Wednesday, September 30, 2026
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LPG सब्सिडी, फ्री बस यात्रा और पेट्रोल-डीजल से जुड़े नियमों में बदलाव, 1 अक्टूबर से लागू होंगे नए नियम

नई दिल्ली : अक्टूबर महीने की शुरुआत के साथ ही देश में आम लोगों से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव होने जा रहा है। 1 अक्टूबर 2026 से LPG सब्सिडी, दिल्ली में महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा, पेट्रोल-डीजल और CNG की बिक्री, बैंक की बल्क FD, जन्म-मृत्यु पंजीकरण और NRI प्रॉपर्टी से जुड़े टैक्स नियमों में बदलाव लागू होंगे।

इनमें से कुछ नियमों का सीधा असर आम लोगों की जेब और रोजमर्रा की सुविधाओं पर पड़ सकता है। ऐसे में नए नियमों की जानकारी होना जरूरी है। आइए जानते हैं 1 अक्टूबर से कौन-कौन से बड़े बदलाव होने जा रहे हैं।

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LPG सब्सिडी के लिए बायोमेट्रिक ई-केवाईसी जरूरी

1 अक्टूबर से घरेलू LPG सिलेंडर पर मिलने वाली करीब 210 रुपये की सब्सिडी का लाभ लेने के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन यानी ई-केवाईसी जरूरी होगा। जिन उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी पूरी नहीं होगी, उन्हें सिलेंडर की डिलीवरी तो मिलेगी, लेकिन सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा और उन्हें बाजार मूल्य चुकाना पड़ सकता है।

इसके अलावा LPG की कालाबाजारी और दुरुपयोग रोकने के लिए सिलेंडर की डिलीवरी के दौरान रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP भेजे जाने की व्यवस्था भी लागू होगी। उपभोक्ता को डिलीवरी के समय यह OTP बताना होगा।

LPG सिलेंडर की कीमतों में भी बदलाव

तेल विपणन कंपनियां हर महीने की तरह 1 अक्टूबर को LPG सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करेंगी। इसके बाद घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर की नई कीमतें जारी की जाएंगी। नई दरों का असर उपभोक्ताओं के मासिक बजट पर पड़ सकता है।

दिल्ली में महिलाओं के लिए स्मार्ट कार्ड जरूरी

दिल्ली में महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को DTC और क्लस्टर बसों में मिलने वाली मुफ्त यात्रा व्यवस्था में भी बदलाव होगा। 30 सितंबर के बाद पुराने कागजी पिंक टिकट बंद हो जाएंगे।

1 अक्टूबर से मुफ्त बस यात्रा का लाभ लेने के लिए सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड (Saheli Pink Smart Card) जरूरी होगा। यात्रा के दौरान महिलाओं को कार्ड को बस की इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन पर टैप करना होगा।

बिना स्मार्ट कार्ड के यात्रा करने पर मुफ्त सफर की सुविधा नहीं मिलेगी और सामान्य यात्रियों की तरह किराया देकर टिकट लेना पड़ सकता है।

‘नो PUCC, नो फ्यूल’ नियम होगा लागू

दिल्ली-NCR में प्रदूषण नियंत्रण के लिए ‘नो PUCC, नो फ्यूल’ व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके तहत जिन वाहनों का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) वैध नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल पंप पर पेट्रोल, डीजल या CNG देने पर रोक रहेगी।

यानी वाहन मालिकों को ईंधन भरवाने से पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके वाहन का PUCC वैध है।

बैंक की बल्क FD के नियमों में बदलाव

RBI के नए निर्देशों के तहत 1 अक्टूबर से बैंकों की बल्क फिक्स्ड डिपॉजिट (Bulk FD) से जुड़ी व्यवस्था में बदलाव होगा। समान अवधि और समान राशि वाली बल्क FD पर पात्र ग्राहकों के लिए ब्याज दरों को लेकर एक समान व्यवस्था लागू होगी।

इसका असर बड़ी रकम की FD कराने वाले व्यक्तिगत ग्राहकों और संस्थानों पर पड़ सकता है।

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जन्म-मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया में बदलाव

जन्म या मृत्यु का पंजीकरण तय समय सीमा के भीतर नहीं कराने पर होने वाली विलंबित रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में भी बदलाव किया जाएगा। 1 अक्टूबर से इसके लिए शपथ पत्र, शुल्क और अन्य औपचारिकताओं से जुड़े नियमों को व्यवस्थित किया जाएगा।

इससे देरी से जन्म या मृत्यु पंजीकरण कराने की प्रक्रिया में बदलाव देखने को मिलेगा।

NRI की प्रॉपर्टी खरीद पर TDS प्रक्रिया आसान

NRI से जमीन या अचल संपत्ति खरीदने वाले भारतीय खरीदारों के लिए TDS से जुड़ी प्रक्रिया को आसान किया जाएगा। 1 अक्टूबर से खरीदारों को अलग से TAN लेने की जरूरत नहीं होगी।

इसके बजाय वे अपने PAN और नए Form 141 के जरिए TDS जमा कर सकेंगे। इससे NRI से प्रॉपर्टी खरीदने वाले लोगों के लिए टैक्स से जुड़ी प्रक्रिया पहले की तुलना में सरल हो सकती है।

New Rules from 1 October: 1 अक्टूबर से बदलेंगे कई नियम, LPG से UPI तक आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर

New Rules from 1 October: अक्टूबर 2026 की शुरुआत के साथ आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई नियमों में बदलाव होने जा रहा है। इनमें घरेलू LPG सिलेंडर की सब्सिडी, UPI से कारोबारियों के भुगतान, NRI से प्रॉपर्टी खरीदने की टैक्स प्रक्रिया, दिल्ली में महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा और ESIC के दायरे से जुड़े बदलाव शामिल हैं। इसके अलावा बैंक कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल भी अक्टूबर में बैंकिंग सेवाओं को प्रभावित कर सकती है।

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LPG सब्सिडी के लिए आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी

1 अक्टूबर से घरेलू LPG सिलेंडर पर सब्सिडी का लाभ लेने वाले पात्र उपभोक्ताओं के लिए Biometric Aadhaar Authentication (BAA) जरूरी होगा। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, 27.43 करोड़ सक्रिय घरेलू LPG ग्राहकों में करीब 89.9 फीसदी उपभोक्ता पहले ही यह प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं।

जिन ग्राहकों ने आधार ऑथेंटिकेशन करा लिया है, उन्हें दोबारा प्रक्रिया पूरी करने की जरूरत नहीं होगी। वहीं, जिन पात्र उपभोक्ताओं ने अभी तक BAA नहीं कराया है, उन्हें सब्सिडी का लाभ लेने के लिए यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

सरकार के अनुसार, सितंबर में 14.2 किलो के घरेलू LPG सिलेंडर पर करीब 210 रुपये की अप्रत्यक्ष सब्सिडी थी। BAA डिलीवरी के समय, गैस एजेंसी के कार्यालय में या संबंधित कंपनियों के मोबाइल ऐप के जरिए कराया जा सकता है।

UPI भुगतान पर नया MDR, ग्राहकों से सीधे शुल्क नहीं

UPI से जुड़े नियमों में भी अक्टूबर में बदलाव प्रस्तावित है। 15 अक्टूबर से चुनिंदा 2,000 रुपये से अधिक के P2M यानी ग्राहक से कारोबारी भुगतान पर 0.4 फीसदी MDR लागू करने का प्रस्ताव है। 75,000 रुपये या उससे अधिक के भुगतान पर यह शुल्क अधिकतम 300 रुपये तक सीमित रहेगा।

हालांकि, यह शुल्क सीधे आम ग्राहक से लेने की अनुमति नहीं है। P2P यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के भुगतान और 2,000 रुपये तक के P2M ट्रांजैक्शन इस MDR के दायरे से बाहर रहेंगे।

सरकार के मुताबिक करीब 96 फीसदी P2M लेनदेन इस बदलाव से प्रभावित नहीं होंगे। हालांकि, कारोबारी संगठनों का कहना है कि MDR लागू होने से उनकी लागत बढ़ सकती है।

NRI से प्रॉपर्टी खरीदने की टैक्स प्रक्रिया होगी आसान

1 अक्टूबर से NRI से अचल संपत्ति खरीदने वाले निवासी व्यक्ति या HUF के लिए TDS प्रक्रिया में बदलाव होगा। नए आयकर कानून के तहत PAN आधारित प्रक्रिया और Form 141 का इस्तेमाल किया जाएगा।

इस बदलाव के बाद संबंधित खरीदारों के लिए अलग से TAN लेने की जरूरत वाली अनुपालन प्रक्रिया को आसान किया जाएगा। हालांकि, NRI से प्रॉपर्टी खरीदने पर TDS की जिम्मेदारी खत्म नहीं होगी। खरीदार को लागू टैक्स नियमों के अनुसार TDS काटकर जमा करना होगा।

बड़ी प्रॉपर्टी खरीद के मामले में खरीदारों को लागू दर और प्रक्रिया की पुष्टि टैक्स विशेषज्ञ से करने की सलाह दी जाती है।

मध्य प्रदेश के 24 जिलों में बढ़ेगा ESIC का दायरा

1 अक्टूबर से मध्य प्रदेश के 24 जिलों में ESIC का दायरा बढ़ाने की व्यवस्था लागू होगी। इसके तहत अधिसूचना के दायरे में आने वाले पात्र प्रतिष्ठानों और कर्मचारियों को ESIC की स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।

इस बदलाव का असर कर्मचारियों और नियोक्ताओं के निर्धारित योगदान पर भी पड़ेगा। कर्मचारियों के लिए इसका मुख्य लाभ सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य कवर के विस्तार के रूप में होगा।

दिल्ली में महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा के लिए स्मार्ट कार्ड जरूरी

दिल्ली में महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों की मुफ्त DTC और क्लस्टर बस यात्रा की व्यवस्था में भी बदलाव होगा। 30 सितंबर तक पेपर पिंक टिकट की व्यवस्था जारी रहेगी।

1 अक्टूबर से मुफ्त यात्रा के लिए Saheli Pink Smart Card से टैप करना जरूरी होगा। जिन यात्रियों के पास स्मार्ट कार्ड नहीं होगा, उन्हें सामान्य टिकट लेकर बस किराया देना पड़ सकता है।

स्मार्ट कार्ड पहली बार मुफ्त जारी किया जाएगा। कार्ड खोने या खराब होने की स्थिति में नया कार्ड लेने के लिए 59 रुपये का शुल्क देना होगा।

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अक्टूबर में बैंक हड़ताल से भी बढ़ सकती है परेशानी

अक्टूबर में बैंकिंग सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है। बैंक यूनियनों ने पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने, पेंशन में सुधार, पेंशनर्स के लिए समान महंगाई भत्ता फॉर्मूला और NPS से जुड़े कर्मचारियों को पुरानी पेंशन व्यवस्था में जाने का विकल्प देने समेत कई मांगें रखी हैं।

यूनियनों ने मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है। अगर हड़ताल होती है, तो बैंक शाखाओं की सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि, डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन भुगतान सेवाओं की स्थिति अलग हो सकती है।

बालको में सुरक्षा संस्कृति को मिला नया बल, पांच वर्षों में 27,000 से अधिक लोगों को सुरक्षा प्रशिक्षण

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कोरबा : भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) में सुरक्षा केवल नियमों और प्रक्रियाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह काम करने के तरीके और व्यवहार का अभिन्न हिस्सा है। बालको ने अनिवार्य सुरक्षा प्रशिक्षण, व्यावहारिक गतिविधियों और सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से कर्मचारियों, व्यावसायिक साझेदारों, आगंतुकों और आसपास के समुदायों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता को बढ़ावा दिया है। इन प्रयासों का उद्देश्य ‘जीरो हार्म’ की संस्कृति को मजबूत करना और सभी के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना है

बालको में सभी कर्मचारियों, व्यावसायिक साझेदारों और आगंतुकों के लिए सुरक्षा इंडक्शन अनिवार्य है। इसके माध्यम से कार्यस्थल पर मौजूद संभावित जोखिमों और जरूरी सुरक्षा नियमों की जानकारी दी जाती है। प्रचालन क्षेत्र में प्रवेश से पहले प्रतिभागियों को सुरक्षा प्रक्रियाओं से परिचित कराया जाता है और इसके बाद सुरक्षा से जुड़ा आकलन भी किया जाता है। पिछले पांच वर्षों में बालको ने 27,000 से अधिक लोगों को सुरक्षा इंडक्शन दिया है। वहीं, वित्तवर्ष 2026 में 2.30 लाख से अधिक मैन-आवर्स का सुरक्षा प्रशिक्षण पूरा किया गया।

सुरक्षा को व्यवहार का हिस्सा बनाने पर बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक श्री राजेश कुमार सिंह ने कहा, “बालको में सुरक्षा हमारे काम करने, नेतृत्व करने और हर दिन निर्णय लेने का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जीरो हार्म हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। जागरूकता, जिम्मेदारी और एक-दूसरे की चिंता के माध्यम से हम सुरक्षा को अपने व्यवहार का हिस्सा बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं, ताकि हर व्यक्ति सुरक्षित रूप से घर लौटे।”

बालको ने सुरक्षा प्रशिक्षण को नियमित गतिविधियों से आगे बढ़ाकर व्यवहार में शामिल करने के लिए कई कार्यक्रम शुरू किए हैं। ‘सुरक्षा संकल्प’ के माध्यम से लगभग पांच वर्षों से कर्मचारियों और व्यावसायिक साझेदारों के बीच सुरक्षा जागरूकता बढ़ाई जा रही है। हर सत्र में अलग विषय के माध्यम से सुरक्षा के बेहतर तरीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता है।

‘सुरक्षा स्टीवर्ड’ के तहत शॉप फ्लोर से चुने गए सुरक्षा चैंपियन अपने साथियों को सुरक्षित कार्य पद्धतियों के लिए प्रेरित करते हैं। ‘सुरक्षा पहल’ सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाती है, जबकि ‘सुरक्षा ज्योति’ के माध्यम से सुपरवाइजरों को सुरक्षा से जुड़ा प्रशिक्षण देकर उनके नेतृत्व कौशल को मजबूत किया जाता है। वहीं, ‘सुरक्षा प्रहरी’ और ‘सुरक्षा चौपाल’ जैसे संवादात्मक मंचों के माध्यम से वरिष्ठ प्रबंधन और सुपरवाइजर सुरक्षा से जुड़े विषयों, चुनौतियों और बेहतर कार्यप्रणालियों पर सीधे संवाद करते हैं।

इस वर्ष की शुरुआत में बालको ने ‘सेफ्टी पार्क’ भी शुरू किया। यह एक अनुभव आधारित प्रशिक्षण केंद्र है, जहाँ मॉडल, व्यावहारिक मॉड्यूल और दृश्य प्रस्तुतियों के माध्यम से सुरक्षा नियमों को आसानी से समझाया जाता है। इससे प्रतिभागियों को सुरक्षा प्रक्रियाओं को देखकर और समझकर सीखने का अवसर मिलता है।सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में बालको के प्रयासों को ग्लोबल रोड सेफ्टी अवॉर्ड 2026 से भी सम्मानित किया गया है। यह सम्मान बालको द्वारा सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की पहचान है।

Ganesh Jhanki 2026: राजधानी में झांकी को लेकर सुरक्षा व्यवस्था सख्त, 2000 पुलिसकर्मी तैनात; शराब बिक्री पर रोक

Ganesh Jhanki 2026: राजधानी रायपुर में गणेश विसर्जन की पारंपरिक झांकी आज रात 9 बजे शारदा चौक से शुरू होगी। झांकी में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और पार्किंग की व्यापक व्यवस्था की है। पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने के बाद रायपुर में यह पहली गणेश विसर्जन झांकी होगी।

झांकी के दौरान शहर में सुरक्षा व्यवस्था के लिए करीब 2000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है। झांकी रूट के अलावा शहर के अन्य प्रमुख मार्गों पर भी पेट्रोलिंग पार्टियां सक्रिय रहेंगी। निगरानी के लिए वॉच टॉवर के साथ ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं आपराधिक गतिविधियों पर नजर रखने और कार्रवाई के लिए एसीसीयू क्राइम ब्रांच की 20 टीमें भी तैनात रहेंगी।

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शाम 6 बजे से बदलेगा ट्रैफिक रूट

प्रशासन ने झांकी के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए शाम 6 बजे से पारंपरिक झांकी मार्ग पर बैरिकेडिंग शुरू करने की तैयारी की है। झांकी रूट पर आने वाली सड़कों से ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्गों की ओर डायवर्ट किया जाएगा।

इसके अलावा रात 12 बजे से सुबह 5 बजे तक शहर में भारी मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी शाम 5 बजे से शुरू होगी।

तीन लेयर में सुरक्षा व्यवस्था

झांकी की सुरक्षा के लिए तीन स्तरों वाली सुरक्षा व्यवस्था तैयार की गई है। पूरे झांकी मार्ग को 6 सुरक्षा जोन और 30 सेक्टरों में बांटा गया है। प्रत्येक जोन में डीसीपी के नेतृत्व में एडिशनल डीसीपी स्तर के अधिकारी प्रभारी के रूप में मौजूद रहेंगे। सभी सेक्टरों की जिम्मेदारी भी अधिकारियों को सौंपी गई है।

झांकी मार्ग पर ड्रोन से निगरानी के साथ वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जाएगी। पुलिस का फोकस भीड़ प्रबंधन के साथ असामाजिक और आपराधिक गतिविधियों पर रहेगा।

शाम 4 बजे से शराब दुकानें बंद

झांकी के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रायपुर नगर निगम क्षेत्र के अलावा बिरगांव, उरला, सिलतरा और डूंडा क्षेत्र की देशी-विदेशी शराब दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। आबकारी विभाग के आदेश के अनुसार आज शाम 4 बजे से संबंधित शराब दुकानों को सील किया जाएगा।

यह निर्णय झांकी के दौरान नशे में हंगामा और असामाजिक गतिविधियों को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है।

सदरबाजार में साउंड सिस्टम की आवाज पर निगरानी

नगर निगम ने सदरबाजार क्षेत्र का निरीक्षण कर 10 जर्जर मकानों को नोटिस जारी करने के बाद सील किया है। झांकी देखने के लिए लोगों के इन मकानों की छतों पर चढ़ने पर रोक रहेगी और पुलिस की तैनाती भी की जाएगी।

सदरबाजार में साउंड सिस्टम की आवाज सीमित रखने के निर्देश दिए गए हैं। शोर की निगरानी के लिए मशीन लगाई जाएगी। 50 डेसिबल से अधिक आवाज मिलने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

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यहां होगी वाहनों की पार्किंग

झांकी देखने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग क्षेत्रों के अनुसार पार्किंग की व्यवस्था की गई है।

  • तेलीबांधा, पंडरी और राजातालाब क्षेत्र से आने वाले लोग शहीद स्मारक भवन के पास वाहन पार्क कर सकेंगे।
  • कटोरा तालाब और टिकरापारा क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए गांधी मैदान के पास पार्किंग रहेगी।
  • मठपारा और पुरानी बस्ती क्षेत्र के लोग इंडोर स्टेडियम के पास वाहन खड़ा कर सकेंगे।
  • विवेकानंद आश्रम, लाखेनगर, समता कॉलोनी और चौबे कॉलोनी क्षेत्र से आने वाले लोगों के लिए ईदगाह भाठा मैदान और नवीन मार्केट में पार्किंग की व्यवस्था की गई है।

इन वैकल्पिक मार्गों से जारी रहेगा आवागमन

ट्रैफिक डायवर्जन के बावजूद शहर के कई प्रमुख मार्गों से वाहनों की आवाजाही जारी रहेगी।

तेलीबांधा-शास्त्री चौक से टाटीबंध जाने वाले वाहन शास्त्री चौक से कालीबाड़ी, पचपेढ़ी नाका और रिंग रोड-1 होकर जा सकेंगे।

फाफाडीह चौक से आने-जाने वाले वाहन स्टेशन रोड, चौबे कॉलोनी और समता कॉलोनी की ओर से आवागमन कर सकेंगे। वहीं खमतराई-फाफाडीह क्षेत्र के वाहन चालक रिंग रोड-2 का इस्तेमाल कर सकेंगे।

धमतरी रोड और पचपेढ़ी नाका से रेलवे स्टेशन या मेकाहारा की ओर जाने वाले वाहन कालीबाड़ी चौक, शास्त्री चौक और मरही माता चौक होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।

शारदा चौक से शुरू होगी झांकी

गणेश विसर्जन की झांकी रात 9 बजे शारदा चौक से शुरू होकर जयस्तंभ चौक, मालवीय रोड, कोतवाली चौक, सदरबाजार, कंकाली तालाब रोड, पुरानी बस्ती, लाखेनगर और सुंदरनगर होते हुए रायपुरा महादेवघाट की ओर जाएगी।

श्रद्धालुओं से प्रशासन ने निर्धारित पार्किंग स्थलों का इस्तेमाल करने और यातायात व्यवस्था के लिए जारी किए गए डायवर्जन प्लान का पालन करने की अपील की है।

LPG New Rules October 2026: LPG सिलेंडर पर 1 अक्टूबर से बदलेंगे 3 बड़े नियम, सब्सिडी और e-KYC को लेकर जानें पूरी जानकारी

LPG New Rules October 2026: देशभर में 1 अक्टूबर 2026 से रसोई गैस (LPG) सिलेंडर से जुड़े नियमों में कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू होने जा रहे हैं। नए नियमों का असर सब्सिडी, ई-केवाईसी, सिलेंडर बुकिंग और LPG कनेक्शन की निगरानी पर पड़ेगा। अगर आप Indane, HP Gas या Bharat Gas के उपभोक्ता हैं, तो इन बदलावों की जानकारी आपके लिए जरूरी है।

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सब्सिडी के लिए बायोमेट्रिक e-KYC जरूरी

नए नियमों के तहत सरकारी सब्सिडी का लाभ लेने के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन यानी e-KYC पूरा करना जरूरी होगा। जिन उपभोक्ताओं की e-KYC पूरी नहीं होगी, उन्हें मिलने वाली 210 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी रोकी जा सकती है। ऐसे ग्राहकों को सिलेंडर बाजार मूल्य पर लेना होगा।

हालांकि, e-KYC नहीं कराने पर LPG कनेक्शन तुरंत रद्द नहीं होगा और सिलेंडर की डिलीवरी जारी रहेगी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक करीब 89.9 प्रतिशत LPG उपभोक्ता पहले ही सत्यापन पूरा कर चुके हैं। ऐसे ग्राहकों को दोबारा प्रक्रिया कराने की जरूरत नहीं होगी।

हर महीने जारी होंगी LPG की नई कीमतें

तेल विपणन कंपनियां LPG सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा आमतौर पर हर महीने की पहली तारीख को करती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और अन्य लागतों के आधार पर घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडरों की कीमतों में बदलाव हो सकता है।

ऐसे में 1 अक्टूबर 2026 को भी LPG सिलेंडर के नए रेट जारी किए जाएंगे। कीमत बढ़ेगी या घटेगी, यह उस समय जारी होने वाली आधिकारिक दरों पर निर्भर करेगा।

दो सिलेंडर बुकिंग के बीच 25 दिन का अंतर

LPG रिफिल बुकिंग को लेकर भी नया नियम लागू किया गया है। अब पिछला सिलेंडर डिलीवर होने के 25 दिन बाद ही अगला सिलेंडर बुक किया जा सकेगा।

पहले ग्रामीण क्षेत्रों में दो रिफिल के बीच 45 दिनों का अंतर निर्धारित था। अब ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए यह अवधि 25 दिन कर दी गई है।

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फर्जी कनेक्शन और घरेलू सिलेंडर के दुरुपयोग पर निगरानी

बायोमेट्रिक e-KYC व्यवस्था का उद्देश्य LPG सब्सिडी के दुरुपयोग और फर्जी कनेक्शनों की पहचान करना भी है। इसके जरिए एक ही व्यक्ति के नाम पर चल रहे डुप्लीकेट कनेक्शन की पहचान करने और घरेलू सब्सिडी वाले सिलेंडरों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर निगरानी बढ़ाने में मदद मिलेगी।

LPG e-KYC स्टेटस कैसे चेक करें?

अगर आपको यह पता करना है कि आपके LPG कनेक्शन की e-KYC पूरी है या नहीं, तो आप अपने गैस वितरक की आधिकारिक वेबसाइट या MyLPG पोर्टल के जरिए स्टेटस चेक कर सकते हैं। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर अपने नजदीकी LPG डिस्ट्रीब्यूटर से भी संपर्क किया जा सकता है।

ध्यान दें: LPG की कीमत और सब्सिडी से जुड़े नियम समय-समय पर सरकारी आदेशों और तेल विपणन कंपनियों के निर्देशों के अनुसार बदल सकते हैं। इसलिए अंतिम दर और पात्रता की जानकारी के लिए आधिकारिक सूचना को ही आधार मानें।

सड़क पर छेड़खानी या बदतमीजी हो तो तुरंत करें ये काम, 3 हेल्पलाइन नंबर और पैनिक बटन आएंगे काम

नई दिल्ली : सड़क पर महिलाओं और लड़कियों के साथ छेड़खानी और बदतमीजी की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। हाल ही में बिहार के जमुई और समस्तीपुर से भी ऐसे मामले सामने आए, जिनमें युवतियों के साथ सार्वजनिक जगहों पर बदसलूकी की गई। ऐसी परिस्थितियों में सतर्कता के साथ तुरंत मदद लेना जरूरी है।

महिलाओं और लड़कियों को सुनसान इलाकों में अकेले जाने से बचना चाहिए। हालांकि, भीड़भाड़ वाले या सामान्य सार्वजनिक स्थानों पर भी अगर कोई व्यक्ति छेड़खानी या बदतमीजी करता है, तो घबराने के बजाय कुछ जरूरी कदम उठाए जा सकते हैं।

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छेड़खानी होने पर तुरंत क्या करें?

अगर सड़क पर कोई व्यक्ति छेड़खानी या बदतमीजी करता है और आपको असुरक्षित महसूस हो रहा है, तो तुरंत मदद मांगें। पुलिस सहायता के लिए 112, महिला हेल्पलाइन 181 या 1091 पर संपर्क किया जा सकता है।

संभव हो तो आसपास मौजूद लोगों से मदद के लिए आवाज लगाएं और किसी नजदीकी दुकान, पुलिस बूथ या भीड़भाड़ वाली सुरक्षित जगह पर पहुंचने की कोशिश करें। स्थिति सुरक्षित हो तो आरोपी के वाहन का नंबर, फोटो या वीडियो जैसी जानकारी सुरक्षित रखना पुलिस शिकायत में मददगार हो सकता है।

बस में छेड़खानी हो तो पैनिक बटन का करें इस्तेमाल

बस में सफर के दौरान अगर किसी महिला या लड़की के साथ छेड़खानी या कोई अन्य आपात स्थिति होती है, तो उपलब्ध पैनिक बटन का इस्तेमाल किया जा सकता है। सरकारी और निजी बसों में आपातकालीन सहायता के लिए पैनिक बटन की व्यवस्था लागू करने का प्रावधान किया गया है। इसे दबाने पर संबंधित सिस्टम के जरिए स्थानीय पुलिस या संबंधित सहायता तंत्र तक अलर्ट पहुंचाया जा सकता है।

छेड़खानी के मामलों में क्या है कानूनी प्रावधान?

महिलाओं के साथ छेड़खानी, आपराधिक बल या उनकी गरिमा भंग करने से जुड़े मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत कार्रवाई का प्रावधान है।

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BNS की धारा 74 के तहत किसी महिला की लज्जा भंग करने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग करने पर मामला दर्ज किया जा सकता है। इसमें 1 से 5 साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।

वहीं, किसी महिला का लगातार पीछा करना या उसकी इच्छा के विरुद्ध बार-बार संपर्क करने की कोशिश करना BNS की धारा 78 के तहत अपराध है। पहली बार दोषसिद्धि होने पर इसमें 3 साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।

ऐसी स्थिति में सबसे जरूरी है कि महिला या लड़की अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दे, सुरक्षित स्थान पर पहुंचे और जरूरत पड़ने पर तुरंत पुलिस या हेल्पलाइन की मदद ले।

LPG ग्राहकों के लिए जरूरी खबर, नई डेडलाइन से पहले करा लें e-KYC, वरना 1 अक्टूबर से जेब पर पड़ेगा असर

LPG e-KYC Deadline: घरेलू LPG गैस कनेक्शन को लेकर उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर है। गैस कनेक्शन की e-KYC प्रक्रिया पूरी करने की डेडलाइन एक बार फिर बढ़ा दी गई है। अब उपभोक्ताओं को 30 सितंबर 2026 तक e-KYC कराने का मौका दिया गया है। इससे पहले यह समयसीमा 14 सितंबर तक तय की गई थी।

सरकार की ओर से लगातार e-KYC कराने की अपील के बावजूद बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने अब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है। ऐसे में अब उन्हें अंतिम समयसीमा के भीतर KYC पूरा करने के लिए कहा गया है।

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1 अक्टूबर से क्या बदल सकता है?

जिन LPG उपभोक्ताओं की e-KYC प्रक्रिया तय समय तक पूरी नहीं होगी, उन्हें सब्सिडी वाला गैस सिलेंडर नहीं मिल सकेगा। हालांकि, इससे गैस कनेक्शन बंद नहीं होगा। ऐसे उपभोक्ताओं को बाजार मूल्य पर बिना सब्सिडी वाला सिलेंडर उपलब्ध कराया जा सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, तेल कंपनियां LPG सिलेंडर के लिए दोहरी कीमत व्यवस्था लागू करने की तैयारी में हैं। यह व्यवस्था करीब एक दशक बाद दोबारा लागू की जा सकती है। हालांकि, इसके संबंध में अंतिम तारीख और विस्तृत नियम संबंधित कंपनियों की ओर से स्पष्ट किए जाएंगे।

LPG उपभोक्ताओं को क्या करना होगा?

अगर आपके LPG कनेक्शन का बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन (BAA) अभी तक पूरा नहीं हुआ है, तो जल्द से जल्द e-KYC करा लें। यह प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से पूरी की जा सकती है।

ऑनलाइन e-KYC के लिए संबंधित LPG कंपनी का मोबाइल ऐप इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके साथ आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन के लिए UIDAI का Aadhaar FaceRD ऐप भी जरूरी हो सकता है। ऐप में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉगिन करने के बाद e-KYC विकल्प चुनकर आवश्यक जानकारी भरनी होगी और फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करना होगा।

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गैस एजेंसी में भी करा सकते हैं e-KYC

अगर ऑनलाइन e-KYC करने में परेशानी आ रही है तो उपभोक्ता अपनी संबंधित गैस एजेंसी पर जाकर भी यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। कनेक्शनधारक को अपना आधार कार्ड लेकर एजेंसी जाना होगा। वहां बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के जरिए e-KYC पूरी की जा सकती है।

e-KYC की यह प्रक्रिया मुफ्त है। इसलिए उपभोक्ताओं को इसके लिए किसी तरह का शुल्क देने की जरूरत नहीं है। सब्सिडी का लाभ जारी रखने के लिए 30 सितंबर 2026 तक e-KYC प्रक्रिया पूरी करना जरूरी बताया गया है।

F-35 से राफेल-तेजस तक… पाकिस्तान बॉर्डर के पास 7 देशों का युद्धाभ्यास, आसमान में दिखेगी ताकत

भारतीय वायुसेना का बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास तरंग शक्ति-2 इस बार पहले से बड़े स्तर पर आयोजित होने जा रहा है। 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर होने वाले इस अभ्यास में पहली बार अमेरिका का अत्याधुनिक F-35 स्टेल्थ फाइटर जेट हिस्सा लेगा। अभ्यास में कुल सात देशों की वायु सेनाएं शामिल होंगी। वहीं, भारत अपने राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, तेजस, मिराज-2000, मिग-29 और जैगुआर जैसे प्रमुख लड़ाकू विमानों के साथ अपनी हवाई क्षमता का प्रदर्शन करेगा।

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सात देशों की वायु सेनाएं होंगी शामिल

भारतीय वायुसेना के अनुसार, तरंग शक्ति-2 में अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, श्रीलंका और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की वायु सेनाएं हिस्सा लेंगी। अभ्यास का मुख्य उद्देश्य भाग लेने वाले देशों के बीच सैन्य सहयोग बढ़ाना, संयुक्त अभियानों की क्षमता को मजबूत करना और आपसी परिचालन अनुभव साझा करना है।

जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर आयोजित होने वाला यह अभ्यास करीब दो सप्ताह तक चलेगा, जिसमें अलग-अलग देशों के लड़ाकू विमान और अन्य एयर एसेट्स संयुक्त गतिविधियों में हिस्सा लेंगे।

पहली बार तरंग शक्ति में शामिल होगा F-35

इस अभ्यास का सबसे बड़ा आकर्षण अमेरिका का F-35 स्टेल्थ फाइटर जेट होगा। F-35 ने एयरो इंडिया 2025 में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी, लेकिन बहुराष्ट्रीय तरंग शक्ति अभ्यास में पहली बार हिस्सा लेगा।

इसके अलावा फ्रांस का राफेल और UAE का F-16 भी अभ्यास में शामिल होंगे। बांग्लादेश की ओर से C-130J जैसे विमान भी हिस्सा लेंगे। इससे विभिन्न देशों की वायु सेनाओं को एक साथ प्रशिक्षण और संचालन का अवसर मिलेगा।

राफेल से तेजस तक भारत के प्रमुख फाइटर जेट होंगे शामिल

भारतीय वायुसेना भी इस अभ्यास में अपनी प्रमुख हवाई ताकत का प्रदर्शन करेगी। भारत की ओर से शामिल होने वाले प्रमुख लड़ाकू विमानों में:

  • राफेल
  • सुखोई-30 एमकेआई
  • तेजस
  • मिराज-2000
  • मिग-29
  • जैगुआर

शामिल हैं। वायुसेना के करीब 60 से 80 एयर एसेट्स अभ्यास का हिस्सा बन सकते हैं। इनमें हवाई उड़ान प्रदर्शन के साथ-साथ स्थिर प्रदर्शनी भी शामिल होगी।

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संयुक्त युद्धाभ्यास में दिखेगी अलग-अलग देशों की ताकत

तरंग शक्ति-2 के दौरान विभिन्न देशों के लड़ाकू विमान संयुक्त हवाई अभियानों और सामरिक अभ्यास में हिस्सा लेंगे। इसका उद्देश्य अलग-अलग देशों की वायु सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल और संयुक्त संचालन क्षमता विकसित करना है।

F-35, राफेल, F-16, तेजस और सुखोई-30 एमकेआई जैसे अलग-अलग श्रेणी के विमानों की मौजूदगी अभ्यास को खास बनाएगी।

वीर गार्जियन के बाद जोधपुर में होगा तरंग शक्ति-2

तरंग शक्ति-2 से पहले भारत-जापान द्विपक्षीय अभ्यास वीर गार्जियन का आयोजन भी जोधपुर में होगा। वीर गार्जियन 9 से 22 सितंबर तक आयोजित किया जाएगा। इसके तुरंत बाद जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर तरंग शक्ति-2 शुरू होगा।

इस तरह सितंबर के अंत से अक्टूबर तक जोधपुर भारतीय वायुसेना और मित्र देशों की वायु सेनाओं की संयुक्त गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बना रहेगा।

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LPG Cylinder Price: अगर आपके पास घरेलू LPG कनेक्शन है और आपने अभी तक e-KYC की प्रक्रिया पूरी नहीं की है, तो जल्द ही आपको बिना सब्सिडी वाला सिलेंडर मिल सकता है। तेल कंपनियां LPG कनेक्शन के सत्यापन को लेकर नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी में हैं। इसके तहत e-KYC की स्थिति के आधार पर उपभोक्ताओं को अलग-अलग कीमत पर LPG सिलेंडर मिलने की व्यवस्था की जा सकती है।

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम की ओर से गैस एजेंसियों को दिए गए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, e-KYC पूरा नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं के लिए 5 किलो और 10 किलो के LPG सिलेंडर का विकल्प उपलब्ध कराया जा सकता है। इन सिलेंडरों की कीमत बाजार दर के आधार पर होगी।

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10 साल बाद फिर दोहरी कीमत व्यवस्था की तैयारी

करीब एक दशक बाद घरेलू LPG के लिए दोहरी कीमत व्यवस्था लागू किए जाने की तैयारी की जा रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत e-KYC पूरा कराने वाले पात्र उपभोक्ताओं को सब्सिडी का लाभ मिल सकता है, जबकि e-KYC नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को बाजार मूल्य पर LPG सिलेंडर लेना पड़ सकता है।

हालांकि, इस व्यवस्था को लागू करने की अंतिम तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। तेल कंपनियों की ओर से जल्द ही इसकी तारीख और विस्तृत नियम जारी किए जाने की संभावना है।

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घरेलू LPG सिलेंडर के हो सकते हैं दो रेट

नई व्यवस्था लागू होने के बाद घरेलू LPG सिलेंडर के लिए दो अलग-अलग कीमतें निर्धारित हो सकती हैं। मौजूदा कीमत करीब 952 रुपये बताई जा रही है, जिसमें 12 रुपये की सब्सिडी शामिल है।

प्रस्तावित व्यवस्था में e-KYC पूरा नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को बाजार दर पर बिना सब्सिडी वाला सिलेंडर दिया जा सकता है। उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए भी बाजार दर से जुड़ी व्यवस्था लागू होने की बात कही गई है। ऐसे में उपभोक्ताओं के लिए e-KYC पूरा कराना महत्वपूर्ण हो सकता है।

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Train Late Refund: ट्रेन में लंबी देरी के कारण मानसिक, शारीरिक और आर्थिक परेशानी झेलने वाले एक रेल यात्री के पक्ष में झारखंड के उपभोक्ता आयोग ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। सितंबर 2024 में एक यात्री ने टाटानगर से संबलपुर जाने के लिए इस्पात एक्सप्रेस में स्लीपर क्लास की दो टिकट बुक की थीं। हालांकि, ट्रेन निर्धारित समय से 8 घंटे 48 मिनट की देरी से संबलपुर पहुंची।

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ट्रेन की लंबी देरी से हुए नुकसान के बाद यात्री ने रेलवे को कानूनी नोटिस भेजा और इसके बाद उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराई। रेलवे ने मामले को रेलवे क्लेम ट्रिब्यूनल (RCT) के अधिकार क्षेत्र में आने की दलील दी, लेकिन उपभोक्ता आयोग ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया।

आयोग के अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह और सदस्यों ने मामले में रेलवे की सेवा में कमी मानी। आयोग ने रेलवे को 45 दिनों के भीतर ₹30,000 मुआवजा और ₹5,000 मुकदमा खर्च, यानी कुल ₹35,000 जमा करने का आदेश दिया।

ट्रेन लेट होने पर यात्रियों को कौन-कौन से अधिकार मिलते हैं?

रेलवे के रिफंड नियमों के तहत कुछ परिस्थितियों में ट्रेन के निर्धारित समय से अधिक देरी होने पर यात्री टिकट रद्द कराकर रिफंड प्राप्त कर सकते हैं। यदि ट्रेन अपने शुरुआती स्टेशन से 3 घंटे या उससे अधिक देरी से चल रही है और यात्री यात्रा नहीं करना चाहता, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत बिना कैंसिलेशन शुल्क के पूरा किराया वापस पाने का प्रावधान है।

अगर पहली ट्रेन की देरी के कारण यात्री की कनेक्टिंग ट्रेन छूट जाती है, तो कुछ शर्तों के तहत कनेक्टिंग यात्रा का किराया भी वापस मिल सकता है। इसके लिए बुकिंग के समय IRCTC पर कनेक्टिंग जर्नी से संबंधित विकल्प और लागू नियमों का पालन जरूरी है।

वहीं, राजधानी, शताब्दी और दुरंतो जैसी प्रीमियम ट्रेनों में लंबी देरी की स्थिति में यात्रियों को खान-पान और पानी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रावधान हैं। तेजस एक्सप्रेस जैसी कुछ ट्रेनों में देरी की स्थिति में यात्रा बीमा से जुड़े मुआवजे के प्रावधान भी लागू हो सकते हैं।

रिफंड के लिए TDR करना जरूरी

ट्रेन लेट होने की स्थिति में रिफंड अपने आप खाते में ट्रांसफर नहीं होता। पात्र यात्री को निर्धारित नियमों और समय-सीमा के भीतर TDR (Ticket Deposit Receipt) फाइल करना होता है।

ऑनलाइन ई-टिकट के लिए ऐसे फाइल करें TDR

  • सबसे पहले IRCTC की वेबसाइट या आधिकारिक ऐप पर लॉगिन करें।
  • My Bookings में जाकर संबंधित टिकट चुनें।
  • File TDR विकल्प पर क्लिक करें।
  • कारणों की सूची में ट्रेन के 3 घंटे से अधिक देरी से चलने और यात्रा नहीं करने से संबंधित विकल्प चुनें।
  • इसके बाद TDR सबमिट करें।
  • ध्यान रखें कि इस स्थिति में TDR फाइल करने की समय-सीमा का पालन करना जरूरी है।

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काउंटर टिकट पर कैसे मिलेगा रिफंड?

अगर आपने रेलवे स्टेशन के काउंटर से पेपर टिकट खरीदा है और ट्रेन निर्धारित प्रस्थान समय से 3 घंटे या उससे अधिक देरी से चल रही है, तो यात्रा नहीं करने की स्थिति में निर्धारित नियमों के अनुसार टिकट काउंटर पर टिकट सरेंडर कर रिफंड का दावा किया जा सकता है।

ज्यादा नुकसान होने पर उपभोक्ता आयोग का रुख

अगर ट्रेन की लंबी देरी के कारण यात्री को वास्तविक आर्थिक नुकसान हुआ है, जैसे फ्लाइट छूटना, महत्वपूर्ण कार्यक्रम या इंटरव्यू मिस होना अथवा अन्य दस्तावेजी नुकसान, तो उपलब्ध कानूनी विकल्पों के तहत उपभोक्ता आयोग का रुख किया जा सकता है। हालांकि, मुआवजे का दावा मामले के तथ्यों और नुकसान के प्रमाण पर निर्भर करता है।

ऐसे मामलों में ट्रेन की देरी का आधिकारिक रिकॉर्ड, टिकट, यात्रा से जुड़े दस्तावेज और आर्थिक नुकसान के प्रमाण सुरक्षित रखना महत्वपूर्ण है।

शिकायत के लिए राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 1915 का उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के ई-दाखिल पोर्टल के जरिए ऑनलाइन शिकायत भी दाखिल की जा सकती है।

इस मामले से यह स्पष्ट होता है कि ट्रेन में अत्यधिक देरी होने पर यात्रियों के पास केवल टिकट रिफंड का ही विकल्प नहीं होता। यदि देरी के कारण वास्तविक और प्रमाणित नुकसान हुआ है, तो परिस्थितियों के अनुसार उपभोक्ता कानून के तहत भी राहत मांगने का रास्ता उपलब्ध हो सकता है।