Sunday, March 29, 2026
HomeNATIONALPetrol Diesel Crisis In India : ईरान-इजरायल तनाव का असर भारत पर, पेट्रोल-डीजल...

Petrol Diesel Crisis In India : ईरान-इजरायल तनाव का असर भारत पर, पेट्रोल-डीजल की मांग 15% बढ़ी, कई शहरों में राशनिंग शुरू

Petrol Diesel Crisis In India : मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध का असर भारत में अफवाह और डर के रूप में दिखने लगा है. हालांकि सरकार और तेल कंपनियां लगातार यह साफ कर रही हैं कि देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है, लेकिन सोशल मीडिया पर फैली अटकलों के चलते लोग पैनिक बाइंग में जुट गए हैं. बीते दो दिनों में देशभर में ईंधन की मांग 15 फीसदी से ज्यादा बढ़ गई, जबकि कुछ इलाकों में यह बढ़ोतरी 50 फीसदी तक पहुंच गई.

ट्रक और यात्री बस की भीषण टक्कर के बाद दोनों वाहन आग के गोले में बदले, 14 लोगों की दर्दनाक मौत

तेल कंपनियों की अपील: अनावश्यक खरीद से बचें

सरकारी तेल कंपनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी कर कहा है कि देशभर में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. अचानक बढ़ी मांग की वजह अफवाहें और पैनिक हैं. लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन न खरीदें. HPCL के मुताबिक, लगातार सप्लाई जारी है और किसी भी राज्य में आपूर्ति बाधित नहीं हुई है.

कीमतों ने बढ़ाई चिंता

इसी बीच निजी क्षेत्र की कंपनी Nayara Energy ने पेट्रोल ₹5 प्रति लीटर, डीजल ₹3 प्रति लीटर महंगा कर दिया, जिससे लोगों की बेचैनी और बढ़ गई.

महाराष्ट्र: सबसे ज्यादा अफरा‑तफरी

महाराष्ट्र के कई जिलों में अचानक हालात बिगड़ गए. कोल्हापुर में दोपहिया वाहनों को ₹200 तक पेट्रोल चार पहिया वाहनों को ₹1000 की सीमा तय कर दी गई है. सीमित वितरण से लोगों में भ्रम है.

नाशिक (येवला) में रात में अफवाह फैली कि पेट्रोल बंद होने वाला है. इसके नतीजतन 1-1.5 किलोमीटर लंबी कतारें देखने को मिलीं. आधी रात को पंपों पर भीड़ उमड़ी.

छत्रपति संभाजीनगर में बाइक के लिए ₹200, कारों के लिए ₹2000 की सीमा तय कर दी गई है. बोतल और कैन में पेट्रोल पर पूरी तरह रोक. प्रशासन का कहना है कि राज्य में ईंधन की कोई कमी नहीं है.

आंध्र प्रदेश: 5,000 पेट्रोल पंप सीधे निगरानी में

आंध्र प्रदेश सरकार ने करीब 5,000 पेट्रोल पंपों को रियल‑टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम के तहत ला दिया है. टैंकर मूवमेंट की सीधी निगरानी की जा रही है.  ईंधन वितरण में पारदर्शिता बरती जाए. अनियमितता पर कार्रवाई की जाएगी. सरकार ने निर्देश दिया है कि सभी बंकों को मॉनिटरिंग सिस्टम का लॉगिन देना अनिवार्य होगा.

उत्तर प्रदेश: अफवाहों से हालात बेकाबू

बलिया

पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ है. लोग बोतल और गैलन में पेट्रोल भरकर ले जाते दिखे.

अमेठी

डिब्बे में तेल देने को लेकर विवाद हो गया. पेट्रोल पंप पर मारपीट के भी मामले सामने आए. पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा.

श्रावस्ती

डीज़ल न मिलने से किसानों ने NH‑730 जाम कर दिया. कई घंटे यातायात बाधित रहा. फिर प्रशासन के समझाने पर हाईवे खोला गया.

गोंडा

पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें देखने को मिलीं. ADM और SP खुद माइक लेकर लोगों को समझाते दिखे.

प्रयागराज

सुबह से पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखने को मिली. DM ने आपात बैठक बुलाकर स्थिति स्पष्ट की. कंट्रोल रूम नंबर जारी किया गया है. साथ सोशल मीडिया पर निगरानी शुरू की गई है कि कोई अफवाह न फैलाए.

जम्मू-कश्मीर: अफवाह फैलाने वालों को चेतावनी

पुंछ में पेट्रोल‑डीज़ल और LPG को लेकर अफवाह फैली. DDC ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्थिति स्पष्ट की और कहा कि पर्याप्त स्टॉक मौजूद, पैनिक की जरूरत नहीं है.

IQAir’s Annual report on Pollution: पाकिस्तान दुनिया का सबसे प्रदूषित देश, केवल 13 देश WHO के मानकों पर खरे उतरे, जानें भारत की रैंकिंग

मध्य प्रदेश: हालात सामान्य होने लगे

इंदौर में बुधवार को कई पेट्रोल पंप बंद दिखे जिससे अन्य पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं. अगले दिन इंदौर में मांगलिया डिपो से एक ही दिन में 73 टैंकर रवाना किए गए.  HPCL, BPCL और IOCL की सप्लाई सुचारू रूप से चल रही है.

झाबुआ

पंपों पर भारी भीड़ देखने को मिली. प्रशासनिक अपील के बाद स्थिति सामान्य है.

क्या कहता है प्रशासन?

देश के अलग‑अलग जिलों में प्रशासन का एक ही संदेश है कि पेट्रोल‑डीजल की कोई कमी नहीं है.  अफवाहें सोशल मीडिया से फैल रही हैं. जरूरत से ज्यादा खरीद से हालात बिगड़ सकते हैं. प्रशासन का कहना है कि गलत सूचना फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी.

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments