Friday, October 23, 2026
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Driving Licence New Rules: अब ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी कई सेवाएं होंगी मुफ्त? सरकार ने नए नियमों का ड्राफ्ट किया जारी, जानें क्या बदलेगा

Driving Licence New Rules: देश में ड्राइविंग लाइसेंस (DL) से जुड़ी सेवाओं को आसान, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए केंद्र सरकार ने नई पहल की है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने ड्राइविंग लाइसेंस नियमों में संशोधन के लिए नया ड्राफ्ट जारी किया है। इसमें लाइसेंस में पता, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी अपडेट कराने जैसी कई सेवाओं को मुफ्त करने का प्रस्ताव है। साथ ही, आवेदनों के निपटारे के लिए समयसीमा तय करने और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने की तैयारी भी की गई है।

मंत्रालय ने इस प्रस्तावित ड्राफ्ट पर आम लोगों और संबंधित पक्षों से अगले 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। फिलहाल ये बदलाव प्रस्तावित हैं। अंतिम नियमों में क्या प्रावधान लागू होंगे, यह सरकार की आगे की प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगा।

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1. DL में पता, मोबाइल नंबर और ईमेल अपडेट कराना होगा मुफ्त

प्रस्तावित नियमों के मुताबिक, ड्राइविंग लाइसेंस में पता, मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी बदलवाने अथवा अपडेट कराने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसका उद्देश्य लोगों को अपने लाइसेंस में दर्ज जानकारी समय पर अपडेट कराने के लिए प्रोत्साहित करना है।

2. आधार आधारित ऑनलाइन ऑथेंटिकेशन पर नहीं लगेगा शुल्क

सरकार सारथी पोर्टल या अन्य डिजिटल माध्यमों से आधार आधारित ऑनलाइन ऑथेंटिकेशन के जरिए मिलने वाली सेवाओं को भी मुफ्त करने का प्रस्ताव लेकर आई है। इससे ऑनलाइन माध्यम से लाइसेंस संबंधी सेवाओं का लाभ लेने वाले लोगों को राहत मिल सकती है।

3. आवेदन पर फैसला लेने के लिए तय होगी समयसीमा

ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी प्रक्रियाओं में अनावश्यक देरी रोकने के लिए ड्राफ्ट में अधिकारियों के लिए समयसीमा निर्धारित करने का प्रस्ताव है। इसके तहत अलग-अलग सेवाओं के लिए निम्न प्रावधान किए गए हैं:

  • नाम या अन्य जरूरी विवरण में बदलाव: आवेदन पर 15 दिनों के भीतर फैसला लेने का प्रस्ताव है।
  • पते में बदलाव: यदि संबंधित विभाग 30 दिनों के भीतर आवेदन पर निर्णय नहीं लेता है, तो आवेदन को स्वतः मंजूर मानने का प्रावधान प्रस्तावित है।
  • वाहन की कैटेगरी हटाना: लाइसेंस से किसी वाहन श्रेणी को हटाने के आवेदन पर सात दिनों के भीतर स्वतः कार्रवाई का प्रस्ताव है।

इन प्रावधानों का उद्देश्य लाइसेंस से जुड़े कामकाज को अधिक जवाबदेह और समयबद्ध बनाना है।

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4. नया Form 2A, आवेदन प्रक्रिया होगी आसान

ड्राफ्ट में ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित विभिन्न सेवाओं के लिए नया Form 2A लाने का प्रस्ताव भी शामिल है। इसके तहत लाइसेंस का नवीनीकरण, डुप्लीकेट लाइसेंस बनवाने और लाइसेंस में नई वाहन श्रेणी जोड़ने जैसी सेवाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने की तैयारी है।

इसके अलावा, सारथी पोर्टल पर आवेदन करते समय पहले से उपलब्ध कुछ जानकारियों को ऑटो-फिल करने की व्यवस्था प्रस्तावित है। इससे बार-बार एक जैसी जानकारी भरने की जरूरत कम हो सकती है।

5. बिजली और LPG बिल बन सकेंगे एड्रेस प्रूफ

पते से जुड़े दस्तावेजों की प्रक्रिया आसान करने के लिए बिजली बिल और घरेलू गैस यानी LPG बिल को भी पते के प्रमाण के रूप में स्वीकार करने का प्रस्ताव है। इसके लिए शर्त रखी गई है कि संबंधित बिल तीन महीने से अधिक पुराना नहीं होना चाहिए।

यदि यह प्रावधान लागू होता है, तो आवेदकों को पते के प्रमाण के लिए वैकल्पिक दस्तावेज उपलब्ध कराने में सुविधा मिल सकती है।

6. इमरजेंसी कॉन्टैक्ट और ऑर्गन डोनर का विकल्प

प्रस्तावित बदलावों में ड्राइविंग लाइसेंस आवेदन फॉर्म में आपातकालीन संपर्क (Emergency Contact) की जानकारी देना अनिवार्य करने का प्रावधान भी शामिल है। इससे दुर्घटना या किसी आपात स्थिति में संबंधित व्यक्ति के परिजनों अथवा संपर्क व्यक्ति तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

इसके साथ ही, आवेदन फॉर्म में स्वेच्छा से अंगदान (Organ Donor) का विकल्प चुनने की सुविधा जोड़ने का प्रस्ताव भी है।

फिलहाल प्रस्तावित हैं नए नियम

केंद्र सरकार के इस ड्राफ्ट का उद्देश्य ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी सेवाओं को डिजिटल, सरल और पारदर्शी बनाना है। हालांकि, अभी इन बदलावों को प्रस्ताव के रूप में ही देखा जाना चाहिए। मंत्रालय द्वारा सुझाव और आपत्तियां प्राप्त करने तथा आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम नियमों और उनके लागू होने की स्थिति स्पष्ट होगी। इसलिए लाइसेंस धारकों को फिलहाल मौजूदा नियमों के अनुसार ही आवेदन करना चाहिए।

Tiger Shroff Attack Case में बड़ा खुलासा: वारदात से पहले शूटरों ने की थी फायरिंग की प्रैक्टिस, हुआ था मिसफायर

बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में जांच के दौरान एक और बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने मुंबई के पास एक जगह पर बंदूक चलाने की प्रैक्टिस की थी। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को उस स्थान के बारे में जानकारी दी है, जहां उन्होंने हथियार की जांच करने के लिए फायरिंग की थी।

सूत्रों के अनुसार, प्रैक्टिस के दौरान एक आरोपी ने दो गोलियां चलाईं, जबकि दूसरे ने एक गोली चलाकर बंदूक की कार्यक्षमता जांची। आरोपी यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि वारदात में इस्तेमाल की जाने वाली बंदूक ठीक से काम कर रही है या नहीं।

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होटल के कमरे में बंदूक जांचते समय हुआ मिसफायर

जांच में यह भी सामने आया है कि अंधेरी स्थित जिस होटल में आरोपी ठहरे हुए थे, वहां कमरे के अंदर बंदूक की जांच के दौरान मिसफायर हुआ था। सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान गोली बेड पर जा लगी। हालांकि, घटना के बावजूद होटल के किसी कर्मचारी या आसपास मौजूद व्यक्ति को गोली चलने का संदेह नहीं हुआ।

बताया जा रहा है कि मुंबई के पास प्रैक्टिस के दौरान दोनों आरोपी सफलतापूर्वक गोलियां चलाने में कामयाब रहे थे। अब पुलिस आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर फायरिंग की प्रैक्टिस वाली जगह और वारदात से पहले की गई तैयारियों की पड़ताल कर रही है।

सूरत में छिपाई गई बंदूक और मोबाइल की तलाश

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, फायरिंग की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी सूरत पहुंचे थे। वहां उन्होंने कथित तौर पर बंदूक और अपने मोबाइल फोन छिपा दिए। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर मुंबई पुलिस अब स्थानीय पुलिस की मदद से दोनों चीजों का पता लगाने में जुटी है।

जांच एजेंसियां आरोपियों के बताए ठिकानों की पुष्टि कर रही हैं, ताकि हथियार बरामद करने के साथ ही वारदात से जुड़े अन्य सबूत भी जुटाए जा सकें।

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आरोपियों पर BNS की धारा 111 भी लगाई गई

इस मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111 भी लगाई है, जो संगठित अपराध से संबंधित है। इससे पहले आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।

पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ में सामने आए तथ्यों की पुष्टि करने के साथ ही फायरिंग की साजिश, हथियार की व्यवस्था और वारदात के बाद आरोपियों की गतिविधियों की जांच कर रही है।

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Tiger Shroff Firing Case Update: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस जांच के दौरान कई अहम खुलासे हुए हैं। इस घटना को अंजाम देने के पीछे सात आरोपियों की भूमिका सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, इनमें तीन आरोपी कथित तौर पर शूटर्स थे, जबकि चार अन्य पर साजिश रचने और हथियारों की व्यवस्था करने में शामिल होने का आरोप है। मामले में दो महिलाएं भी गिरफ्तार की गई हैं। पुलिस ने तीन आरोपियों को राजस्थान के कोटा से, जबकि अन्य आरोपियों को दिल्ली और हरियाणा से गिरफ्तार किया है।

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टाइगर श्रॉफ पर हमले के मामले में गिरफ्तार 7 आरोपी

पुलिस के मुताबिक, इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ऋतिक उर्फ रोशन, रेहान, फूल सिंह, कुणाल, सुमित, राधा और बबीता के रूप में हुई है।

  • ऋतिक उर्फ रोशन: 22 वर्षीय आरोपी बिहार के बेगूसराय का रहने वाला है और मुंबई में रैपिडो बाइक चलाता था।
  • रेहान: 17 वर्षीय आरोपी हरियाणा के सोनीपत जिले के बड़ौदा थूथन गांव का निवासी है।
  • फूल सिंह: 18 वर्षीय आरोपी हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है। उसे राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किया गया।
  • कुणाल: 21 वर्षीय आरोपी हरियाणा के सोनीपत जिले के रोहणा गांव का निवासी है। उस पर साजिश में शामिल होने का आरोप है।
  • सुमित: 19 वर्षीय आरोपी हरियाणा के सोनीपत में मटिंडू रोड स्थित वार्ड नंबर 10 का रहने वाला है।
  • राधा: 23 वर्षीय आरोपी उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के नहवइया की निवासी है।
  • बबीता: 23 वर्षीय आरोपी उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के कोठियार की रहने वाली है।

