Saturday, May 23, 2026
HomeNATIONALNIA On Pahalgham Attack: पेड़ के नीचे खाना, बैसरन पार्क की रेकी...

NIA On Pahalgham Attack: पेड़ के नीचे खाना, बैसरन पार्क की रेकी और धर्म पूछकर हत्या- पहलगाम हमले की NIA चार्जशीट में सनसनीखेज खुलासे

NIA On Pahalgham Attack: पिछले साल 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की चार्जशीट में कई बड़े खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, हमला करने वाले आतंकवादी उसी दिन बैसरन मैदान के पास एक साथ बैठे थे और लंच करने के बाद उन्होंने 26 लोगों की हत्या कर दी थी, जिनमें 25 भारतीय नागरिक थे। चार्जशीट में यह भी कहा गया कि हमले के बाद आतंकवादियों ने जश्न मनाते हुए फायरिंग की थी।

NIA की चार्जशीट के मुताबिक, इस हमले की साजिश द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के आतंकी साजिद सैफुल्लाह जट्ट उर्फ लंगड़ा ने रची थी। उसने हमलावरों को बैसरन मैदान के लोकेशन कॉर्डिनेट्स भेजे थे। जांच एजेंसी ने बताया कि आतंकियों से बरामद दो मोबाइल फोन से मिले डेटा में साजिद जट्ट के साथ चैट और कुछ स्क्रीनशॉट मिले हैं। ये दोनों फोन पाकिस्तान में बेचे गए थे, जिसकी पुष्टि मोबाइल निर्माता शाओमी की भारतीय यूनिट से प्राप्त जानकारी से हुई।

चंद्रयान-3 का दुनियाभर में डंका! अमेरिका में ISRO को मिला अंतरिक्ष का सबसे बड़ा सम्मान

7 आरोपियों के नाम शामिल

चार्जशीट में 7 आरोपियों के नाम शामिल हैं। इनमें पाकिस्तान के कसूर निवासी साजिद जट्ट, तीन हमलावर (फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान, हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान भाई और हमजा अफगानी) शामिल हैं। ये तीनों 28 जुलाई 2025 को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए थे। इसके अलावा स्थानीय निवासी बशीर अहमद जोठटद और परवेज अहमद को भी आरोपी बनाया गया है। इन पर हत्या, भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने, आर्म्स एक्ट और गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत आरोप लगाए गए हैं।

NIA का कहना है कि तकनीकी साक्ष्य, एन्क्रिप्टेड संपर्क और हथियारों की आपूर्ति यह साबित करती है कि यह पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी हमला था। चार्जशीट के अनुसार, 21 अप्रैल को तीनों आतंकी बैसरन मैदान से करीब एक किलोमीटर दूर परवेज अहमद की झोपड़ी पर पहुंचे थे। उन्होंने अल्लाह के नाम पर भोजन और सुरक्षित ठिकाने की मांग की। वहां उन्होंने अपने हथियार छिपाने को कहा और खाना खाते समय अमरनाथ यात्रा, सुरक्षा बलों की तैनाती और गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई। अगले दिन यानी 22 अप्रैल को तीनों आतंकी बैसरन पार्क पहुंचे, जहां उन्होंने पहले एक पेड़ के नीचे बैठकर खाना खाया। इसके बाद उन्होंने अपने बैग से कंबल निकाले और खुद को ढक लिया। दो आतंकी पार्क के एंट्री गेट की ओर बढ़े, जबकि फैसल जट्ट जिपलाइन की तरफ गया।

Pahalgam Attack: पहलगाम नरसंहार में बड़ा खुलासा – ‘लंगड़ा’ के इशारों पर चला था पूरा ऑपरेशन, NIA चार्जशीट में सनसनीखेज दावे

धार्मिक पहचान की जानकारी

आतंकियों ने सुनियोजित तरीके से लोगों की धार्मिक पहचान की जांच की और जो लोग कलमा नहीं पढ़ सके या जिन्होंने खुद को गैर-मुस्लिम बताया, उन्हें बेहद करीब से गोली मार दी गई। चार्जशीट में कहा गया कि हमलावर बार-बार ‘मोदी को बता दो’ कह रहे थे, जिससे यह साफ होता है कि हमला भारत सरकार को संदेश देने के मकसद से किया गया था।

जांच एजेंसी ने बताया कि हमले के दौरान आतंकियों ने मैदान को किल जोन में बदल दिया ताकि ज्यादा से ज्यादा नागरिकों को निशाना बनाया जा सके। भागते समय भी उन्होंने पेड़ों के पीछे छिपे तीन नागरिकों को गोली मार दी और निकलते वक्त जश्न में फायरिंग की। NIA ने गुप्त गवाह के बयान का भी हवाला दिया है, जिसने हमले से एक दिन पहले तीन संदिग्धों को परवेज अहमद की झोपड़ी के पास देखा था।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments