Monday, March 2, 2026
HomeNATIONALIran-Israel War: ईरान के साथ जंग में हर रोज कितने रुपये खर्च...

Iran-Israel War: ईरान के साथ जंग में हर रोज कितने रुपये खर्च कर रहा इजरायल? सामने आई चौंकाने वाली रिपोर्ट

Iran-Israel War: ईरान और इजरायल के बीच जंग पिछले आठ दिनों से जारी है। दोनों ही देश एक दूसरे पर मिसाइल, ड्रोन और फाइटर जेट्स से हमले कर रहे हैं। इजरायल जहां गाजा में हमास के साथ लड़ाई जारी रखे हुए है वहीं एक अन्य मोर्चे पर वह ईरान से भी लोहा ले रहा है। इस युद्ध में उसे रोजाना लाखों डॉलर सैन्य अभियान पर खर्च करना पड़ा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के साथ युद्ध में इजरायल को प्रतिदिन 62 अरब रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।

Indian Railway New Rules 2025 : अब कन्फर्म टिकट की उम्मीद होगी पक्की, रेलवे ने लगाई वेटलिस्ट पर 25% की सीमा

शुरुआती सैन्य अभियानों में बढ़ा खर्च

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट मुताबिक ईरान के खिलाफ शुरुआती सैन्य अभियानों में ही इजरायल का खर्च काफी बढ़ गया था। इकोनॉमिक टाइम्स ने  Ynet News की रिपोर्ट के आधार पर यह खबर प्रकाशित की है। इस खबर में इजरायली डिफेंस फोर्स के रिटायर्ड ब्रिगेडियर के हवाले से बताया कि इस ऑपरेशन के शुरुआती 48 घंटों में ही इजरायल के 1.4 बिलियन डॉलर (125 अरब रुपये) खर्च हो गए थे।

रोजाना 62 अरब रुपए खर्च कर रहा ईरान!

दिन बीतने के साथ ही यह खर्च बढ़ता गया। इज़रायल अब ईरान के साथ इस युद्ध में सैन्य अभियानों पर हर दिन लगभग 725 मिलियन डॉलर (62 अरब रुपये रोजाना) खर्च कर रहा है। सरकारी आर्थिक सलाहकारों के मुताबिक सिर्फ़ जेट ईंधन और हथियारों पर ही देश को प्रतिदिन लगभग 300 मिलियन डॉलर (26 अरब रुपये) का खर्च आ रहा है।

Mungeli News : सुदूर वनांचल क्षेत्र छपरवा में “धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत जनसमस्या शिविर का हुआ आयोजन..

युद्ध के चलते उत्पादन पर भी असर

युद्ध के चलते देश के घरेलू उत्पादन पर भी असर पड़ रहा है। वहीं सेना पर खर्च भी बढ़ता जा रहा है। जो रिजर्व लोग थे उन्हें आर्मी में शामिल कर युद्ध के मोर्चे पर लगाया जा रहा है। रिजर्व लोगों को आर्मी में शामिल करने पर हर दिन 27 मिलियन डॉलर (2 अरब 33 करोड़ रुपये) खर्च हो रहा है।

इंटरसेप्टर्स ने खर्च का बोझ बढ़ाया

इजरायल को ईरानी मिसाइल्स को रोकने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले इंटरसेप्टर्स पर ही रोजाना काफी खर्च करना पड़ रहा है। ये इंटरसेप्टर्स इजरायल की मिसाइल डिफेंस का अहम हिस्सा हैं और हर हमले का जवाब देने के दौरान इस पर काफी खर्च आता है। साथ ही ईरान के हमले में इजरायल में इमारतों को काफी नुकसान पहुंचा है। इन इमारतों के निर्माण में भी इजरायल को काफी खर्च करना पड़ेगा।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments