Saturday, August 29, 2026
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Sept Bank Holiday: सितंबर में 12 दिन बंद रहेंगे बैंक! जरूरी काम निपटाने से पहले नोट कर लें छुट्टियों की तारीखें

Sept Bank Holiday: सितंबर महीने में बैंक से जुड़े काम को तारीख देखकर आप निपटा सकते हैं, क्योंकि सितंबर महीने में अलग-अलग तारीखों पर 12 दिन बैंक बंद रहने वाले हैं. यानी बैंक का कामकाज ठप रहने वाला है. इसलिए बैंक जाने से पहले आप तारीख देख लें और जान लें बैंक खुला है या नहीं. सितंबर महीने में बैंक कर्मियों ने अखिल भारतीय हड़ताल का ऐलान किया है. बैंक कर्मचारी की मांग है कि RBI और इश्योरेंस सेक्टर की तर्ज पर बैंक में भी सप्ताह में 5 दिन काम करने की व्यवस्था लागू हो. साथ ही परफार्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) समझौतों को भी एक समान लागू किया जाए. ऐसे में बैंक कर्मचारियों ने मांगों को लागू करने के लिए हड़ताल की चेतावनी दी है.

जानकारी के मुताबिक, बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने यूनियनों के संयुक्त मंच यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस की ओर से हड़ताल की घोषणा हुई है. UFBU ने कहा है कि 11 सितंबर देशव्यापी हड़ताल पर जा रहे हैं.

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चार अलग-अलग दिन हड़ताल का ऐलान

संगठन की ओर से हड़ताल की चेतावनी दी गई है. 11 सितंबर देशव्यापी बैंक हड़ताल के बाद 28 सितंबर, 29 सितंबर और 30 सितंबर को भी तीन दिवसीय हड़ताल करने का ऐलान किया गया है. यानी सितंबर महीने में चार दिन हड़ताल की वजह से काम काज ठप रहने वाला है.

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सिंतबर में 8 दिन रहने वाली है छुट्टी

सितंबर महीने में हड़ताल की वजह से बैंक का काम ठप रहने के अलावा 8 दिन छुट्टियां भी है. इसमें 6 दिन सप्ताहिक छुट्टी होने वाली है. जिसमें 6 सितंबर, 12 सितंबर (शनिवार), 13 सितंबर, 20 सितंबर, 26 सितंबर (शनिवार) और 27 सितंबर रविवार शामिल है. इसके अलावा 4 सितंबर को जन्माष्टमि की छुट्टी होने वाली जिसमें देश के ज्यादातर राज्यों में बैंक बंद रहेगा. वहीं 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी और विनायक चतुर्थी, हरितालिका जैसे त्योहार को लेकर अलग-अलग राज्यों में बैंक बंद रहने वाला है.

बालको ने आपसी विश्वास, स्नेह और एकजुटता के पर्व रक्षाबंधन को धूमधाम से मनाया

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कोरबा : वेदांता एल्यूमिनियम मेटल लिमिटेड की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने कर्मचारियों और समुदाय के साथ आपसी विश्वास, स्नेह और एकजुटता के प्रतीक रक्षाबंधन का उत्सव मनाया। इस अवसर पर कर्मचारियों ने सुरक्षा कर्मियों की कलाई पर राखी बांधकर उनके समर्पण और सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करने में योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीं, समुदाय के साथ उत्सव मनाकर बालको ने आपसी संबंधों को और मजबूत करने तथा साझा विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

बालको में रक्षाबंधन को सुरक्षा और विश्वास से जोड़ते हुए विभिन्न विभागों के करीब 150 कर्मचारियों ने महिला, पुरुष, ट्रांसजेंडर और सुरक्षा कर्मियों की कलाई पर राखी बांधी। इस पहल के माध्यम से कर्मचारियों ने उन कर्मियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की, जो हर दिन कार्यस्थल पर सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राखी का यह धागा आपसी विश्वास, जिम्मेदारी और सुरक्षित कार्य संस्कृति के प्रति साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक बना।

रक्षाबंधन के अवसर पर बालको की उन्नति परियोजना से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने भी उत्सव में भागीदारी की। महिलाओं ने अपने हाथों से तैयार की गई राखियां बालको के सीईओ एवं पूर्णकालिक निदेशक राजेश सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारियों की कलाई पर बांधीं। यह पहल उन्नति परियोजना के माध्यम से महिलाओं में विकसित आत्मविश्वास, कौशल और उद्यमशीलता की भावना को दर्शाती है। महिलाओं के लिए आय के नए अवसर तैयार करने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में उन्नति परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

वहीं, बालको अस्पताल में भी रक्षाबंधन की विशेष झलक देखने को मिली। बालको की उन्नति परियोजना से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने अस्पताल के डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों की कलाई पर राखियां बांधकर उनके समर्पण और सेवाभाव के प्रति आभार व्यक्त किया। डॉक्टरों ने भी महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए उनके साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं। यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मियों और समुदाय के बीच विश्वास, सम्मान और अपनत्व के रिश्ते को मजबूत करने का माध्यम बनी।

कंपनी ने नंद घर के बच्चों के साथ भी रक्षाबंधन का उत्सव मनाया। नंद घर के बच्चों ने स्वयं अपने हाथों से सुंदर राखियां तैयार कीं और एक-दूसरे की कलाई पर राखी बांधकर भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और आपसी सहयोग का संदेश दिया। बच्चों के लिए यह गतिविधि रचनात्मकता के साथ-साथ भारतीय त्योहारों और पारिवारिक मूल्यों को समझने का अवसर भी बनी। नंद घर वेदांता समूह की सामुदायिक विकास पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बच्चों के समग्र विकास और महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। बालको अपने परिचालन क्षेत्र के समुदायों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में निरंतर पहल कर रहा है।

