राधिकरण और एयरलाइंस ने यात्रियों से अपील की है कि वे इस सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें और अपनी यात्रा को सुगम व सुरक्षित बनाने के लिए तय समय से पहले पहुंचकर सभी प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करें.

Assam Flood: असम में बाढ़ का कहर… मृतकों की संख्या 100 पहुंची, कई जिलों में हालात अब भी गंभीर

Assam Flood: असम में जारी बाढ़ की स्थिति के बीच मरने वालों की संख्या बढ़कर 100 पहुंच गई है। राज्य के कई जिलों में लोगों की मौत हुई है, जबकि बड़े हिस्से अब भी बाढ़ की चपेट में हैं। आपदा रिपोर्टिंग और सूचना प्रबंधन प्रणाली (डीआरआईएमएस) असम के रविवार को जारी बुलेटिन के अनुसार, भीषण बाढ़ ने राज्य के कई इलाकों को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। बाढ़ में अब तक 60 पुरुषों, 23 महिलाओं और 18 बच्चों (12 लड़के और 6 लड़कियां) की जान जा चुकी है।

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शिवसागर में क्यों घटाया गया मृतकों आंकड़ा?
अधिकारियों ने बताया कि शिवसागर जिले में मृतकों की संख्या से जुड़ा आंकड़ा संशोधित किया गया है। एक व्यक्ति की मौत गलती से एक ही नाम से दो बार दर्ज हो गई थी। इसी वजह से जिले में मृतकों की संख्या 50 से घटाकर 49 कर दी गई। अधिकारियों ने कहा, जानकारी के लिए बताया जाता है कि शिवसागर जिले में एक मौत गलती से एक ही नाम के तहत दो बार दर्ज हो गई थी। इसलिए अब तक शिवसागर में कुल मृतकों की संख्या 50 के बजाय 49 होगी।

कौन सा जिला कितना प्रभावित हुआ?

  • सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में कछार जिला शामिल है, जहां 22 लोगों की मौत हुई है।
  • शिवसागर में 49 लोगों की जान गई है। इसके अलावा करीमगंज में नौ, गोलाघाट में आठ लोगों की मौत हुई है।
  • धेमाजी, नगांव, उदालगुड़ी, सोनितपुर और कार्बी आंगलोंग जिलों में भी लोगों की मौत की खबर है।
  • जोरहाट जिले के 304 गांवों में बाढ़ से करीब 1.66 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। अब तक यहां नौ लोगों की मौत हो चुकी है।
  • बाढ़ के कारण कृषि क्षेत्र को भी भारी नुकसान हुआ है। इसके अलावा बड़ी संख्या में पशुधन की भी हानि हुई है।

असम के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। प्रभावित इलाकों में बचाव और राहत कार्य लगातार जारी हैं। जिला प्रशासन और राजस्व विभाग की टीमें जलस्तर पर नजर रख रही हैं और बाढ़ प्रभावित लोगों को सहायता पहुंचा रही हैं। राज्य में गंभीर बाढ़ की स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार और असम सरकार लगातार राहत, पुनर्वास और मेडिकल सहायता उपलब्ध करा रही हैं। अधिकारी यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि प्रभावित लोगों तक जरूरी सेवाएं और मदद पहुंचती रहे, ताकि जिले धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर लौट सकें।

बालको विस्तार से कोरबा बनेगा एल्युमिनियम डाउनस्ट्रीम उद्योगों का प्रमुख केंद्र

छत्तीसगढ़ के सीएम ने की मदद की घोषणा
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को असम के बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए राज्य सरकार की ओर से पांच करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की। यह राशि असम में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए चल रहे राहत और पुनर्वास कार्यों में इस्तेमाल की जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने असम के समकक्ष हिमंत बिस्व सरमा से फोन पर बात कर राज्य में बाढ़ की स्थिति की जानकारी भी ली।

LPG Gas e-KYC Alert: 16 अगस्त से पहले करा लें ई-केवाईसी, वरना सिलेंडर बुकिंग में आ सकती है परेशानी

LPG Gas e-KYC Alert: क्या आपने LPG गैस कनेक्शन की e-KYC पूरी कर ली है? अगर नहीं, तो इसे जल्द निपटा लें. e-KYC नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को आने वाले समय में गैस सिलेंडर बुकिंग और अन्य सेवाओं में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. सरकार LPG उपभोक्ताओं को कई बार e-KYC कराने के लिए अतिरिक्त समय दे चुकी है, लेकिन अब भी बड़ी संख्या में ग्राहक यह प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए हैं. ऐसे में समय रहते e-KYC नहीं कराने पर ऑनलाइन बुकिंग समेत कई सुविधाएं प्रभावित हो सकती हैं. आइए जानते हैं कि e-KYC नहीं कराने पर आपको किन परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है…

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घर बैठे कैसे करें LPG सिलेंडर की e-KYC?

16 अगस्त से पहले आप घर बैठे भी e-KYC करा सकते हैं. यह प्रोसेस काफी आसान है…

  • इसके लिए आपके पास जिस भी कंपनी का सिलेंडर, जैसे- इंडियन ऑयल,भारत गैस, एचपी है, उसका आधिकारिक ऐप डाउनलोड करें.
  • अब डाउनलोड किए ऐप पर जाकर अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर डालकर लॉगिन करें.
  • इसके बाद e-KYC या Aadhaar Verification का ऑप्शन चुनें
  • फिर फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करके फॉर्म को सबमिट करें.

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LPG सिलेंडर की e-KYC न कराने से क्या हो सकती है परेशानी?

अगर आप e-KYC नहीं करवाते हैं, तो इससे आपको कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, जैसे-

  • समय पर  e-KYC पूरी न होने पर रिफिल सिलेंडर बुक करने में परेशानी हो सकती है.
  • इसके साथ ही अगर आपको सिलेंडर की डिलीवरी में भी काफी परेशानी हो सकती है.
  • e-KYC न होने की स्थिति में गैस सब्सिडी को रोक दिया जा सकता है.
  • इसके साथ ही कनेक्शन ब्लॉक होने की संभावना है.

बालको विस्तार से कोरबा बनेगा एल्युमिनियम डाउनस्ट्रीम उद्योगों का प्रमुख केंद्र

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कोरबा : बालको में चल रहे विस्तार और आधुनिकीकरण के कार्यों से कोरबा के एल्युमिनियम उद्योग को नई ऊंचाई मिलने की उम्मीद है। नए स्मेल्टर प्लांट का करीब 75 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसके शुरू होने के बाद बालको की एल्युमिनियम उत्पादन क्षमता बढ़कर 10 लाख टन प्रतिवर्ष हो जाएगी। इससे वेदांता समूह की कुल एल्युमिनियम उत्पादन क्षमता करीब 28.5 लाख टन प्रतिवर्ष पहुंच जाएगी और समूह दुनिया के प्रमुख एल्युमिनियम उत्पादकों में शामिल होगा।

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक राजेश कुमार सिंह के अनुसार, निजीकरण के समय बालको की उत्पादन क्षमता करीब एक लाख टन प्रतिवर्ष थी। लगातार निवेश, आधुनिक तकनीक और नई परियोजनाओं के चलते इसे बढ़ाकर करीब पांच लाख टन किया गया। अब नए स्मेल्टर के निर्माण के बाद क्षमता दोगुनी होकर 10 लाख टन प्रतिवर्ष हो जाएगी। उन्होंने कहा कि यह विस्तार केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि कोरबा को देश के प्रमुख एल्युमिनियम केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

एल्युमिनियम पार्क विकसित करने की तैयारी

बालको संयंत्र के आसपास एल्युमिनियम पार्क विकसित करने की योजना पर भी काम चल रहा है। इसके लिए संयंत्र से करीब दो से तीन किलोमीटर के दायरे में जमीन की तलाश की जा रही है। यहां लघु एवं मध्यम उद्योगों को सीधे हॉट मेटल उपलब्ध कराया जाएगा। इससे एल्युमिनियम आधारित डाउनस्ट्रीम उद्योगों को कच्चा माल आसानी से मिलेगा और परिवहन लागत कम होने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार तथा निवेश के अवसर बढ़ेंगे।

कंपनी का उद्देश्य एल्युमिनियम उत्पादों की स्थानीय स्तर पर वैल्यू एडिशन बढ़ाना है। इसके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, महिला सशक्तीकरण और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में भी निवेश जारी रखने की बात कही गई है, ताकि औद्योगिक विकास का लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंच सके।

2028 तक बर्रा कोल ब्लॉक विकसित करने का लक्ष्य

एल्युमिनियम उत्पादन में बढ़ोतरी के साथ ऊर्जा और कोयले की आवश्यकता भी बढ़ेगी। इसे देखते हुए रायगढ़ जिले के बर्रा कोल ब्लॉक को वर्ष 2028 तक विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके शुरू होने के बाद बाहरी स्रोतों से कोयला खरीद पर कंपनी की निर्भरता कम होगी।वर्तमान में बालको अपने कैप्टिव पावर प्लांट की जरूरत पूरी करने के बाद करीब 300 मेगावाट अतिरिक्त बिजली खुले बाजार में बेच रहा है। कंपनी के अनुसार भविष्य में उत्पादन विस्तार के साथ ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए दीर्घकालिक योजना तैयार की गई है।

कोरबा में कैंसर उपचार सुविधा विकसित करने पर विचार

बालको के सीईओ राजेश कुमार सिंह ने कोरबा में कैंसर उपचार की सुविधा विकसित करने की संभावना की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वेदांता समूह के रायपुर स्थित कैंसर अस्पताल की तर्ज पर बालको क्षेत्र में भी विशेष कैंसर उपचार सुविधा विकसित करने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए तकनीकी परीक्षण किया जाएगा। योजना साकार होने पर कोरबा और आसपास के जिलों के मरीजों को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी।

फोरलेन सड़क के लिए 30 करोड़ रुपये

बालको क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए परसाभाठा से रूमगड़ा तक फोरलेन सड़क निर्माण के लिए जिला प्रशासन को 30 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जा चुके हैं। बारिश के बाद निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। सड़क बनने से भारी वाहनों का दबाव कम होगा और बालको क्षेत्र में लंबे समय से बनी जाम की समस्या से भी राहत मिलने की संभावना है।

बालको प्रबंधन का कहना है कि कंपनी के विस्तार के साथ स्थानीय क्षेत्र के विकास को भी प्राथमिकता दी जा रही है। उत्पादन क्षमता बढ़ने, नए उद्योगों के आने, सड़क एवं बिजली जैसी आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और सामाजिक क्षेत्र में निवेश से कोरबा में औद्योगिक गतिविधियों, रोजगार और आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।