कुणाल और सुमित पर हथियारों का इंतजाम करने का आरोप

पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई में ऋतिक, रेहान और फूल सिंह को गिरफ्तार किया था। इसके बाद जांच आगे बढ़ने पर हरियाणा के सोनीपत से कुणाल और सुमित तथा दिल्ली से राधा और बबीता को गिरफ्तार किया गया।

जांच के अनुसार, कुणाल कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े अनिल पंडित के संपर्क में था। आरोप है कि कुणाल ने ही टाइगर श्रॉफ पर हमले की जिम्मेदारी ली थी। पुलिस के मुताबिक, कुणाल और सुमित ने हथियारों की व्यवस्था की थी। इसके बाद कथित तौर पर ये हथियार राधा और बबीता को सौंपे गए, जो उन्हें मुंबई लेकर पहुंचीं।

पुलिस की जांच में सामने आया है कि दोनों महिलाएं हथियार लेकर मुंबई के दादर पहुंची थीं। वहां से कथित तौर पर हथियार शूटरों तक पहुंचाए गए। गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों को आगे की कार्रवाई के लिए मुंबई पुलिस को सौंप दिया गया।

जेल से छूटने के बाद अनिल पंडित के संपर्क में आया कुणाल

जांच में यह भी सामने आया है कि कुणाल हाल ही में जमानत पर जेल से बाहर आया था। बताया जा रहा है कि उसकी मुलाकात हरियाणा के हरसाना गांव में रहने वाले एक दोस्त के जरिए अनिल पंडित से हुई थी। इसके बाद दोनों कथित तौर पर एक एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए संपर्क में रहने लगे।

पुलिस के मुताबिक, कुणाल अमृतसर से एक पिस्टल और 20 कारतूस लेकर आया था। बताया गया है कि राधा से उसकी मुलाकात करीब दो महीने पहले हुई थी। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और हथियारों की आपूर्ति से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

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दादर स्टेशन से होटल तक पहुंचाए गए थे हथियार

पुलिस की जांच के अनुसार, राधा और बबीता 17 अक्टूबर को मुंबई के दादर स्टेशन पहुंची थीं और वहां एक होटल में रुकी थीं। अगले दिन सुबह करीब 11 बजे एक नाबालिग लड़का होटल के पास पहुंचा, जहां कथित तौर पर राधा ने उसे हथियारों से भरा बैग सौंपा।

आरोप है कि 18 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे इन्हीं हथियारों से टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की गई। घटना के दिन ही राधा और बबीता हरिद्वार एक्सप्रेस से मुंबई से दिल्ली के लिए रवाना हो गई थीं। पुलिस ने 20 अक्टूबर को दोनों को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया। वहीं, कुणाल और सुमित को हरियाणा के सोनीपत से पकड़ा गया।

पुलिस इस मामले में आरोपियों की भूमिका, हथियारों के स्रोत और कथित नेटवर्क के अन्य सदस्यों के संबंध में आगे की जांच कर रही है। सभी आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है।

Ration Card Update: राशन कार्ड में नाम जोड़ना-हटाना हुआ आसान! अन्न सहायता से घर बैठे करें शिकायत, जानें WhatsApp नंबर

Ration Card Update: राशन कार्डधारकों के लिए राहत भरी खबर है। अब राशन कार्ड में परिवार के नए सदस्य का नाम जुड़वाने, शादी या अन्य कारणों से किसी सदस्य का नाम हटवाने और दूसरी जानकारियों में संशोधन कराने के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग की ओर से बताई गई अन्न सहायता सेवा के माध्यम से राशन कार्ड से जुड़ी शिकायतें घर बैठे दर्ज कराई जा सकती हैं।

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इस सुविधा के तहत लाभार्थी WhatsApp और IVRS हेल्पलाइन का इस्तेमाल कर अपनी समस्या संबंधित विभाग तक पहुंचा सकते हैं। इससे राशन कार्ड में बदलाव से जुड़ी प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक हो सकती है।

अन्न सहायता के जरिए ऐसे दर्ज करें शिकायत

राशन कार्ड में नाम जोड़ने या हटाने से जुड़ी शिकायत दर्ज कराने के लिए इन चरणों का पालन करें:

  • सबसे पहले उपलब्ध सहायता माध्यम पर जाएं और अन्न सहायता विकल्प चुनें।
  • इसके बाद राशन कार्ड से संबंधित शिकायत का विकल्प चुनें।
  • राशन कार्ड संशोधन सेक्शन में जाकर अपनी जरूरत के अनुसार सदस्य जोड़ने या हटाने का विकल्प चुनें।
  • अपनी समस्या से जुड़ी सही जानकारी दर्ज करके शिकायत सबमिट करें।

शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित जानकारी के आधार पर आगे की प्रक्रिया की जा सकती है। हालांकि, शिकायत दर्ज करना और राशन कार्ड में बदलाव स्वीकृत होना अलग-अलग चरण हैं। अंतिम संशोधन संबंधित विभाग के सत्यापन और नियमों के अनुसार होगा।

WhatsApp और IVRS हेल्पलाइन नंबर

राशन कार्डधारकों की सुविधा के लिए डिजिटल और फोन आधारित दोनों माध्यमों की जानकारी दी गई है। इनके जरिए घर बैठे शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

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  • WhatsApp हेल्पलाइन: 9868200445
  • IVRS टोल-फ्री नंबर: 14457

WhatsApp के जरिए शिकायत दर्ज कराने के लिए दिए गए नंबर पर संदेश भेजा जा सकता है। वहीं, जिन लोगों के पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है, वे IVRS नंबर पर कॉल करके उपलब्ध निर्देशों के अनुसार अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

ध्यान दें कि इन नंबरों और सेवा की उपलब्धता की पुष्टि संबंधित सरकारी विभाग के आधिकारिक माध्यम से कर लें।

राशन कार्ड में संशोधन के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी?

