Thursday, November 5, 2026
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Railway News: नए साल से सस्ता होगा ट्रेन का सफर, सुपरफास्ट से एक्सप्रेस बनेंगी 17 ट्रेनें

नई दिल्ली : रेलवे यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। भारतीय रेलवे ने पूर्णागिरि जनशताब्दी एक्सप्रेस, सप्तक्रांति एक्सप्रेस, श्रमजीवी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों को सुपरफास्ट श्रेणी से हटाकर सामान्य एक्सप्रेस ट्रेन में बदलने का निर्णय लिया है। इसके लिए संबंधित ट्रेनों के नंबरों में बदलाव किया जाएगा। यह नई व्यवस्था 1 जनवरी से लागू होगी। सुपरफास्ट श्रेणी से बाहर होने के बाद यात्रियों को सुपरफास्ट अधिभार नहीं देना पड़ेगा, जिससे टिकट का किराया कम हो जाएगा।

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सुपरफास्ट अधिभार से मिलेगी राहत

रेलवे के निर्धारित मानकों के अनुसार, औसतन 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों को सुपरफास्ट का दर्जा दिया जाता है। इन ट्रेनों के नंबर सामान्य तौर पर 12 या 2 से शुरू होते हैं। सुपरफास्ट श्रेणी में होने के कारण यात्रियों से टिकट के साथ अतिरिक्त अधिभार भी लिया जाता है।

वर्तमान व्यवस्था के तहत स्लीपर क्लास के यात्रियों से 30 रुपये, एसी चेयरकार, थर्ड एसी, थर्ड एसी इकोनॉमी और सेकंड एसी में 45 रुपये, जबकि फर्स्ट एसी और एग्जीक्यूटिव क्लास में 75 रुपये सुपरफास्ट अधिभार वसूला जाता है।

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, ट्रेनों की समयबद्धता और परिचालन की समीक्षा वार्षिक आधार पर या नया टाइम टेबल लागू करते समय की जाती है। ट्रेनों के ठहराव बढ़ने, संबंधित रूट पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ने और अन्य परिचालन कारणों से कई बार ट्रेनें निर्धारित समय से लगातार देरी से चलने लगती हैं। ऐसी स्थिति में उनके दर्जे में बदलाव किया जाता है।

इन ट्रेनों के नंबर में होगा बदलाव

रेलवे की ओर से जिन ट्रेनों को सुपरफास्ट श्रेणी से सामान्य एक्सप्रेस में बदला जा रहा है, उनकी सूची इस प्रकार है।

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ट्रेन का नाम पुराना नंबर नया नंबर
टनकपुर-पुरानी दिल्ली पूर्णागिरि जनशताब्दी 12035 15317
पुरानी दिल्ली-टनकपुर पूर्णागिरि जनशताब्दी 12036 15318
देहरादून-काठगोदाम नैनी जनशताब्दी 12091 15315
काठगोदाम-देहरादून नैनी जनशताब्दी 12092 15316
मुरादाबाद-रामनगर कॉर्बेट पार्क लिंक एक्सप्रेस 25013 15313
रामनगर-मुरादाबाद कॉर्बेट पार्क लिंक एक्सप्रेस 25014 15314
मुरादाबाद-रामनगर लिंक एक्सप्रेस 25035 15335
रामनगर-मुरादाबाद लिंक एक्सप्रेस 25036 15336
इस्लामपुर-नई दिल्ली मगध एक्सप्रेस 20801 18633
नई दिल्ली-इस्लामपुर मगध एक्सप्रेस 20802 18634
दरभंगा-जालंधर सिटी अंत्योदय एक्सप्रेस 22551 15541
जालंधर सिटी-दरभंगा अंत्योदय एक्सप्रेस 22552 15542
पाटलिपुत्र-चंडीगढ़ सुपरफास्ट एक्सप्रेस 22355 13255
चंडीगढ़-पाटलिपुत्र सुपरफास्ट एक्सप्रेस 22356 13256
मुजफ्फरपुर-आनंद विहार सप्तक्रांति एक्सप्रेस 12557 15577
आनंद विहार-मुजफ्फरपुर सप्तक्रांति एक्सप्रेस 12558 15578
राजगीर-नई दिल्ली श्रमजीवी एक्सप्रेस 12391 13291
नई दिल्ली-राजगीर श्रमजीवी एक्सप्रेस 12392 13292

यात्रियों को क्या होगा फायदा?

सुपरफास्ट श्रेणी से सामान्य एक्सप्रेस में बदलाव होने के बाद यात्रियों को टिकट पर लगने वाले अतिरिक्त सुपरफास्ट अधिभार से राहत मिलेगी। इससे खासकर लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों का खर्च कम होगा। हालांकि, यात्रियों को 1 जनवरी से यात्रा की योजना बनाते समय ट्रेनों के नए नंबर का ध्यान रखना होगा। टिकट बुकिंग और यात्रा से पहले रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या NTES पर ट्रेन की जानकारी जरूर जांच लें।

देश की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन में मिलेंगी लग्जरी सुविधाएं, 280 किमी/घंटा की रफ्तार समेत जानें टॉप 20 फीचर्स

नई दिल्ली : भारतीय रेलवे हाई-स्पीड यात्रा के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचने की तैयारी कर रहा है। देश की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन ‘B28’ निर्माण और सुरक्षा परीक्षण के महत्वपूर्ण चरणों से गुजर रही है। बेंगलुरु स्थित भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) के संयंत्र में तैयार की जा रही आठ कोच वाली इस ट्रेन का हाल ही में ‘व्हीकल बॉडी शेल असेसमेंट’ यानी स्क्वीज टेस्ट पूरा किया गया है। इस परीक्षण के जरिए ट्रेन के बाहरी ढांचे की मजबूती और तेज रफ्तार के दौरान पड़ने वाले दबाव को सहन करने की क्षमता का आकलन किया गया।

इस स्वदेशी बुलेट ट्रेन को आधुनिक तकनीक और यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। इसमें वाई-फाई, पैनोरमिक खिड़कियां, आधुनिक एसी, एलईडी लाइटिंग और व्यक्तिगत चार्जिंग पॉइंट जैसी सुविधाएं मिलेंगी।

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दिसंबर 2030 तक पूरा होगा मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट

रेल मंत्रालय के मुताबिक, 508 किलोमीटर लंबे मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (MAHSR) प्रोजेक्ट के गुजरात हिस्से को दिसंबर 2027 तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, पूरे कॉरिडोर का निर्माण दिसंबर 2030 तक पूरा करने की योजना है।

परियोजना के तहत सूरत से वापी के बीच करीब 100 किलोमीटर लंबे हिस्से में मई-जून 2027 के दौरान ट्रायल रन प्रस्तावित है। इस सेक्शन पर अगस्त 2027 से व्यावसायिक परिचालन शुरू होने की संभावना जताई गई है।

बुलेट ट्रेन सेवा शुरू होने के बाद मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा का समय मौजूदा लगभग 6.5 घंटे से घटकर महज 1 घंटा 58 मिनट रह जाएगा।

B28 बुलेट ट्रेन की 20 खास खूबियां

देश की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन को यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और ऊर्जा दक्षता को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इसकी प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  1. अधिकतम रफ्तार: ट्रेन की परीक्षण गति 280 किलोमीटर प्रति घंटा और परिचालन गति 249 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।
  2. रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम: ब्रेक लगाने के दौरान पैदा होने वाली ऊर्जा को दोबारा इस्तेमाल किया जा सकेगा, जिससे बिजली की बचत होगी।
  3. आठ कोच की संरचना: शुरुआत में ट्रेन में चार मोटर कार और चार ट्रेलर कार सहित कुल आठ कोच होंगे। जरूरत के अनुसार इसे 16 कोच तक बढ़ाया जा सकेगा।
  4. दो तरह की सीटिंग व्यवस्था: सात स्टैंडर्ड क्लास कोच में 3×2 और एक एग्जीक्यूटिव क्लास कोच में 2×2 सीटिंग लेआउट होगा।
  5. 557 यात्रियों की क्षमता: ट्रेन में कुल 557 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी। इसमें दिव्यांग यात्रियों के लिए भी विशेष स्थान दिए जाएंगे।
  6. ब्रेल लिपि की सुविधा: दृष्टिबाधित यात्रियों की सुविधा के लिए प्रमुख सूचना पट्टिकाओं पर ब्रेल लिपि का इस्तेमाल किया जाएगा।
  7. इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट: आपात स्थिति में यात्री ट्रेन स्टाफ से सीधे संपर्क कर सकेंगे।
  8. बड़ी पैनोरमिक खिड़कियां: प्रत्येक सीट की कतार के साथ बड़ी खिड़कियां होंगी, जिससे यात्री बाहर के नजारों का आनंद ले सकेंगे।
  9. वाई-फाई आधारित मनोरंजन: ट्रेन में प्री-लोडेड कंटेंट के साथ वाई-फाई आधारित पैसेंजर इन्फोटेनमेंट सिस्टम मिलेगा।
  10. सीलबंद गैंगवे: एक कोच से दूसरे कोच में सुरक्षित और आसानी से आने-जाने के लिए सिंगल-पीस सीलबंद गैंगवे बनाया गया है।
  11. ऑटोमैटिक रिट्रैक्टेबल स्टेप्स: ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच की दूरी को पाटने के लिए दरवाजों पर स्वचालित स्टेप्स दिए जाएंगे।
  12. स्मार्ट ड्राइवर कैब: ट्रेन के दोनों सिरों पर ड्राइवर कैब होंगी। इनमें आधुनिक कंट्रोल सिस्टम और कंट्रोल सेंटर से समन्वय की सुविधा होगी।
  13. ऑटोमैटिक अनाउंसमेंट: यात्रियों को जरूरी जानकारी देने के लिए ऑटोमैटिक पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाया जाएगा।
  14. मल्टी-लैंग्वेज LCD स्क्रीन: कोच में लगी स्क्रीन पर हिंदी, अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं में यात्रा संबंधी जानकारी मिलेगी।
  15. आधुनिक LED लाइटिंग: ट्रेन के सभी कोच में ऊर्जा की बचत करने वाली एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी।
  16. आधुनिक HVAC सिस्टम: प्रत्येक कोच में दो एसी यूनिट होंगी, जो तापमान और आर्द्रता को नियंत्रित रखेंगी।
  17. शोर कम करने की तकनीक: यात्रियों को शांत सफर देने के लिए साउंड इंसुलेशन, नॉइज रिडक्शन कोटिंग और विशेष बोगी कवर लगाए जाएंगे।
  18. अलग-अलग लगेज रैक: छोटे सामान के लिए ओवरहेड रैक और बड़े सूटकेस रखने के लिए मजबूत लगेज रैक उपलब्ध होंगे।
  19. हर सीट पर चार्जिंग पॉइंट: मोबाइल, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चार्ज करने के लिए प्रत्येक सीट पर पावर आउटलेट मिलेगा।
  20. आधुनिक बायो-डाइजेस्टर टॉयलेट: स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए आधुनिक बायो-डाइजेस्टर शौचालय लगाए जाएंगे।

मुंबई से अहमदाबाद तक होंगे 12 स्टेशन

मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में कुल 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनके जरिए पश्चिमी भारत के प्रमुख शहरों और व्यापारिक केंद्रों को हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।

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इस रूट के प्रमुख स्टेशन हैं:

  1. मुंबई
  2. ठाणे
  3. विरार
  4. बोइसर
  5. वापी
  6. बिलिमोरा
  7. सूरत
  8. भरूच
  9. वडोदरा
  10. आनंद
  11. अहमदाबाद
  12. साबरमती

बुलेट ट्रेन परियोजना के शुरू होने से मुंबई और अहमदाबाद के बीच सफर पहले के मुकाबले काफी तेज और सुविधाजनक होने की उम्मीद है। आधुनिक तकनीक, बेहतर सुरक्षा और यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाएं इसे भारतीय रेलवे के हाई-स्पीड नेटवर्क की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बना सकती हैं।