बालको द्वारा आयोजित रक्षाबंधन उत्सव ने कर्मचारियों और समुदाय के बीच विश्वास, सम्मान और अपनत्व के रिश्ते को और मजबूत किया। त्योहार की खुशियों को साझा करते हुए सभी ने सहयोग, सुरक्षा और सामुदायिक विकास की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

Nepal Flood News: नेपाल की बाढ़ में 300 भारतीय लापता, तमिलनाडु और बंगाल के सबसे ज्यादा लोग शामिल

Nepal Flood News: नेपाल में बुधवार को आई बाढ़ से हुए नुकसान की तस्वीरें अब दिखने लगी हैं. अब तक 469 लोगों की मौत हुई है, जबकि 1500 से ज्यादा लोग लापता हैं. जिसमें भारत के अलग-अलग राज्यों के 300 से ज्यादा लोग शामिल हैं. इनमें से ज्यादातर वे लोग शामिल हैं, जो कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे. जिनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है. इस बीच मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच में एक जनहित याचिका लगाई गई है. जिसमें केंद्र और तमिलनाडु सरकार से हर तीर्थयात्री का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए तत्काल निर्देश देने की मांग की गई है. तमिलनाडु से नेपाल की यात्रा पर गए कई लोग भी लापता बताए जा रहे हैं.

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मद्रास हाईकोर्ट में होगी सुनवाई 

वकील एएफ परवेश मुशर्रफ की तरफ से दायर की गई इस याचिका पर मद्रास हाईकोर्ट आज इस सुनवाई कर सकती है.दायर इस याचिका में भारत सरकार, जिसका प्रतिनिधित्व विदेश मंत्रालय के सचिव और काठमांडू में भारतीय दूतावास के काउंसलर मंत्री कर रहे हैं, उन्हें प्रतिवादी बनाया गया है. इनके अलावा, कुंभकोणम स्थित ट्रैवल ऑपरेटर ‘सुपर यात्रा ट्रैवल्स’ को भी प्रतिवादी बनाया गया है. याचिका में इस बात पर जोर दिया गया है कि तीर्थयात्रियों की स्थिति की कोई आधिकारिक या व्यक्ति-वार पुष्टि नहीं की गई है.

103 से ज्यादा यात्रियों को फंसे होने की संभावना 

तमिलनाडु सरकार ने टूर ऑपरेटरों के ट्रैवल शेड्यूल के आधार पर 103 श्रद्धालुओं के नेपाल जाने की पुष्टि की है. राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री राज मोहन ने भी स्वीकार किया है कि स्वतंत्र रूप से या छोटे-छोटे निजी समूहों में यात्रा करने वाले लोगों का सटीक हिसाब लगाना एक बड़ी चुनौती है. इसके बावजूद अभी तक केंद्र या राज्य सरकार की तरफ से सुरक्षित, घायल या लापता लोगों की कोई अंतिम नामवार सूची जारी नहीं की गई है. ऐसे में इस सूची को भी तुरंत जारी करने की मांग की गई है.

भारत से किन राज्यों के लोग लापता 

भारत से अलग-अलग राज्यों के लोग लापता हैं, लेकिन महाराष्ट्र के स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर के मुताबिक राज्य के 80 से अधिक पर्यटक नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे हैं, जिनमें से 57 एक प्राइवेट टूर एजेंसी के जरिए गए थे. जबकि गुजरात, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश से भी लोग लापता बताए जा रहे हैं. राज्य सरकारों की तरफ से इनकी जानकारी जुटाई जा रही है.

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नेपाल में टूटा लोगों को संपर्क 

नेपाल में बाढ़ के बाद लोगों को संपर्क टूटा हुआ है. पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कें, पुल और मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त हो चुके हैं. जिससे परिजन अपने रिश्तेदारों का हाल-चाल जानने में असमर्थ हैं. आशंका है कि कई लापता लोग घायल, फंसे हुए या किसी अस्थायी शिविर में हो सकते हैं, जिनकी जानकारी अभी तक उनके परिवारों तक नहीं पहुंच सकी है.

बंगाल के परिवार भी मिसिंग 

नेपाल की बाढ़ में बंगाल के परिवार भी मिसिंग बताए जा रहे हैं. हुगली के उत्तरपाड़ा में रहने वाले क्षितिज चंद्र बिस्वास और उनकी पत्नी ममता बिस्वास नेपाल त्रासदी के दौरान लापता हो गए थे, जिनकी जानकारी अब तक नहीं मिली है. उनके पड़ोसी दिलीप रॉय ने बताया कि इस जोड़े के बारे में अभी भी कोई खबर नहीं है, काठमांडू की यात्रा का इंतजाम करने वाली एजेंसी के प्रतिनिधियों ने उन्हें फोन पर बताया कि लापता लोगों की सूची में उनके नाम शामिल हैं. जबकि वे हमारे क्लब के सदस्य थे, काठमांडू पहुंचने के बाद उन्होंने फोन करके बताया था कि वे सुरक्षित पहुंच गए हैं और मानसरोवर के लिए निकलने वाले हैं. लेकिन त्रासदी के बाद से ही उनसे संपर्क पूरी तरह से टूटा हुआ.

बंगाल के सीनियर नेता रहे स्वर्गीय मुकुल राय की बहू भी लापता बताई जा रही हैं. वह भी नेपाल यात्रा पर थी, लेकिन बाढ़ के बाद से ही उनकी कोई जानकारी नहीं मिली है. भारत के कुल 300 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं. जिसको को लेकर भारत का विदेश मंत्रालय लगातार नेपाल के संपर्क में है.

वेदांता एल्युमीनियम ने ऑटोएज 2026 में ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए नए और बेहतर मेटल उत्पाद लॉन्च किए

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रायपुर : भारत की प्रमुख एल्युमीनियम उत्पादक कंपनी वेदांता एल्युमीनियम (BSE: 544780 | NSE: VAML) ने अपने सबसे ज्यादा बिकने वाले प्राइमरी फाउंड्री अलॉय (पीएफए) रेंज के तहत दो नए और उन्नत उत्पाद लॉन्च किए हैं। इनमें कॉपर-डोप्ड अलॉय, जिसे हाई-परफॉर्मेंस ऑटोमोबाइल के लिए विकसित किया गया है, और वेदांता फाउंड्री अलॉय (वीएफए) शामिल हैं। वीएफए को बेहतर मजबूती और टिकाऊपन के लिए आईआईटी दिल्ली के सहयोग से विकसित किया गया है। ये दोनों नए उत्पाद अगली पीढ़ी के ऑटोमोबाइल बनाने में नई संभावनाएँ लेकर आए हैं। इनकी मदद से हल्के, सुरक्षित और अधिक बेहतर वाहन बनाने में मदद मिलेगी और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में नए अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।

इन दोनों उत्पादों को भारत की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों और एडवांस्ड ऑटोमोबाइल कंपोनेंट बनाने वाली कंपनियों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के सामने ऑटोएज 2026 (AutoEdge 2026) में पेश किया गया। यह वेदांता एल्युमीनियम का ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए विशेष कार्यक्रम है। अब अपने दूसरे संस्करण में आयोजित ऑटोएज 2026 में कई पैनल चर्चाएँ, तकनीकी प्रस्तुतियाँ और विशेषज्ञों के विचार शामिल रहे, जिनमें ऑटोमोबाइल उद्योग के भविष्य के रुझानों पर चर्चा की गई।

वेदांता एल्युमीनियम दुनिया की सबसे बड़ी प्राइमरी बिलेट उत्पादक कंपनी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित बाल्को प्लांट में चल रहे क्षमता विस्तार के पूरा होने के बाद कंपनी की बिलेट उत्पादन क्षमता 12.5 लाख टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) हो जाएगी। कंपनी भारत की सबसे बड़ी पीएफए उत्पादक भी है, जिसकी मौजूदा उत्पादन क्षमता 3.8 लाख टन प्रति वर्ष (केटीपीए) है। वेदांता के ऑटोमोबाइल पोर्टफोलियो में अलॉय व्हील, सिलेंडर हेड, इंजन के हिस्सों और अन्य ऑटोमोबाइल कास्टिंग में इस्तेमाल होने वाले पीएफए उत्पाद शामिल हैं। इसके अलावा, एचवीएसी और दुर्घटना के दौरान ज्यादा सुरक्षा देने वाले इंजीनियरिंग उत्पादों के लिए विशेष बिलेट्स भी बनाए जाते हैं। कंपनी अपने पोर्टफोलियो में वैल्यू-एडेड उत्पादों की हिस्सेदारी 90% तक बढ़ाने पर भी काम कर रही है। यह भारत और दुनियाभर में उच्च गुणवत्ता और टिकाऊ तरीके से तैयार एल्युमीनियम की बढ़ती माँग को पूरा करने के लिए किया जा रहा है।

वेदांता एल्युमीनियम के सीईओ राजेश कुमार ने कहा, “भारत का ऑटोमोबाइल उद्योग तेजी से बदल रहा है और इसमें हल्के, मजबूत और बेहतर मटेरियल की माँग बढ़ रही है। एल्युमीनियम अपने हल्के वजन, मजबूती, टिकाऊपन, जंग से बचाव और बार-बार रीसायकल किए जा सकने की क्षमता के कारण इन जरूरतों को पूरा करने के लिए बेहतर विकल्प है। वेदांता एल्युमीनियम में हम अपने ऑटोमोबाइल ग्रेड उत्पादों को नई पीढ़ी की उन्नत धातुओं के साथ और मजबूत कर रहे हैं। ये उत्पाद भारत में ही विकसित और तैयार किए गए हैं और इनमें विश्वस्तरीय गुणवत्ता और प्रदर्शन को ध्यान में रखा गया है। ये नए उत्पाद हमारे ‘मेक इन इंडिया’ के प्रयास को और मजबूत करते हैं और देश में वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता तैयार करने में योगदान देते हैं।”

इन दोनों नए उत्पादों को ऑटोमोबाइल उद्योग में हल्के, ज्यादा बेहतर और कठिन परिस्थितियों में भी अच्छा प्रदर्शन करने वाले वाहनों की बढ़ती जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। कॉपर-डोप्ड अलॉय में कॉपर की मजबूती देने वाली खूबियों का इस्तेमाल किया गया है। इससे इसकी मजबूती, घिसाव से बचने की क्षमता और ज्यादा तापमान में प्रदर्शन बेहतर होता है। इसलिए यह इंजन, ट्रांसमिशन और पॉवरट्रेन के महत्वपूर्ण हिस्सों के लिए खास तौर पर उपयोगी है। वहीं, वेदांता फाउंड्री अलॉय (वीएफए) में कम वजन के साथ ज्यादा मजबूती, जंग से बेहतर बचाव और बेहतर कास्टिंग क्षमता दी गई है। यह इसे पारंपरिक और इलेक्ट्रिक दोनों तरह के वाहनों में कई तरह के इस्तेमाल के लिए उपयुक्त बनाता है।

इन दोनों नए उत्पादों की मदद से ऑटोमोबाइल निर्माता कंपोनेंट्स की उम्र बढ़ाने, वाहनों की दक्षता और भरोसेमंद प्रदर्शन को बेहतर करने और अगली पीढ़ी की मोबिलिटी की बदलती जरूरतों को पूरा करने में सक्षम होंगे। अपनी बढ़ती आरएंडडी क्षमताओं के साथ, वेदांता एल्युमीनियम ओईएम और ऑटोमोबाइल कंपोनेंट निर्माताओं के साथ मिलकर काम कर रहा है, ताकि उन्नत और बेहतर मटेरियल सॉल्यूशंस तैयार किए जा सकें।

इस बढ़ते पोर्टफोलियो से भारत के ऑटोमोबाइल क्षेत्र में लोकल मैन्युफैक्चरिंग, मजबूत सप्लाई चेन और जरूरी कच्चे माल के लिए आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी। भारत इस समय दुनिया का सबसे बड़ा टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर बाजार है और पैसेंजर और कमर्शियल वाहनों के मामले में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बाजार है। भारत में तैयार और विकसित किए गए हाई-परफॉर्मेंस, ऑटोमोबाइल-ग्रेड अलॉय की उपलब्धता बढ़ाकर वेदांता एल्युमीनियम वाहन निर्माताओं को देश से ही ज्यादा सामान खरीदने, आयात पर निर्भरता कम करने और मजबूत व भविष्य के लिए तैयार वैल्यू चेन बनाने में मदद कर रहा है। यह पहल आत्मनिर्भर भारत के विजन के तहत भारत को वैश्विक ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लक्ष्य को सीधे समर्थन देती है।

वेदांता एल्युमीनियम ने अपने नए उत्पादों में गुणवत्ता और टिकाऊपन को खास महत्व दिया है। इसके चलते कंपनी के ग्राहकों की संख्या लगातार बढ़ रही है और अब उसके ग्राहक 60 से ज्यादा देशों में हैं। इनमें अमेरिका, जापान, इटली, फ्रांस और जर्मनी जैसे प्रमुख ऑटोमोबाइल बाजार भी शामिल हैं। कंपनी के सभी उत्पाद वेदांता मेटल बाजार के जरिए भी उपलब्ध हैं। यह दुनिया का सबसे बड़ा नॉन-फेरस मेटल्स ई-स्टोर है। हाल ही में कंपनी ने अपने वैश्विक ग्राहकों के लिए इसमें नया एक्सपोर्ट मॉड्यूल भी शुरू किया है।

ओडिशा के झारसुगुड़ा और छत्तीसगढ़ के कोरबा (बाल्को) में स्थित वेदांता एल्युमीनियम के स्मेल्टर को टिकाऊ तरीके से काम करने के लिए दुनिया भर में मान्यता प्राप्त एल्युमीनियम स्टीवर्डशिप इनिशिएटिव (एएसआई) के परफॉर्मेंस स्टैंडर्ड से प्रमाणित किया गया है। इसके अलावा, कंपनी के उत्पादों की पूरी रेंज भारत में भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के सभी लागू मानकों के तहत प्रमाणित होने वाली पहली रेंज है। कंपनी का फोकस ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए काम करने पर है। इसके तहत जरूरत के अनुसार अलॉय तैयार करना, आधुनिक तकनीक से उत्पादन और पूरी तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जिससे ऑटोमोबाइल उद्योग को बेहतर उत्पाद और अधिक मूल्य मिल सके।

युवाओं के मन में आने चाहिए नए आइडिया, पीएम मोदी ने Gen-Z को दिया खास संदेश

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देश के Gen-Z के साथ सीधा संवाद किया। खेलो इंडिया संवाद कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअली रूप से इस कार्यक्रम में जुड़े। पीएम मोदी ने कहा कि युवाओं के मन में नए आइडिया आने चाहिए। खेल हमें जिंदगी की चुनौतियों से लड़ना सिखाते हैं।

लाल किले से रखा गया भारत का स्पोर्ट्स विजन

पीएम मोदी ने कहा, ‘इस 15 अगस्त को मैंने लाल किले से देश के सामने भारत का स्पोर्ट्स विजन रखा। जब मैं खेलों की बात करता हूं, तो यह सिर्फ मेडल जीतने तक सीमित नहीं है। यह एक विकसित भारत के निर्माण में भारत की खेल क्षमता और युवा शक्ति को एकजुट करने का अभियान है।’

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जो खेलते हैं, वे खिलते हैं- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, ‘जो खेलते हैं, वे खिलते हैं और खेल में ‘खिलने’ का मतलब सिर्फ मैदान पर जीतना नहीं है। इसका मतलब है व्यक्ति और परिवार का विकास होना। साथ ही देश का मान बढ़ाना। जब कोई खिलाड़ी सफल होता है, तो वह सफलता सिर्फ उसकी नहीं होती। इससे उसके परिवार की पहचान बढ़ती है। उसके स्कूल और कॉलेज का मान बढ़ता है। उसके जिले और राज्य की पहचान मजबूत होती है। दुनिया उस शहर या राज्य को उस खिलाड़ी के नाम से पहचानने लगती है।’

देश में युवाओं और खेलों को नई प्राथमिकता- मंडाविया

केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। मनसुख मंडाविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में युवाओं और खेलों को नई प्राथमिकता मिली है। पीएम मोदी ने युवाओं को भारत का उज्ज्वल वर्तमान और भविष्य मानते हुए उन्हें ‘विकसित भारत’ के संकल्प से जोड़ा है।

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खेलों को राष्ट्रीय प्राथमिकता के तौर देख रहा युवा

मनसुख मंडाविया ने आगे कहा, ‘पीएम मोदी आपने युवाओं को भारत का उज्ज्वल वर्तमान और भविष्य माना है। उन्हें ‘विकसित भारत’ बनाने के संकल्प से जोड़ा है। आपकी लीडरशिप में देश ने पहली बार खेलों को सिर्फ एक गतिविधि के तौर पर नहीं, बल्कि राष्ट्रीय प्राथमिकता के तौर पर देखा है।’

Hotel Check-In: होटल में ठहरने के नियम बदले! अब Aadhaar की कॉपी नहीं, जानें कैसे होगा वेरिफिकेशन

Hotel Check-In: अगर आप घूमने जाते हैं तो होटल बुकिंग को लेकर काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. होटल में चेक इन करते वक्त पहचान पत्र बेहद जरूरी होता है. जब आप होटल जाते हैं तो रूम बुक करते समय आपसे आधार की फोटो कॉपी मांगी जाती है. इसके साथ कई बार आपकी फोटो भी मांगी जाती है. लेकिन अब होटल चेक इन के नियमों में बदलाव किया जा रहा है. होटल में भी अब रूम बुक करने के लिए डिजिटल व्यवस्था लागू की जा रही है. यानी अब डिजिटल वेरिफिकेशन के जरिए आपकी पहचान वेरिफाइ की जा सकती है.

भारत में पहली बार दिखेगी दुनिया के सबसे एडवांस फाइटर जेट की ताकत, पाक सीमा के पास जुटेंगे 8 देश

QR कोड और OTP से वेरिफिकेशन

वेरिफिकेशन की नई व्यवस्था में ग्राहक की पहचान जांचने के लिए डिजिटल तरीके अपनाए जा सकते हैं. इसके लिए QR कोड और OTP बेस ऐप की प्रक्रिया हो सकती है. इस व्यवस्था के जरिए पहचान वेरिफाई करने की प्रक्रिया को आसान बनाना है. वहीं दस्तावेज की फोटो कॉपी जमा करने की जरूरत भी कम हो सकती है.

Aadhaar की फोटो कॉपी वाली परेशानी होगी दूर

कई बार जब आप होटल पहुंचते हैं तो आपके आधार की फोटो कॉपी मांगी जाती है. लेकिन आपके पास फोटो कॉपी नहीं होती है और फोटो कॉपी कराने का साधन भी नहीं होता है. इस वजह से डिजिटल वेरिफिकेशन को बढ़ावा दिया जा रहा है. UIDAI पहचान वेरिफाइ की प्रक्रिया को आसान बनाने और डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रहा है.

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प्राइवेसी भी रहेगी सुरक्षित

होटल चेक इन में डिजिटल प्रक्रिया से प्राइवेसी भी सुरक्षित रहेगी. इससे आपकी निजी जानकारी ज्यादा सुरक्षित रहने की उम्मीद है. वहीं होटल में चेक इन का काम आसान हो सकता है.

भारत में पहली बार दिखेगी दुनिया के सबसे एडवांस फाइटर जेट की ताकत, पाक सीमा के पास जुटेंगे 8 देश

नई दिल्ली : भारतीय वायुसेना के सबसे बड़े मल्टीनेशनल युद्धाभ्यास ‘तरंग शक्ति 2.0′ की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. यह अभ्यास 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक राजस्थान के जोधपुर एयरबेस (Jodhpur Airbase) पर आयोजित किया जाएगा. इस अभ्यास का मुख्य आकर्षण अमेरिका का 5वीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट एफ-35 (F-35) होगा, जो पहली बार भारत में किसी सैन्य अभ्यास का हिस्सा बन सकता है. इस अभ्यास में अमेरिका,  फ्रांस और समेत कुल आठ देश अपने एयरक्राफ्ट के साथ हिस्सा ले सकते हैं. जबकि 30 से ज्यादा देश ऑब्जर्वर रहेंगे. इससे ठीक पहले 9 से 22 सितंबर तक भारत-जापान के बीच ‘वीर गार्जियन 26’ का आयोजन होगा, जिसमें जापानी F-2 विमान पहली बार भारतीय आसमान में गर्जना करेंगे.

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30 से ज्यादा देश होंगे ऑब्जर्वर

रक्षा अधिकारी के मुताबिक, अभी तक तरंग शक्ति 2026 के लिए अमेरिका के शेड्यूल में एफ-35 लड़ाकू विमान मौजूद हैं. अभ्यास में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, जर्मनी, यूएई, ग्रीस, श्रीलंका और बांग्लादेश के विमान हिस्सा लेंगे. इसके अलावा 30 से ज्यादा देश ऑब्जर्वर के तौर पर शामिल होंगे. यह अभ्यास 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक जोधपुर एयरबेस पर होगा.

2024 में हुई थी ‘तरंग शक्ति’ की शुरुआत

इससे पहले भारतीय वायुसेना ने साल 2024 में अपने सबसे बड़े मल्टीनेशनल वायु सैन्य अभ्यास ‘तरंग शक्ति’ की शुरुआत की थी. तरंग शक्ति का पहला संस्करण को 2 चरणों आयोजित किया गया था. फर्स्ट फेज तमिलनाडु के सुलूर एयरबेस में और दूसरा फेज राजस्थान के जोधपुर एयरबेस में आयोजित हुआ था. सुलूर एयरबेस पर आयोजित पहले चरण में फ्रांस के राफेल, जर्मनी, स्पेन और ब्रिटेन के यूरोफाइटर टाइफून लड़ाकू विमान शामिल हुए थे. वहीं, भारतीय वायुसेना के लगभग सभी प्रमुख प्लेटफॉर्म- राफेल, सुखोई, मिराज-2000, जैगुआर, तेजस, MiG-29 और प्रचंड- ने अपनी ऑपरेशनल क्षमता का प्रदर्शन किया था.  दूसरा चरण जोधपुर में आयोजित किया गया था. इस चरण में ऑस्ट्रेलिया का EA-18G ग्रोलर, ग्रीस का F-16, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का F-16 और अमेरिका के A-10 और F-16 सहित कुल 27 लड़ाकू विमान शामिल हुए थे. इसके अलावा दो एयर-टू-एयर रीफ्यूलर, दो एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम और 3 स्पेशल फोर्स एयरक्राफ्ट भी इस अभ्यास का हिस्सा बने थे.

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9-22 सितंबर तक भारत-जापान के बीच ‘वीर गार्जियन’

इसके अलावा तरंग शक्ति 2026 के आयोजन से ठीक पहले जोधपुर में भारत और जापान की वायुसेना के बीच द्विपक्षीय वायु सैन्य अभ्यास ‘वीर गार्जियन’ का आयोजन किया जा रहा है. यह अभ्यास 9 सितंबर से 22 सितंबर तक जारी रहेगा. डिफेंस से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, भारतीय वायुसेना के सुखोई Su-30MKI (Su-30MKI) और जापान एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स के F-2 फाइटर प्लेन इसमें हिस्सा लेने जा रहे हैं. जापान एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स के फाइटर जेट पहली बार भारत आएंगे और इस अभ्यास में हिस्सा लेंगे.

भारत-जापान के रक्षा मंत्री की हुई थी बैठक

बता दें कि हाल ही में 20 अगस्त को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जापानी रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइज़ुमी के बीच नई दिल्ली में हाई लेवल बाइलेटरल मीटिंग हुई थी. बैठक के बाद संयुक्त बयान में दोनों देशों ने नियमित सैन्य सहयोग का स्वागत करते हुए थलसेना के ‘धर्म गार्जियन’ और नौसेना के ‘जेमेक्स’ (JIMEX) के साथ-साथ ‘वीर गार्जियन 26′ की तैयारियों पर विशेष संतोष जाहिर किया.  भारत और जापान के बीच ‘वीर गार्जियन’ अभ्यास का पहला एडिशन साल 2023 में जापान के हयाकुरी एयरबेस पर आयोजित किया गया था. उस दौरान भारतीय वायुसेना की ओर से Su-30MKI, C-17 ग्लोबमास्टर और IL-78 मिड-एयर रीफ्यूलर विमानों ने भाग लिया था, जबकि जापान की तरफ से चार F-2 और चार F-15 लड़ाकू विमान ने हिस्सा लिया था.

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बालको की बढ़ती भूमिका

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कोरबा : छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास की कहानी में कुछ संस्थानों का योगदान केवल उनके उत्पादन आंकड़ों से नहीं आंका जा सकता। उनका वास्तविक प्रभाव रोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था, युवाओं के लिए अवसर और समाज में आए सकारात्मक बदलावों से समझा जाता है। भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ऐसी ही औद्योगिक यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

वर्ष 1965 में स्थापित बालको आज छत्तीसगढ़ की औद्योगिक पहचान का प्रमुख स्तंभ है। वर्ष 2001 में वेदांता समूह के प्रबंधन में आने के बाद कंपनी ने उत्पादन क्षमता, ऊर्जा, तकनीक और अधोसंरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार किया। वर्तमान में बालको की एल्यूमिनियम स्मेल्टर क्षमता 5.95 लाख टन प्रतिवर्ष है और विस्तार परियोजना के बाद यह बढ़कर 1 मिलियन टन प्रतिवर्ष हो जाएगी। यह विस्तार केवल उत्पादन क्षमता बढ़ाने की परियोजना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश, रोजगार, व्यापार और स्थानीय विकास के अगले चरण की नींव है।

उद्योग से बढ़ती स्थानीय अर्थव्यवस्था की ताकत
बालको का प्रभाव उसके संयंत्र परिसर तक सीमित नहीं है। कंपनी के विकास के साथ कोरबा और बालकोनगर की स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिली है। प्रत्यक्ष रोजगार के साथ व्यवसायिक साझेदारों, परिवहन, लॉजिस्टिक्स, सेवाओं तथा छोटे-बड़े स्थानीय व्यवसायों के लिए अवसर बढ़े हैं। पिछले एक दशक में बालको ने छत्तीसगढ़ राज्य और केंद्र सरकार के राजस्व में लगभग 29,000 करोड़ रुपये का योगदान दिया है।
देश की औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने में भी बालको की महत्वपूर्ण भूमिका है। कंपनी अपने उत्पादन का लगभग 90 प्रतिशत एल्यूमिनियम घरेलू बाजार में उपलब्ध कराती है। एल्यूमिनियम आधुनिक अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण धातुओं में शामिल है और परिवहन, निर्माण, ऊर्जा, रक्षा तथा अंतरिक्ष जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में इसका उपयोग लगातार बढ़ रहा है। बालको ने देश की वैज्ञानिक और रणनीतिक परियोजनाओं के लिए एल्यूमिनियम की आपूर्ति में भी योगदान दिया है।

1 मिलियन टन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
बालको अपनी विकास यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव पर है और 1 मिलियन टन वार्षिक उत्पादन क्षमता के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। 525 किलो एम्पीयर पॉटलाइन से फर्स्ट मेटल उत्पादन शुरू होना क्षमता विस्तार यात्रा का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह उपलब्धि नई तकनीक, बेहतर दक्षता और भविष्य की औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप संचालन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

यह विस्तार केवल बालको की उत्पादन क्षमता में वृद्धि नहीं है, बल्कि इससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों के और विस्तार की संभावनाएं भी जुड़ी हैं। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा होने, स्थानीय व्यवसायों को गति मिलने तथा व्यवसायिक साझेदारों, लॉजिस्टिक्स, सेवा क्षेत्र और स्थानीय उद्यमों के लिए नए अवसर बनने की संभावना है। इस तरह बालको का आर्थिक प्रभाव संयंत्र से निकलकर कोरबा और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचता है।

तकनीक और नवाचार से स्मार्ट उद्योग की ओर
औद्योगिक प्रतिस्पर्धा के बदलते दौर में तकनीक और नवाचार की भूमिका लगातार बढ़ रही है। बालको अपने संचालन को अधिक स्मार्ट, सुरक्षित और कुशल बनाने के लिए डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और डेटा आधारित समाधानों को अपना रहा है।

उत्पादन प्रक्रियाओं में डिजिटल निगरानी और स्मार्ट समाधान परिचालन दक्षता, गुणवत्ता तथा सुरक्षा को बेहतर बनाने में मदद कर रहे हैं। तकनीक आधारित यह परिवर्तन कंपनी को भविष्य की औद्योगिक आवश्यकताओं के लिए तैयार करने के साथ उत्पादन प्रक्रियाओं में निरंतर सुधार की संस्कृति को मजबूत कर रहा है।

सतत विकास के साथ औद्योगिक प्रगति
एल्यूमिनियम उत्पादन के साथ पर्यावरणीय स्थिरता को संतुलित करना बालको की विकास रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कंपनी ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण, पौधारोपण, इलेक्ट्रिक वाहनों और कम कार्बन उत्सर्जन वाले उत्पादों के माध्यम से अधिक टिकाऊ औद्योगिक विकास की दिशा में काम कर रही है।
रिस्टोरा लो-कार्बन एल्यूमिनियम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो कम कार्बन उत्सर्जन वाले एल्यूमिनियम की बढ़ती मांग को पूरा करने की दिशा में योगदान देता है। औद्योगिक विकास और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के बीच संतुलन स्थापित करने का यह प्रयास भविष्य के अधिक टिकाऊ उद्योग की दिशा को दर्शाता है।

सुरक्षा के साथ विकास की संस्कृति
औद्योगिक विकास के साथ सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बालको कर्मचारियों और व्यवसायिक साझेदारों के लिए नियमित प्रशिक्षण, सुरक्षा प्रथम, ‘असुरक्षित कार्य को ना कहना’ मॉक ड्रिल, आपातकालीन प्रतिक्रिया और सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता है। कंपनी की ‘सुरक्षा संकल्प’ पहल सुरक्षित कार्य संस्कृति को और मजबूत करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। सुरक्षा को संचालन का अभिन्न हिस्सा बनाकर बालको सुरक्षित कार्यस्थल, जागरूक कार्यबल और जिम्मेदार औद्योगिक संचालन की दिशा में निरंतर प्रयास कर रहा है।

विकसित भारत की औद्योगिक यात्रा में योगदान
भारत को विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में मजबूत घरेलू धातु क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। बुनियादी ढांचे से लेकर रक्षा, ऊर्जा, परिवहन और अंतरिक्ष तक, देश की विकास यात्रा गुणवत्तापूर्ण धातुओं की उपलब्धता से जुड़ी है। ऐसे में बालको का बढ़ता उत्पादन, तकनीकी क्षमता और नवाचार देश की औद्योगिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करने में योगदान दे रहे हैं।
छत्तीसगढ़ से विकसित भारत की दिशा में बालको की यात्रा अब एक औद्योगिक संयंत्र की विकास कहानी से आगे बढ़कर रोजगार, तकनीक, नवाचार, आर्थिक विकास और राष्ट्र निर्माण की कहानी बन चुकी है। 1 मिलियन टन की ओर बढ़ता बालको उत्पादन क्षमता के विस्तार के साथ देश की बढ़ती एल्यूमिनियम जरूरतों को पूरा करने की दिशा में भी अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है।
आने वाले वर्षों में क्षमता विस्तार, तकनीकी नवाचार और सतत विकास के माध्यम से बालको भारतीय एल्यूमिनियम उद्योग को नई गति देने की दिशा में आगे बढ़ेगा। छत्तीसगढ़ की धरती पर शुरू हुई यह औद्योगिक यात्रा अब राष्ट्र निर्माण के बड़े लक्ष्य से जुड़ चुकी है। बालको का अगला अध्याय केवल अधिक एल्यूमिनियम उत्पादन का नहीं, बल्कि अधिक अवसर, अधिक नवाचार और अधिक विकास गढ़ने का है।

Hospital Fire: अस्पताल के NICU में दर्दनाक हादसा, वेंटिलेटर में धमाके के बाद आग लगने से 3 नवजातों की मौत

Hospital Fire: महाराष्ट्र के अमरावती में सोमवार सुबह एक दर्दनाक अस्पताल हादसा सामने आया. जिला महिला अस्पताल की नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट यानी NICU में तड़के अचानक आग लग गई. इस हादसे में तीन नवजात बच्चों की मौत हो गई. आग लगने के समय यूनिट में करीब 39 नवजात भर्ती बताए जा रहे हैं. जानकारी के मुताबिक, आग सुबह करीब 3:30 बजे अस्पताल की तीसरी मंजिल पर स्थित NICU में लगी. शुरुआती जानकारी में आग की वजह वेंटिलेटर में हुए संभावित विस्फोट को बताया जा रहा है. हालांकि, अधिकारियों ने अभी इसे अंतिम कारण नहीं माना है. आग कैसे लगी और इसके पीछे तकनीकी खराबी थी या कोई अन्य वजह, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी.

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आग लगते ही मची अफरा-तफरी

NICU में आग और धुआं दिखाई देने के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया. ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर, नर्स और अन्य कर्मचारियों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया. सबसे बड़ी चुनौती गंभीर हालत में भर्ती नवजातों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना था. अस्पताल कर्मचारियों ने प्रभावित यूनिट से बच्चों को निकालकर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने की कोशिश की. धुएं और आग के बीच कई नवजातों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया. हालांकि, तीन बच्चों को गंभीर रूप से झुलसने के कारण बचाया नहीं जा सका. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे में छह अन्य नवजातों को आगे के इलाज के लिए सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया. इन बच्चों की स्थिति को लेकर तत्काल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई थी. अस्पताल प्रशासन और चिकित्सा टीम ने बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए तत्काल कदम उठाए.

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वेंटिलेटर से आग लगने की आशंका

अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच में वेंटिलेटर से जुड़ी किसी घटना को आग की संभावित वजह माना जा रहा है. बताया जा रहा है कि उपकरण में विस्फोट के बाद आग भड़क सकती है. हालांकि, यह अभी केवल प्रारंभिक जानकारी है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही होगी. आग की वास्तविक वजह पता लगाने के लिए अस्पताल के उपकरणों और विद्युत व्यवस्था की जांच की जाएगी. फायर सेफ्टी सिस्टम और NICU में मौजूद आपातकालीन इंतजाम भी जांच के दायरे में रहेंगे.

रक्षाबंधन से पहले बड़ा झटका! राखी और गिफ्ट भेजने पर अब देना होगा ज्यादा डाक शुल्क

रक्षाबंधन के मौके पर भारतीय डाक विभाग ने भाई और बहनों को बड़ा झटका दिया है. भाई-बहन जो अपने प्रदेश से बाहर रह रहे हैं, उन्हें गिफ्ट और राखी भेजने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे. भाई अपनी बहन के लिए तोहफा और बहन अपने भाई के लिए राखी भेजने के लिए पार्सल या स्पीड पोस्ट का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन अब इसके लिए पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे, क्योंकि भारतीय डाक ने पार्सल और स्टीड पोस्ट की दरें बढ़ा दी है.

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पार्सल भेजने में कितना लगेगा शुल्क

पार्सल भेजने की दर के लिए वजन, आकार और दूरी और सेवा के प्रकार पर निर्भर करता है. वहीं अब 500 ग्राम वजन वाले पार्सल भेजने का शुल्क 30 से 40 रुपये बढ़ा दिया गया है. पहले 500 ग्राम पार्सल के लिए महज 42 रुपये शुल्क लिया जाता था. लेकिन अब 77 से 84 रुपये तक शुल्क देना होगा. राज्य के अंदर 77 रुपये और दूसरे राज्य में 84 रुपये का शुल्क देना होगा. वहीं शुल्क के अलावा GST अलग से देना होगा.

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स्पीड पोस्ट पर बढ़ा शुल्क

डाक विभाग ने स्पीड पोस्ट (Speed Post) की दरें भी महंगा हो गया है. पहले 20 ग्राम वजन वाले Speed Post के लिए 42 रुपये लिया जाता था. लेकिन अब इसमें 14 रुपये सीधे बोढ़ोतरी की गई है. अब 20 ग्राम के Speed Post के लिए 56 रुपये खर्च करने होंगे. जबकि वजन और दूरी बढ़ने पर शुल्क बढ़ता जाएगा.

डाक विभाग ने पार्सल और स्पीड पोस्ट की दरों में बढ़ोतरी को लेकर कहा है कि दरों में कई सालों से संशोधन नहीं किया गया था. नई व्यवस्था के तहत अब पार्सल का शुल्क केवल वजन नहीं बल्कि दूरी और क्षेत्र के आधार पर भी तय किया जाएगा. यानी अब एक समान वजन के अलग-अलग पार्सल अगर अलग-अलग जगहों पर भेजे जाएंगे तो शुल्क भी अलग-अलग होगा.