राशन कार्ड में किसी सदस्य का नाम जोड़ने या हटाने के लिए आवेदन के प्रकार के अनुसार दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है।

1. नए सदस्य का नाम जोड़ने के लिए

  • नवजात बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र।
  • विवाह के बाद परिवार में शामिल होने वाली महिला का विवाह प्रमाण पत्र।
  • जरूरत के अनुसार निवास प्रमाण पत्र।

2. सदस्य का नाम हटाने के लिए

  • संबंधित सदस्य का मृत्यु प्रमाण पत्र, यदि नाम मृत्यु के कारण हटाया जा रहा है।
  • शादी के बाद अलग परिवार या नए पते पर जाने की स्थिति में संबंधित दस्तावेज।

3. पहचान संबंधी दस्तावेज

  • परिवार के मुखिया का पहचान प्रमाण।
  • संबंधित सदस्य का पहचान प्रमाण और अन्य जरूरी दस्तावेज।

आवेदन करने से पहले रखें इन बातों का ध्यान

राशन कार्ड में संशोधन कराने से पहले सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखें और शिकायत में सही जानकारी दर्ज करें। अलग-अलग राज्यों में राशन कार्ड संशोधन की प्रक्रिया और दस्तावेजों की आवश्यकताएं अलग हो सकती हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले अपने राज्य के खाद्य विभाग या संबंधित सरकारी पोर्टल से नियमों की पुष्टि करना बेहतर रहेगा।

Tiger Shroff Firing Incident: टाइगर पर फायरिंग कर बाइक छोड़ ट्रेन से फरार हुए हमलावर, CCTV में कैद हुई तस्वीरें; अब तक क्या-क्या खुलासा?

Tiger Shroff Firing Incident: अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़ी फायरिंग की घटना के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। मुंबई की जुहू पुलिस ने तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) और 3(5) के साथ आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। वारदात के बाद आरोपी कथित तौर पर मोटरसाइकिल छोड़कर ट्रेन के जरिए फरार हो गए। CCTV फुटेज में दो संदिग्ध दिखाई दिए हैं, जिनकी पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

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बाइक छोड़कर अंधेरी स्टेशन पहुंचे आरोपी

जांच में सामने आया है कि हमलावरों ने वारदात के लिए पल्सर मोटरसाइकिल का इस्तेमाल किया था। यह बाइक अब तक तीन अलग-अलग लोगों के पास रह चुकी है। इसका पहला मालिक जोगेश्वरी का रहने वाला बताया जा रहा है। आरोपियों ने बाइक उसके तीसरे मालिक से खरीदी थी।

पुलिस ने अंधेरी वेस्ट रेलवे स्टेशन के पास से मोटरसाइकिल बरामद की है। फिलहाल इसे डीएन नगर पुलिस स्टेशन में रखा गया है। जांचकर्ता बाइक की नंबर प्लेट और चेसिस नंबर के आधार पर उसके पुराने रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं।

पुलिस ने बाइक के तीसरे मालिक से भी पूछताछ की है। बताया जा रहा है कि बाइक की बिक्री के बदले उसे पैसे मिल गए थे, लेकिन मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेजों का हस्तांतरण नहीं हुआ था। यह प्रक्रिया नवरात्रि के बाद पूरी होनी थी।

क्राइम ब्रांच को सौंपी गई जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। शुरुआती FIR जुहू पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई थी। अब क्राइम ब्रांच हमलावरों की पहचान करने और घटना के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटेगी।

जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या आरोपियों का लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कोई संबंध है। हालांकि, इस संबंध में अभी किसी निष्कर्ष की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

आरोपियों की तलाश में मुंबई से बाहर जाने वाली बसों और ट्रेनों की भी जांच की जा रही है। पुलिस को संदेह है कि हमलावर वारदात के बाद शहर से बाहर भाग सकते हैं।

फॉरेंसिक जांच में सात राउंड फायरिंग की बात

सूत्रों के मुताबिक, फॉरेंसिक जांच में सामने आया है कि हमलावरों ने कथित तौर पर देसी पिस्तौल का इस्तेमाल किया था। टाइगर श्रॉफ की BMW कार को निशाना बनाकर कुल सात गोलियां चलाई गईं। इनमें से पांच गोलियां कार पर लगीं, जबकि दो निशाने से चूक गईं।

बताया जा रहा है कि पांचवीं गोली चलाने के बाद एक हमलावर पैसेंजर साइड की खिड़की के पास पहुंचा और उसने बेहद करीब से गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि, हथियार में खराबी आने के कारण गोली नहीं चल सकी। सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने दोबारा भी प्रयास किया, लेकिन पिस्तौल जाम होने की आशंका जताई गई है।

इसके बाद दोनों हमलावर अपने तीसरे साथी के साथ मोटरसाइकिल से फरार हो गए। पुलिस इन सभी घटनाक्रमों की पुष्टि के लिए CCTV फुटेज और फॉरेंसिक साक्ष्यों की जांच कर रही है।

हमले से पहले इलाके की रेकी करने का शक

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, वारदात से पहले संदिग्ध पुष्पा पार्क के पास करीब 45 मिनट तक रुके थे। आशंका है कि उन्होंने हमला करने से पहले इलाके की रेकी की थी।

फायरिंग के बाद आरोपी मोटरसाइकिल से अंधेरी वेस्ट रेलवे स्टेशन पहुंचे और एक पुलिस चौकी के पास बाइक छोड़ दी। इसके बाद वे ट्रेन से फरार हुए। जांच एजेंसियों को उनके सूरत की ओर जाने का संदेह है, लेकिन उनकी वास्तविक लोकेशन की अभी पुष्टि नहीं हुई है।

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पुलिस CCTV फुटेज, बाइक के रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

AICWA ने जताई चिंता, फिल्म इंडस्ट्री की सुरक्षा पर उठाए सवाल

इस घटना के बाद ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने फायरिंग की निंदा करते हुए फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की सुरक्षा पर चिंता जताई है।

एसोसिएशन ने सवाल उठाया कि अगर मुंबई में फिल्मी हस्तियां ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भरोसा कैसे कायम रहेगा। अपने बयान में संगठन ने कहा, “आज टाइगर श्रॉफ हैं, अगला कौन होगा?”

AICWA ने सलमान खान के बांद्रा स्थित घर के बाहर हुई गोलीबारी, सैफ अली खान पर हुए हमले, फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग और कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफे पर हुए हमलों का भी उल्लेख किया।

एसोसिएशन ने महाराष्ट्र सरकार से आरोपियों और कथित तौर पर हमले की साजिश रचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, जबरन वसूली से जुड़े नेटवर्क पर कार्रवाई करने और फिल्मी हस्तियों तथा उनके परिवारों की सुरक्षा मजबूत करने की अपील की है।

फिलहाल मामले में तीन अज्ञात आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस की जांच का मुख्य फोकस हमलावरों की पहचान, इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल के पुराने रिकॉर्ड और घटना के पीछे संभावित साजिश का पता लगाना है।

Kolkata Stampede: दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 लोगों की मौत, घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे अमित शाह

Kolkata Stampede: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार रात मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हुए हैं। मृतकों में 13 महिलाएं शामिल हैं। हादसे के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आयोजकों समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ गिरिश पार्क थाने में गैर-इरादतन हत्या के मामले में FIR दर्ज की गई है।

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हादसे में जान गंवाने वालों में उत्तर 24 परगना जिले की 12वीं कक्षा की एक छात्रा और हुगली की एक नर्स भी शामिल हैं। अन्य मृतकों की पहचान की जा रही है। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है और घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है।

कैसे मची दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़?

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, बारिश शुरू होने के बाद पंडाल में लोगों की भीड़ बढ़ गई थी। पंडाल के भीतर पर्याप्त रोशनी नहीं थी और प्रवेश तथा निकास के रास्ते भी संकरे थे। इसी दौरान भीड़ का दबाव बढ़ने से निकास द्वार का एक हिस्सा गिर गया। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने लोगों को बाहर निकलने के लिए अनाउंसमेंट किया, जिससे अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ की स्थिति बन गई।

गौरतलब है कि हादसे से महज दो दिन पहले इसी दुर्गा पूजा पंडाल को पश्चिम बंगाल सरकार के ‘देवी दुर्गा सम्मान 2026’ के तहत ‘बेस्ट ऑफ बेस्ट’ श्रेणी में चुना गया था। इस श्रेणी में कोलकाता के केवल तीन पंडालों को जगह मिली थी।

14 घायलों का इलाज जारी, तीन ICU में भर्ती

भगदड़ में घायल हुए 25 लोगों में से 14 का इलाज शहर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। इनमें तीन मरीज ICU में भर्ती हैं, जबकि एक की हालत गंभीर बताई गई है। पश्चिम बंगाल क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट रेगुलेटरी कमीशन के अध्यक्ष विश्वजीत बसु ने रविवार को यह जानकारी दी।

बसु के अनुसार, ICU में भर्ती एक मरीज एसिडोसिस की समस्या से जूझ रहा है। डॉक्टरों का मानना है कि भीड़ में लंबे समय तक दबे रहने के कारण मांसपेशियों को नुकसान पहुंचने से यह स्थिति पैदा हो सकती है। वहीं, अन्य दो ICU मरीजों की हालत में सुधार हो रहा है और उन्हें जनरल वार्ड में स्थानांतरित किए जाने की उम्मीद है। जनरल वार्ड में भर्ती 11 मरीजों की स्थिति भी लगभग स्थिर है।

घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे अमित शाह

कोलकाता भगदड़ की घटना के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार सुबह उस निजी अस्पताल पहुंचे, जहां घायलों का उपचार किया जा रहा है। उनके साथ पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों के मुताबिक, अमित शाह डॉक्टरों से बातचीत कर घायलों के इलाज की जानकारी लेंगे और मरीजों से मुलाकात भी कर सकते हैं।

जंतर-मंतर प्रदर्शन मामले में सौरव दास और आशुतोष रांका को 5 दिन की न्यायिक हिरासत, जेल भेजे गए

