साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज में छात्रा के साथ गैंगरेप मामले में बीजेपी नेता सत्यपाल सिंह बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि एफआईआर से आरोपियों के नाम हटाकर उनकी जगह केवल एक अक्षर लिख दिया गया है। कोलकाता पुलिस ने गैंगरेप के तीन आरोपियों और एक कॉलेज के गार्ड को गिरफ्तार किया था। मुख्य आरोपी मनोजीत मिश्रा के अलावा जैब अहमद, प्रमीत मुखर्जी और गार्ड पिनाकी बैनर्जी की गिरफ्तारी हुई थी।
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चारों आरोपी पुलिस की हिरासत में हैं। सत्यपाल सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि एफआईआर से आरोपियों के नाम हटाकर उनकी जगह अक्षर लिख दिया गया है। उन्होंने कहा, 45 साल की पुलिस की नौकरी में मैंने तो कभी इस तरह होते हुए नहीं देखा। क्या इ तरह से पीड़िता को न्याय मिल पाएगा?’
बीजेपी की टीम ने नड्डा को सौंपी रिपोर्ट
बता दें कि मनोजीत मिश्रा का लिंक टीएमसी के साथ भी पाया गया था। इसको लेकर बीजेपी टीएमसी पर काफी हमलावर है। बीजेपी का कहना है कि ममता बनर्जी की सरकार आरोपियों को बाचने की कोशिश कर रही है। इसलिए जब तक टीएमसी की सरकार है तब तक बंगाल में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि उन्होंने जो फैक्ट फाइंडिंग टीम घनटास्थल पर भेजी थी उसने रिपोर्ट सौंप दी है.
अपराधियों के हौसले बुलंद – जेपी नड्डा
नड्डा ने कहा, रिपोर्ट में बताया गया है कि पश्चिम बंगाल में कितनी अराजकता है। खास तौर पर हमिला सुरक्षा के नाम पर खिलावाड़ हो रहा है। संदेशखाली हो या फिर आरजीकर का मामला। लगातार बंगाल में अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। आरोप है कि मनोजीत मिश्रा ने दो लोगों के साथ मिलकर कॉलेज के सिक्योरिटी रूम में छात्रा के साथ रेप किया। उस दौरान गार्ड गेट के बाहर था।
पीड़िता की रिपोर्ट के मुताबिक मिश्रा उसे खींचकर गार्ड रूम में ले गया था। पीड़िता ने मनोजीत मिश्रा के पैरों पर गिरकर छोड़ने की गुहार लगाई लेकिन उसने एक ना सुनी। मेडिकल एग्जामिनेशन में भी पाया गया कि पीड़िता के साथ रेप हुआ था।