बालको ने कोरबा राज्योत्सव में प्रस्तुत की औद्योगिक और सामुदायिक विकास की झलक

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कोरबा: छत्तीसगढ़ के स्थापना दिवस पर आयोजित कोरबा राज्योत्सव-2026 में भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) के पैवेलियन ने आगंतुकों का ध्यान आकर्षित किया। कंपनी ने अपने स्टॉल के माध्यम से राज्य के औद्योगिक, तकनीकी और सामाजिक विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। कोरबा राज्योत्सव के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री श लखन लाल देवांगन, कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, जिला प्रशासन के अधिकारियों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने बालको पैवेलियन का भ्रमण किया। उन्होंने कंपनी की अत्याधुनिक औद्योगिक प्रगति और सामुदायिक विकास पहल की सराहना की।

राज्योत्सव के दौरान बालको पैवेलियन में आगंतुकों को एल्युमिनियम उत्पादन की आधुनिक प्रक्रिया, अत्याधुनिक तकनीकों और सतत विकास के प्रयासों की जानकारी दी गई। साथ ही कंपनी की प्रमुख सामुदायिक विकास परियोजना, उन्नति, मोर जल मोर माटी, वेदांता स्किल स्कूल, कनेक्ट कोचिंग प्रोग्राम, कोसाकरी, नंदघर और स्वास्थ्य सेवाओं को भी प्रदर्शित किया गया।

वेदांता स्किल स्कूल के माध्यम से युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। उन्नति परियोजना महिलाओं को आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की नई राह दिखा रही है। मोर जल मोर माटी किसानों को सतत कृषि और बेहतर आजीविका से जोड़ रही है। वहीं, मोबाइल हेल्थ वैन के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ समुदायों तक पहुँचाई जा रही हैं। शिक्षा, पारंपरिक हस्तशिल्प, ग्रामीण खेलों और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से बालको स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करते हुए समावेशी विकास की दिशा में निरंतर अग्रसर है।

कोरबा की धरती से अपनी यात्रा शुरू करने वाला बालको आज ऊर्जा, अधोसंरचना, परिवहन और विनिर्माण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में देश की प्रगति को गति प्रदान कर रहा है। औद्योगिक उत्कृष्टता के साथ सामाजिक विकास के प्रति प्रतिबद्ध बालको, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और सतत आजीविका के माध्यम से छत्तीसगढ़ के पाँच जिलों, कोरबा, कवर्धा, सरगुजा, रायगढ़ और रायपुर के 128 गाँवों में 1.80 लाख से अधिक लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।

कोरबा की मिट्टी से गहराई से जुड़ा बालको आज औद्योगिक प्रगति, तकनीकी नवाचार और सामाजिक परिवर्तन का एक सशक्त संगम है। औद्योगिक विकास के साथ सामुदायिक सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के माध्यम से बालको जन-जन के जीवन में खुशहाली का संचार कर रहा है। इसी संकल्प के साथ कंपनी एक सशक्त, समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दे रही है।

Train Ticket Refund Rules: ट्रेन निरस्त हुई या घंटों लेट है? जानिए कब और कैसे मिलेगा टिकट का 100% रिफंड

Train Ticket Refund Rules: रेलवे से सफर करने वाले यात्रियों के लिए टिकट कैंसिलेशन और रिफंड से जुड़े नियमों की जानकारी होना बेहद जरूरी है। कई बार ट्रेन रद्द हो जाती है या निर्धारित समय से काफी देरी से चलती है। ऐसी स्थिति में यात्रियों को टिकट का पूरा किराया वापस मिल सकता है। हालांकि, इसके लिए रेलवे की निर्धारित शर्तों और प्रक्रियाओं का पालन करना जरूरी है।

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आजकल रेलवे आरक्षण केंद्रों की भीड़ से बचने के लिए बड़ी संख्या में लोग ऑनलाइन टिकट बुक करते हैं। लेकिन कई यात्रियों को ई-टिकट और काउंटर टिकट के रिफंड नियमों की पूरी जानकारी नहीं होती। रेलवे में टिकट बुकिंग के तरीके, टिकट की स्थिति और कैंसिलेशन के समय के आधार पर रिफंड की राशि तय होती है।

ट्रेन रद्द होने पर कैसे मिलेगा पूरा रिफंड?

अगर किसी कारण से रेलवे ट्रेन को पूरी तरह रद्द कर देता है, तो ई-टिकट बुक कराने वाले यात्रियों को आमतौर पर टिकट कैंसिल करने या अलग से TDR दाखिल करने की जरूरत नहीं होती। ऐसी स्थिति में टिकट का पूरा किराया उसी खाते में वापस कर दिया जाता है, जिससे भुगतान किया गया था।

वहीं, अगर ट्रेन अपने निर्धारित प्रस्थान समय से तीन घंटे से ज्यादा लेट है और यात्री इस वजह से सफर नहीं करता, तो उसे पूरा किराया वापस मिल सकता है। हालांकि, इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत TDR दाखिल करना जरूरी होता है। रिफंड के लिए रेलवे की तय शर्तें लागू होती हैं।

वेटिंग और RAC टिकट कैंसिल कराने पर कितना कटेगा पैसा?

रेलवे के नियमों के मुताबिक, वेटिंग और RAC टिकट रद्द कराने पर प्रति यात्री 60 रुपये क्लर्केज शुल्क काटा जाता है। इसके लिए ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से कम से कम 30 मिनट पहले टिकट कैंसिल कराना जरूरी है।

अगर ई-टिकट पूरी तरह वेटिंग में है और चार्ट तैयार होने के बाद भी कन्फर्म नहीं होता, तो वह अपने आप कैंसिल हो जाता है। ऐसी स्थिति में रेलवे के निर्धारित क्लर्केज शुल्क की कटौती के बाद बाकी रकम यात्री के खाते में वापस कर दी जाती है।

काउंटर टिकट का रिफंड कैसे मिलेगा?

रेलवे आरक्षण केंद्र से खरीदे गए टिकट को कैंसिल कराने की प्रक्रिया ऑनलाइन टिकट से अलग होती है। इसके लिए यात्री को मूल टिकट आरक्षण काउंटर पर जमा करना पड़ता है। रेलवे के निर्धारित समय और शर्तों के अनुसार टिकट रद्द होने पर रिफंड दिया जाता है।

सामान्य परिस्थितियों में टिकट रद्द कराने का समय ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान से चार घंटे पहले तक होता है। वहीं, वेटिंग और RAC टिकट के लिए 30 मिनट पहले तक कैंसिलेशन का प्रावधान है। समयसीमा समाप्त होने के बाद रिफंड नहीं मिलने की स्थिति भी बन सकती है।

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रिफंड के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी?

ई-टिकट कैंसिल कराने के लिए यात्री को अपने IRCTC अकाउंट में लॉगिन करके संबंधित टिकट की जानकारी के जरिए प्रक्रिया पूरी करनी होती है। इसके लिए अलग से किसी दस्तावेज को जमा करने की जरूरत नहीं होती।

वहीं, काउंटर टिकट रद्द कराने के लिए मूल टिकट जरूरी है। कुछ विशेष परिस्थितियों में रिफंड पाने के लिए TDR दाखिल करना पड़ सकता है। इसलिए टिकट कैंसिल करने से पहले रेलवे के आधिकारिक नियमों और निर्धारित समयसीमा की जानकारी जरूर जांच लें, ताकि रिफंड मिलने में किसी तरह की परेशानी न हो।

कार में शराब रखकर सफर करने से पहले जान लें ये नियम, वरना हो सकती है जेल और लगेगा भारी जुर्माना

नई दिल्ली : त्योहारों और छुट्टियों के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपनी निजी कार से एक शहर से दूसरे शहर तक सफर करते हैं। इस दौरान कई लोग कार में शराब की बोतलें भी रख लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि निजी गाड़ी में शराब ले जाने के लिए भी आबकारी विभाग के नियमों का पालन करना जरूरी है? इन नियमों की अनदेखी करने पर भारी जुर्माना लग सकता है। कुछ परिस्थितियों में गाड़ी जब्त होने के साथ जेल भी हो सकती है।

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दरअसल, भारत में शराब से जुड़े नियम केंद्र सरकार के बजाय अलग-अलग राज्यों के आबकारी कानूनों के तहत निर्धारित होते हैं। यही वजह है कि एक राज्य में शराब रखने और परिवहन की अनुमति दूसरे राज्य से अलग हो सकती है। ऐसे में कार से दूसरे राज्य की यात्रा करने से पहले वहां के आबकारी नियमों की जानकारी होना बेहद जरूरी है।

दूसरे राज्य में शराब ले जाने से पहले जान लें नियम

अगर आप अपनी निजी कार से एक राज्य से दूसरे राज्य में जा रहे हैं, तो शराब ले जाने को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। कई राज्यों में दूसरे प्रदेश से शराब लाने पर प्रतिबंध है, जबकि कुछ राज्यों में निर्धारित मात्रा और वैध परमिट के साथ इसकी अनुमति दी जाती है।

सिर्फ शराब की बोतल सीलबंद होने या उसका बिल होने से दूसरे राज्य में उसे ले जाने की अनुमति नहीं मिल जाती। उदाहरण के तौर पर, दिल्ली या हरियाणा से शराब खरीदकर उत्तर प्रदेश ले जाने पर वहां के आबकारी नियमों का उल्लंघन होने की स्थिति में कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इसमें जुर्माना, शराब की जब्ती और वाहन जब्त किए जाने जैसी कार्रवाई शामिल हो सकती है।

अपने राज्य में कितनी शराब ले जा सकते हैं?

अगर आप उसी राज्य के भीतर अपनी निजी कार से यात्रा कर रहे हैं, तो शराब ले जाने की अधिकतम सीमा वहां के आबकारी नियमों पर निर्भर करती है। अलग-अलग राज्यों में शराब की निर्धारित मात्रा अलग हो सकती है। कुछ राज्यों में सीमित मात्रा में शराब रखने और ले जाने की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इसके लिए विशेष परमिट की जरूरत पड़ सकती है।

इसलिए यह मान लेना सही नहीं है कि पूरे देश में हर व्यक्ति अपनी कार में 1.5 से 2 लीटर शराब आसानी से ले जा सकता है। यात्रा से पहले संबंधित राज्य की निर्धारित सीमा और नियमों की जानकारी जरूर हासिल करें।

ड्राई स्टेट में शराब मिलने पर हो सकती है कार्रवाई

देश में कुछ ऐसे राज्य भी हैं, जहां शराब की बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध या कड़े नियंत्रण लागू हैं। इनमें बिहार, गुजरात, नागालैंड और मिजोरम शामिल हैं।

इन राज्यों में बिना वैध अनुमति शराब ले जाना गंभीर कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है। चेकिंग के दौरान कार में शराब मिलने पर आबकारी कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। मामले की गंभीरता और संबंधित राज्य के कानून के आधार पर जुर्माना, वाहन जब्ती और जेल तक की सजा हो सकती है।

शराब पीकर गाड़ी चलाने पर कितना लगेगा जुर्माना?

कार में शराब ले जाने के नियमों के अलावा शराब पीकर वाहन चलाने को लेकर भी सख्त प्रावधान हैं। मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 के तहत यदि चालक के रक्त में अल्कोहल की मात्रा 30 मिलीग्राम प्रति 100 मिलीलीटर से अधिक पाई जाती है, तो इसे अपराध माना जाता है।

पहली बार इस अपराध में पकड़े जाने पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना या छह महीने तक की जेल अथवा दोनों सजाएं हो सकती हैं। वहीं, दोबारा अपराध करने पर 15 हजार रुपये तक का जुर्माना या दो साल तक की जेल अथवा दोनों का प्रावधान है। इसके अलावा ड्राइविंग लाइसेंस के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

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कार में शराब ले जाते समय इन बातों का रखें ध्यान

  • दूसरे राज्य में शराब ले जाने से पहले वहां के आबकारी नियम और परमिट की जानकारी जरूर लें।
  • निर्धारित मात्रा से अधिक शराब अपने साथ न रखें।
  • शराब की खरीदारी का बिल अपने पास रखें।
  • जहां अनुमति हो, वहां शराब को सीलबंद बोतल में सुरक्षित रखें।
  • कार में शराब की खुली बोतल रखने या उसका सेवन करने से बचें।
  • किसी भी परिस्थिति में शराब पीकर गाड़ी न चलाएं।

ध्यान दें: शराब ले जाने की अनुमति, निर्धारित मात्रा और सजा के प्रावधान राज्य के आबकारी कानूनों के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए यात्रा से पहले संबंधित राज्य के आधिकारिक नियमों की जानकारी जरूर प्राप्त करें।

Bank Holidays November 2026: नवंबर में कब-कब बंद रहेंगे बैंक? RBI ने जारी किया छुट्टियों का कैलेंडर

Bank Holidays November 2026: नवंबर में बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम है, तो घर से निकलने से पहले छुट्टियों की लिस्ट जरूर चेक कर लें। दिवाली, छठ पूजा और गुरु नानक जयंती जैसे प्रमुख त्योहारों के कारण इस महीने अलग-अलग राज्यों में बैंक कई दिन बंद रहने वाले हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के बैंक अवकाश कैलेंडर के मुताबिक, नवंबर में त्योहारों और साप्ताहिक छुट्टियों को मिलाकर कई दिन बैंक शाखाओं में कामकाज नहीं होगा। ऐसे में पहले से छुट्टियों की जानकारी होने पर आप बैंक से जुड़े जरूरी काम समय रहते निपटा सकते हैं।

नवंबर 2026 में बैंक की छुट्टियां अलग-अलग राज्यों और शहरों के हिसाब से तय की गई हैं। इसलिए किसी एक राज्य में बैंक बंद होने का मतलब यह नहीं है कि देशभर की सभी बैंक शाखाएं बंद रहेंगी। इस महीने रविवार के अलावा दूसरे और चौथे शनिवार को भी बैंक बंद रहेंगे। वहीं दिवाली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज, छठ पूजा और गुरु नानक जयंती जैसे त्योहारों पर भी विभिन्न राज्यों में बैंक अवकाश रहेगा।

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नवंबर 2026 में बैंक छुट्टियों की पूरी लिस्ट

RBI के बैंक अवकाश कैलेंडर के अनुसार, नवंबर महीने में विभिन्न त्योहारों और क्षेत्रीय आयोजनों के चलते अलग-अलग राज्यों में बैंक बंद रहेंगे। छुट्टियों की तारीख और संबंधित राज्यों की जानकारी नीचे दी गई है।

तारीख बैंक अवकाश वाले राज्य
2 नवंबर मेघालय
9 नवंबर त्रिपुरा, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, सिक्किम, मणिपुर, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़
10 नवंबर गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तराखंड और सिक्किम
11 नवंबर सिक्किम, मणिपुर, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और हिमाचल प्रदेश
13 नवंबर मेघालय
16 नवंबर बिहार और झारखंड
20 नवंबर उत्तराखंड
23 नवंबर मेघालय
24 नवंबर मिजोरम, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, नागालैंड, पश्चिम बंगाल, नई दिल्ली, छत्तीसगढ़, झारखंड और हिमाचल प्रदेश
27 नवंबर कर्नाटक

साप्ताहिक छुट्टियों पर भी बंद रहेंगे बैंक

नवंबर महीने में रविवार और निर्धारित शनिवार को भी बैंक शाखाओं में कामकाज नहीं होगा। इस महीने रविवार की छुट्टियां 1, 8, 15, 22 और 29 नवंबर को रहेंगी। इसके अलावा 14 नवंबर को दूसरा शनिवार और 28 नवंबर को चौथा शनिवार होने के कारण बैंक बंद रहेंगे।

बैंक बंद होने पर भी जारी रहेंगी डिजिटल सेवाएं

बैंक शाखाओं में छुट्टी होने के बावजूद ग्राहकों को पैसों के लेनदेन के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और UPI जैसी डिजिटल सुविधाओं के जरिए कई जरूरी काम घर बैठे किए जा सकते हैं। इसके अलावा ATM से नकदी निकालने की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।

Driving Licence New Rules: अब ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी कई सेवाएं होंगी मुफ्त? सरकार ने नए नियमों का ड्राफ्ट किया जारी, जानें क्या बदलेगा

हालांकि, बैंक शाखा से जुड़े जरूरी कामों के लिए ग्राहकों को छुट्टियों का ध्यान रखना चाहिए। बैंक जाने से पहले अपने राज्य और शहर के अनुसार छुट्टियों की जानकारी जरूर जांच लें, ताकि बंद शाखा के कारण आपका समय बर्बाद न हो।

Emergency Helpline Numbers List: मुसीबत में तुरंत आएंगे काम! साइबर फ्रॉड, एम्बुलेंस और महिला सुरक्षा समेत ये हेल्पलाइन नंबर जरूर रखें सेव

Emergency Helpline Numbers List: जिंदगी में कभी भी दुर्घटना, अपराध या कोई अप्रिय घटना हो सकती है। ऐसे मुश्किल समय में हर सेकंड बेहद कीमती होता है। अगर आपको सही समय पर सही हेल्पलाइन नंबर की जानकारी हो, तो समय रहते मदद मिल सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने देशभर की प्रमुख आपातकालीन सेवाओं को एक राष्ट्रीय इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (ERSS) के तहत 112 नंबर से जोड़ा है। इसके अलावा कई विशेष सेवाओं के लिए अलग-अलग हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध हैं। आइए जानते हैं पुलिस, एम्बुलेंस, महिला सुरक्षा, साइबर फ्रॉड और अन्य आपात स्थितियों में कौन से नंबर आपके काम आ सकते हैं।

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112-राष्ट्रीय इमरजेंसी हेल्पलाइन

112 देश का एकीकृत राष्ट्रीय आपातकालीन नंबर है। किसी भी तरह की गंभीर आपात स्थिति में इस नंबर पर कॉल करके पुलिस, अग्निशमन और स्वास्थ्य सेवाओं की मदद मांगी जा सकती है।

कब करें इस्तेमाल: सड़क दुर्घटना, अपराध, आग लगने, जान-माल के खतरे या किसी अन्य गंभीर आपात स्थिति में 112 डायल करें।

मदद कैसे मिलेगी: मोबाइल या लैंडलाइन से 112 पर कॉल कर सकते हैं। 112 India App के जरिए भी आपातकालीन सहायता मांगी जा सकती है।

100-पुलिस हेल्पलाइन

पुलिस से तत्काल सहायता लेने के लिए 100 नंबर का इस्तेमाल किया जाता है।

कब करें इस्तेमाल: चोरी, लूटपाट, मारपीट, लड़ाई-झगड़े, सड़क दुर्घटना या किसी अन्य आपराधिक घटना के दौरान पुलिस की मदद के लिए इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।

101-फायर ब्रिगेड

आग लगने की घटना में दमकल विभाग की सहायता लेने के लिए 101 नंबर पर कॉल करें।

कब करें इस्तेमाल: घर, दुकान, वाहन या किसी अन्य स्थान पर आग लगने अथवा शॉर्ट सर्किट से आग फैलने की स्थिति में।

मदद कैसे मिलेगी: कॉल के दौरान आग लगने का सही पता और नजदीकी लैंडमार्क बताएं, ताकि दमकल विभाग की टीम जल्द मौके पर पहुंच सके।

108-आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा

गंभीर स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति में 108 नंबर पर कॉल करके एम्बुलेंस की मदद ली जा सकती है।

कब करें इस्तेमाल: गंभीर सड़क दुर्घटना, हार्ट अटैक, सांस लेने में परेशानी या किसी अन्य जानलेवा मेडिकल इमरजेंसी में।

मदद कैसे मिलेगी: कॉल करने पर उपलब्धता और स्थानीय व्यवस्था के अनुसार आपातकालीन एम्बुलेंस भेजी जाती है।

102-राष्ट्रीय एम्बुलेंस सेवा

102 नंबर का इस्तेमाल मुख्य रूप से गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए किया जाता है।

कब करें इस्तेमाल: गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने, प्रसव संबंधी जरूरतों और नवजात शिशुओं की चिकित्सा सहायता के लिए इस नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।

181 और 1091-महिला हेल्पलाइन

महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के लिए 181 और 1091 हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध हैं।

कब करें इस्तेमाल: घरेलू हिंसा, छेड़छाड़, मानसिक या शारीरिक उत्पीड़न और किसी भी तरह के संकट में फंसी महिलाएं इन नंबरों पर सहायता मांग सकती हैं।

1098-चाइल्ड हेल्पलाइन

बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों से जुड़े मामलों में 1098 हेल्पलाइन मददगार है।

कब करें इस्तेमाल: बाल श्रम, बाल विवाह, बाल शोषण या किसी बच्चे के लावारिस अथवा संकट में होने की स्थिति में इस नंबर पर सूचना दी जा सकती है।

14567-एल्डर लाइन

बुजुर्गों की सहायता और सुरक्षा के लिए 14567 हेल्पलाइन शुरू की गई है।

कब करें इस्तेमाल: बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार, पेंशन संबंधी समस्याओं, कानूनी सहायता और अन्य परेशानियों में इस नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।

1930-साइबर अपराध हेल्पलाइन

डिजिटल दौर में ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में साइबर फ्रॉड का शिकार होने पर 1930 नंबर बेहद महत्वपूर्ण है।

कब करें इस्तेमाल: ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड, यूपीआई धोखाधड़ी, क्रेडिट-डेबिट कार्ड से ठगी या ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होने पर इस नंबर पर तुरंत शिकायत करें।

मदद कैसे मिलेगी: साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की सूचना जितनी जल्दी दी जाएगी, पैसे के लेनदेन को रोकने की संभावना उतनी बेहतर हो सकती है। इसके लिए राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

139-रेलवे हेल्पलाइन

रेल यात्रा के दौरान यात्रियों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए 139 हेल्पलाइन का इस्तेमाल किया जा सकता है।

कब करें इस्तेमाल: ट्रेन में सुरक्षा संबंधी परेशानी, चिकित्सा सहायता, साफ-सफाई या यात्रा से जुड़ी शिकायतों के लिए इस नंबर पर संपर्क करें।

14416-मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन

मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों में सहायता के लिए सरकार की टेली-मानस हेल्पलाइन उपलब्ध है।

कब करें इस्तेमाल: अत्यधिक तनाव, चिंता, अवसाद या अन्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में 14416 पर कॉल करके परामर्श और सहायता प्राप्त की जा सकती है।

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इन हेल्पलाइन नंबरों को फोन में जरूर सेव करें

आपातकालीन स्थिति कभी भी और कहीं भी आ सकती है। इसलिए इन जरूरी हेल्पलाइन नंबरों को अपने मोबाइल में सेव करके रखें। साथ ही परिवार के सदस्यों और बच्चों को भी इन नंबरों की जानकारी दें, ताकि जरूरत पड़ने पर बिना समय गंवाए सहायता प्राप्त की जा सके।

ध्यान दें: 112 राष्ट्रीय आपातकालीन सहायता का एकीकृत नंबर है। कुछ विशेष हेल्पलाइन सेवाओं की उपलब्धता और कार्यक्षेत्र राज्य के अनुसार अलग हो सकते हैं। वित्तीय साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें।

1 नवंबर से बदल जाएंगे ये जरूरी नियम, पार्किंग शुल्क से लेकर बैंक लॉकर और आधार अपडेट तक जानें क्या होगा बदलाव

New Rules From 1 November 2026: नवंबर की शुरुआत के साथ आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, बैंकिंग और खर्चों से जुड़े कई बदलावों की चर्चा है। इनमें दिल्ली-NCR में प्रदूषण नियंत्रण के लिए वाहनों पर प्रतिबंध, पार्किंग शुल्क, बैंक खातों में नॉमिनी जोड़ने की सुविधा, आधार अपडेट और SBI क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियम शामिल हैं। इसके अलावा LPG, CNG और PNG की कीमतों की मासिक समीक्षा भी होगी। हालांकि, इन बदलावों की लागू होने की तारीख और शर्तें संबंधित विभागों के आधिकारिक आदेशों से जांचना जरूरी है।

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दिल्ली-NCR में प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्ती

सर्दियों में वायु प्रदूषण बढ़ने की आशंका के बीच दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत वाहनों और निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दिल्ली में 1 नवंबर से BS-VI से पुराने वाहनों के प्रवेश पर रोक का प्रावधान बताया गया है। इसका असर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान से दिल्ली आने वाले वाहन चालकों पर पड़ सकता है।

बताई गई व्यवस्था के तहत इलेक्ट्रिक, CNG और LNG वाहनों को छूट देने की बात कही गई है। वहीं, वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) रखना भी जरूरी है। वाहन चालकों को यात्रा से पहले लागू प्रतिबंधों और छूट की आधिकारिक जानकारी जरूर जांचनी चाहिए।

दिल्ली में पार्किंग शुल्क बढ़ने की चर्चा

दिल्ली के लुटियंस जोन सहित कुछ अधिकृत पार्किंग स्थलों पर 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक पार्किंग शुल्क दोगुना किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसका उद्देश्य निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करना और प्रदूषण पर नियंत्रण में मदद करना बताया गया है। दिल्ली मेट्रो की पार्किंग को इस बढ़ोतरी से छूट मिलने की बात भी कही गई है।

इसके अलावा, 1 नवंबर से 31 जनवरी 2027 तक धूल फैलाने वाली तोड़फोड़ और खुदाई जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने तथा 10 दिसंबर से प्रतिबंध और सख्त करने का उल्लेख है। सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम लागू करने की बात भी कही गई है। इन प्रावधानों की अंतिम स्थिति संबंधित सरकारी आदेशों से सत्यापित की जानी चाहिए।

बैंक खातों और लॉकर में 4 नॉमिनी जोड़ने की सुविधा

बैंकिंग कानून में संशोधन के तहत खाताधारकों को बैंक खाते और लॉकर के लिए अधिकतम चार नॉमिनी जोड़ने की सुविधा दी गई है। खाताधारक निर्धारित नियमों के अनुसार यह भी तय कर सकता है कि प्रत्येक नॉमिनी को कितनी हिस्सेदारी मिलेगी।

बैंक लॉकर के मामले में क्रमिक नामांकन (Successive Nomination) की सुविधा भी महत्वपूर्ण है। इसके तहत नॉमिनी के लिए प्राथमिकता का क्रम तय किया जा सकता है। इससे खाताधारक की मृत्यु के बाद दावा निपटाने की प्रक्रिया अधिक स्पष्ट हो सकती है। ग्राहकों को अपने बैंक से इन सुविधाओं की प्रक्रिया और लागू शर्तों की जानकारी लेनी चाहिए।

आधार कार्ड अपडेट में राहत

आधार कार्ड से जुड़े नियमों में बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट को लेकर राहत की जानकारी दी गई है। बताया गया है कि 5 से 7 वर्ष और 15 से 17 वर्ष की उम्र के बच्चों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट पर लगने वाला 125 रुपये का शुल्क एक साल के लिए माफ किया गया है। इसके अलावा, आधार में नाम और पते जैसे विवरणों को ऑनलाइन अपडेट करने की प्रक्रिया को आसान बनाने की बात भी कही गई है।

हालांकि, मुफ्त अपडेट की पात्रता, समयसीमा और ऑनलाइन बदलावों से जुड़ी शर्तों की पुष्टि UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट से करना जरूरी है।

SBI क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने वालों के लिए जरूरी जानकारी

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के क्रेडिट कार्ड ग्राहकों को डिजिटल वॉलेट में पैसे जोड़ने और कुछ विशेष श्रेणियों में लेनदेन करने पर लागू शुल्कों की जानकारी रखनी चाहिए। उपलब्ध विवरण के अनुसार, कुछ ट्रांजैक्शन पर फाइनेंस चार्ज या प्रोसेसिंग फीस से जुड़े बदलाव हो सकते हैं।

कार्डधारकों को सलाह है कि वे लेनदेन करने से पहले अपने कार्ड की शर्तें और SBI Card की ओर से जारी नवीनतम शुल्क सूची जांच लें, ताकि अतिरिक्त खर्च से बचा जा सके।

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LPG, CNG और PNG की कीमतों पर भी नजर

हर महीने की पहली तारीख को तेल विपणन कंपनियां LPG और अन्य ईंधनों की कीमतों की समीक्षा करती हैं। ऐसे में 1 नवंबर को घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के दामों में बदलाव संभव है। CNG, PNG और विमानन ईंधन (ATF) की कीमतों की भी समीक्षा की जा सकती है।

हालांकि, कीमतों में बढ़ोतरी या कटौती पहले से तय नहीं होती। इसका फैसला संबंधित कंपनियां और लागू मूल्य निर्धारण व्यवस्था के अनुसार करती हैं। इसलिए नए महीने में गैस की कीमतों को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।

अयोध्या राम मंदिर में दर्शन और आरती के समय में बदलाव

उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में मौसम के अनुसार शीतकालीन समय-सारणी लागू किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। इसके तहत दर्शन और आरती के समय में बदलाव हो सकता है। श्रद्धालुओं को यात्रा की योजना बनाने से पहले श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से जारी आधिकारिक समय-सारणी देखनी चाहिए।

ध्यान दें: 1 नवंबर 2026 से लागू होने वाले इन नियमों और बदलावों की अंतिम पुष्टि संबंधित विभागों, बैंकों और आधिकारिक संस्थाओं की अधिसूचनाओं से जरूर करें।

Indian Railway: ट्रेन में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक नहीं कर सकेंगे मोबाइल चार्ज, यात्रियों के लिए जरूरी अपडेट

Indian Railway: ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए जरूरी खबर है। रेलवे बोर्ड ने ट्रेनों के कोच में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक मोबाइल चार्जिंग पॉइंट बंद रखने के नियम का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। 26 अक्टूबर को जारी आदेश में सभी जोनल रेलवे को इस व्यवस्था को अनिवार्य रूप से लागू करने के लिए कहा गया है। इस दौरान यात्रियों को मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चार्ज करने के लिए चार्जिंग पॉइंट की सुविधा नहीं मिलेगी।

