निजी विमानन क्षेत्र की बड़ी कम्पनी इंडिगो एयरलाइंस के ट्रेनी पायलट ने अपने तीन सीनियर्स पर जातिगत टिप्पणी और उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारी ने आरोप लगाया है कि कंपनी के ऑफिस में उसके साथ जाति के आधार पर उत्पीड़न और अपमान हुआ। सीनियर्स ने उसे कहा कि उसकी प्लेन उड़ाने की औकात नहीं है इसलिए जाकर चप्पल सिले। शरण ने बेंगलुरु में शिकायत दी थी और वहां पर जीरो एफआईआर दर्ज करके गुरुग्राम भेजी गई है।
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डीएलएफ फेज-1 थाने में इंडिगो एयरलाइंस के कैप्टन समेत तीन अधिकारियों के खिलाफ एससी, एसटी एक्ट और बीएनएस की धारा 351(2), 352 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मीटिंग में जलील किया
पुलिस को दी शिकायत में बेंगलुरु के रहने वाले 35 साल के शरण ने कहा है कि वह इंडिगो एयरलाइंस में ट्रेनी पायलट है। वह अनुसूचित जाति से हैं। 28 अप्रैल को गुरुग्राम में एयरलाइन के हेड ऑफिस एमार कैपिटल टॉवर 2 में उसे मीटिंग के लिए बुलाया गया था। मीटिंग में उनके सीनियर्स तपस डे, मनीष साहनी और कैप्टन राहुल पाटिल ने उनके साथ बदसलूकी की। उन पर कई जातिवादी टिप्पणियां की गई।
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तीनों ने कहा कि तुम हवाई जहाज उड़ाने के लायक नहीं हो, वापस जाओ और चप्पलें सिलो। तुम्हारी तो यहां चौकीदार बनने की भी औकात नहीं है। उन्होंने जो बातें कहीं, वे न केवल अपमानजनक थीं, बल्कि अनुसूचित जाति के व्यक्ति के रूप में मेरी पहचान और स्थिति को नीचा दिखाने के उद्देश्य से की गईं थीं। शरण ने आरोप लगाया कि इसका मकसद उन पर इस्तीफा देने का दबाव बनाना था।
सीईओ और एथिक्स कमेटी ने नहीं की कोई कार्रवाई
मीटिंग के कई दिन बाद भी उनके साथ उत्पीड़न जारी रहा और उन्हें तरह तरह से तंग किया जाने लगा। उन्होंने इसकी शिकायत इंडिगो के सीईओ और एथिक्स कमेटी से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई इसलिए उन्हें कानूनी मदद लेनी पड़ी।
ट्रेनी पायलट के इन आरोपों पर अभी तक इंडिगो एयरलाइंस की तरफ से कोई बयान नहीं आया है। वहीं, डीएलएफ फेज-1 थाना के निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि आज मामले में नामजद लोगों को जांच में शामिल होने के लिए बुलाया जाएगा।