Monday, March 2, 2026
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लद्दाख हिंसा को लेकर कांग्रेस नेता पर आरोप, पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

लद्दाख हिंसा में कांग्रेस पार्षद फुंटसोग स्टैनजिन त्सेपाग पर हिंसा में शामिल होने का आरोप लगा है. इस हिंसा में कम से कम चार प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई, जबकि 90 अन्य घायल हो गए. हिंसा के बाद, लेह ज़िले में कर्फ्यू लगा दिया गया. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीआरपीएफ़ और स्थानीय पुलिस के साथ-साथ भारत-तिब्बत सीमा पुलिस को तैनात किया गया.  लद्दाख के लिए राज्य का दर्जा और संवैधानिक सुरक्षा उपायों की मांग को लेकर बंद के आह्वान के मद्देनज़र कारगिल में प्रतिबंध लगाए गए हैं.

बुधवार को हुई हिंसा के बाद, गुस्साई भीड़ ने लद्दाख में भाजपा कार्यालय और लद्दाख हिल काउंसिल सचिवालय को भी जला दिया था, बीजेपी ने हिंसा के लिए कांग्रेस को ज़िम्मेदार ठहराया था और हिंसक भीड़ में शामिल कांग्रेस पार्षद त्सेपाग की तस्वीरें दिखाई थीं.

लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने इस झड़प को एक साज़िश बताया और हिंसा में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का वादा किया. जल्द ही, पुलिस ने एक एफआईआर दर्ज की और हिंसा और आगजनी में कथित संलिप्तता के लिए कांग्रेस पार्षद को नामजद किया.

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सोनम वांगचुक ने उकसाई हिंसा: गृह मंत्रालय

गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि कई नेताओं द्वारा भूख हड़ताल खत्म करने का आग्रह करने के बावजूद, सोनम वांगचुक ने अनशन जारी रखा और अरब स्प्रिंग स्टाइल में विरोध प्रदर्शन के उत्तेजक बयान दिए. मंत्रालय ने बयान में कहा कि सोनम वांगचुक के भड़काऊ भाषणों के बाद भीड़ ने अनशन स्थल से निकलकर एक राजनीतिक दल (बीजेपी) के कार्यालय और सीईसी लेह के सरकारी कार्यालय पर भी हमला किया… साफ है कि भीड़ को सोनम वांगचुक ने अपने भड़काऊ बयानों से उकसाया था.

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सोनम वांगचुक ने क्या कहा? 

वांगचुक ने हिंसा के बाद अपना अनशन खत्म करके ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रदर्शनकारियों में से दो, 72 वर्षीय एक पुरुष और 62 वर्षीय एक महिला को मंगलवार को अस्पताल ले जाया गया था. संभवतः हिंसक विरोध का यही तात्कालिक कारण था. उन्होंने कहा कि हम अपना आंदोलन अहिंसक रखेंगे और मैं सरकार से भी कहना चाहता हूं कि वह हमारे शांति संदेश को सुने.

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