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पावर बैंक में विस्फोट के बाद बढ़ाई गई सख्ती

रेलवे बोर्ड का यह निर्देश दक्षिण पूर्व रेलवे (SER) में चार्जिंग के दौरान एक यात्री के पावर बैंक में विस्फोट होने और धुआं निकलने की घटना के बाद आया है। बताया गया कि संबंधित ट्रेन में निर्धारित समय के दौरान चार्जिंग पॉइंट बंद नहीं किए गए थे। इस घटना के बाद रेलवे ने आग लगने और बिजली से जुड़ी दुर्घटनाओं के खतरे को कम करने के लिए सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।

2014 के पुराने आदेश को लागू करने के निर्देश

रेलवे बोर्ड ने अपने नए पत्र में 19 जून 2014 को जारी पुराने आदेश का भी उल्लेख किया है। इस आदेश के तहत रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक ट्रेन के कोच में मोबाइल चार्जिंग पॉइंट बंद रखने का निर्देश दिया गया था। अब रेलवे बोर्ड ने सभी क्षेत्रीय रेलवे को इस नियम का सख्ती से पालन कराने को कहा है, ताकि किसी भी तरह की लापरवाही से बचा जा सके।

नियमों का उल्लंघन रोकने के लिए होंगे औचक निरीक्षण

रेलवे बोर्ड ने संबंधित कर्मचारियों को नियमों के बारे में जरूरी निर्देश देने, प्रशिक्षण और परामर्श उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया है। इसके अलावा, यह सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं कि चार्जिंग पॉइंट निर्धारित समय पर बंद रखे जा रहे हैं या नहीं।

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यात्रियों की सुरक्षा के लिए उठाया गया कदम

रेलवे का उद्देश्य ट्रेनों में आग लगने और बिजली से संबंधित दुर्घटनाओं की आशंका को कम करना है। ऐसे में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक यात्रियों को कोच में लगे चार्जिंग पॉइंट का इस्तेमाल नहीं कर पाने की स्थिति को ध्यान में रखते हुए अपने मोबाइल की बैटरी का प्रबंधन करना होगा।

यात्रियों के लिए जरूरी बात: यात्रा पर निकलने से पहले मोबाइल को पर्याप्त चार्ज रखें। सुरक्षा के लिहाज से रेलवे के निर्देशों का पालन करें और चार्जिंग के दौरान किसी उपकरण में असामान्य गर्मी, धुआं या अन्य गड़बड़ी दिखाई देने पर तुरंत ट्रेन के कर्मचारियों को सूचित करें।

बालको में सस्टेनेबिलिटी माह का समापन, 2,600 से अधिक लोगों ने लिया भाग

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बालकोनगर : वेदांता एल्युमिनियम मेटल लिमिटड की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने सस्टेनेबिलिटी माह 2026 के समापन कार्यक्रम का आयोजन किया। महीने भर चले अभियान में 2,600 से अधिक कर्मचारियों, बिजनेस पार्टनर्स, उनके परिवारजन, विद्यार्थियों और समुदाय के सदस्यों ने भाग लिया। विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों, सामुदायिक गतिविधियों और रोचक आयोजन के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति जागरूक किया गया। अभियान का उद्देश्य सस्टेनेबिलिटी को केवल एक विषय तक सीमित न रखकर, इसे अपने काम और दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करना था।

पूरे माह के दौरान कई गतिविधियों का आयोजन किया गया। इनमें वाड़ी पौधरोपण अभियान, तालाब पुनर्जीवन गतिविधि, सीड बॉल बनाने की पहल और नुक्कड़ नाटक ‘मौसम का हिसाब’ प्रमुख रहे। इसके साथ ही सुरक्षा से जुड़ी रोचक गतिविधियों और सामुदायिक कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण, जिम्मेदार व्यवहार और सामूहिक भागीदारी का महत्व समझाया गया। इन गतिविधियों के बाद सस्टेनेबिलिटी कार्निवल के साथ इस अभियान का समापन हुआ, जिसमें विद्यार्थियों को सीखने और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने का अवसर मिला।

कार्निवल में 800 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। उनके लिए कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटने की गतिविधि, जैव विविधता के प्रति जागरूकता सत्र और सीड बॉल बनाने जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। पर्यावरण, सामाजिक जिम्मेदारी और बेहतर कार्यप्रणाली से जुड़े विषयों पर भी रोचक गतिविधियां हुईं। वन विभाग के सहयोग से आयोजित बागवानी जागरूकता सत्र में स्थानीय, औषधीय और अन्य उपयोगी पौधों के महत्व की जानकारी दी गई। वहीं, मिट्टी के बर्तन बनाने और कोसा बुनाई जैसी गतिविधियों के माध्यम से पारंपरिक कला, स्थानीय संस्कृति और टिकाऊ आजीविका के बीच संबंध को समझाया गया।

कार्निवल में महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उत्पादक समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इससे स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने, महिलाओं की आजीविका को मजबूत बनाने और पारंपरिक कला एवं संस्कृति को संरक्षित करने में सस्टेनेबिलिटी की भूमिका सामने आई।

इस अवसर पर बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक श्री राजेश सिंह ने कहा, “सस्टेनेबिलिटी का अर्थ है आज ऐसे फैसले लेना, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित करें। भारत की विकास यात्रा में उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका है। हमें ऐसा विकास करना है, जो आर्थिक रूप से मजबूत होने के साथ-साथ समाज के लिए समावेशी और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार भी हो। बालको में हम मानते हैं कि सस्टेनेबिलिटी केवल प्रक्रियाओं और लक्ष्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी सोच और कार्यशैली का हिस्सा है। सस्टेनेबिलिटी माह इसी सोच को आगे बढ़ाने का प्रयास है, जो प्रत्येक व्यक्ति को एक जिम्मेदार और मजबूत भविष्य के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करता है।”

सस्टेनेबिलिटी माह 2026 के माध्यम से बालको ने अपने संचालन और आसपास के समुदायों में सतत विकास को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई। इस पहल ने लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक निर्णय लेने, सामूहिक रूप से जिम्मेदारी निभाने और दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव अपनाने के लिए प्रेरित किया।