अस्पताल पहुंचने से पहले अमित शाह ने कालीघाट मंदिर में दर्शन किए। वह दो दिवसीय दौरे पर पश्चिम बंगाल पहुंचे हैं। हालांकि, दुर्गा पूजा पंडाल में हुए इस दर्दनाक हादसे के बाद उन्होंने पंडालों में जाने से जुड़े अपने सभी निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिए। फिलहाल प्रशासन और पुलिस हादसे की जांच में जुटे हैं।

Census Duty: प्राइवेट टीचर से लेकर बैंक कर्मियों तक की लगेगी जनगणना में ड्यूटी, सरकार ने बनाया नया प्लान

Census Duty: देश में आगामी जनगणना को लेकर केंद्र सरकार ने नियमों में संशोधन किया है। अब सरकारी शिक्षकों के अलावा निजी स्कूलों के शिक्षक, बैंक कर्मचारी, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU) में काम करने वाले कर्मचारी और सरकारी विभागों के लिपिक व अन्य अधिकारी-कर्मचारी भी जनगणना के काम में लगाए जा सकते हैं। इस संबंध में भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय की ओर से अधिसूचना जारी की गई है।

संशोधित प्रावधानों के तहत केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासन को भी जनगणना कार्य के लिए विभिन्न संस्थानों के कर्मचारियों की नियुक्ति करने की अनुमति दी गई है। इनमें नगर निगम, नगरपालिका, सहायता प्राप्त निजी संस्थानों, सोसायटी और ट्रस्ट के कर्मचारी भी शामिल हैं। इसके अलावा गेल और इंडियन ऑयल जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों तथा बैंकों के कर्मचारियों को भी जनगणना की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।

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जनगणना नियम 1990 में किया गया संशोधन

केंद्र सरकार ने जनगणना नियम, 1990 में बदलाव करते हुए कर्मचारियों की नियुक्ति का दायरा बढ़ाया है। इसके तहत राज्य सरकारें और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासन सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूलों के शिक्षकों को भी जनगणना कार्य में नियुक्त कर सकते हैं।

भारत के महापंजीयक मृत्युंजय कुमार नारायण की ओर से जारी राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, जनगणना के लिए इन्यूमेरेटर यानी गणनाकर्मी और अन्य संबंधित जिम्मेदारियों के लिए शिक्षकों, लिपिकों और अधिकारियों की सेवाएं ली जा सकती हैं। इस बदलाव का उद्देश्य जनगणना के व्यापक कार्य को पूरा करने के लिए उपलब्ध मानव संसाधनों का इस्तेमाल करना है।

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका के बाद बदलाव

जनगणना नियमों में यह संशोधन पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दायर एक याचिका के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है। हरियाणा प्रोग्रेसिव स्कूल कॉन्फ्रेंस ने गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूलों के शिक्षकों को जनगणना ड्यूटी पर तैनात करने के आदेश को चुनौती दी थी।

याचिका में दलील दी गई थी कि जनगणना अधिनियम, 1948 और संबंधित नियमों के तहत गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूलों के शिक्षकों को गणनाकर्मी या पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त करने का स्पष्ट कानूनी अधिकार सरकार के पास नहीं है।

याचिकाकर्ता ने जनगणना अधिनियम की धारा 4ए का हवाला देते हुए कहा था कि इसमें स्थानीय निकायों के अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाएं लेने का प्रावधान है, जबकि गैर-सहायता प्राप्त निजी शिक्षण संस्थान और उनके कर्मचारी इस श्रेणी में नहीं आते।

रिपोर्ट के मुताबिक, हाईकोर्ट ने 8 अक्टूबर को हरियाणा सरकार के उन दो सर्कुलर पर रोक लगाई थी, जिनके तहत जनगणना ड्यूटी के लिए चिह्नित शिक्षकों का विवरण मांगा गया था। मामले की अगली सुनवाई 29 अप्रैल को निर्धारित की गई है।

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दो चरणों में होगी जनगणना 2027

भारत की जनगणना 2027, आजादी के बाद देश की आठवीं जनगणना होगी। यह प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी।

  • पहला चरण: मकानों और आवासीय सुविधाओं से संबंधित जानकारी जुटाने के लिए मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना की जाएगी।
  • दूसरा चरण: देश की आबादी की गणना की जाएगी और निर्धारित मानकों के अनुसार लोगों से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी।

देश में जनगणना सामान्यतः हर 10 साल में कराई जाती है। वर्ष 2021 में होने वाली जनगणना को कोरोना महामारी के कारण स्थगित कर दिया गया था। अब जनगणना 2027 की तैयारियों के बीच नियमों में किए गए इस संशोधन से गणना कार्य में लगाए जा सकने वाले कर्मचारियों का दायरा बढ़ गया है।

BALCO सहित वेदांता समूह के एक लाख कर्मचारियों को मिलेगा 10 प्रतिशत अतिरिक्त वेतन, चेयरमैन ग्रांट की घोषणा

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कोरबा : विजयादशमी और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहारों से पहले वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने अपने कर्मचारियों के लिए बड़ी सौगात की घोषणा की है। इस पहल के तहत कोरबा स्थित भारत एल्यूमीनियम कंपनी लिमिटेड (BALCO) सहित समूह की विभिन्न इकाइयों में कार्यरत लगभग एक लाख कर्मचारियों को उनकी वार्षिक सैलरी का 10 प्रतिशत अतिरिक्त राशि ‘चेयरमैन ग्रांट’ के रूप में दिए जाने की घोषणा की गई है। इस फैसले से कर्मचारियों और उनके परिवारों को त्योहारों के दौरान आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

कर्मचारियों के नाम जारी एक विशेष संदेश में अनिल अग्रवाल ने अपने शुरुआती जीवन के संघर्षों और उनसे जुड़ी यादों को साझा किया। उन्होंने पटना में बिताए दिनों का उल्लेख करते हुए बताया कि महंगाई बढ़ने पर वह अपनी मां के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ देख सकते थे। जीवन के उन अनुभवों ने उन्हें आम परिवारों की आर्थिक चुनौतियों को करीब से समझने का अवसर दिया। इसी संवेदनशीलता और मौजूदा समय में बढ़ती जीवन-यापन की लागत को ध्यान में रखते हुए उन्होंने वेदांता समूह के कर्मचारियों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता देने की पहल की है।

इस घोषणा को कर्मचारियों के प्रति समूह के सहयोग और उनकी खुशहाली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। त्योहारों के समय मिलने वाली यह अतिरिक्त राशि कर्मचारियों को घरेलू जरूरतों, खरीदारी और अन्य खर्चों की योजना बनाने में मदद कर सकती है। हालांकि, इस राशि के भुगतान की निर्धारित तारीख और पात्रता से संबंधित विस्तृत जानकारी की पुष्टि आधिकारिक दिशा-निर्देशों के आधार पर की जानी चाहिए।

चेयरमैन ने कर्मचारियों को आर्थिक सहायता देने के साथ ही समूह की व्यावसायिक प्राथमिकताओं पर भी जोर दिया। उन्होंने वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बीच उत्पादन बढ़ाने, परिचालन लागत कम करने और कार्यक्षमता में सुधार लाने का आह्वान किया। साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक डिजिटल तकनीकों को दैनिक कार्यप्रणाली में अपनाकर व्यावसायिक उत्कृष्टता हासिल करने की आवश्यकता बताई।

अनिल अग्रवाल ने औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारियों के निर्वहन को भी महत्वपूर्ण बताया। उनका संदेश कर्मचारियों को बेहतर प्रदर्शन करने और समूह की प्रगति में योगदान देने के लिए प्रेरित करने वाला है।

कोरबा की अर्थव्यवस्था और औद्योगिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले BALCO के कर्मचारियों के बीच इस घोषणा को लेकर उत्साह बढ़ने की उम्मीद है। त्योहारों से पहले अतिरिक्त आर्थिक सहायता की यह पहल कर्मचारियों के मनोबल को मजबूत करने और कार्यस्थल पर सकारात्मक माहौल बनाने में सहायक हो सकती है।

PM Kisan 24th Installment: अक्टूबर में कब आएगी पीएम किसान की 24वीं किस्त? ₹2,000 पाने के लिए पूरी करें ये जरूरी काम

PM Kisan 24th Installment: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त का देशभर के करोड़ों किसानों को इंतजार है। योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन किस्तों में दी जाती है। प्रत्येक किस्त में किसानों के बैंक खाते में 2,000 रुपये ट्रांसफर किए जाते हैं।

पिछली यानी 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी होने के बाद अब अगली किस्त को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अक्टूबर में 24वीं किस्त जारी होने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन सरकार ने अभी तक इसकी आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है। ऐसे में किसानों को किस्त से जुड़ी जानकारी के लिए पीएम किसान के आधिकारिक पोर्टल पर नजर बनाए रखनी चाहिए।

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पीएम किसान की 24वीं किस्त कब आएगी?

पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को खेती-किसानी से जुड़ी जरूरतों के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। रबी फसलों की बुआई के समय बीज, खाद और अन्य कृषि सामग्री खरीदने के लिए यह राशि किसानों के काम आती है।

हालांकि, 24वीं किस्त अक्टूबर में ही जारी होगी, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी संभावित तारीख को अंतिम न मानें और सरकार की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करें।

ऐसे चेक करें पीएम किसान की किस्त का स्टेटस

किसानों को अगली किस्त का इंतजार करने के साथ अपने आवेदन और भुगतान की स्थिति भी जांच लेनी चाहिए। इसके लिए नीचे दिए गए तरीके अपनाएं।

  1. सबसे पहले पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट https://pmkisan.gov.in/ पर जाएं।
  2. वेबसाइट पर Know Your Status विकल्प चुनें।
  3. मांगी गई जानकारी दर्ज करें। जरूरत पड़ने पर रजिस्ट्रेशन नंबर प्राप्त करने के लिए संबंधित विकल्प का इस्तेमाल करें।
  4. स्क्रीन पर दिखाई देने वाले विवरण के जरिए आवेदन, पात्रता और भुगतान की स्थिति जांचें।
  5. यदि स्टेटस में कोई समस्या दिखाई देती है, तो संबंधित कृषि विभाग के अधिकारी या आधिकारिक हेल्पडेस्क से संपर्क करें।

₹2,000 की किस्त पाने के लिए इन कामों को न करें नजरअंदाज

पीएम किसान की किस्त अटकने की एक वजह जरूरी दस्तावेजों या बैंक संबंधी जानकारी में गड़बड़ी भी हो सकती है। इसलिए किसानों को समय रहते निम्नलिखित बातों की जांच कर लेनी चाहिए।

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  • ई-केवाईसी पूरी करें: पीएम किसान योजना के लिए निर्धारित ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए।
  • बैंक खाते की जानकारी जांचें: खाता सक्रिय होना चाहिए और भुगतान के लिए जरूरी बैंक विवरण सही होने चाहिए।
  • आधार और बैंक संबंधी विवरण जांचें: आधार से जुड़ी जानकारी तथा बैंक खाते की सीडिंग संबंधी आवश्यकताएं पूरी होने की पुष्टि करें।
  • भूमि रिकॉर्ड की जांच करें: कृषि भूमि से संबंधित दस्तावेजों में कोई गलती या अधूरी जानकारी नहीं होनी चाहिए।
  • लाभार्थी स्टेटस देखें: पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी से पता करें कि आवेदन और भुगतान की स्थिति सही है या नहीं।

ध्यान रखें कि केवल इन प्रक्रियाओं को पूरा कर लेने से किस्त जारी होने की गारंटी नहीं होती। भुगतान योजना के नियमों, पात्रता और सरकारी प्रक्रिया पर निर्भर करता है।

पीएम किसान के नाम पर होने वाली ठगी से रहें सावधान

पीएम किसान की अगली किस्त और ई-केवाईसी के नाम पर आने वाले फर्जी कॉल, मैसेज और लिंक से सावधान रहें। किसी अनजान व्यक्ति को ओटीपी, बैंकिंग पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी न दें।

यदि कोई व्यक्ति किस्त जारी कराने या खाते में 2,000 रुपये ट्रांसफर करने के बदले पैसे मांगता है, तो उस पर भरोसा न करें। किसी भी समस्या के समाधान के लिए आधिकारिक पीएम किसान पोर्टल, बैंक या संबंधित कृषि विभाग से ही संपर्क करें।

महत्वपूर्ण बात: 24वीं किस्त की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। किसानों को अक्टूबर में भुगतान की संभावना से जुड़ी खबरों के बजाय आधिकारिक सूचना के आधार पर ही योजना की अगली किस्त के बारे में निर्णय लेना चाहिए।

Pradhan Mantri Divyangjan Pension Yojana: दिव्यांग पेंशन के नियमों में बड़ा बदलाव, 40% दिव्यांगता पर भी मिलेगी पेंशन; राशि में बढ़ोतरी

Pradhan Mantri Divyangjan Pension Yojana: केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक इस योजना को जारी रखने के ग्रामीण विकास मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके लिए कुल 53,428 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। सरकार के इस फैसले से देशभर के लगभग 3.20 करोड़ लाभार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

इस निर्णय के तहत दिव्यांगजन पेंशन योजना के नाम, पात्रता मानदंड और सहायता राशि में बदलाव किए गए हैं। वहीं, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना की मौजूदा व्यवस्था को जारी रखने का निर्णय लिया गया है।

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दिव्यांग पेंशन योजना का बदला नाम

केंद्र सरकार ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांगता पेंशन योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही दिव्यांगता के निर्धारित प्रतिशत और न्यूनतम आयु से जुड़ी शर्तों में भी बदलाव किया गया है।

नई व्यवस्था का उद्देश्य अधिक दिव्यांगजनों को पेंशन योजना के दायरे में लाना और उन्हें आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।

अब 40 प्रतिशत दिव्यांगता पर भी मिलेगी पेंशन

दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के अनुरूप पात्रता मानदंड में राहत दी गई है। पहले योजना के तहत 80 प्रतिशत दिव्यांगता की शर्त थी, जिसे घटाकर 40 प्रतिशत बेंचमार्क दिव्यांगता कर दिया गया है। इसके बाद 40 प्रतिशत या उससे अधिक निर्धारित दिव्यांगता वाले पात्र व्यक्ति भी योजना का लाभ ले सकेंगे।

इसके अलावा, पेंशन के लिए न्यूनतम आयु सीमा शून्य वर्ष निर्धारित किए जाने की जानकारी दी गई है। यानी पात्रता की अन्य शर्तें पूरी होने पर जन्म से दिव्यांग बच्चे भी पेंशन के दायरे में आ सकेंगे।

कितनी बढ़ाई गई पेंशन राशि?

नई दरों के अनुसार, दिव्यांगजन पेंशन की मासिक सहायता राशि में बढ़ोतरी की गई है।

  • 0 से 79 वर्ष की आयु: 300 रुपये से बढ़ाकर 375 रुपये प्रतिमाह।
  • 80 वर्ष और उससे अधिक आयु: 500 रुपये से बढ़ाकर 625 रुपये प्रतिमाह।

इन बदलावों से पात्र लाभार्थियों को पहले की तुलना में अधिक आर्थिक सहायता मिलेगी।

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तीन महीने में जारी होंगी नई गाइडलाइन्स

सरकार के अनुसार, दिव्यांग पेंशन के नए पात्रता मानदंड, लाभार्थियों की संख्या और सहायता दरों से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश अगले तीन महीनों के भीतर जारी किए जाएंगे। इसके बाद नई व्यवस्था को जमीनी स्तर पर लागू किया जाएगा।

वहीं, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना की शेष शर्तों तथा सहायता राशि में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। ये योजनाएं मौजूदा व्यवस्था के अनुसार जारी रहेंगी।