Tuesday, August 11, 2026
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100 KM दूर से दुश्मन का होगा खात्मा! टारगेट लॉक होते ही अचूक वार करती है भारत की ‘अस्त्र’ मिसाइल

भारत डिफेंस सेक्टर में तेजी से आत्मनिर्भर होता जा रहा है. भारत खुद के लिए तो एडवांस मिसाइलों से लेकर फाइटर जेट बना रहा है साथ ही दुनिया के दूसरे देशों को एक्सपोर्ट भी कर रहा है. हाल ही में पीएम मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान ऐसी ही एक भारतीय मिसाइल की डील हुई है. यह मिसाइल है ‘अस्त्र’. ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल के बाद अब इंडोनेशिया ने भारत की स्वदेशी ‘अस्त्र’ (Astra) मिसाइल खरीदने का फैसला किया है. आखिर इस स्वदेशी मिसाइल की ऐसी क्या खासियत है जो पूरी दुनिया में इसकी डिमांड बढ़ रही है? आइए बताते हैं.

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इंडोनेशिया ने अस्त्र मिसाइल खरीदने का किया फैसला

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान इंडोनेशिया ने अस्त्र मिसाइल खरीदने का फैसला किया. ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के बाद इंडोनेशिया द्वारा भारत की स्वदेशी ‘अस्त्र’ एयर-टू-एयर मिसाइल खरीदने का फैसला भारतीय तकनीक पर वैश्विक भरोसे को दिखाता है. इंडोनेशिया न केवल अस्त्र खरीद रहा है, बल्कि अतिरिक्त कोस्टल डिफेंस बैटरी के साथ अपनी ब्रह्मोस इन्वेंट्री को भी बढ़ा रहा है.

क्यों खास और अनोखी है अस्त्र मिसाइल?

अस्त्र एयर-टू-एयर मिसाइल को DRDO ने डेवलेप किया है. यह बियॉन्ड-विजुअल-रेंज (BVR) एयर-टू-एयर मिसाइल है. यानी यह मिसाइल फाइटर जेट्स को बिना दुश्मन के सीधे संपर्क में आए, विजुअल रेंज से बहुत दूर तबाह कर सकती है. यह करीब 100 किमी दूर तक कुछ सेकंड में टारगेट का खात्म करने की ताकत रखती है.

टारगेट लॉक होने पर नहीं बच पाएगा दुश्मन

DRDO ने अस्त्र मिसाइल में एक्टिव रडार सीकर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है. जो अंतिम क्षणों में दुश्मन के लड़ाकू विमानों को ट्रैक कर उन्हें सटीक निशाना बनाती है. एक बार टारगेट लॉक हो जाने पर दुश्मन के विमान का इससे बचना नामुमकिन हो जाता है.

कई फाइटर जेट के साथ होंगे इंटीग्रेट

अस्त्र की सबसे बड़ी खूबी इसका अलग-अलग फाइटर जेट के साथ आसानी से इंटीग्रेट हो जाना है. इसे भारतीय वायुसेना के फ्रंट लाइन के फाइटर जेट सुखोई-30MKI और स्वदेशी LCA तेजस के साथ पहले ही इंटीग्रेट किया जा चुका है. भविष्य में इसे तेजस Mk-2 और भारत के पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर  एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) के लिए भी मुख्य हथियार के रूप में शामिल किया जाएगा.

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दुनिया के कई देशों ने दिखाई दिलचस्पी

इंडोनेशिया ने अस्त्र मिसाइल को खरीदने का फैसला कर लिया है. दुनिया के अन्य कई देशों ने भी इसमें अपनी दिलचस्पी दिखाई है. इंडोनेशिया के अलावा ब्राजील अपने ग्रिपेन लड़ाकू विमानों के लिए और आर्मेनिया अपने Su-30 फाइटर जेट के लिए इसे खरीदने पर विचार कर रहे हैं. इसके साथ ही वियतनाम, मलेशिया और अल्जीरिया जैसे देशों ने भी अस्त्र मिसाइल खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है. यह बताता है कि भारत अब केवल दुनिया से हथियारों का खरीदार नहीं रहा बल्कि स्वदेशी तकनीक के दम पर ब्रह्मोस, अस्त्र, आकाश और आकाशतीर जैसे एडवांस डिफेंस सिस्टम के साथ ‘डिफेंस सुपरपावर’ बनकर उभर रहा है.

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