Saturday, March 28, 2026
HomeNATIONALअफवाह और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश, मुख्यमंत्रियों की बैठक में...

अफवाह और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश, मुख्यमंत्रियों की बैठक में PM मोदी ने क्या-क्या कहा?

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को चुनावी राज्यों को छोड़कर बाकी सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के मद्देनजर तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा की. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, डिजिटल माध्यम से आयोजित इस बैठक का उद्देश्य ‘टीम इंडिया’ की भावना के तहत समन्वय सुनिश्चित करना था. पीएम ने 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमले शुरू होने के बाद पश्चिम एशिया संघर्ष पर पहली बार मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की है.

Petrol Diesel Crisis In India : ईरान-इजरायल तनाव का असर भारत पर, पेट्रोल-डीजल की मांग 15% बढ़ी, कई शहरों में राशनिंग शुरू

बैठक में कई राज्यों के सीएम हुए शामिल

बैठक में शामिल होने वाले मुख्यमंत्रियों में एन. चंद्रबाबू नायडू (आंध्र प्रदेश), योगी आदित्यनाथ (उत्तर प्रदेश), रेवंत रेड्डी (तेलंगाना), भगवंत मान (पंजाब), भूपेंद्र पटेल (गुजरात), उमर अब्दुल्ला (जम्मू-कश्मीर), सुखविंदर सिंह सुक्खू (हिमाचल प्रदेश), पेमा खांडू (अरुणाचल प्रदेश) और अन्य मुख्यमंत्री शामिल थे. बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे।

चुनावी राज्यों के सीएम नहीं हुए शामिल

इस संबंध में एक सूत्र ने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए मुख्यमंत्रियों से बातचीत की और राज्यों की तैयारियों व योजनाओं की समीक्षा की. बैठक का मुख्य उद्देश्य ‘टीम इंडिया’ की भावना के तहत बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना था.’ चुनावी राज्यों के मुख्यमंत्री आचार संहिता (एमसीसी) लागू होने के कारण इस बैठक में शामिल नहीं हुए. कैबिनेट सचिवालय तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के मुख्य सचिवों के साथ अलग से बैठक करेगा.

पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के मद्देनजर स्थिति की समीक्षा करने के लिए राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की. आर्थिक और व्यापारिक स्थिरता बनाए रखने, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने, नागरिकों के हितों की रक्षा करने, तथा उद्योग और आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुदृढ़ बनाने के प्रति हमारी सरकार की प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया.’

सरकार ने सर्वदलीय बैठक भी की थी

25 मार्च को सरकार ने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बैठक करके उन्हें पश्चिम एशिया की स्थिति की जानकारी दी थी और उठाए गए कदमों पर विस्तार से चर्चा की थी. 23 मार्च को लोकसभा में दिए गए बयान में प्रधानमंत्री ने कहा था कि मिडिल ईस्ट संघर्ष के कारण उत्पन्न वैश्विक हालात लंबे समय तक बने रह सकते हैं और देश को एकजुट व तैयार रहने की जरूरत है, जैसे कोविड-19 महामारी के दौरान रहा था. उन्होंने संकट के आंतरिक सुरक्षा पहलू पर ध्यान दिलाते हुए चेतावनी दी कि कुछ तत्व ऐसे हालात का फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं.

IQAir’s Annual report on Pollution: पाकिस्तान दुनिया का सबसे प्रदूषित देश, केवल 13 देश WHO के मानकों पर खरे उतरे, जानें भारत की रैंकिंग

अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां

मोदी ने कहा था कि सभी सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है और तटीय, सीमावर्ती, साइबर तथा रणनीतिक ठिकानों की सुरक्षा को और मजबूत किया जा रहा है. उन्होंने कहा, ‘चाहे तटीय सुरक्षा हो, सीमा सुरक्षा, साइबर सुरक्षा या रणनीतिक ठिकाने सभी की सुरक्षा को मजबूत किया जा रहा है.’ मोदी ने धैर्य, संयम और सतर्कता की अपील करते हुए और अफवाह फैलाने, कालाबाजारी या जमाखोरी करने वालों से सावधान रहने का अनुरोध किया. उन्होंने राज्य सरकारों से ऐसे तत्वों पर कड़ी निगरानी और त्वरित कार्रवाई करने का आग्रह किया.

लोकसभा में अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने देश की सामूहिक शक्ति पर विश्वास जताते हुए कहा कि जब हर सरकार और हर नागरिक साथ चलता है, तो हम हर चुनौती का सामना कर सकते हैं, यही हमारी पहचान और ताकत है.

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments