Thursday, September 3, 2026
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पाकिस्तान का F-16 को मार गिराने वाले अभिनंदन वर्धमान ने छोड़ी वायुसेना, अब प्राइवेट एयरलाइन में पायलट

भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। सामने आई जानकारी के अनुसार, अभिनंदन ने वायुसेना की नौकरी छोड़ दी है। खबर है कि अभिनंदन वर्धमान अब क्षेत्रीय एयरलाइन Fly91 के साथ पायलट के तौर पर जुड़ गए हैं। PTI ने सूत्रों के हवाले से इस बारे में खबर दी है। आपको बता दें कि अभिनंदन ने एक ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तानी वायुसेना के F-16 लड़ाकू विमान को मार गिराया था। सूत्रों ने बताया है कि अभिनंदन ने अगस्त महीने में गोवा स्थित एयरलाइन के साथ पायलट के तौर पर काम शुरू कर दिया है।

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एयरलाइन ने क्या बताया?

जानकारी के मुताबिक, अभिनंदन वर्धमान को लेकर Fly91 के प्रवक्ता ने अभी कोई भी बयान देने से इनकार कर दिया है। प्रवक्ता ने कहा है कि कर्मचारियों की पर्सनल जानकारी एक निजी मामला है। इस कारण एयरलाइन में अभिनंदन के रोल के बारे में अधिक डिटेल तत्काल सामने नहीं आ सकी है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि Fly91 ने साल 2024 के मार्च महीने में अपना परिचालन शुरू किया था। इस एयरलाइन के बेड़े में अभी 6 विमान हैं। Fly91 के दो परिचालन केंद्र हैं जो कि गोवा और हैदराबाद में हैं।

अभिनंदन ने पाकिस्तानी विमान को मार गिराया था

दरअसल, अभिनंदन वर्धमान साल 2019 में पाकिस्तानी वायुसेना के साथ हुए मुठभेड़ के बाद चर्चा में आए थे। फरवरी 2019 में पुलवामा आतंकी हमले के जवाब में भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी 2019 को पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी। इसके बाद पाकिस्तान ने भी भारत पर हमला करना चाहा। 27 फरवरी को पाकिस्तान ने अपने लड़ाकू विमान हमले के लिए भेजे। हालांकि, भारतीय वायुसेना ने उन्हें खदेड़ दिया। इस मुठभेड़ के दौरान अभिनंदन ने अपने मिग-21 लड़ाकू विमान से पाकिस्तान के F-16 फाइटर जेट को मार गिराया था। हालांकि, अभिनंदन का विमान भी क्रैश हो गया था। इसके बाद पाकिस्तान ने अभिनंदन को हिरासत में ले लिया था। लेकिन भारत सरकार के दवाब के कारण 3 दिन बाद पाकिस्तान ने अभिनंदन को छोड़ दिया।

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अभिनंदन को मिला था वीर चक्र

साल 2021 में अभिनंदन को वीर चक्र से सम्मानित किया गया था। आपको बता दें कि वीर चक्र युद्धकाल में प्रदान किया जाने वाला देश का तीसरा सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है। अभिनंदन को ‘कर्तव्य के प्रति असाधारण समर्पण’ का प्रदर्शन करने के लिए ये सम्मान दिया गया था।

ISRO Geo-Imaging Satellite: ISRO रचेगा नया इतिहास! 4 सितंबर को लॉन्च होगा भारत का पहला जियोसिंक्रोनस इमेजिंग सैटेलाइट EOS-05

ISRO Geo-Imaging Satellite: भारतीय स्पेस एजेंसी ISRO एक और नया इतिहास रचने जा रहा है. ISRO 4 सितंबर को एक खास मिशन लॉन्च करने जा रहा है. इस मिशन के तहत इसरो अंतरिक्ष में भारत का पहला जियो-इमेजिंग सैटेलाइट लॉन्च करेगा. इस मिशन के सफल होने के बाद भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा, जिसके पास अपना जियो-इमेजिंग सैटेलाइट होगा. इस सैटेलाइट को लॉन्च करने के लिए इसरो अपने सबसे भरोसेमंद GSLV-F17 रॉकेट का इस्तेमाल करेगा. इस सैटेलाइट के पृथ्वी की आर्बिट में पहुंचने के बाद भारत अपनी सीमाओं पर अंतरिक्ष से नजर रख पाएगा. आखिर ये पूरा मिशन क्या है? इससे भारत को क्या-क्या फायदा होगा? पूरी बात समझते हैं.

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कब और कहां से होगा लॉन्च?

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस मिशन की जानकारी देते हुए बताया कि GSLV-F17/EOS-05 मिशन 4 सितंबर 2026 को सुबह 2:55 बजे श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर के दूसरे लॉन्च पैड से उड़ान भरेगा. GSLV-F17, भारत के जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल की 19वीं उड़ान होगी और यह EOS-05 को सब-जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (Sub-GTO) में स्थापित करेगा.

क्यों खास है यह सैटेलाइट?

इस जियो-इमेजिंग सैटेलाइट का नाम है ‘EOS-05 (GISAT-1A)’. यह जियोसिंक्रोनस आर्बिट से काम करने वाला भारत का पहला इमेजिंग सैटेलाइट होगा. यह करीब 2367 किलोग्राम वजन का एडवांस अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट है. यानी इस सैटेलाइट के जरिए अंतरिक्ष से पृथ्वी की निगरानी की जाएगी. इस सैटेलाइट से भारतीय उपमहाद्वीप की रियल-टाइम हाई-रिजॉल्यूशन तस्वीरें इसरो को मिल पाएंगी. यह मिशन इसलिए भी खास है क्योंकि ज्यादातर भारतीय रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट लो-अर्थ ऑर्बिट में काम करते हैं और किसी इलाके की सीमित समय तक ही निगरानी कर पाते हैं. वहीं EOS-05 करीब 36000 किलोमीटर ऊंची जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से भारत पर लगातार नजर रख सकेगा.

हर आधे घंटे में पूरे भारत की लेगा तस्वीरें

GISAT-1A सैटेलाइट का मुख्य काम भारत की निगरानी करना और तस्वीरें लेना ही है. यह सैटेलाइट पूरे भारत की इमेजिंग लगभग हर 30 मिनट में करेगा. वहीं अगर किसी चुनिंदा जगह की तस्वीरें लेनी है तो यह काम हर 5 मिनट में पूरा हो सकेगा. इस सैटेलाइट में बेहद एडवांस हाई रिजॉल्यूशन कैमरे लगे हैं, जो मल्टीस्पेक्ट्रल और हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग क्षमता रखते हैं. यह सैटेलाइट अगले 10 साल तक काम करेगा.

किन देशों के पास ऐसी टेक्नोलॉजी?

भारत से पहले कुछ चुनिंदा देशों के पास ही जियो-इमेजिंग सैटेलाइट हैं.

  • अमेरिका: अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA पहले ही इस तरह के सैटेलाइट जैसे GOES सीरीज, SBIRS / DSP लॉन्च कर चुका है, जो मिसाइल ट्रैकिंग से लेकर मौसम का पूर्वानुमान में मदद करते हैं.
  • चीन: चीन के पास भी Gaofen और Yaogan जैसे सैटेलाइट हैं, जिनका इस्तेमाल चीन सैन्य निगरानी और आपदा प्रबंधन में करता है.
  • यूरोप: यूरोप और अफ्रीका के पास भी हाई-स्पीड मल्टी-स्पेक्ट्रल इमेजिंग सैटेलाइट है, जिससे वे मौसम और पर्यावरण पर नजर रखते हैं.
  • रूस: रूस भी सीमाओं की निगरानी और मौसम पर नजर रखने के लिए Elektro-L सीरीज के सैटेलाइट का इस्तेमाल करता है.
  • जापान: Himawari सीरीज के सैटेलाइट अंतरिक्ष से इमेजिंग करते हैं.
  • साउथ कोरिया:  KARI एजेंसी GEO-KOMPSAT सीरीज के सैटेलाइट से मौसम और समुद्री पर्यावरण की रियल टाइम निगरानी करते हैं.

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भारत को क्या मिलेगा फायदा?

  • जियो-इमेंजिंग सैटेलाइट से भारत सीमाओं पर 24×7 निगरानी रख सकेगा. LAC और LoC पर सैनिक गतिविधियों, सैन्य ढांचे और मूवमेंट की निगरानी पहले से ज्यादा तेज हो पाएगी.
  • इस सैटेलाइट से जरूरत पड़ने पर किसी खास इलाके की रियल टाइम तस्वीरें बार-बार मिल सकेंगी. युद्ध या संकट के वक्त भारतीय सेना को इसका फायदा होगा.
  • भारत को हिंद महासागर क्षेत्र में जहाजों, समुद्री गतिविधियों और रणनीतिक मूवमेंट की बेहतर निगरानी में मदद मिल पाएगी.
  • आपदा प्रबंधन में GISAT-1A सैटेलाइट गेम चेंजर साबित हो सकता है. इससे साइक्लोन, बाढ़, जंगलों की आग, बादल फटने और फ्लैश फ्लड जैसी घटनाओं पर रियल टाइम निगरानी रखी जा सकेगी.

LPG Cylinder Price Hike: आज से महंगा हुआ 19 किलो का कमर्शियल सिलेंडर, जानें आपके शहर में नया रेट

LPG Cylinder Price Hike: 1 सितंबर से कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर महंगा हो गया है। तेल मार्केटिंग कंपनियों ने कई बड़े शहरों में 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलिंडर की कीमत में 9.50 रुपये की बढ़ोतरी की है। कीमतों में यह बदलाव महीने की शुरुआत में हुआ है, जिससे कमर्शियल एलपीजी पर निर्भर व्यवसायों की लागत बढ़ गई है। ताजा दरों के अनुसार, दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर की कीमत अब 2,738 रुपये से बढ़कर 2,747.50 रुपये हो गई है। चेन्नई में कीमत 2,906 रुपये से बढ़कर 2,916.50 रुपये हो गई है।

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घरेलू एलपीजी सिलिंडर के दाम नहीं बढ़े
इस बढ़ोतरी का असर मुख्य रूप से रेस्तरां, होटल, ढाबे, मिठाई की दुकानों और ऐसे अन्य व्यवसायों पर पड़ता है जो खाना पकाने और अन्य कामों के लिए कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर का इस्तेमाल करते हैं। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कुछ राहत की बात है क्योंकि हालिया मासिक बदलाव में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलिंडर की कीमत नहीं बढ़ाई गई है।

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किस शहर में कितने दाम बढ़े

शहर नया मूल्य पुराना मूल्य   अंतर
दिल्ली ₹2,747.50 ₹2,738.00 ₹9.50
कोलकाता ₹2,884.00 ₹2,872.50 ₹11.50
मुंबई ₹2,701.00 ₹2,691.50 ₹9.50
चेन्नई ₹2,916.50 ₹2,906.00 ₹10.50

 

लेकिन सबसे ज्यादा बढ़ोतरी कोलकाता में हुई, जहां सितंबर 2026 के लिए कीमत 11.50 रुपये बढ़कर 2,884 रुपये प्रति सिलिंडर हो गई। गौरतलब है कि तिरुवनंतपुरम और बैंगलोर जैसे शहरों में 19 किलो वाले एलपीजी सिलिंडर की कीमत 10 रुपये बढ़कर क्रमशः 2,784 और 2,831 रुपये हो गई है। इसके अलावा, भुवनेश्वर और हैदराबाद जैसे शहरों में एलपीजी की कीमत 11 रुपये बढ़कर क्रमशः 2,919 रुपये और 2,996 रुपये हो गई है। गौरतलब है कि सितंबर में 11 रुपये की बढ़ोतरी के बाद भी पटना में एलपीजी की कीमत 3,000 रुपये के स्तर से ऊपर, यानी 3,029 रुपये प्रति सिलेंडर बनी हुई है। इस वजह से पटना में एलपीजी सबसे महंगी है।

रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर! Jan Vishwas Act लागू, रेलवे के नियम और पेनल्टी में हुआ बड़ा बदलाव

Jan Vishwas Act Railway Fine Revision: रेल यात्रा को ज्यादा सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए संसद से पारित जन विश्वास एक्ट (Jan Vishwas Act) के लागू होते ही भारतीय रेलवे के नियमों और जुर्माने (Penalties) में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. दरअसल, भारतीय रेलवे ने रेल यात्रा को अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और अनुशासित बनाने के लिए जन विश्वास (संशोधन अधिनियम) 2026 में रेलवे अधिनियम, 1989 में व्यापक संशोधन लागू कर दिए हैं. इस ऐतिहासिक कदम का मुख्य उद्देश्य छोटे-मोटे उल्लंघनों को अपराध की श्रेणी से बाहर करना और रेलवे नियमों की अवहेलना करने वालों पर सख्त प्रशासनिक जुर्माना लगाना है.

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महिला कोच में एंट्री पर अब 2500 का जुर्माना

उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल में RPF की ओर से संशोधित पेनल्टी दरों के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है. नई दरें लागू होने के बाद चालान कलेक्शन में भारी उछाल दर्ज किया गया है. दरअसल, इस संशोधन के बाद महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ने लेडीज बोगी से जुड़े नियमों को सबसे सख्त बना दिया है. पहले महिला आरक्षित बोगी में पुरुषों के अवैध प्रवेश पर केवल 500 तक का फाइन था, जिसे अब बढ़ाकर 2,500 कर दिया गया है. इस नियम के लागू होने के बाद आरपीएफ ने जुलाई महीने में महिला कोच में यात्रा करने वाले 302 पुरुष यात्रियों को पकड़कर करीब साढ़े सात लाख रुपये का जुर्माना वसूला है, जो मई महीने में पुरानी दरों के तहत यह संग्रह मात्र 33,000 रुपये था.

स्मोकिंग, वेंडिंग और अनाधिकृत प्रवेश पर भी बदला फाइन

जन विश्वास एक्ट के तहत कई अन्य छोटे-बड़े अपराधों की जुर्माना राशि भी संशोधित की गई है. इसके बाद ट्रेन या प्लेटफॉर्म पर बीड़ी-सिगरेट पीने पर पहले जो 100 रुपये होता था, उसे बढ़ाकर 2,000 कर दिया गया है.वहीं, बिना अनुमति रेलवे स्टेशन या पटरियों पर घुसने पर RPF ने अकेले जुलाई महीने में 5.9 लाख का जुर्माना वसूला. ट्रेनों में बिना लाइसेंस सामान बेचने और भीख मांगने पर अब भारी सिविल पेनल्टी ली जा रही है, जिससे इस श्रेणी में जुर्माना वसूली  भी 5.3 लाख तक पहुंच गई. इसके अलावा, रेलवे स्टाफ यानी ड्राइवर, गार्ड या टीटीई के निर्देशों की अवहेलना करने पर जुलाई में 7.2 लाख का कलेक्शन दर्ज किया गया.

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ये है जुर्माने की नई दरें

  • बिना वैध टिकट या पास के सफर करने पर अब कम से कम 500 का फाइन देना होगा यह पहले यह 250 रुपये था.
  • रेलवे स्टेशन या कोच के भीतर बीड़ी-सिगरेट पीने पर अब 2,000 की भारी पेनल्टी लगेगी.
  • लेडीज कोच में सफर करने वाले पुरुष यात्रियों पर 2,500 रुपये का चालान काटा जाएगा.
  • बिना इजाजत ट्रेन या स्टेशन पर सामान बेचने या भीख मांगते पहली बार पकड़े जाने पर 2,000 का जुर्माना तय है.
  • दूसरे यात्री की कन्फर्म बर्थ पर जबरन कब्जा जमाए रखने पर 1,000 तक का नागरिक जुर्माना लगेगा.
  • शराब या किसी अन्य नशे में हंगामा करने पर ट्रेन से बाहर करने के साथ 24 घंटे की जेल या 1,000 का फाइन हो सकता है.
  • बिना अनुमति के खतरनाक या विस्फोटक सामग्री साथ ले जाने पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना देना पड़ेगा.

अब कम नहीं होगा जुर्माना

उस पूरे मामले पर सीनियर RPF के डिवीजनल सिक्योरिटी कमिश्नर आशुतोष पांडे ने बताया कि जन विश्वास एक्ट लागू होने से कानूनी प्रक्रिया और प्रशासनिक ढर्रे में भी बड़ा बदलाव आया है. उन्होंने बताया कि इस संशोधन में कुछ अपराधों को आपराधिक श्रेणी से हटाकर सिविल पेनल्टी में बदल दिया गया है, जिससे मामला कोर्ट जाने के बजाय एडमिनिस्ट्रेटिव तरीके से मौके पर ही सुलझाया जा सके. पहले अगर कोई यात्री पैसों की तंगी का हवाला देता था, तो मजिस्ट्रेट या अधिकारी जुर्माना कम कर सकते थे. लेकिन अब 500 रुपये से 2,500 रुपये तक का स्थायी जुर्माना तय कर दिया गया है, जिसमें कोई माफी या छूट का प्रावधान नहीं है.

जन विश्वास कानून की 3 सबसे प्रमुख विशेषताएं

  • छोटी-मोटी गलतियों पर अब रेलवे पुलिस या टीटीई द्वारा मौके पर ही पेनल्टी लेकर केस खत्म कर दिया जाता है. अदालत में आपराधिक केस केवल उसी स्थिति में दर्ज होगा यदि यात्री तय किया गया प्रशासनिक जुर्माना देने से साफ इनकार कर दे.
  • कानून में मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा ली जाने वाली पेनल्टी और सक्षम न्यायालय द्वारा दिए जाने वाले फाइन के बीच की कानूनी सीमा पूरी तरह स्पष्ट कर दी गई है.
  • इस अधिनियम में महंगाई और नियमों की प्रभावशीलता बनाए रखने के लिए एक विशेष प्रावधान शामिल किया गया है. इसके तहत नियमों के उल्लंघन पर तय की गई सभी जुर्माना राशियों में हर तीन साल में खुद बखुद 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी लागू हो जाएगी.

किसना डायमंड एंड गोल्ड ज्वेलरी ने कोरबा में खोला छत्तीसगढ़ का 6वां एक्सक्लूसिव शोरूम

कोरबा, छत्तीसगढ़, 30 अगस्त 2026: किसना डायमंड एंड गोल्ड ज्वेलरी ने कोरबा में छत्तीसगढ़ के अपने छठे एक्सक्लूसिव शोरूम का भव्य शुभारंभ किया। यह शोरूम पाम मॉल के पास, ट्रांसपोर्ट नगर, कोरबा में शुरू किया गया है। इस अवसर पर हरि कृष्णा ग्रुप के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक घनश्याम ढोलकिया, छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं सक्ती विधायक चरण दास महंत जी, छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री एवं कोरबा विधायक लखन लाल देवांगन जी तथा पूर्व कैबिनेट मंत्री जय सिंह अग्रवाल जी की गरिमामयी उपस्थिति रही।

किसना ने अपने ग्राहकों के लिए विशेष उद्घाटन ऑफर और लकी ड्रॉ योजना भी पेश की है। ग्राहक डायमंड ज्वेलरी की मेकिंग चार्ज पर 100 प्रतिशत तक की छूट और गोल्ड ज्वेलरी की मेकिंग चार्ज पर 50 प्रतिशत तक की छूट का लाभ उठा सकते हैं। इसके अलावा, ग्राहक अपने पुराने सोने को एक्सचेंज कर डायमंड ज्वेलरी की खरीद पर 105 प्रतिशत तक की वैल्यू प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही 3 स्कूटी जीतने का अवसर और दिसंबर के पहले सप्ताह में आयोजित मेगा लकी ड्रॉ में कार जीतने का मौका मिलेगा।

हरि कृष्णा ग्रुप के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक घनश्याम ढोलकिया ने कहा, “कोरबा किसना के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है और यहां एक्सक्लूसिव शोरूम की शुरुआत हमारे विस्तार की रणनीति में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारा उद्देश्य देश के अलग-अलग शहरों में ग्राहकों को विश्वसनीय, गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक डायमंड ज्वेलरी आसानी से उपलब्ध कराना है। हमारा विजन ‘हर घर किसना’ है और इसी सोच के साथ हम डायमंड ज्वेलरी को अधिक से अधिक भारतीय परिवारों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।”

किसना डायमंड एंड गोल्ड ज्वेलरी के सीईओ पराग शाह ने कहा, “कोरबा में अपना 6वां एक्सक्लूसिव शोरूम लॉन्च करते हुए हमें बेहद खुशी हो रही है। किसना में हम ग्राहकों की बदलती पसंद को ध्यान में रखते हुए आधुनिक और आकर्षक डिजाइन पेश करते हैं। कोरबा के ग्राहकों के लिए हमारे शोरूम में डायमंड एवं गोल्ड ज्वेलरी के कई शानदार कलेक्शंस उपलब्ध होंगे, जो रोजमर्रा के पहनावे से लेकर विशेष अवसरों और त्योहारों तक हर जरूरत को पूरा करेंगे।”

किसना के फ्रेंचाइज़ पार्टनर हौसला अग्रवाल ने कहा, “कोरबा में किसना जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड के साथ जुड़ना हमारे लिए गर्व और खुशी का अवसर है। किसना ने अपनी गुणवत्ता, उत्कृष्ट शिल्पकला, आधुनिक डिजाइन और ग्राहकों के विश्वास के दम पर ज्वेलरी क्षेत्र में मजबूत पहचान बनाई है। हमारा प्रयास रहेगा कि कोरबा और आसपास के ग्राहकों को बेहतरीन डायमंड एवं गोल्ड ज्वेलरी के साथ एक शानदार और भरोसेमंद खरीदारी अनुभव प्रदान किया जाए। हमें विश्वास है कि किसना जल्द ही कोरबा के ग्राहकों की पसंदीदा ज्वेलरी डेस्टिनेशन बनेगा।”

शोरूम लॉन्च के अवसर पर किसना ने सामाजिक सरोकारों को भी प्राथमिकता दी। कार्यक्रम के तहत स्वच्छ भारत अभियान के समर्थन में स्वच्छता अभियान, ‘किसना प्रकृति’ के अंतर्गत वृक्षारोपण समारोह तथा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इन पहलों के माध्यम से किसना ने सामुदायिक कल्याण, पर्यावरण संरक्षण और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को रेखांकित किया।

कोरबा में नए एक्सक्लूसिव शोरूम के माध्यम से किसना का लक्ष्य क्षेत्र के ग्राहकों को विश्वसनीयता, गुणवत्ता, आधुनिक डिजाइन और उत्कृष्ट सेवा का बेहतर अनुभव प्रदान करना है। छत्तीसगढ़ में अपने 6वें एक्सक्लूसिव शोरूम की शुरुआत के साथ ब्रांड ने राज्य में अपनी मजबूत होती उपस्थिति और भविष्य के विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।

Nepal Flash Flood Updates: नेपाल बाढ़ में भारी तबाही, मृतकों का आंकड़ा 734 पहुंचा; 2498 लोगों की तलाश जारी

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Nepal Flash Flood Updates: नेपाल-चीन बॉर्डर पर अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 734 से हो गई है, जबकि आपदा के बाद 2,400 से अधिक लोग अब भी लापता हैं.बाढ़ से दबे इलाकों में बचाव कार्य शनिवार को चौथे दिन भी जारी रहा. लोगों के रेस्क्यू के लिए भारत की ओर से नेपाल में अलग-अलग टीमें भेजी गई हैं. विदेश मंत्रालय ने शनिवार को इस संबंध में ताजा अपडेट साझा कर जानकारी दी है कि 50 भारतीय नागरिकों से संपर्क फिर से स्थापित हो गया है और कुल 108 लोगों को बचाया गया है. राहत और बचाव कार्य जारी है.

Sept Bank Holiday: सितंबर में 12 दिन बंद रहेंगे बैंक! जरूरी काम निपटाने से पहले नोट कर लें छुट्टियों की तारीखें

नुवाकोट में बाढ़ से भारी नुकसान का ड्रोन वीड‍ियो

नुवाकोट जिले के देवीघाट में बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है. ड्रोन वीड‍ियो में गांव और घर भारी कीचड़ में दबे हुए, पुल टूटे हुए और नदी के किनारे मलबा बिखरा हुआ दिखाई दे रहा है. लापता लोगों को खोजने का काम जारी है.

नेपाल में भोटेकोशी नदी का जलस्तर फिर बढ़ा, सतर्कता बरतने की सलाह

नेपाल में विनाशकारी आकस्मिक बाढ़ के कुछ दिन बाद रविवार को भोटेकोशी नदी का जलस्तर फिर बढ़ गया, जिसके बाद अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित जिलों में खोज और बचाव अभियान में लगे कर्मियों को सतर्क रहने की सलाह दी है.

भारत से चौथी उड़ान राहत सामग्री लेकर पहुंची काठमांडू

नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने ट्वीट किया, “भारत से चौथी उड़ान काठमांडू पहुंची, जिसमें 11 टन राहत सामग्री थी – जैसे कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट. इस उड़ान में टनल में खोज और बचाव अभियान के लिए उपकरणों के साथ अतिरिक्त तकनीकी टीम भी आई.”

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Sept Bank Holiday: सितंबर में 12 दिन बंद रहेंगे बैंक! जरूरी काम निपटाने से पहले नोट कर लें छुट्टियों की तारीखें

Sept Bank Holiday: सितंबर महीने में बैंक से जुड़े काम को तारीख देखकर आप निपटा सकते हैं, क्योंकि सितंबर महीने में अलग-अलग तारीखों पर 12 दिन बैंक बंद रहने वाले हैं. यानी बैंक का कामकाज ठप रहने वाला है. इसलिए बैंक जाने से पहले आप तारीख देख लें और जान लें बैंक खुला है या नहीं. सितंबर महीने में बैंक कर्मियों ने अखिल भारतीय हड़ताल का ऐलान किया है. बैंक कर्मचारी की मांग है कि RBI और इश्योरेंस सेक्टर की तर्ज पर बैंक में भी सप्ताह में 5 दिन काम करने की व्यवस्था लागू हो. साथ ही परफार्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) समझौतों को भी एक समान लागू किया जाए. ऐसे में बैंक कर्मचारियों ने मांगों को लागू करने के लिए हड़ताल की चेतावनी दी है.

जानकारी के मुताबिक, बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने यूनियनों के संयुक्त मंच यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस की ओर से हड़ताल की घोषणा हुई है. UFBU ने कहा है कि 11 सितंबर देशव्यापी हड़ताल पर जा रहे हैं.

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चार अलग-अलग दिन हड़ताल का ऐलान

संगठन की ओर से हड़ताल की चेतावनी दी गई है. 11 सितंबर देशव्यापी बैंक हड़ताल के बाद 28 सितंबर, 29 सितंबर और 30 सितंबर को भी तीन दिवसीय हड़ताल करने का ऐलान किया गया है. यानी सितंबर महीने में चार दिन हड़ताल की वजह से काम काज ठप रहने वाला है.

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सिंतबर में 8 दिन रहने वाली है छुट्टी

सितंबर महीने में हड़ताल की वजह से बैंक का काम ठप रहने के अलावा 8 दिन छुट्टियां भी है. इसमें 6 दिन सप्ताहिक छुट्टी होने वाली है. जिसमें 6 सितंबर, 12 सितंबर (शनिवार), 13 सितंबर, 20 सितंबर, 26 सितंबर (शनिवार) और 27 सितंबर रविवार शामिल है. इसके अलावा 4 सितंबर को जन्माष्टमि की छुट्टी होने वाली जिसमें देश के ज्यादातर राज्यों में बैंक बंद रहेगा. वहीं 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी और विनायक चतुर्थी, हरितालिका जैसे त्योहार को लेकर अलग-अलग राज्यों में बैंक बंद रहने वाला है.

बालको ने आपसी विश्वास, स्नेह और एकजुटता के पर्व रक्षाबंधन को धूमधाम से मनाया

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कोरबा : वेदांता एल्यूमिनियम मेटल लिमिटेड की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने कर्मचारियों और समुदाय के साथ आपसी विश्वास, स्नेह और एकजुटता के प्रतीक रक्षाबंधन का उत्सव मनाया। इस अवसर पर कर्मचारियों ने सुरक्षा कर्मियों की कलाई पर राखी बांधकर उनके समर्पण और सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करने में योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीं, समुदाय के साथ उत्सव मनाकर बालको ने आपसी संबंधों को और मजबूत करने तथा साझा विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

बालको में रक्षाबंधन को सुरक्षा और विश्वास से जोड़ते हुए विभिन्न विभागों के करीब 150 कर्मचारियों ने महिला, पुरुष, ट्रांसजेंडर और सुरक्षा कर्मियों की कलाई पर राखी बांधी। इस पहल के माध्यम से कर्मचारियों ने उन कर्मियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की, जो हर दिन कार्यस्थल पर सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राखी का यह धागा आपसी विश्वास, जिम्मेदारी और सुरक्षित कार्य संस्कृति के प्रति साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक बना।

रक्षाबंधन के अवसर पर बालको की उन्नति परियोजना से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने भी उत्सव में भागीदारी की। महिलाओं ने अपने हाथों से तैयार की गई राखियां बालको के सीईओ एवं पूर्णकालिक निदेशक राजेश सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारियों की कलाई पर बांधीं। यह पहल उन्नति परियोजना के माध्यम से महिलाओं में विकसित आत्मविश्वास, कौशल और उद्यमशीलता की भावना को दर्शाती है। महिलाओं के लिए आय के नए अवसर तैयार करने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में उन्नति परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

वहीं, बालको अस्पताल में भी रक्षाबंधन की विशेष झलक देखने को मिली। बालको की उन्नति परियोजना से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने अस्पताल के डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों की कलाई पर राखियां बांधकर उनके समर्पण और सेवाभाव के प्रति आभार व्यक्त किया। डॉक्टरों ने भी महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए उनके साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं। यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मियों और समुदाय के बीच विश्वास, सम्मान और अपनत्व के रिश्ते को मजबूत करने का माध्यम बनी।

कंपनी ने नंद घर के बच्चों के साथ भी रक्षाबंधन का उत्सव मनाया। नंद घर के बच्चों ने स्वयं अपने हाथों से सुंदर राखियां तैयार कीं और एक-दूसरे की कलाई पर राखी बांधकर भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और आपसी सहयोग का संदेश दिया। बच्चों के लिए यह गतिविधि रचनात्मकता के साथ-साथ भारतीय त्योहारों और पारिवारिक मूल्यों को समझने का अवसर भी बनी। नंद घर वेदांता समूह की सामुदायिक विकास पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बच्चों के समग्र विकास और महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। बालको अपने परिचालन क्षेत्र के समुदायों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में निरंतर पहल कर रहा है।

बालको द्वारा आयोजित रक्षाबंधन उत्सव ने कर्मचारियों और समुदाय के बीच विश्वास, सम्मान और अपनत्व के रिश्ते को और मजबूत किया। त्योहार की खुशियों को साझा करते हुए सभी ने सहयोग, सुरक्षा और सामुदायिक विकास की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

Nepal Flood News: नेपाल की बाढ़ में 300 भारतीय लापता, तमिलनाडु और बंगाल के सबसे ज्यादा लोग शामिल

Nepal Flood News: नेपाल में बुधवार को आई बाढ़ से हुए नुकसान की तस्वीरें अब दिखने लगी हैं. अब तक 469 लोगों की मौत हुई है, जबकि 1500 से ज्यादा लोग लापता हैं. जिसमें भारत के अलग-अलग राज्यों के 300 से ज्यादा लोग शामिल हैं. इनमें से ज्यादातर वे लोग शामिल हैं, जो कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे. जिनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है. इस बीच मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच में एक जनहित याचिका लगाई गई है. जिसमें केंद्र और तमिलनाडु सरकार से हर तीर्थयात्री का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए तत्काल निर्देश देने की मांग की गई है. तमिलनाडु से नेपाल की यात्रा पर गए कई लोग भी लापता बताए जा रहे हैं.

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मद्रास हाईकोर्ट में होगी सुनवाई 

वकील एएफ परवेश मुशर्रफ की तरफ से दायर की गई इस याचिका पर मद्रास हाईकोर्ट आज इस सुनवाई कर सकती है.दायर इस याचिका में भारत सरकार, जिसका प्रतिनिधित्व विदेश मंत्रालय के सचिव और काठमांडू में भारतीय दूतावास के काउंसलर मंत्री कर रहे हैं, उन्हें प्रतिवादी बनाया गया है. इनके अलावा, कुंभकोणम स्थित ट्रैवल ऑपरेटर ‘सुपर यात्रा ट्रैवल्स’ को भी प्रतिवादी बनाया गया है. याचिका में इस बात पर जोर दिया गया है कि तीर्थयात्रियों की स्थिति की कोई आधिकारिक या व्यक्ति-वार पुष्टि नहीं की गई है.

103 से ज्यादा यात्रियों को फंसे होने की संभावना 

तमिलनाडु सरकार ने टूर ऑपरेटरों के ट्रैवल शेड्यूल के आधार पर 103 श्रद्धालुओं के नेपाल जाने की पुष्टि की है. राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री राज मोहन ने भी स्वीकार किया है कि स्वतंत्र रूप से या छोटे-छोटे निजी समूहों में यात्रा करने वाले लोगों का सटीक हिसाब लगाना एक बड़ी चुनौती है. इसके बावजूद अभी तक केंद्र या राज्य सरकार की तरफ से सुरक्षित, घायल या लापता लोगों की कोई अंतिम नामवार सूची जारी नहीं की गई है. ऐसे में इस सूची को भी तुरंत जारी करने की मांग की गई है.

भारत से किन राज्यों के लोग लापता 

भारत से अलग-अलग राज्यों के लोग लापता हैं, लेकिन महाराष्ट्र के स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर के मुताबिक राज्य के 80 से अधिक पर्यटक नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे हैं, जिनमें से 57 एक प्राइवेट टूर एजेंसी के जरिए गए थे. जबकि गुजरात, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश से भी लोग लापता बताए जा रहे हैं. राज्य सरकारों की तरफ से इनकी जानकारी जुटाई जा रही है.

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बालको की बढ़ती भूमिका

नेपाल में टूटा लोगों को संपर्क 

नेपाल में बाढ़ के बाद लोगों को संपर्क टूटा हुआ है. पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कें, पुल और मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त हो चुके हैं. जिससे परिजन अपने रिश्तेदारों का हाल-चाल जानने में असमर्थ हैं. आशंका है कि कई लापता लोग घायल, फंसे हुए या किसी अस्थायी शिविर में हो सकते हैं, जिनकी जानकारी अभी तक उनके परिवारों तक नहीं पहुंच सकी है.

बंगाल के परिवार भी मिसिंग 

नेपाल की बाढ़ में बंगाल के परिवार भी मिसिंग बताए जा रहे हैं. हुगली के उत्तरपाड़ा में रहने वाले क्षितिज चंद्र बिस्वास और उनकी पत्नी ममता बिस्वास नेपाल त्रासदी के दौरान लापता हो गए थे, जिनकी जानकारी अब तक नहीं मिली है. उनके पड़ोसी दिलीप रॉय ने बताया कि इस जोड़े के बारे में अभी भी कोई खबर नहीं है, काठमांडू की यात्रा का इंतजाम करने वाली एजेंसी के प्रतिनिधियों ने उन्हें फोन पर बताया कि लापता लोगों की सूची में उनके नाम शामिल हैं. जबकि वे हमारे क्लब के सदस्य थे, काठमांडू पहुंचने के बाद उन्होंने फोन करके बताया था कि वे सुरक्षित पहुंच गए हैं और मानसरोवर के लिए निकलने वाले हैं. लेकिन त्रासदी के बाद से ही उनसे संपर्क पूरी तरह से टूटा हुआ.

बंगाल के सीनियर नेता रहे स्वर्गीय मुकुल राय की बहू भी लापता बताई जा रही हैं. वह भी नेपाल यात्रा पर थी, लेकिन बाढ़ के बाद से ही उनकी कोई जानकारी नहीं मिली है. भारत के कुल 300 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं. जिसको को लेकर भारत का विदेश मंत्रालय लगातार नेपाल के संपर्क में है.

वेदांता एल्युमीनियम ने ऑटोएज 2026 में ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए नए और बेहतर मेटल उत्पाद लॉन्च किए

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रायपुर : भारत की प्रमुख एल्युमीनियम उत्पादक कंपनी वेदांता एल्युमीनियम (BSE: 544780 | NSE: VAML) ने अपने सबसे ज्यादा बिकने वाले प्राइमरी फाउंड्री अलॉय (पीएफए) रेंज के तहत दो नए और उन्नत उत्पाद लॉन्च किए हैं। इनमें कॉपर-डोप्ड अलॉय, जिसे हाई-परफॉर्मेंस ऑटोमोबाइल के लिए विकसित किया गया है, और वेदांता फाउंड्री अलॉय (वीएफए) शामिल हैं। वीएफए को बेहतर मजबूती और टिकाऊपन के लिए आईआईटी दिल्ली के सहयोग से विकसित किया गया है। ये दोनों नए उत्पाद अगली पीढ़ी के ऑटोमोबाइल बनाने में नई संभावनाएँ लेकर आए हैं। इनकी मदद से हल्के, सुरक्षित और अधिक बेहतर वाहन बनाने में मदद मिलेगी और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में नए अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।

इन दोनों उत्पादों को भारत की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों और एडवांस्ड ऑटोमोबाइल कंपोनेंट बनाने वाली कंपनियों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के सामने ऑटोएज 2026 (AutoEdge 2026) में पेश किया गया। यह वेदांता एल्युमीनियम का ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए विशेष कार्यक्रम है। अब अपने दूसरे संस्करण में आयोजित ऑटोएज 2026 में कई पैनल चर्चाएँ, तकनीकी प्रस्तुतियाँ और विशेषज्ञों के विचार शामिल रहे, जिनमें ऑटोमोबाइल उद्योग के भविष्य के रुझानों पर चर्चा की गई।

वेदांता एल्युमीनियम दुनिया की सबसे बड़ी प्राइमरी बिलेट उत्पादक कंपनी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित बाल्को प्लांट में चल रहे क्षमता विस्तार के पूरा होने के बाद कंपनी की बिलेट उत्पादन क्षमता 12.5 लाख टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) हो जाएगी। कंपनी भारत की सबसे बड़ी पीएफए उत्पादक भी है, जिसकी मौजूदा उत्पादन क्षमता 3.8 लाख टन प्रति वर्ष (केटीपीए) है। वेदांता के ऑटोमोबाइल पोर्टफोलियो में अलॉय व्हील, सिलेंडर हेड, इंजन के हिस्सों और अन्य ऑटोमोबाइल कास्टिंग में इस्तेमाल होने वाले पीएफए उत्पाद शामिल हैं। इसके अलावा, एचवीएसी और दुर्घटना के दौरान ज्यादा सुरक्षा देने वाले इंजीनियरिंग उत्पादों के लिए विशेष बिलेट्स भी बनाए जाते हैं। कंपनी अपने पोर्टफोलियो में वैल्यू-एडेड उत्पादों की हिस्सेदारी 90% तक बढ़ाने पर भी काम कर रही है। यह भारत और दुनियाभर में उच्च गुणवत्ता और टिकाऊ तरीके से तैयार एल्युमीनियम की बढ़ती माँग को पूरा करने के लिए किया जा रहा है।

वेदांता एल्युमीनियम के सीईओ राजेश कुमार ने कहा, “भारत का ऑटोमोबाइल उद्योग तेजी से बदल रहा है और इसमें हल्के, मजबूत और बेहतर मटेरियल की माँग बढ़ रही है। एल्युमीनियम अपने हल्के वजन, मजबूती, टिकाऊपन, जंग से बचाव और बार-बार रीसायकल किए जा सकने की क्षमता के कारण इन जरूरतों को पूरा करने के लिए बेहतर विकल्प है। वेदांता एल्युमीनियम में हम अपने ऑटोमोबाइल ग्रेड उत्पादों को नई पीढ़ी की उन्नत धातुओं के साथ और मजबूत कर रहे हैं। ये उत्पाद भारत में ही विकसित और तैयार किए गए हैं और इनमें विश्वस्तरीय गुणवत्ता और प्रदर्शन को ध्यान में रखा गया है। ये नए उत्पाद हमारे ‘मेक इन इंडिया’ के प्रयास को और मजबूत करते हैं और देश में वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता तैयार करने में योगदान देते हैं।”

इन दोनों नए उत्पादों को ऑटोमोबाइल उद्योग में हल्के, ज्यादा बेहतर और कठिन परिस्थितियों में भी अच्छा प्रदर्शन करने वाले वाहनों की बढ़ती जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। कॉपर-डोप्ड अलॉय में कॉपर की मजबूती देने वाली खूबियों का इस्तेमाल किया गया है। इससे इसकी मजबूती, घिसाव से बचने की क्षमता और ज्यादा तापमान में प्रदर्शन बेहतर होता है। इसलिए यह इंजन, ट्रांसमिशन और पॉवरट्रेन के महत्वपूर्ण हिस्सों के लिए खास तौर पर उपयोगी है। वहीं, वेदांता फाउंड्री अलॉय (वीएफए) में कम वजन के साथ ज्यादा मजबूती, जंग से बेहतर बचाव और बेहतर कास्टिंग क्षमता दी गई है। यह इसे पारंपरिक और इलेक्ट्रिक दोनों तरह के वाहनों में कई तरह के इस्तेमाल के लिए उपयुक्त बनाता है।

इन दोनों नए उत्पादों की मदद से ऑटोमोबाइल निर्माता कंपोनेंट्स की उम्र बढ़ाने, वाहनों की दक्षता और भरोसेमंद प्रदर्शन को बेहतर करने और अगली पीढ़ी की मोबिलिटी की बदलती जरूरतों को पूरा करने में सक्षम होंगे। अपनी बढ़ती आरएंडडी क्षमताओं के साथ, वेदांता एल्युमीनियम ओईएम और ऑटोमोबाइल कंपोनेंट निर्माताओं के साथ मिलकर काम कर रहा है, ताकि उन्नत और बेहतर मटेरियल सॉल्यूशंस तैयार किए जा सकें।

इस बढ़ते पोर्टफोलियो से भारत के ऑटोमोबाइल क्षेत्र में लोकल मैन्युफैक्चरिंग, मजबूत सप्लाई चेन और जरूरी कच्चे माल के लिए आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी। भारत इस समय दुनिया का सबसे बड़ा टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर बाजार है और पैसेंजर और कमर्शियल वाहनों के मामले में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बाजार है। भारत में तैयार और विकसित किए गए हाई-परफॉर्मेंस, ऑटोमोबाइल-ग्रेड अलॉय की उपलब्धता बढ़ाकर वेदांता एल्युमीनियम वाहन निर्माताओं को देश से ही ज्यादा सामान खरीदने, आयात पर निर्भरता कम करने और मजबूत व भविष्य के लिए तैयार वैल्यू चेन बनाने में मदद कर रहा है। यह पहल आत्मनिर्भर भारत के विजन के तहत भारत को वैश्विक ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लक्ष्य को सीधे समर्थन देती है।

वेदांता एल्युमीनियम ने अपने नए उत्पादों में गुणवत्ता और टिकाऊपन को खास महत्व दिया है। इसके चलते कंपनी के ग्राहकों की संख्या लगातार बढ़ रही है और अब उसके ग्राहक 60 से ज्यादा देशों में हैं। इनमें अमेरिका, जापान, इटली, फ्रांस और जर्मनी जैसे प्रमुख ऑटोमोबाइल बाजार भी शामिल हैं। कंपनी के सभी उत्पाद वेदांता मेटल बाजार के जरिए भी उपलब्ध हैं। यह दुनिया का सबसे बड़ा नॉन-फेरस मेटल्स ई-स्टोर है। हाल ही में कंपनी ने अपने वैश्विक ग्राहकों के लिए इसमें नया एक्सपोर्ट मॉड्यूल भी शुरू किया है।

ओडिशा के झारसुगुड़ा और छत्तीसगढ़ के कोरबा (बाल्को) में स्थित वेदांता एल्युमीनियम के स्मेल्टर को टिकाऊ तरीके से काम करने के लिए दुनिया भर में मान्यता प्राप्त एल्युमीनियम स्टीवर्डशिप इनिशिएटिव (एएसआई) के परफॉर्मेंस स्टैंडर्ड से प्रमाणित किया गया है। इसके अलावा, कंपनी के उत्पादों की पूरी रेंज भारत में भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के सभी लागू मानकों के तहत प्रमाणित होने वाली पहली रेंज है। कंपनी का फोकस ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए काम करने पर है। इसके तहत जरूरत के अनुसार अलॉय तैयार करना, आधुनिक तकनीक से उत्पादन और पूरी तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जिससे ऑटोमोबाइल उद्योग को बेहतर उत्पाद और अधिक मूल्य मिल सके।